राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित शिमला, वीरवार 24 मई, 2012/3 ज्येष्ठ, 1934
हिमाचल प्रदेश सरकार
आयुर्वेद विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 21 मई, 2012
संख्याः आर्यु0-बी0 (2)-2/2010.-प्रदेश की राज्यपाल, भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के परामर्श से, हिमाचल प्रदेश आयुर्वेद विभाग में प्राध्यापक, वर्ग-I (राजपत्रित) के पद के लिए इस अधिसूचना से संलग्न उपाबन्ध-"क" के अनुसार, भर्ती और प्रोन्नति नियम, बनाती हैं, अर्थात् :-
1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ.-(1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश आयुर्वेद विभाग, प्राध्यापक, वर्ग-I (राजपत्रित) भर्ती और प्रोन्नति नियम, 2012 है।
43-राजपत्र/2012-24-5-2012 (1299)1300 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 24 मई, 2012/3 ज्येष्ठ, 1934 (2) ये नियम राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में प्रकाशित किए जाने की तारीख से प्रवृत्त होंगे । 2. निरसन और व्यावृृत्तियां.-(1) इस विभाग की अधिसूचना संख्या आयु0-क(3)-4/94 तारीख 26-05-1997 द्वारा अधिसूचित हिमाचल प्रदेश भारतीय चिकित्सा एवं होम्योपैथी विभाग, प्राध्यापक (वर्ग-II. राजपत्रित) भर्ती और प्रोन्नति नियम,1997 का एतद्द्वारा निरसन किया जाता है।
(2) ऐसे निरसन के होते हुए भी उपर्युक्त उप नियम 2(1) के अधीन इस प्रकार निरसित सुसंगत नियमों के अधीन की गई कोई नियुक्ति, बात या कार्रवाई इन नियमों के अधीन विधिमान्य रूप में की गई समझी जाएगी।
आदेश द्वारा, हस्ता0/- सचिव (आयुर्वेद)।
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उपाबन्ध- "क" हिमाचल प्रदेश आयुर्वेद विभाग में प्राध्यापक, वर्ग-I (राजपत्रित) के पद के लिए भर्ती और प्रौन्नति नियम 1. पदनाम .—प्राध्यापक
2. पदों की संख्या .— 14 (चौदह)
3. वर्गीकरण.— वर्ग-I (राजपत्रित)
4. वेतनमान :
(i) नियमित पदधारियों के लिए वेतनमान.—पे बैंड 10300-34800 रूपए जमा 4400/-रूपए ग्रेड पे ।
(ii) संविदा पर नियुक्त कर्मचारियाेंं के लिए उपलब्धियां.—स्तम्भ 15-क में दिए गए ब्यौरे के अनुसार 14700/-रूपए प्रतिमास ।
5. "चयन" पद अथवा "अचयन" पद.—लागू नहीं।
6. सीधी भर्ती के लिए आयु.— 18 से 45 वर्ष ।
परन्तु सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए ऊपरी आयु सीमा तदर्थ या संविदा के आधार पर नियुक्त किए गए व्यक्तियों सहित, पहले से ही सरकार की सेवा में रत अभ्यर्थ्ाियों पर लागू नहीं होगी :
परन्तु यह और कि यदि तदर्थ या संविदा के आधार पर नियुक्त किया गया अभ्यर्थी इस रूप में नियुक्ति की तारीख को अधिक आयु का हो गया हो तो, वह तदर्थ या संविदा के आधार पर नियुक्ति के कारण विहित आयु में छूट के लिए पात्र नहीं होगा :
परन्तु यह और कि अनुसूचित जातियोंं/अनुसूचित जनजातियों तथा अन्य वर्गाें के व्यक्तियों के लिए ऊपरी आयु सीमा में उतनी ही छूट दी जा सकेगी, जितनी हिमाचल प्रदेश सरकार के साधारण या विशेष आदेश (आदेशाें) के अधीन अनुज्ञेय है :
1301 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 24 मई, 2012/3 ज्येष्ठ, 1934परन्तु यह और भी कि पब्लिक सेक्टर, निगमों तथा स्वायत निकायों के सभी कर्मचारियों को, जो ऐसे पब्लिक सेक्टर, निगमों तथा स्वायत निकायों के प्रारम्भिक गठन के समय ऐसे पब्लिक सैक्टर निगमों/स्वायत निकायों में आमेलन से पूर्व सरकारी कर्मचारी थे, सीधी भर्ती में आयु सीमा में ऐसी ही रियायत दी जाएगी, जैसी सरकारी कर्मचारियों को अनुज्ञेय है, किन्तु इस प्रकार की रियायत पब्लिक सेक्टर, निगमों तथा स्वायत निकायों के ऐसे कर्मचारिवृन्द को अनुज्ञेय नहीं होगी, जो पश्चात्वर्ती ऐसे निगमों/स्वायत निकायों द्वारा नियुक्त किए गए थे/किए गए है और उस पब्लिक सेक्टर नियमों/स्वायत निकायों के प्रारम्भिक गठन के पश्चात् ऐसे निगमों/स्वायत निकायों की सेवा में अन्तिम रूप से आमेलित किए गए है/ं किए गए थे।
(1) सीधी भर्ती के लिए आयु सीमा की गणना उस वर्ष के प्रथम दिवस से की जाएगी, जिसमें पद (पदों) को आवेदन आमन्त्रित करने के लिए, यथास्थिति, विज्ञापित किया गया है या नियोजनालयों को अधिसूचित किया जाता है।
(2) अन्यथा सुअर्हित अभ्यर्थियों की दशा में सीधी भर्ती के लिए आयु सीमा और अनुभव, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के विवेकानुसार शिथिल किया जा सकेगा।
7. सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्ति(यों) के लिए अपेक्षित न्यूनतम शैक्षिक और अन्य अर्हता(एं) :
(क) अनिवार्य अर्हता(एं).—(i) किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या विधि द्वारा स्थापित भारतीय चिकित्सा पद्धति परिषद् या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त आयुर्वेदिक महाविद्यालय से आयुर्वेद में स्नातक की उपाधि ।
(ii) विधि द्वारा स्थापित किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से विशेषज्ञता की विशेष ब्रांच में स्नातकोत्तर उपाधि या सीसीआईएम या हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त उपाधि; और
(iii) आयुर्वेदा में स्नातक उपाधि के पाठ्यक्रम में संस्कृत का एक विषय के रूप में अध्ययन किया हो।
(ख) वाँछनीय अर्हता.-हिमाचल प्रदेश की रूढ़ियों, रीतियों और बोलियों का ज्ञान और प्रदेश में विद्यमान विशिष्ट दशाओं में नियुक्ति के लिए उपयुक्तता ।
8. सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्ति(यों) के लिए विहित आयु और शैक्षिक अर्हता(एं) प्रोन्नत व्यक्ति (व्यक्तियों) की दशा में लागू हाेंगी या नहीं :
आयु.-लाग ू नहीं ।
शैक्षिक अर्हताएं.-लागू नहीं ।
9. परिवीक्षा की अवधि, यदि कोई हो.—दो वर्ष, जिसका एक वर्ष से अनधिक ऐसी और अवधि के लिए विस्तार किया जा सकेगा, जैसा सक्षम प्राधिकारी विशेष परिस्थितियों में और लिखित कारणों से आदेश दे।
10. भर्ती की पद्धतिः भर्ती सीधी होगी या प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति, स्थानान्तरण द्वारा और विभिन्न पद्धतियों द्वारा भरे जाने वाले पद (पदों) की प्रतिशत्ता.—शत् प्रतिशत् सीधी भर्ती द्वारा, यथास्थिति, नियमित आधार पर या संविदा के आधार पर भर्ती द्वारा। संविदा के आधार पर नियुक्त कर्मचारी, स्तम्भ 15-क में दी गई उपलब्धियां प्राप्त करेंगे और उक्त तथाकथित स्तम्भ में विनिर्दिष्ट सेवा शर्तों द्वारा विनियमित होंग। 11. प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति स्थनान्तरण की दशा में श्रेणियां (गे्रड) जिनसें प्रोन्नति/प्रतिनियुक्ति/ स्थानान्तरण किया जाएगा.—लागू नहीं ।1302 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 24 मई, 2012/3 ज्येष्ठ, 1934 12. यदि विभागीय प्रोन्नति समिति, विद्यमान हो तो उसकी संरचना.-लागू नहीं। 13. भर्ती करने में जिन परिस्थितियों में हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग से परामर्श किया जाएगा.- जैसा विधि द्वारा अपेक्षित हो।
14. सीधी भर्ती के लिए अनिवार्य अपेक्षा.-किसी सेवा या पद पर नियुक्ति के लिए अभ्यर्थी का भारत का नागरिक होना अनिवार्य है ।
15. सीधी भर्ती द्वारा पद पर नियुक्ति के लिए चयन.-सीधी भर्ती के मामले में पद पर नियुक्ति के लिए चयन, मौखिक परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। यदि, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग या अन्य भर्ती प्राधिकरण ऐसा करना आवश्यक या समीचीन समझे, तो लिखित परीक्षा या व्यवहारिक परीक्षा के आधार पर किया जाएगा जिसका स्तर/पाठ्यक्रम, यथास्थिति, आयोग/अन्य भर्ती अभिकरण द्वारा अवधारित किया जाएगा।
15(क) संविदा नियुक्ति द्वारा पद पर नियुक्ति के लिए चयन.—इन नियमों में किसी बात के होते हुए भी पद पर संविदा नियुक्तियां नीचे दिए गए निबन्धनों और शर्तों के अध्यधीन की जाएगी :-
(I) संकल्पना.-(क) इस पॉलिसी के अधीन आयुर्वेद विभाग हिमाचल प्रदेश में प्राध्यापक को संविदा के आधार पर प्रारम्भ में एक वर्ष के लिए लगाया जाएगा, जिसे वर्षानुवर्ष आधार पर बढ़ाया जा सकेगाः परन्तु संविदा अवधि में वर्षानुवर्ष आधार पर विस्तार/नवीकरण के लिए सम्बद्ध विभागाध्यक्ष, यह प्रमाण पत्र जारी करेगा कि संविदा पर नियुक्त व्यक्ति की सेवा तथा आचरण, वर्ष के दौरान संतोषजनक रहा है/रही है और तभी उसकी संि वदा अवधि नवीकृत/विस्तारित की जाएगी।
(ख) पद का हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के कार्यक्षेत्र में आना.-प्रधान सचिव/सचिव (आयुर्वेद), हिमाचल प्रदेश सरकार, रिक्त पदों को संविदा के आधार पर भरने के लिए सरकार का अनुमोदन प्राप्त करने के पश्चात्, अध्यपेक्षा को संबद्ध भर्ती अभिकरण, अर्थात् हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के समक्ष रखेगा। (ग) चयन, इन भर्ती एवं प्रोन्नति नियमों में विहित पात्रता शर्तों के अनुसार किया जाएगा। (II) संविदात्मक उपलब्धियां.—स्ांविदा के आधार पर नियुक्त प्राध्यापक को 14,700/-रूपए की समेकित नियत संविदात्मक रकम (जो पे बैंड के न्यूनतम जमा ग्रेड पे के बराबर होगी) प्रतिमास संदत की जाएगी। यदि संविदा में एक वर्ष से अधिक की बढ़ौतरी की जाती हेै, तो पश्चात्वर्ती वर्ष (वर्षों) के लिए संविदात्मक उपलब्धियाें में 450/-रूपए की रकम (पद के पे बैंड का न्यूनतम जमा ग्रेड पे का तीन प्रतिशत) वार्षिक वृद्धि के रूप में अनुज्ञात की जाएगी।
(III) नियुक्ति/अनुशासन प्राधिकारी.-प्रधान सचिव/सचिव (आयुर्वेद), हिमाचल प्रदेश सरकार नियुक्ति और अनुशासन प्राधिकारी होगा।
(IV) चयन प्रक्रिया.-संविदा नियुक्ति की दशा में पद पर नियुक्ति के लिए चयन, मौखिक परीक्षा के आधार पर किया जाएगा या यदि आवश्यक या समीचीन समझा जाए, तो लिखित परीक्षा या व्यावहारिक परीक्षा के आधार पर किया जाएगा, जिसका स्तर/पाठ्यक्रम इत्यादि सम्बद्ध भर्ती अभिकरण, अर्थात हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा अवधारित किया जाएगा।
(V) संविदात्मक नियुक्तयों के लिए चयन समित.-जैसी सम्बद्ध भर्ती अभिकरण, अर्थात् हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा समय-समय पर गठित की जाए ।
(VI) करार.-अभ्यर्थी को, चयन के पश्चात्, इन नियमों से संलग्न उपाबन्ध-ख के अनुसार करार हस्ताक्षरित करना होगा ।1303 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 24 मई, 2012/3 ज्येष्ठ, 1934 (VII) निबन्धन और शर्तें.-(क) संंिवदा पर नियुक्त व्यक्ति को 14,700/- रूपए की नियत संविदात्मक रकम (जो पे वैंड का न्यूनतम जमा गे्रड पे के बराबर होगी) प्रतिमास संदत्त की जाएगी। संंिवदा पर नियुक्त व्यक्ति आगे बढाए गए वर्षोें के लिए संविदात्मक रकम में 450/-रूपए (पद के पे-वैंड का न्यूनतम जमा ग्रेड पे का तीन प्रतिशत) की वृद्धि का हकदार होगा और अन्य कोई सहबद्ध प्रसुविधाएं, जैसे वरिष्ठत/चयन वेतनमान आदि नहीं दिया जाएगा।
(ख) संविदा पर नियुक्त व्यक्ति की सेवा पूर्णतया अस्थायी आधार पर होगी। यदि संविदा पर नियुक्त व्यक्ति का कार्य/ आचरण, ठीक नहीं पाया जाता है, तो नियुक्ति समाप्त किए जाने के लिए दायी होगी। (ग) संविदा पर नियुक्त व्यक्ति, एक मास की सेवा पूरी करने के पश्चात् एक दिन के आकस्मिक अवकाश का हकदार होगा। यह अवकाश एक वर्ष तक संचित किया जा सकेगा। संविदा पर नियुक्त व्यक्ति को किसी प्रकार का अन्य कोई अवकाश अनुज्ञात नहीं होगा। वह चिकित्सा प्रतिपूर्ति और एल0 टी0 सी0 इत्यादि के लिए भी हकदार नहीं होगा/होगी। केवल प्रसूति अवकाश, नियमानुसार दिया जाएगा। (घ) नियन्त्रक अधिकारी के अनुमोदन के बिना सेवा से अनधिकृत अनुपस्थिति से स्वतः ही संविदा का पर्यावसान (समापन) हो जाएगा। संविदा पर नियुक्त व्यक्ति कर्तव्य (डयूटि) से अनुपस्थिति की अवधि के लिए संविदात्मक रकम का हकदार नहीं होगा।
(ङ) संविदा पर नियुक्त कर्मचारी जिसने तैनाती के एक स्थान पर पांच वर्ष का कार्यकाल पूर्ण कर लिया हो, आवश्यकता के आधार पर स्थानान्तरण हेतु पात्र होगा, जहां भी प्रशासनिक आधार पर ऐसा करना अपेक्षित हो।
(च) चयनित अभ्यर्थी को सरकारी/रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी से अपना आरोग्यता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। बारह सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिला अभ्यर्थी प्रसव होने तक, अस्थायी तौर पर अनुपयुक्त बनी रहेगी। महिला अभ्यथिर्यो का किसी प्राधिकृत चिकित्सा अधिकारी/व्यवसायी द्वारा उपयुक्तता के लिए पुनः परीक्षण किया जाएगा।
(छ) संविदा पर नियुक्त व्यक्ति का, यदि अपने पदीय कर्तव्यों के सम्बन्ध में दौरे पर जाना अपेक्षित हो, तो वह उसी दर पर, जैसी नियमित प्रतिस्थानी कर्मचारियों को वेतनमान के न्यूनतम पर लागू है, यात्रा भत्ते/दैनिक भत्ते का हकदार होगा।
(ज) नियमित कर्मचारियों की दशा में यथा लागू सेवा नियमों के उपबन्ध, जैसे एफ.आर.एस.आर, छुटटी नियम, साधारण भविष्य निधि नियम, पेन्शन नियम तथा आचरण नियम आदि संविदा पर नियुक्त कर्मचारियों की दशा मेें लागू नही होंगे। वे इस स्तम्भ में यथा वर्णित उपलब्धियों आदि के लिए हकदार होंगे। 16. आरक्षण.—सेवा में नियुक्ति, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा समय-समय पर अनुसूचित जातियों/ अनुसूचित जन-जातियों/अन्य पिछड़े वर्गों और अन्य प्रवर्ग के व्यक्तियों के लिए सेवाओं में आरक्षण की बावत जारी किए गए आदेशों के अधीन होगी ।
17. विभागीय परीक्षा.—सेवा में प्रत्येक सदस्य को, समय-समय पर यथा संशोधित विभागीय परीक्षा नियम, 1997 में यथा विहित विभागीय परीक्षा पास करनी होगी ।
18. शिथिल करने की शक्ति.—जहां राज्य सरकार की यह राय हो कि ऐसा करना आवश्यक या समीचीन है, वहां वह, कारणों को लिखित में अभिलिखित करके और हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के परामर्श से आदेश द्वारा, इन नियमों के किन्हीं उपबन्धों को किसी वर्ग या व्यक्ति (व्यक्तियों) के प्रवर्ग या पद (पदों) की बाबत, शिथिल कर सकेगी ।1304 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 24 मई, 2012/3 ज्येष्ठ, 1934 उपाबन्ध-ख प्राध्यापक और हिमाचल प्रदेश सरकार के मध्य प्रधान सचिव/सचिव (आयुर्वेद), हिमाचल प्रदेश सरकार के माध्यम से निष्पादित की जाने वाली संविदा/करार का प्ररूप ।
यह करार श्री/श्रीमती ............................................पुत्र /पुत्री श्री ...................... निवासी.................................., संविदा पर नियुक्त व्यक्ति (जिसे इसमें इसके पश्चात ''प्रथम पक्षकार'' कहा गया है) और हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, के मध्य प्रधान सचिव/सचिव आयुर्वेद, हिमाचल प्रदेश सरकार (जिसे इसमें इसके पश्चात् ''द्वितीय पक्षकार'' कहा गया है) के माध्यम से आज तारीख........................ को किया गया ।
''द्वितीय पक्षकार'' ने उपरोक्त ''प्रथम पक्षकार'' को लगाया है और प्रथम पक्षकार ने प्राध्यापक के रूप में संविदा के आधार पर निम्नलिखित निबन्धनो और शर्तो पर सेवा करने के लिए सहमति दी हैः- 1. यह कि प्रथम पक्षकार प्राध्यापक के रूप में. ..................से प्रारम्भ होने और ........... को समाप्त होने वाले दिन तक, एक वर्ष की अवधि के लिए द्वितीय पक्षकार की सेवा में रहेगा। यह विनिर्दिष्ट रूप से उल्लिखित किया गया है और दोनों पक्षकारों द्वारा करार पाया गया है कि प्रथम पक्षकार की द्वितीय पक्षकार के साथ संविदा, आखिरी कार्य दिवस अर्थात्..........दिन को स्वयंमेव ही पर्यवसित (समाप्त) हो जाएगी और सूचना नोटिस आवश्यक नहीं होगा :
परन्तु वर्षानुवर्ष आधार पर संविदा की अवधि में विस्तारण/नवीकरण के लिए विभागाध्यक्ष यह प्रमाण पत्र जारी करेगा कि संविदा पर नियुक्त कर्मचारी की सेवा तथा आचरण, वर्ष के दौरान संतोषजनक रहा है और केवल तभी संविदा की अवधि को नवीकृत/विस्तारित किया जाएगा। 2. प्रथम पक्षकार की संविदात्मक रकम 14700/- रूपए प्रति मास होगी।
3. प्रथम पक्षकार की सेवा पूर्णतः अस्थायी आधार पर होगी। यदि संविदा पर नियुक्त व्यक्ति का कार्य/आचरण ठीक नहीं पाया जाता है या यदि नियमित पदधारी उस रिक्ति के विरूद्ध नियुक्त/तैनात कर दिया जाता है, जिसके लिए प्रथम पक्षकार को संविदा पर लगाया गया है, तो नियुक्ति (पर्यवसित) समाप्त की जाने के लिए दायी होगी ।
4. संविदा पर नियुक्त प्राध्यापक एक मास की सेवा पूरी करने के पश्चात् एक दिन के आकस्मिक अवकाश का हकदार होगा। यह अवकाश एक वर्ष तक संचित किया जा सकेगा । संविदात्मक प्राध्यापक को किसी भी प्रकार का अन्य कोई अवकाश अनुज्ञात नहीं होगा। वह चिकित्सा प्रतिपूर्ति और एल0टी0सी0 इत्यादि के लिए भी हकदार नहीं होगा। केवल प्रसूति अवकाश नियुमानुसार दिया जाएगा।
5. नियन्त्रक अधिकारी के अनुमोदन के बिना कत्र्तव्य से अनधिकृत अनुपस्थिति से स्वतः ही संविदा का पर्यावसान (समापन) हो जाएगा। संविदात्मक प्राध्यापक कत्र्तव्य (ड्यूटि) से अनुपस्थिति की अवधि के लिए संविदात्मक रकम का हकदार नहीं हांगा ।
6 संविदा के आधार पर नियुक्त कर्मचारी, जिसने तैनाती के एक स्थान पर पांच वर्ष का कार्यकाल पूर्ण कर लिया हो, आवश्यकता के आधार पर स्थानान्तरण हेतु पात्र होगा, जहां भी प्रशासनिक आधार पर ऐसा करना अपेक्षित हो।
7. चयनित अभ्यर्थी को सरकारी अस्पताल से अपना आरोग्य प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। महिला अभ्यर्थियों की दशा में, बारह सप्ताह से अधिक की गर्भावस्था, प्रसव होने तक, उसे अस्थायी तौर पर अनुपयुक्त बना देगी। महिला अभ्यर्थियों का सरकारी अस्पताल से उपयुक्तता के लिए पुनः परीक्षण किया जाना चािहए।1305 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 24 मई, 2012/3 ज्येष्ठ, 1934 8 संविदा पर नियुक्त व्यक्ति का, यदि अपने पदीय कर्तव्यों के सम्बन्ध में दौरे पर जाना अपेक्षित हो, तो वह उसी दर पर, जैसी नियमित प्रतिस्थानी अधिकारी को वेतनमान के न्यूनतम पर लागू है, यात्रा भत्ते/दैनिक भत्ते का हकदार होगा/होगी।
9. संविदा पर नियुक्त व्यक्ति(यों) को कर्मचारी सामूहिक बीमा योजना के साथ-साथ ई0पी0एफ0/ जी0पी0एफ0 भी लागू नहीं होगा।
10. इसके साक्ष्यस्वरूप प्रथम पक्षकार और द्वितीय पक्षकार ने इसमें सर्वप्रथम उल्लिखित तारीख को अपने-अपने हस्ताक्षर कर दिए हैं ।
साक्षियों की उपस्थिति में : 1................................................ नाम ........................................ पता ......................................... .................................................... 2................................................ नाम ........................................ पता .........................................
(प्रथम पक्षकार के हस्ताक्षर) साक्षियों की उपस्थिति में : 1................................................ नाम ........................................ पता ......................................... .................................................... 2................................................ नाम ........................................ पता .........................................
(द्वितीय पक्षकार के हस्ताक्षर)
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[Authoritative English Text of this Department's Notification No. Ayur-B(2)-2/2010 dated
21st May, 2012 as required under clause (3) of Article 348 of the Constitution of India].
AYURVEDA DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-171002, the 21st May, 2012
No. Ayur-B(2)-2/2010.—In exercise of the powers conferred by proviso to Article 309 of the Constitution of India, the Governor, Himachal Pradesh, in consultation with H.P. Public Service Commission, is pleased to make the Recruitment and Promotion Rules for the post of Lecturer, Class-I (Gazetted) in the Department of Ayurveda, Himachal Pradesh, as per Annexure-'A' attached to this notification, namely:-
1. Short title & Commencement.—(1) These rules may be called the Himachal Padesh Department of Ayurveda, Lecturer, Class-I (Gazetted), Recruitment & Promotion Rules, 2012.
(2 ) These rules shall come into force from the date of publication in the official Gazette.
1306 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 24 मई, 2012/3 ज्येष्ठ, 19342. Repeal & Savings.—(1) The Himachal Pradesh Department of Indian System of Medicine and Homeopathy, Lecturer, Class-II (Gazetted) Recruitment & Promotion Rules 1997, notified vide this Department's Notification No. Ayr-C-Ka(3)-4/94 dated 26-05-1997 are hereby repealed.
(2) Notwithstanding such repeal, any appointment made or anything done or any action taken under the relevant rules so repealed under sub rule 2(1) supra shall be deemed to have been validly made, done or taken under these rules.
By order, Sd/- Secretary (Ayurveda).
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ANNEXURE-A RECRUITMENT & PROMOTION RULES FOR THE POST OF LECTURER CLASS-I (GAZETTED) IN THE DEPARTMENT OF AYURVEDA, HIMACHAL PRADESH 1. Name of Post.—Lecturer
2. Number of Post(s) .—14 (Fourteen)
3. Classification.—Class-I (Gazetted)
4. Scale of Pay.—(i) Pay scale for regular incumbents: Pay band Rs.10300-34800 + 4400 /- Grade Pay.
(ii) Emoluments for contract employees:- Rs.14,700/- P.M. as per details given in Column 15-A.
5. Whether "selection" post or "Non selection" post.—Not applicable
6. Age for direct recruitment.—Between 18 to 45 years':
Provided that the upper age limit for direct recruits will not be applicable to the candidates already in service of the Government including those who have been appointed on adhoc or on contract basis.
Provided further that if a candidates appointed on adhoc basis or on contract basis had become over-age on the date he /she was appointed as such he/she shall not be eligible for any relaxation in the prescribed age limit by virtue of his/her adhoc or contact appointment.
Provided further that the upper age limit is relaxable for scheduled caste/scheduled Tribes/other categories of persons to the extent permissible under the general or special order(s) of the Himachal Pradesh Government.
Provided further that the employees of all the Public Sector Corporation and Autonomous Bodies who happened to be Government servants before absorption in public sector corporations/autonomous Bodies at the time of initial constitutions of such corporations/ autonomous bodies shall be allowed age concession in direct recruitment as admissible to Government Servants. This concession will not, however, be admissible to such staff of the public1307 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 24 मई, 2012/3 ज्येष्ठ, 1934 sector corporations/autonomous Bodies and who are/were finally absorbed in the service of such corporations/autonomous after initial constitution of the public sector Corporations/ Autonomous Bodies.
(1) Age limit for direct recruitment will be reckoned on the first day of the year in which the post (s) is /are advertised for inviting applications or notified to the Employment Exchange or as the case may be.
(2) Age and experience in the case of direct recruitment, relaxable at the discretion of Himachal Pradesh Public Service Commission in case the candidate is otherwise well qualified.
7. Minimum educational & other qualifications required for direct recruit(s).—(a) Essential Qualification(s): (i) Bachelor Degree in Ayurveda from a recognized University or Council of Indian System of Medicine established by law or from an Ayurvedic College recognized by the Government.
(ii) Post Graduate Degree in particular branch of specialty from any recognized University established by Law or the degree recognized by CCIM or H.P. Government; and (iii) Should have studied Sanskrit as one of the subjects in the course of Bachelor Degree in Ayurveda.
(b) Desirable Qualification: Knowledge of customs, manners and dialects of Himachal Pradesh and suitability for appointment in the peculiar conditions prevailing in the Pradesh.
8. Whether age and educational qualification(s) prescribed for direct recruit(s)
will apply in the case of the Promotee(s) :
Age: Not applicable.
Educational Qualifications: Not applicable.
9. Period of probation, if any.—Two year's subject to such further extension for a period not exceeding one year as may be ordered by the competent authority in special circumstances and reasons to be recorded in writing.
10. Method(s) of recruitment, whether by direct recruitment or by promotion, deputation, transfer and the percentage of post(s) to be filled in by various methods.—100% by direct recruitment on a 'regular' basis or by recruitment on contract basis, as the case may be. The contract employees will get emoluments as given in Col.15-A and will be governed by service conditions as specified in the said column.
11. In case of recruitment by promotion, deputation, transfer, grade from which
promotion/deputation transfer is to be made.—Not applicable.
12. If a Departmental promotion ommittee exits, what is its Composition?.—Not applicable.
13. Circumstances under which the H.P.S.S.C. is to be consulted in making recruitment.—As required under the law.
14. Essential requirement for a direct recruitment.—A candidate for appointment to any service or post must be a citizen of India.
1308 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 24 मई, 2012/3 ज्येष्ठ, 193415. Selection for appointment to the post by Direct Recruitment.—Selection for appointment to the post in case of direct recruitment shall be made on the basis of viva-voce test and if the Himachal Pradesh Public Service Commission or other recruiting authority, as the case may be, so consider necessary or expedient by a written test, or a practical test, the standard/syllabus etc. of which will be determined by the Commission/other recruiting agency, as the case may be.
15-A. Selection for appointment to the post by Contract appointment.— Notwithstanding anything contained in theserules, contract appointments to the post will be made subject to the terms and conditions given below :-
(I) CONCEPT.—(a) Under this policy the Lecturer, in the Department of Ayurveda H.P. will be engaged on contract basis initially for one year, which may be extendable on year to year basis.
Provided that for extension/renewal of contract period on year to year basis the concerned HOD shall issue a certificate that the service and conduct of the contract appointee is satisfactory during the year and only then his period of contract is to be renewed/extended.
(b) POST FALLS WITHIN THE PURVIEW OF HPPSC.—The Principal Secretary/ Secretary (Ayurveda) to the Government of H.P. after obtaining the approval of the Government to fill up the vacant posts on contract basis will place the requisition with the concerned recruiting agency i.e H.P. Public Service Commission.
(c) The selection will be made in accordance with the eligibility conditions prescribed in these R&P Rules.
(II) CONTRACUAL EMOLUMENTS.—The Lecturer appointed on contract basis will be paid consolidated fixed contractual amount @ Rs.14,700/- per month (which shall be equal to minimum of the pay band+Grade pay). An amount of Rs.450/-(3% of minimum of pay band + grade pay of the post) as annual increase in contractual emoluments for the subsequent year(s) will be allowed if contract is extended beyond one year.
(III) APPOINTING/DISCIPLINARY AUTHORITY.—The Principal Secretary/ Secretary (Ayurveda) H.P. will be appointing and disciplinary authority.
(IV) SELECTION PROCESS.—Selection for appointment to the post in the case of Contract Appointment will be made on the basis of viva-voce test or if consider necessary or expedient by a written test or practical test the standard/syllabus etc. of which will be determined by the concerned recruiting agency i.e. H.P.Public Service Commision.
(V) COMMITTEE FOR SELECTION OF CONTRACTUAL APPOINGMENTS.—As may be constituted by the concerned recruiting agency i.e. H.P. Public Service Commission from time to time.
(VI) AGREEMENT.—After selection of a candidate, he/she shall sign an agreement as per Annexure-"B" appended to these Rules.
(VII) TERMS AND CONDITIONS.—(a) The contract appointee will be paid fixed contractual amount @ Rs.14,700/- per month. (which shall be equal to minimum of the pay band + grade pay). The contract appointee will be entitled for increase in contractual amount @ Rs. 450/- (3% of minimum of pay band + grade pay of the post) for further extended years and no other allied benefits such as senior/selection scale etc. will be given.
1309 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 24 मई, 2012/3 ज्येष्ठ, 1934(b) The service of the Contract Appointee will be purely on temporary basis. The appointment is liable to be terminated in case the performance / conduct of the contract appointee is not found satisfactory.
(c) Contract Appointee will be entitled for one day casual leave after putting one month service. This leave can be accumulated up to one year. No leave of any other kind is admissible to the contract appointee. He/she shall not be entitled for Medical Reimbursement and LTC etc. only maternity leave will be given as per rules.
(d) Unauthorized absence from the duty without the approval of the controlling Officer shall automatically lead to the termination of the contract. Contract Appointee shall not be entitled for contractual amount for the period of absence from duty.
(e) An official appointed on contract basis who have completed five years tenure at one place of posting will be eligible for transfer on need based basis wherever required on administrative grounds.
(f) Selected candidate will have to submit a certificate of his/her fitness from a Government/Registered Medical Practitioner. Women candidate pregnant beyond 12 weeks will stand temporarily unfit till the confinement is over. The women candidate will be re- examined for the fitness from an authorized Govt. Medical officer/ Practitioner.
(g) Contract appointee will be entitled to TA/DA, if required to go on tour in connection with his/her official duties at the same rate as applicable to regular counterpart officials at the minimum of pay scale.
(h) Provisions of service rule like FR SR, Leave rules, GPF rules , Pension rules and Conduct rules etc. as are applicable in case of regular employees will not be applicable in case of contract appointees. They will be entitled for emoluments etc. as detailed in this column.
16. Reservation.—The appointment to the service shall be subject to orders regarding reservation in the service for Scheduled Castes/Scheduled Tribes/Other Backward Classes/other category of persons issued by the Himachal Pradesh. Government from time to time.
17. Departmental Examination.—Every member of the service shall pass a departmental examination as prescribed in the H.P.Departmental Examination rules, 1997, as amended from time to time.
18. Powers to relax.—Where the State Government is of the opinion that it is necessary or expedient to do so it may by order for reasons to be recorded in writing and in consultation with HP.Public Service Commission, relax any of the Provision(s) of these Rules with respect to any class or category of person(s) or post(s).
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ANNEXURE-B FORM OF CONTRACT/AGREEMENT TO BE EXECUTED BETWEEN THE LECTURER AND THE GOVERNMENT OF HIMACHAL PRADESH THROUGH PRINCIPAL SECRETARY/ SECRETARY (AYURVEDA) TO THE GOVERNMENT OF HIMACHAL PRADESH
This agreement is made on this________ day of _________in the year ______ between Sh/Smt. _______________________________ son/daughter of Shri_________________________ R/o ___________________________________________ contract appointee (here-inafter called the FIRST PARTY), AND the Governor, Himachal Pradesh through Principal Secretary/Secretary1310 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 24 मई, 2012/3 ज्येष्ठ, 1934 (Ayurveda) to the Govt. of Himachal Pradesh (here-inafter the SECOND PARTY). Whereas, the SECOND PARTY has engaged the aforesaid FIRST PARTY and FIRST PARTY has agreed to serve as a Lecturer on contract basis on the following terms and conditions:-
1. That the FIRST PARTY shall remain in the service of the SECOND PARTY as a Lecturer for a period of one year commencing on the _________ day of ___________and ending on ___________ day of __________________. It is specifically mentioned and agreed upon by both the parties that the contract of the FIRST PARTY with the SECOND PARTY shall ipso facto stand terminated on the last working day i.e. on ___________ and information notice shall not be necessary.
Provided that for further extension/renewal of contract period the HOD shall issue a certificate that the service and conduct of the contract appointee was satisfactory during the year and only then the period of contract is to be renewed/extended.
2. The contractual amount of the FIRST PARTY will be Rs.14,700/- per month.
3. The service of FIRST PARTY will be purely on temporary basis. The appointment is liable to be terminated in case the performance/conduct of the contract appointee is not found good or if a regular incumbent is appointed/ posted against the vacancy for which the first party was engaged on contract.
4. Contractual Lecturer will be entitled for one day casual leave after putting in one month service. This leave can be accumulated up to one year. No leave of any kind is admissible to the contractual Lecturer. He will not be entitled for any kind of Medical Reimbursement and LTC etc. Only maternity leave will be given as per rules.
5. Unauthorized absence from the duty without the approval of the Controlling Officer shall automatically lead to the termination of the contract. A contractual Lecturer will not be entitled for contractual amount for the period of absence from duty.
6. An official appointed on contract basis who have completed five years tenure at one place of posting will be eligible for transfer on need based basis wherever required on administrative grounds.
7. Selected candidate will have to submit a certificate of his/her fitness from Govt. Hospital. In case of women candidates pregnancy beyond 12 weeks will render her temporarily unfit till the confinement is over. The woman candidate should be reexamined for fitness from Govt. Hospital.
8. Contract appointee shall be entitled to TA/DA if required to go on tour in connection with his/her official duties at the same rates as applicable to regular counterpart officer at the minimum of the pay scale.
9. The Employees Group Insurance Scheme as well as EPF/GPF will not be applicable to the contractual appointee(s).
IN WITNESS the FIRST PARTY and SECOND PARTY have herein to set their hands the day, month and year first, above written.
1311 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 24 मई, 2012/3 ज्येष्ठ, 1934IN THE PRESENCE OF WITNESS:
1. ___________________ Name________________ Address_______________ ______________________
2. ____________________ Name _________________ Address________________ _______________________
(Signature of the FIRST PARTY) IN THE PRESENCE OF WITNESS.
1. ___________________ Name________________ Address________________ _______________________
2. ____________________ Name_________________ Address_________________ _______________________
(Signature of the SECOND PARTY)
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सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 23 मई, 2012
संख्याः आई.पी.एच.-बी(एच)1-15/2012-मण्डी.-यतः राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव पडसल/37 तहसील सुन्दरनगर जिला मण्डी उठाऊ पेयजल योजना थला हवाणी में जल भण्डारण टैंक के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।
2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इस से सम्बन्धित हैं, या हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है । 3. पूर्वाेक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने तथा सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्याें को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं ।
4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के तीस दिनों की अवधि के भीतर लिखित रूप में भू-अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग मण्डी के समक्ष अपनी आपत्ति दायर कर सकता है ।1312 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 24 मई, 2012/3 ज्येष्ठ, 1934
विस्तृत विवरणी
जिला तहसील गांव खसरा नं0 क्षेत्र बीघे/बिस्वे में मण्डी सुन्दरनगर पडसल/37 199/1 0-06-16
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- अतिरिक्त मुख्य सचिव (सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य)।
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सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 23 मई, 2012
संख्याः आई.पी.एच.-बी(एच)1-16/2012-मण्डी.-यतः राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव मलोह/102 तहसील सुन्दरनगर जिला मण्डी उठाऊ पेयजल योजना रियूर लाग मलोह में जल भण्डारण टैंक के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है। 2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इस से सम्बन्धित हैं, या हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है । 3. पूर्वाेक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने तथा सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्याें को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं ।
4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के तीस दिनों की अवधि के भीतर लिखित रूप में भू-अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग मण्डी के समक्ष अपनी आपत्ति दायर कर सकता है ।
विस्तृत विवरणी
जिला तहसील गांव खसरा नं0 क्षेत्र बीघे/बिस्वे में मण्डी सुन्दरनगर मलोह/102 588/1 0-00-12
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- अतिरिक्त मुख्य सचिव (सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य)।1313 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 24 मई, 2012/3 ज्येष्ठ, 1934
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 23-05-2012
संख्याःआई.पी.एच.-बी(एच)1-17/2012-मण्डी.-यतः राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव टटीह/233 तहसील सरकाघाट जिला मण्डी में सीवरेज योजना सरकाघाट के लिए स्टोर टैक के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएवं एतदद्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।
2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इस से सम्बन्धित हैं, या हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भूमि अर्जन अधिनियम,1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है ।
3. पूर्वाेक्त धारा द्वारा प्रदत्त षक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने तथा सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्याें को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं ।
4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के तीस दिनों की अवधि के भीतर लिखित रूप में भू-अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग मण्डी के समक्ष अपनी आपत्ति दायर कर सकता है ।
विस्तृत विवरणी
जिला तहसील गांव खसरा न0 क्षेत्र हैक्टयर में मण्डी सरकाघाट टटीह/233 108/2 0-06-09 112/1 0-00-73 762/113 0-01-80 763/113 0-03-54 114 0-00-75 115 0-00-48 116 0-00-28 117 0-00-24 118/1 0-01-61 किता-9 0-15-52
आदेश द्वारा, हस्ता0/- अतिरिक्त मुख्य सचिव (सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य)।
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सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 23-05-2012
संख्याःआई.पी.एच.-बी(एच)1-18/2012-मण्डी.-यतः राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव भौर/4 तहसील 1314 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 24 मई, 2012/3 ज्येष्ठ, 1934 सुन्दरनगर जिला मण्डी उठाऊ पेयजल योजना भौर/4 में जल भण्डारण टैंक के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएवं एतदद्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।
2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इस से सम्बन्धित हैं, या हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भूमि अर्जन अधिनियम,1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है । 3. पूर्वाेक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने तथा सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्याें को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं ।
4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के तीस दिनों की अवधि के भीतर लिखित रूप में भू-अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग मण्डी के समक्ष अपनी आपत्ति दायर कर सकता है ।
विस्तृत विवरणी
जिला तहसील गांव खसरा न0 क्षेत्र
बीघे/बिस्वे में मण्डी सुन्दरनगर भौर/4 1641/397/1 0-08-08
आदेश द्वारा, हस्ता0/- अतिरिक्त मुख्य सचिव (सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य)।
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सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 23-05-2012
संख्याःआई.पी.एच.-बी(एच)1-19/2012-मण्डी.-यतः राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव जमसाई/226 तहसील सरकाघाट जिला मण्डी मल निकासी योजना सरकाघाट मुहाल जमसाई के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएवं एतदद्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।
2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इस से सम्बन्धित हैं, या हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भूमि अर्जन अधिनियम,1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है । 3. पूर्वाेक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने तथा सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्याें को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं ।1315 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 24 मई, 2012/3 ज्येष्ठ, 1934 4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाषित होने के तीस दिनों की अवधि के भीतर लिखित रूप में भू-अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग मण्डी के समक्ष अपनी आपत्ति दायर कर सकता है ।
विस्तृत विवरणी
जिला तहसील गांव खसरा न0 क्षेत्र हैक्टयर में मण्डी सरकाघाट जमसाई/226 1/1 0-05-08 2 0-08-27 3 0-10-39 किता-3 0-23-74
आदेश द्वारा, हस्ता0/- अतिरिक्त मुख्य सचिव (सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य)।
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सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 23-05-2012
संख्याःआई.पी.एच.-बी(एच)1-20/2012-मण्डी.-यतः राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव सरकाघाट/230 तहसील सरकाघाट जिला मण्डी में मल निकासी योजना सरकाघाट के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएवं एतदद्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।
2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इस से सम्बन्धित हैं, या हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भूमि अर्जन अधिनियम,1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है ।
3. पूर्वाेक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने तथा सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्याें को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं ।
4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के तीस दिनों की अवधि के भीतर लिखित रूप में भू-अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग मण्डी के समक्ष अपनी आपत्ति दायर कर सकता है ।
विस्तृत विवरणी
जिला तहसील गांव खसरा न0 क्षेत्र
हैक्टयर में मण्डी सरकाघाट सरकाघाट/230
0-01-41
898/1
948/1
0-00-391316 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 24 मई, 2012/3 ज्येष्ठ, 1934 949/1
0-01-11
979/1
0-00-50
978/1
0-00-30
975/1
0-00-07
1910/976/1
0-00-62
991/1
0-00-20
990/1
0-00-22
989/1
0-00-41
1045/1
0-00-02
1047/1
0-00-29
1050/1
0-00-24
1052/1
0-00-16
1053/1
0-00-17
742/1
0-00-16
741/1
0-00-08
740/1
0-00-68
1062/1
0-00-03
1060/1
0-00-29
1084/1
0-00-61
1086/1
0-00-24
1087/1
0-00-62
1188/1
0-00-06
1189/1
0-00-14
1190/1
0-00-45
1191/1
0-00-36
1199/1
0-00-44
1202/1
0-00-18
1206/1
0-00-15
1207/1
0-00-17
1207/2
0-00-36
1208/1
0-00-66
1683/1209/1 0-00-09
1317/1
0-00-64
1320/1
0-02-36
1324/1
0-00-26
1083/1
0-00-12
1678/1082/1 0-00-09
1081/1
0-00-09
1423/1078/1 0-01-08
0-00-14 1194/1 किता-42 0-16-66
आदेश द्वारा, हस्ता0/- अतिरिक्त मुख्य सचिव (सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य)।1317 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 24 मई, 2012/3 ज्येष्ठ, 1934
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 23-05-2012
संख्याःआई.पी.एच.-बी(एच)1-21/2012-मण्डी.-यतः राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव बैहड़/281 तहसील सरकाघाट जिला मण्डी में सीवरेज लाईन सरकाघाट मुहाल बैहड़ के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएवं एतदद्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।
2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इस से सम्बन्धित हैं, या हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भूमि अर्जन अधिनियम,1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है ।
3. पूर्वाेक्त धारा द्वारा प्रदत्त षक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेष करने तथा सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्याें को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं ।
4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाषित होने के तीस दिनों की अवधि के भीतर लिखित रूप में भू-अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेष लोक निर्माण विभाग मण्डी के समक्ष अपनी आपत्ति दायर कर सकता है ।
विस्तृत विवरणी
जिला तहसील गांव खसरा न0 क्षेत्र हैक्टयर में मण्डी सरकाघाट बैहड़/281 613/1 0-01-40
1190/606/1 0-00-15
604/1 0-00-23
603/1 0-00-51
601/1 0-00-13
600/1 0-00-18
597/1 0-00-14
720/1 0-00-18
865/1 0-00-07 किता-9 0-02-99
आदेश द्वारा, हस्ता0/- अतिरिक्त मुख्य सचिव (सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य)।1318 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 24 मई, 2012/3 ज्येष्ठ, 1934
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 23 मई, 2012
संख्याः आई.पी.एच.-बी(एच)1-22/2012-मण्डी.-यतः राज्यपाल, हिमाचल प्रदेा को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव गोपालपुर/386 तहसील सरकाघाट जिला मण्डी फतेहपुर गोपालपुर ग्राम समुह के लिए टैंक के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।
2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इस से सम्बन्धित हैं, या हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है। 3. पूर्वाेक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने तथा सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्याें को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं ।
4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के तीस दिनों की अवधि के भीतर लिखित रूप में भू-अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग मण्डी के समक्ष अपनी आपत्ति दायर कर सकता है ।
विस्तृत विवरणी
जिला तहसील गांव खसरा नं0 क्षेत्र हैक्टेयर में मण्डी सरकाघाट गोपालपुर/386 759/1 0-00-40
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- अतिरिक्त मुख्य सचिव (सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य)।
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सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 23 मई, 2012
संख्याः आई0पी0एच0-बी(एच)1-23/2012-सोलन.-यतः राज्यपाल हिमाचल प्रदेश को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार के अपने व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव श्री नगर, तहसील कण्डाघाट, जिला सोलन में उठाऊ पेयजल योजना खैरी क्यारटू, मौजा श्री नगर में जल भण्डारण टैंक के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।1319 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 24 मई, 2012/3 ज्येष्ठ, 1934 2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इस से सम्बन्धित हैं, या हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भूमि-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है। 3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने तथा सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्याें को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।
4. अत्याधिक आवश्यकता को दृष्टि में रखते हुये राज्यपाल उक्त अधिनियम की धारा-17 की उपधारा-4 के अधीन यह भी निर्देश देते है कि उक्त अधिनियम की धारा-5-ए के उपबन्ध इस मामले में लागू नहीं होंगे ।
विस्तृत विवरणी
जिला तहसील गांव खसरा नं0 क्षेत्र हैक्टेयर में सोलन कण्डाघाट श्री नगर 1215/759/2/3/2 00-00-66
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- अतिरिक्त मुख्य सचिव (सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य)।
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TOURISM AND CIVIL AVIATION DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-2 the 2rd May, 2012
No. TSM-F(6)-2/2009-II.—In supersession of all previous notifications and in exercise of the powers vested in her under rule-6 of the Himachal Pradesh River Rafting Rules, 2005, the Governor of Himachal Pradesh is pleased to constitute Technical Committee consisting of following members to identify/ notify proposed new stretches as given below for the river rafting on the the Satluj and Beas rivers basis :-
1. Slapper Bridge joining Bilaspur-Mandi District to Luhnu Ground, Bilaspur and further down to Trusser near Jagat Khana in River Satluj in Bilaspur District. 2. Jhiri to Aut, Panarsa-Aut-Thalot and Panarsa to Aut in River Beas in Mandi District.
Technical Committee :
1. The Director, ABV Institute of Allied Sports, Manali. Chairman 2. The Sub-Division Officer (Civil) of the concerned Member area or his representative.
3. The Superintendent of Police of the concerned Member area or his representative.
1320 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 24 मई, 2012/3 ज्येष्ठ, 19344. The Chief Medical Officer of the concerned Member area or his representative.
5. The Senior Water Sports Instructor Member
6. Two members of the local Rafting Associations Member
7. The Dy. Director (Tourism)/Asstt. District Member Secretary Tourism Development Officer of concerned area.
The scope of works of so constituted Technical Committee are already stands defined in the Himachal Pradesh River Rafting Rules, 2005.
By order, S. ROY, Chief Secretary (Tourism & CA).
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CORRIGENDUM
Name of Shri Abhay Shankar Shukla may please be read as Shri Abhay Shanker Shukla at page No. 1200 of H. P. Rajpatra, dated 18th May, 2012/28th Baisakh, 1934.
Sd/-
Deputy Controller,
Printing and Stationery Department,
Himachal Pradesh, Shimla-5.
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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी (ना0 तह0) तहसील हरोली, जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश
नजीर दीन पुत्र गामा
बनाम
आम जनता
आवेदन-पत्र अधीन धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969.
नजीर दीन पुत्र गामा, वासी नंगल कलां ने इस न्यायालय में निवेदन किया है कि उसके पुत्र मोहम्मद अलमद का जन्म दिनांक 18-2-2007 को हुआ है लेकिन उसकी जन्म तिथि ग्राम पंचायत अभिलेख में दर्ज नहीं है।
अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार के माध्यम से सूचित किया जाता है कि यदि इस बारे किसी व्यक्ति को कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 1-6-2012 को प्रातः 10.00 बजे अधोहस्ताक्षरी के न्यायालय में उपस्थित होकर पेश कर सकता है।
यदि उपरोक्त वर्णित तिथि को किसी भी व्यक्ति का कोई उजर या एतराज इस न्यायालय में प्राप्त नहीं होता है तो इस न्यायालय में प्राप्त बही द्वारा जन्म तिथि दर्ज करने हेतु ग्राम पंचायत नंगल कलां को आदेश दे दिए जाएंगे।1321 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 24 मई, 2012/3 ज्येष्ठ, 1934 आज दिनांक 30-4-2012 को मेरे हस्ताक्षर एवं न्यायालय मोहर से जारी हुआ।
मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी (ना0 तह0), हरोली, जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश।
------ ब अदालत श्री देव राज शर्मा, तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग, तहसील बंगाणा, जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश
बनाम
आम जनता
प्रार्थना-पत्र मकफूद उल-खबरी महाल ऐसन इन्तकाल नं0 112, तहसील बंगाणा, जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश।
श्री यश पाल पुत्र श्री विधि चन्द, निवासी महाल ऐसन, तहसील बंगाणा, जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश ने इस न्यायालय में एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया है कि उसके दोनों भाई बासुदेव-सतपाल पुत्रान श्री विधि चन्द पिछले 50 व 18 वर्षांे से लापता हैं। जिनके जिन्दा या मृत होने बारे कोई अता-पता नहीं है और न ही वह आज दिन तक घर वापिस लौटे हैं। इस बारे उनके जीवित या मृत होने बारे काफी छानबीन करवाई गई, परन्तु उनके जीवित होने बारे कोई सूचना नहीं मिली।
अतः इस इश्तहार द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि उपरोक्त व्यक्तियों के जीवित या मृत होने बारे किसी व्यक्ति को जानकारी हो तो वह उसकी बरास्त का इन्ताकल दर्ज व तस्दीक करने या न करने बारे अपनी आपत्ति या एतराज निर्धारित तिथि पेशी दिनांक 5-6-2012 को इस न्यायालय में प्रातः 10.00 बजे असालतन या वकालतन उपस्थित आकर प्रस्तुत कर सकता है। काई आपत्ति न मिलने की सूरत में एक पक्षीय कार्यवाही अमल में लाई जाएगी तथा इन्तकाल बरास्त दर्ज व तस्दीक कर दिया जाएगा।
आज दिनांक 4-5-2012 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी किया गया।
मोहर। देव राज शर्मा,
तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग,
तहसील बंगाणा, जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत श्री देव राज शर्मा, तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग, तहसील बंगाणा, जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश।
बनाम
आम जनता
1322 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 24 मई, 2012/3 ज्येष्ठ, 1934 प्रार्थना-पत्र बाबत नाम दरुस्ती इन्द्राज खाना काश्त कागजात माल।श्री यशपाल पुत्र श्री विधि चन्द, निवासी महाल ऐसन, तप्पा मुच्छाली, तहसील बंगाणा, जिला ऊना ने इस न्यायालय में एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया है कि भूमि खेवट नं0 2, खसरा नं0 कित्ता 3, रकबा तादादी 0-01-50 है0 वाक्या महाल ऐसन, तहसील बंगाणा, जिला ऊना मंें स्वयं बतौर काबिज चला आ रहा है तथा काश्त करता है।उसके दोनों भाई बासुदेव पिछले 50 वर्ष व सतपाल पुत्रान विधि चन्द पिछले 18 वर्ष से लापता हैं। अत कागजात माल के खाना काश्त में उसका इन्द्राज दरुस्त दर्ज किया जावे।
अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार मुनादी के माध्यम सेे सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त व्यक्यिों बारे कोई जानकारी हो तो वह निर्धारित तिथि पेशी दिनांक 5-6-2012 को इस न्यायालय में प्रातः 10.00 बजे असालतन या वकालतन उपस्थित आकर अपनी आपत्ति या एतराज प्रस्तुत कर सकता है। हाजिर न आने की सूरत में नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
आज दिनांक 4-5-2012 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी किया गया।
मोहर। देव राज शर्मा, तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग, तहसील बंगाणा, जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश। नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित