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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

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Published 25 January 2013

Type
Ordinary
Gazette no.
04
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2013-01-25.04.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

मध्यप्रदेश शास

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सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 4]

भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 25 जनवरी 2013 - माघ 5 , शक 1934

विषय- सूची

भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, ( 3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4 ) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग, भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.

भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.

( 2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं.

भाग 4.- ( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,

(ख) ( 1 ) अध्यादेश, (2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3 ) संसद्के अधिनियम,

(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 4 जनवरी 2013

क्र. ई - 5-393 - आयएएस- लीव- एक- 5.-( 1 ) श्री प्रसन्न कुमार दाश , आयएएस. , अपर मुख्य सचिव , मध्यप्रदेश शासन , वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार विभाग को समसंख्यक आदेश दिनांक 27 नवम्बर 2012 द्वारा दिनांक 17 से 29 दिसम्बर 2012 तक, तेरह दिन का अर्जित अवकाश दिनांक 15 , 16 एवं 30 दिसम्बर 2012 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति के साथ स्वीकृत किया गया था, में आंशिक संशोधन करते हुए अब उन्हें दिनांक 26 से 28 दिसम्बर 2012 तक, तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

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(2 ) इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 27 नवम्बर 2012 की शेष कंडिकाएं यथावत् रहेंगी.

क्र. ई - 5-457 - आयएएस लीव- 5 - एक.- ( 1 ) श्रीमती कंचन जैन, आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग को दिनांक 4 से 11 जनवरी 2013 तक, आठ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2) श्रीमती कंचन जैन की अवकाश की अवधि में उनका प्रभार श्रीमती सुरंजना रे, भाप्रसे . , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक सौंपा जाता है.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2013 .

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

( 3) अवकाश से लौटने पर श्रीमती कंचन जैन को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्रीमती कंचन जैन द्वारा प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्रीमती सुरंजना रे उक्त प्रभार से मुक्त होंगी .

( 5 ) अवकाशकाल में श्रीमती कंचन जैन को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती कंचन जैन अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं.

क्र. ई. 5-855- आयएएस लीव 5- एक.- ( 1 ) श्री अशोक देशवाल, आयएएस. , अपर आबकारी आयुक्त, मध्यप्रदेश ग्वालियर को दिनांक 5 से 11 जनवरी 2013 तक, सात दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 12 एवं 13 जनवरी 2013 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री अशोक देशवाल को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक , स्थानापन्न अपर आबकारी आयुक्त, मध्यप्रदेश ग्वालियर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाशकाल में श्री अशोक देशवाल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अशोक देशवाल, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

भोपाल, दिनांक 5 जनवरी 2013

क्र. ई. 1-445-2012-5- एक. भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2004 आवंटन वर्ष के निम्नलिखित अधिकारियों को आवंटन वर्ष के आधार पर 09 वर्ष की सेवा पूर्ण कर लेने के फलस्वरूप दिनांक 1 जनवरी 2013 से भाप्रसे ( वेतन ) नियमावली, 2007 के नियम 3 ( 1 ) के अन्तर्गत कनिष्ठ प्रशासनिक वेतनमान पे बैण्ड ( रुपये 15600-39100 + 7600 ) स्वीकृत किया जाता है:-

क्रमांक

अधिकारी का नाम

1

श्री रघुराज एम. आर.

2

श्री जॉन किंग्सली ए. आर.

3 श्री लोकेश कुमार जाटव

[ भाग 1 (2) उपरोक्त भाप्रसे अधिकारियों में से सरल क्रमांक 1 और 3 को कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड ( जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड- Non- Functional Grade ) इस शर्त के अधीन स्वीकृत किया जा रहा है कि वर्ष 2013 में मिड केरियर ट्रेनिंग फेज- III कार्यक्रम में इन्हें अनिवार्यतः भाग लेना होगा.

क्र. ई. 1-3-2013-5- एक.- नीचे तालिका के खाना ( 2 ) में दर्शाये भाप्रसे के अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष खाना ( 3 ) में दर्शाये गए पद पर अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से पदस्थ किया जाता है: -

तालिका

क्र.

नवीन पदस्थापना अधिकारी का नाम तथा वर्तमान पदस्थापना

(1)

(2)

(3)

प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग.

1 श्री आर . के. चतुर्वेदी ( 1987 ) , वि.क.अ. सह आयुक्त, उद्योग , मध्यप्रदेश तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य उद्योग निगम तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य वस्त्र निगम तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम ( अति. प्रभार) .

2 श्री टी . धर्माराव ( 1989 ) , आयुक्त, कोष एवं लेखा तथा पदेन सचिव , मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग.

आयुक्त, उद्योग , मध्यप्रदेश तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य उद्योग निगम तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य वस्त्र निगम तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम ( अति. प्रभार) .

3 श्री नीरज मण्डलोई ( 1993 ) , सचिव, मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग .

आयुक्त, कोष एवं लेखा तथा पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन , वित्त विभाग .

(2 ) उपरोक्तानुसार श्री आर. के. चतुर्वेदी द्वारा प्रमुख सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग का कार्यभार ग्रहण कने पर श्री सुदेश कुमार, भा.प्र.से. ( 1984 ) , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, संसदीय कार्य , जन शिकायत निवारण तथा सामान्य प्रशासन विभाग (अतिरिक्त प्रभार ) को, केवल सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त करते हुए उन्हें अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ आगामी आदेश तक, प्रमुख सचिव, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है.

भाग 1 ]

( 3 ) उपरोक्तानुसार श्री सुदेश कुमार द्वारा प्रमुख सचिव , उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री आर. के. स्वाई , भा.प्र.से. ( 1984 ) , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा जैव विविधता एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग केवल उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के प्रभार से मुक्त होंगे.

(4) श्री राजेश प्रसाद मिश्रा, भा.प्र.से. ( 1998 ) , उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग तथा कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग ( अतिरिक्त प्रभार ) को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ आगामी आदेश तक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी , मध्यप्रदेश तीर्थ एवं मेला प्राधिकरण का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है .

क्र. ई . 5-777 - आयएएस लीव-5- एक.-( 1 ) श्री अशोक कुमार शिवहरे , आयएएस . , सचिव , मध्यप्रदेश शासन , सामान्य प्रशासन विभाग को दिनांक 7 से 24 जनवरी 2013 तक, अठारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री अशोक कुमार शिवहरे को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सचिव , मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

( 3 ) अवकाशकाल में श्री अशोक कुमार शवहरे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अशोक कुमार शिवहरे, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल , दिनांक 8 जनवरी 2013

क्र. ई. - 1-8-2013-5- एक. श्री रजनीश कुमार श्रीवास्तव, भाप्रसे ( 2002 ) , आयुक्त, नगर पालिक निगम, भोपाल की सेवाएं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से वापिस लेकर उन्हें अस्थाई रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन पदस्थ किया जाता है.

क्र. ई. 5-529 - आयएएस - लीव - एक- 5 - एक.-( 1 ) श्री अजय तिर्की, आयएएस. , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, चिकित्सा शिक्षा एवं श्रम विभाग को दिनांक 26 नवम्बर से 7 दिसम्बर 2012 तक, बारह दिन का लघुकृत अवकाश की कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.

(2) अवकाशकाल में श्री अजय तिर्की को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

317

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 जनवरी 2013

(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अजय तिर्की अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई- 5-822 - आयएएस - लीव - 5 - एक.-( 1 ) श्री योगेन्द्र शर्मा , आयएएस. , कलेक्टर जिला सागर को दिनांक 26 दिसम्बर 2012 से 5 जनवरी 2013 तक, ग्यारह दिन का एक्स- इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 25 दिसम्बर 2012 एवं 6 जनवरी 2013 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

(2 ) श्री योगेन्द्र शर्मा की अवकाश अवधि में श्री परम सिंह जाटव, राप्रसे अपर कलेक्टर, सागर को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, कलेक्टर , जिला सागर का प्रभार सौंपा जाता है .

( 3 ) अवकाश से लौटने पर श्री योगेन्द्र शर्मा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर, जिला सागर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री योगेन्द्र शर्मा द्वारा कलेक्टर जिला सागर का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री परम सिंह जाटव, कलेक्टर, जिला सागर के प्रभार से मुक्त होंगे .

( 5) अवकाशकाल में श्री योगेन्द्र शर्मा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री योगेन्द्र शर्मा अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई- 5-844- आयएएस - लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री अशोक कुमार सिंह, आयएएस . , कलेक्टर जिला कटनी को दिनांक 14 से 18 जनवरी 2013 तक, पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 12 , 13 जनवरी 2013 एवं 19, 20 जनवरी 2013 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

(2 ) श्री अशोक कुमार सिंह की अवकाश की अवधि में श्री दिनेश श्रीवास्तव , अपर कलेक्टर, कटनी को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, कलेक्टर, जिला कटनी का प्रभार सौंपा जाता है.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री अशोक कुमार सिंह को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर, जिला कटनी के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

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(4) श्री अशोक कुमार सिंह द्वारा कलेक्टर, जिला कटनी का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री दिनेश श्रीवास्तव, कलेक्टर , जिला कटनी के प्रभार से मुक्त होंगे .

(5 ) अवकाशकाल में श्री अशोक कुमार सिंह को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अशोक कुमार सिंह अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई . 5-864- आयएएस लीव-5- एक.-( 1 ) श्री विशेष गढ़पाले , आयएएस. , उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार विभाग को दिनांक 21 से 24 जनवरी 2013 तक, चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 19 , 20 जनवरी 2013 एवं 25, 26 जनवरी 2013 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

( 2) अवकाश से लौटने पर श्री विशेष गढ़पाले को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न उप सचिव , मध्यप्रदेश शासन, वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाशकाल में श्री विशेष गढ़पाले को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री विशेष गढ़पाले अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई . 5-909 - आयएएस- लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री एन. पी. डेहरिया, आयएएस . , अपर कलेक्टर, जिला हरदा को दिनांक 26 नवम्बर से 1 दिसम्बर 2012 तक छः दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 25 नवम्बर 2012 एवं 2 दिसम्बर 2012 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

(2) अवकाश से लौटने पर श्री एन. पी. डेहरिया को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर कलेक्टर, जिला हरदा के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(3 ) अवकाशकाल में श्री एन . पी . डेहरिया को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री एन. पी . डेहरिया अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

[भाग 1 भोपाल, दिनांक 9 जनवरी 2013

क्र. ई. 5-874- आयएएस लीव- 5- एक.-( 1 ) सुश्री प्रीति मैथिल, आयएएस. , अनुविभागीय अधिकारी , निवाड़ी, जिला टीकमगढ़ को दिनांक 22 जनवरी से 15 फरवरी 2013 तक, छब्बीस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .

( 2) अवकाश से लौटने पर सुश्री प्रीति मैथिल को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अनुविभागीय अधिकारी , निवाड़ी जिला टीकमगढ़ के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

( 3 ) अवकाशकाल में सुश्री प्रीति मैथिल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि सुश्री प्रीति मैथिल अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.

क्र. ई. 5-787 - आयएएस- लीव - 5 - एक.- ( 1 ) श्रीमती राजकुमारी खन्ना, आयएएस. , अपर आयुक्त ( राजस्व ) , इन्दौर संभाग , इन्दौर को दिनांक 24 दिसम्बर 2012 से 5 जनवरी 2013 तक, तेरह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 6 जनवरी 2013 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्रीमती राजकुमारी खन्ना को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर आयुक्त ( राजस्व) , इन्दौर संभाग , इन्दौर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3 ) अवकाशकाल में श्रीमती राजकुमारी खन्ना को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

( 4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती राजकुमारी खन्ना अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.

भोपाल , दिनांक 10 जनवरी 2013

क्र. ई. 5-727- आयएएस- लीव - 5 - एक. ( 1 ) श्री विनोद कटेला, आयएएस. , अपर सचिव , मध्यप्रदेश शासन , संस्कृति विभाग को दिनांक 28 जनवरी से 7 फरवरी 2013 तक, ग्यारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री विनोद कटेला को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर सचिव , मध्यप्रदेश शासन , संस्कृति विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

(3) अवकाशकाल में श्री विनोद कटेला को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री विनोद कटेला अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

भोपाल, दिनांक 11 जनवरी 2013

क्र. ई. 5-862 - आयएएस- लीव- 5- एक. ( 1 ) श्री एम. सिबी चक्रवर्ती , आयएएस. , अतिरिक्त प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम, भोपाल को दिनांक 15 से 24 जनवरी 2013 तक, दस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 12 , 13 जनवरी 2013 एवं 25, 26, 27 जनवरी 2013 का सार्वजनिक अवकाश तथा दिनांक 14 जनवरी 2013 का स्थानीय अवकाश को जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2) अवकाश से लौटने पर श्री एम . सिबी चक्रवर्ती को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अतिरिक्त प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(3) अवकाशकाल में श्री एम. सिबी चक्रवर्ती को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री एम. सिबी चक्रवर्ती अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

भोपाल , दिनांक 15 जनवरी 2013

क्र. ई - 5-369 - आयएएस लीव - एक- 5.- ( 1 ) श्री अन्टोनी जे. सी. डिसा, आयएएस . , अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन , खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण तथा परिवहन विभाग को दिनांक 28 जनवरी से 4 फरवरी 2013 तक, आठ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

( 2) श्री अन्टोनी जे. सी. डिसा की अवकाश की अवधि में खाद्य , नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का प्रभार श्री एम. एम. उपाध्याय , आयएएस. , कृषि उत्पादन आयुक्त को तथा परिवहन विभाग का प्रभार श्री आई. एस . दाणी, आयएएस. , अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन , गृह विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक सौंपा जाता है .

(3) अवकाश से लौटने पर श्री अन्टोनी जे. सी. डिसा को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन , खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण तथा परिवहन विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

319 (4) श्री अन्टोनी जे . सी. डिसा द्वारा अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण तथा परिवहन विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री एम. एम. उपाध्याय, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपरोक्ता संरक्षण विभाग तथा श्री आई.एस. दाणी, परिवहन विभाग के प्रभार से मुक्त होंगे.

(5 ) अवकाशकाल में श्री अन्टोनी जे. सी . डिसा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

( 6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अन्टोनी जे . सी. डिसा अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

क्र. ई. 5-733 - आयएएस लीव- 5- एक.-( 1 ) श्री मुकेश चन्द्र गुप्ता, आयएएस. , आयुक्त, मध्यप्रदेश गृह निर्माण मण्डल , भोपाल को दिनांक 5 से 20 दिसम्बर 2012 तक, सोलह दिन का अर्जित अवकाश कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है .

(2) अवकाश से लौटने पर श्री मुकेश चन्द्र गुप्ता को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न आयुक्त, मध्यप्रदेश गृह निर्माण मण्डल , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

( 3 ) अवकाशकाल में श्री मुकेश चन्द्र गुप्ता को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री मुकेश चन्द्र गुप्ता अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

क्र. ई - 5-781 - आयएएस लीव एक -5.-(1 ) श्री आर. के. माथुर, आयएएस. , कमिश्नर, सागर संभाग , सागर को दिनांक 3 से 18 जनवरी 2013 तक, सोलह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 19 , 20 जनवरी 2013 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है.

(2) श्री आर. के. माथुर की अवकाश की अवधि में श्री विनोद सिंह बघेल , भाप्रसे अपर आयुक्त, सागर संभाग , सागर को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक कमिश्नर, सागर संभाग , सागर का प्रभार सौंपा जाता है .

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री आर. के. माथुर को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कमिश्नर, सागर संभाग , सागर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4) श्री आर. के. माथुर द्वारा कमिश्नर, सागर संभाग , सागर का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री विनोद सिंह बघेल, कमिश्नर, सागर संभाग , सागर के प्रभार से मुक्त होंगे.

320

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

(5 ) अवकाशकाल में श्री माथुर को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री माथुर अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

क्र. ई . 5-785 - आयएएस-लीव- 5- एक. ( 1 ) श्री अजातशत्रु, श्रीवास्तव, आयएएस . , सचिव , मध्यप्रदेश शासन, खनिज साधन विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश खनिज विकास निगम को दिनांक 21 से 24 जनवरी 2013 तक, चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 19 , 20 जनवरी 2013 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

(2) अवकाश से लौटने पर श्री अजातशत्रु श्रीवास्तव को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सचिव, मध्यप्रदेश शासन, खनिज साधन विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश खनिज विकास निगम के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

( 3 ) अवकाशकाल में श्री अजातशत्रु श्रीवास्तव को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अजातशत्रु श्रीवास्तव अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल , दिनांक 16 जनवरी 2013

क्र. ई - 1-17-2013-5- एक. नीचे तालिका के खाना ( 2 ) में दर्शाये भाप्रसे के अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष खाना ( 3 ) में दर्शाये गये पद पर, अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से पदस्थ किया जाता है :-

तालिका

क्र. अधिकारी का नाम नवीन पदस्थापना

तथा वर्तमान

पदस्थापना

खाना ( 3 ) में अंकित पद असंवर्गीय होने की दशा में संवर्गीय पद जिसके समकक्ष घोषित किया गया (1)

(2)

(3)

(4)

सदस्य,

1 श्री अशोक कुमार शिवहरे

राजस्व मंडल,

(1995) , सचिव,

ग्वालियर.

मध्यप्रदेश शासन,

सामान्य प्रशासन विभाग.

अपर सचिव,

मध्यप्रदेश

मंत्रालय.

2 श्री विनोद सिंह बघेल (1997 ) , अपर आयुक्त (राजस्व) सागर, संभाग , सागर.

(4) (2)

(3)

(1)

आयुक्त, नगर पालिक उप सचिव 3 श्री विशेष गढ़पाले

म. प्र.शासन

निगम, भोपाल

(2008 ) , उप सचिव,

(सेवाएं नगरीय

मध्यप्रदेश शासन,

प्रशासन एवं विकास

वाणिज्य, उद्योग एवं

विभाग को सौंपते

रोजगार विभाग.

हुए ) .

क्र. ई- 5-898 - आयएएस - लीव- 5 - एक.- ( 1 ) श्री राजेश बहुगुणा, आयएएस. , कलेक्टर, जिला छतरपुर को दिनांक 17 से 23 जनवरी 2013 तक, सात दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

( 2 ) श्री राजेश बहुगुणा की अवकाश अवधि में श्री गिरीश शर्मा , राप्रसे , अपर कलेक्टर, छतरपुर को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ -साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, कलेक्टर जिला छतरपुर का प्रभार सौंपा जाता है.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री राजेश बहुगुणा को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर, जिला छतरपुर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4 ) श्री राजेश बहुगुणा द्वारा कलेक्टर, जिला छतरपुर का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री गिरीश शर्मा, कलेक्टर, जिला छतरपुर के प्रभार से मुक्त होंगे .

( 5 ) अवकाशकाल में श्री राजेश बहुगुणा को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री राजेश बहुगुणा अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.

भोपाल, दिनांक 17 जनवरी 2013

क्र. ई- 5-485 - आयएएस- लीव- एक- 5.-( 1 ) श्री के. पी . सिंह , आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सार्वजनिक उपक्रम विभाग को दिनांक 21 से 24 जनवरी 2013 तक, चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 19, 20 एवं 25 , 26, 27 जनवरी 2013 का सार्वजनिक अवकाश जोड़ने की अनुमति दी जाती है .

(2) श्री के. पी. सिंह की अवकाश की अवधि में श्रीमती सलीना सिंह, आयएएस . , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, सार्वजनिक उपक्रम विभाग का कार्यभार सौंपा जाता है.

भाग 1 ]

321

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

(3) अवकाश से लौटने पर श्री के. पी . सिंह को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सार्वजनिक उपक्रम विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री के. पी. सिंह द्वारा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , सार्वजनिक उपक्रम विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्रीमती सलीना सिंह सार्वजनिक उपक्रम विभाग के कार्यभार से मुक्त होंगी.

(5 ) अवकाशकाल में श्री के. पी. सिंह को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री के. पी. सिंह अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. परशुराम, मुख्य सचिव.

भोपाल , दिनांक 3 जनवरी 2013

क्र. एफ- 3-8-2012- एक-4.- राज्य शासन, एतद्वारा नगर परिषद् इछावर, जिला सीहोर के अध्यक्ष पद के उप निर्वाचन 2012 ( उत्तरार्द्ध ) हेतु मतदान दिनांक 14 जनवरी 2013 सोमवार को जिले के संबंधित नगरीय क्षेत्र में सामान्य अवकाश घोषित करता है .

(2) उक्त दिनांक को केवल संबंधित क्षेत्र के लिये पराक्राम्य लिखित अधिनियम (निगोशिएबल इन्स्ट्रूमेंट्स ) 1881 ( 1881 का क्रमांक 26 ) की धारा 25 के अन्तर्गत सार्वजनिक अवकाश भी घोषित करता है .

भोपाल, दिनांक 5 जनवरी 2013

क्र. एफ- 3-5-2012- एक 4. राज्य शासन, एतद्वारा नगरपालिका परिषद् राघोगढ़ विजयपुर, जिला गुना एवं नगरपरिषद् ओंकारेश्वर, जिला खण्डवा के आम निर्वाचन 2013 हेतु मतदान दिनांक 8 जनवरी 2013 मंगलवार को जिले के संबंधित क्षेत्रों में सामान्य अवकाश घोषित करता है.

(2 ) उक्त दिनांक को केवल संबंधित क्षेत्रों के लिये पराक्राम्य लिखित अधिनियम ( निगोशिएबल इन्स्ट्रूमेंट्स एक्ट ) 1881 ( 1881 का क्रमांक 26 ) की धारा 25 के अन्तर्गत सार्वजनिक अवकाश भी घोषित करता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , अमर सिंह चंदेल, उपसचिव.

भोपाल, दिनांक 8 जनवरी 2013

क्र. एफ- 3-7-2012- एक-4.- राज्य शासन, एतद्वारा पंचायतों के आम/उप निर्वाचन 2012 ( उत्तरार्द्ध ) हेतु आयोग द्वारा जारी निर्वाचन कार्यक्रम ( प्रति संलग्न ) अनुसार मतदान दिनांक 14 जनवरी 2013 सोमवार को जिले के संबंधित क्षेत्रों में सामान्य अवकाश घोषित करता है.

(2 ) उक्त दिनांक को केवल संबंधित क्षेत्रों के लिये परक्राम्य लिखित अधिनियम ( निगोशिएबल इन्स्ट्रूमेंट्स एक्ट ) 1881 ( 1881 का क्रमांक 26 ) की धारा 25 के अन्तर्गत सार्वजनिक अवकाश भी घोषित करता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सरिता बाला, उपसचिव.

त्रि-स्तरीय पंचायतों में रिक्त स्थानों ( सीटों ) पदों की जानकारी 30 सितम्बर 2012 ( जिलों से फैक्स/पत्रों एवं दूरभाष से प्राप्त जानकारी के अनुसार रिक्तियों की संख्या

जिला पंचायत

क्र. जिला

आम निर्वाचन

जनपद पंचायत

अध्यक्ष (6)

उपाध्यक्ष (7)

(1) (2)

अध्यक्ष (3)

उपाध्यक्ष (4)

सदस्य (5)

1 मुरैना

2 श्योपुर

3 भिण्ड

4 ग्वालियर

5 शिवपुरी

6 दतिया

7 गुना

सदस्य (8)

( 11 )

सरपंच पंच (12) ( 13) ग्राम पंचायत सरपंच उपसरपंच पंच (9) ( 10 )

1

20

1

1

19

2

2

23

35

1

3

22

1

2

16 322

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

(2)

( 10 ) ( 11 )

(13) (1)

(7) (8) (9)

(12) (3) (4)

(6)

(5)

अशोकनगर

मंदसौर

नीमच

11 रतलाम

शाजापुर

उज्जैन

देवास

सीहोर

विदिशा

भोपाल

रायसेन

बैतूल

होशंगाबाद

हरदा

अलिराजपुर

इन्दौर

27 खरगौन

बड़वानी

29 खण्डवा

30 बुरहानपुर

31 टीकमगढ़

33 छतरपुर

34 सागर

35 दमोह

जबलपुर

कटनी

नरसिंहपुर

छिन्दवाड़ा

सिवनी

मण्डला

डिण्डौरी

रीवा

46 शहडोल

अनूपपुर

48 उमरिया

49 सीधी

50 सिंगरौली

8 2 1 16 9 4 2 17 10 1 10 4 20 12 1 3 2 11 13 1 18 14 3 29 15 राजगढ़ 5 19 16 1 9 17 24 18 10 19 2 31 20 4 6 18 21 5 15 22 1 2 23 झाबुआ 1 1 8 24 1 2 1 7 25 1 14 26 धार 1 3 20 1 2 44 28 3 2 2 2 3 3 1 23 1 3 32 पन्ना 3 12 2 7 6 2 30 1 28 36 5 23 37 1 7 10 38 1 10 39 10 38 40 2 35 41 1 20 6 22 42 5 5 43 बालाघाट 1 10 30 44 1 2 12 45 सतना 2 30 6 20 47 3 17 3 5 2 13 1 12 2 0 0 16 144 28 868

योग .

323 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग

" निर्वाचन भवन"

58 , अरेरा हिल्स, भोपाल , मध्यप्रदेश-462011

आदेश

भोपाल, दिनांक 18 दिसम्बर 2012

क्र. एफ- 37-09-2012- तीन -1989.- मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 42 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा धारा 9 ( 2 ) ( क ) एवं मध्यप्रदेश पंचायत निर्वाचन नियम , 1995 के नियम 28 की अपेक्षा अनुसार राज्य निर्वाचन आयोग, एतद्वारा पंचायतों में 30 सितम्बर 2012 तक रिक्त हुए पदों की पूर्ति हेतु तथा नवगठित पंचायतों एवं उन पंचायतों जिनका कार्यकाल पूर्ण हो रहा है, के आम/उप निर्वाचन, 2012 ( उत्तरार्द्ध ) निर्वाचन हेतु निम्नानुसार समय अनुसूची ( कार्यक्रम ) विहित करता है : -

दिन और समय (5) क्र. (1)

निर्धारत तारीख (4)

कार्यवाही (2)

नियम (3)

28

24-12-2012

प्रात: 10.30 बजे से (सोमवार ) 1. ( i ) निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन और नाम-निर्देशन- पत्र प्राप्त करना.

29-क

-उपरोक्तानुसार-

- उपरोक्तानुसार-

( ii ) स्थानों ( सीटों) के आरक्षण के संबंध में सूचना का प्रकाशन.

23

-उपरोक्तानुसार-

-उपरोक्तानुसार-

( iii ) मतदान केन्द्रों की सूची का प्रकाशन

2.

31-12-2012

अपरान्ह 3.00 बजे तक ( सोमवार)

28(क)

नाम-निर्देशन पत्र प्राप्त करने की आखरी तारीख.

3.

1-1-2013

प्रात: 10.30 बजे से ( मंगलवार)

28(ख)

नाम-निर्देशन पत्रों की संवीक्षा ( जांच )

4.

3-1-2013

अपरान्ह 3.00 बजे तक ( गुरुवार)

28 (ग)

अभ्यर्थिता से नाम वापस लेने की आखरी तारीख.

5.

3-1-2013

38, 39

अभ्यर्थिता वापसी के ठीक बाद (गुरुवार ) निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची तैयार करना और निर्वाचन प्रतीकों का आवंटन.

6.

14-1-2013

मतदान ( यदि आवश्यक हो )

28(घ)

प्रातः 8.00 बजे से 3.00 बजे तक (सोमवार) .

7.

मतगणना

14-1-2013

मतदान केन्द्रों पर मतदान के तुरन्त पश्चात् (सोमवार) .

8.

15-1-2013

सारणीकरण एवं निर्वाचन परिणाम की घोषणा (i ) पंच, सरपंच , जनपद पंचायत सदस्य के मामले में

खण्ड मुख्यालय पर प्रातः 9.00 बजे से (मतों के सारणीकरण के तत्काल बाद ) (मंगलवार) .

16-1-2013

( ii ) जिला पंचायत सदस्य के मामले में

जिला मुख्यालय पर प्रातः 10.30 बजे से (बुधवार) .

हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव ,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

324

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल, दिनांक 10 जनवरी 2013

क्र. ई- 5-477 - आयएएस- लीव - 5 - एक. श्री राधेश्याम जुलानिया, आयएएस. , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग को इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 20 दिसम्बर 2012 द्वारा दिनांक 24 से 29 दिसम्बर 2012 तक, छः दिन का स्वीकृत अर्जित अवकाश स्वयं के अनुरोध पर एतद्वारा निरस्त किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. के बातव, अवर सचिव " कार्मिक ".

जेल विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल भोपाल , दिनांक 24 दिसम्बर 2012

क्र. 3169-3390-2012- तीन-जेल.- राज्य शासन , एतद्वारा, मध्यप्रदेश जेल मेन्युअल के नियम 815 ( 1 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उप जेल लहार, जिला भिण्ड के लिये श्री हृदेश कुमार शर्मा पुत्र श्री लक्ष्मीनारायण शर्मा , निवासी ग्राम व पोस्ट, धर्मपुरा, तहसील लहार, जिला भिण्ड को आगामी तीन वर्षों के लिये अशासकीय संदर्शक नियुक्त करता है . राज्य शासन जनहित में इस नियुक्ति को किसी भी समय बिना कारण बताए निरस्त कर सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , दशरथ कुमार, उपसचिव.

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 4 जनवरी 2013

क्र. एफ- 9-2-2006- अट्ठावन .- राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश राज्य कृषि उद्योग विकास निगम के मेमोरेन्डम एण्ड आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन के आर्टिकल्स-74 ( ए) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए श्री व्ही. एन. काले, संचालक, केन्द्रीय फार्म एवं मशीनरी , ट्रेक्टर ट्रेनिंग इन्स्टीट्यूट , बुधनी के स्थान पर श्री सी.आर. लोही, संचालक, केन्द्रीय फार्म एवं मशीनरी ट्रेक्टर ट्रेनिंग एवं टेस्टिंग इन्स्टीट्यूट, बुधनी को संचालक मण्डल में सदस्य मनोनीत किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, टी. आर. काटवाले , अवर सचिव.

किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल , दिनांक 11 जनवरी 2013

क्र. डी- 15-16-2012- चौदह-3 . चूंकि, राज्य शासन द्वारा इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक डी- 15-16-2012- चौदह -3 , दिनांक 19 जुलाई, 2012 द्वारा मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 की धारा 70 की उपधारा ( 1 ) के खंड ( एक ) के उपबंधों के अधीन दतिया जिले की कृषि उपज मंडी समिति दतिया के निम्नलिखित ग्रामों में समाविष्ठ क्षेत्र को ( जो इसमें इसके पश्चात् " उक्त मंडी क्षेत्र " के नाम से निर्दिष्ट है ) को सम्मिलित करके मंडी क्षेत्र की सीमाओं में परिवर्तन करने के अपने आशय को संज्ञापित किया गया था.

अतएव , मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम , 1972 (क्रमांक 24 सन् 1973 ) की धारा 71 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड (क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , इस अधिसूचना का मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन होने के दिनांक से उक्त अधिनियम के प्रयोजन के लिये निम्नलिखित अनुसूची में उल्लेखित ग्रामों में समाविष्ठ " उक्त क्षेत्र " को उक्त अधिनियम के प्रयोजन के लिये दतिया जिले की कृषि उपज मंडी समिति, दतिया के " मंडी क्षेत्र " में सम्मिलित करते हुए " उक्त मंडी क्षेत्र" की सीमाओं में परिवर्तन किया जाता है: -

अनुसूची

1. बड़गौर, 2. छिडौरी , 3. पांचौर , 4. सडीहाखुर्द, 5. सडीहाबुजुर्ग, 6. निकारा , 7. बिरी , 8. लमकना, 9. रावखुर्द, 10. पनउआ, 11. कलोथरा सानी, 12. बिल्हारी कलां, 13. बिल्हारी खुर्द, 14. रावबुजुर्ग , 15. भडोरा , 16. तोरसनाई, 17. सनाई , 18. भासड़ाखुर्द, 19. सहदौरा , 20. गोधारी , 21. टकाकला, 22. भांसड़ाकला, 23. दबरी पमारी , 24. जनौरी , 25. छिरैटा , 26. जगदौरा, 27. पुष्कर, 28. मउ.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, हेमराज सिंह, अवर सचिव.

भाग 1 ]

325

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

भोपाल, दिनांक 11 जनवरी 2013

क्र. डी- 15-16-2012- चौदह- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 11 जनवरी 2013 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, हेमराज सिंह , अवर सचिव.

Bhopal , the 11th January 2013

No. D - 15-16-2013 - XIV-3.- WHEREAS , by this Department's Notificaiton No. D - 15-16-2012 -XIV- 3 , dated 19th July 2012 issued under the provisions of clause ( i) of sub - section ( 1) of Section 70 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam 1972 (No. 24 of 1973 ) , the State Government have signified its intention to alter the limit of the market area of Krishi Upaj Mandi Commettee Datia of District Datia (herein- after referred to as the " said market area " ) by including therewith the area comprising of following villages specified schedule below in Datia Tehsil of District Datia, (herein after referred to as the " said area" ) .

NOW THEREFORE , in exercise of the powers conferred by clause ( a) of sub- section (2) of Section 71 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam 1972 ( No. 24 of 1973 ) , the State Government from the date of publication of this Notificaiton in the "Madhya Pradesh Gazette " here by alter the limits of the " said market area " for the purpose of the siad Act, by including the " said area " comprising of following villages mentioned in the schedule therewith the market area of Krishi Upaj Mandi Commettee Datia of District Datia :-

SCHEDULE

1. Badgaour , 2. Chhidouri , 3. Panchour , 4. Sadihakhurd, 5. Sadihabajurg , 6. Nikara , 20. Godhari , 21. Takakla , 22. Bhasdakla , 7.Biri , 8. Lamkna , 9. Raokhurd , 10. Panoua , 11. Kalothra Sani , 12. Bilahari Kala , 13. Bilharikhurd , 14. Raobugurg , 15. Bhadora , 16. Torsanai , 17. Sanai , 18. Bhasadrakhurd , 19. Shahdoura , 23. Davripamari , 24. Janouri , 25. Chhireita , 26. Jagdoura , 27. Puskar, 28. Mau .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,

HEMRAJ SINGH , Under Secy.

भोपाल , दिनांक 11 जनवरी 2013

क्र. डी- 15-16-2012- चौदह -3. चूंकि, राज्य शासन द्वारा इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक डी-15-16-2012- चौदह -3, दिनांक 19 जुलाई, 2012 द्वारा मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम , 1972 की धारा 70 की उपधारा ( 1 ) के खंड ( एक ) के उपबंधों के अधीन शिवपुरी जिले की कृषि उपज मंडी समिति करैरा के निम्नलिखित ग्रामों में समाविष्ठ क्षेत्र को ( जो इसमें इसके पश्चात् " उक्त मंडी क्षेत्र " के नाम से निर्दिष्ट है ) को अपवर्जित करके मंडी क्षेत्र की सीमाओं में परिवर्तन करने के अपने आशय को संज्ञापित किया गया था.

अतएव, मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 (क्रमांक 24 सन् 1973 ) की धारा 71 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड ( क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , इस अधिसूचना का मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन होने के दिनांक से उक्त अधिनियम के प्रयोजन के लिये निम्नलिखित अनुसूची में उल्लेखित ग्रामों में समाविष्ठ " उक्त क्षेत्र " को उक्त अधिनियम के प्रयोजन के लिये शिवपुरी जिले की कृषि उपज मंडी समिति करैरा के " मंडी क्षेत्र " में अपवर्जित करते हुए " उक्त मंडी क्षेत्र" की सीमाओं में परिवर्तन किया जाता है: -

अनुसूची

1. बड़गौर, 2. छिडौरी , 3. पांचौर , 4. सडीहाखुर्द, 5. सडीहाबुजुर्ग, 6. निकारा, 7. बिरी , 8. लमकना, 9. रावखुर्द, 10. पनउआ, 11. कलोथरा सानी, 12. बिल्हारी कलां , 13. बिल्हारी खुर्द, 14. रावबुजुर्ग, 15. भडोरा , 16. तोरसनाई, 17. सनाई, 18. भासड़ाखुर्द , 19. सहदौरा , 20. गोधारी , 21. टकाकला, 22. भांसड़ाकला, 23. दवरी पमारी , 24. जनौरी , 25. छिरैटा , 26. जगदौरा , 27. पुष्कर, 28. मउ.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, हेमराज सिंह, अवर सचिव.

भोपाल , दिनांक 11 जनवरी 2013

क्र. डी- 15-16-2012-चौदह-3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 11 जनवरी 2013 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, हेमराज सिंह, अवर सचिव.

326

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

Bhopal , the 11th January 2013

No. D - 15-16-2013 - XIV - 3.- WHEREAS , by this Department's Notificaiton No. D- 15-16-2012 -XIV- 3 , dated 19th July 2012 issued under the provisions of clause ( i) of sub- section ( 1 ) of Section 70 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam 1972 (No. 24 of 1973 ) , the State Government have signified its intention to alter the limit of the market area of Krishi Upaj Mandi Committee Karera of District Shivpuri ( hereinafter referred to as the " market area " by excluding therewith the area comprising of following villages specified schedule below in Karera of Tehsil of District Shivpuri , ( herein after referred to as the " said area") .

NOW THEREFORE , in exercise of the powers conferred by clause ( a) of sub- section (2) of Section 71 of the Madhya Pradesh Krishi Upaj Mandi Adhiniyam 1972 (No. 24 of 1973 ) , the State Government from the date of publication of this Notificaiton in the " Madhya Pradesh Gazette " here by alter the limits of the " said market area" for the purpose of the siad Act , by excluding the " said area " comprising of following villages mentioned in the schedule therewith the market area of Krishi Upaj Mandi Commettee Karera of District Shivpuri :-

SCHEDULE

1. Badgaour , 2. Chhidouri , 3. Panchour , 4. Sadihakhurd , 5. Sadihabajurg , 6. Nikara , 7.Biri , 8. Lamkna , 9. Raokhurd, 10. Panoua , 11. Kalothra Sani , 12. Bilahari Kala , 13. Bilharikhurd , 14. Raobugurg , 15. Bhadora , 16. Torsanai , 17. Sanai , 18. Bhasadrakhurd , 19. Shahdoura , 20. Godhari , 21. Takakla , 22. Bhasdakla , 23. Davripamari , 24. Janouri , 25. Chhireita , 26. Jagdoura , 27. Puskar , 28. Mau .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , HEMRAJ SINGH , Under Secy.

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 15 जनवरी 2013

फा. क्र. 1 ( बी ) -05-इक्कीस- ब ( दो ) .- राज्य शासन इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 7 जनवरी 2010 के द्वारा श्री नथनसिंह राजपूत , अति. शासकीय अभिभाषक/अति. लोक अभियोजक, जिला विदिशा को नियुक्त किया गया था .

श्री नथनसिंह राजपूत , अति. शासकीय अभिभाषक/अति. लोक अभियोजक जिला विदिशा की आयु 62 वर्ष पूर्ण होने के कारण उन्हें विधि विभाग नियमावली के नियम 20 के अंर्तगत आदेश जारी होने के दिनांक से तत्काल पदमुक्त करता है.

फा. क्र. 2224- इक्कीस- ब ( दो ) .- राज्य शासन इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 23 जनवरी 2006 के द्वारा श्री बलराम पटेल, शासकीय अभिभाषक/लोक अभियोजक, जिला हरदा को नियुक्त किया गया था.

श्री बलराम पटेल, शासकीय अभिभाषक/लोक अभियोजक, जिला हरदा की आयु 62 वर्ष पूर्ण होने के कारण उन्हें विधि विभाग नियमावली के नियम 20 के अंर्तगत आदेश जारी होने के दिनांक से तत्काल पदमुक्त करता है.

फा. क्र. 1 (बी) -27-2004- इक्कीस ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन एतद्वारा श्री धीरज तिवारी पुत्र स्व. श्री प्रेमनारायण तिवारी , अधिवक्ता, को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये छतरपुर सत्र खण्ड के छतरपुर राजस्व जिले के लिये अति. लोक अभियोजक, तहसील बीजावर नियुक्त करता है, तथापि यह नियुक्ति एक माह का सूचना- पत्र. देकर बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है.

(टीप.- श्री धीरज तिवारी की जन्म तिथि 26-10-1981 छब्बीस अक्टूबर उन्नीस सौ इक्यासी और उनकी आयु 62 वर्ष की अवधि दिनांक 26-10-2043 छब्बीस अक्टूबर दो हजार तैंतालीस को पूर्ण होगी. )

भोपाल , दिनांक 17 जनवरी , 2013

फा. क्र. 1 ( बी) -25-2004- इक्कीस ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन एतद्वारा श्री मनीष गोयलं पुत्र स्व. श्री पुरूषोत्तम लाल गोयल, अधिवक्ता, को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये उज्जैन सत्र खण्ड के उज्जैन राजस्व जिले के लिये अति. लोक अभियोजक, जिला उज्जैन नियुक्त करता है, तथापि यह नियुक्ति एक माह का सूचना- पत्र देकर बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है .

(टीप.- श्री मनीष गोयल की जन्म तिथि 23-11-1969 ( तेईस नवम्बर उन्नीस सौ उन्हत्तर ) और उनकी आयु 62 वर्ष की अवधि दिनांक 23-11-2031 ( तेईस नवम्बर दो हजार इकतीस ) को पूर्ण होगी. ) भाग 1 ]

327

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

फा. क्र. 1 ( बी ) -25-2004- इक्कीस ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (क्रमांक 2 सन् 1974) की धारा 24 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन एतद्वारा श्री किशोर कुमार शर्मा पुत्र स्व. जगदीशप्रसाद शर्मा , अधिवक्ता, को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये उज्जैन सत्र खण्ड के उज्जैन राजस्व जिले के लिये अति. लोक अभियोजक, जिला उज्जैन नियुक्त करता है, तथापि यह नियुक्ति एक माह का सूचना - पत्र देकर बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है.

(टीप.- श्री किशोर कुमार शर्मा की जन्म तिथि 30-3-1963 तीस मार्च उन्नीस सौ त्रैसठ और उनकी आयु 62 वर्ष की अवधि दिनांक 30-3-2025 तीस मार्च दो हजार पच्चीस ) को पूर्ण होगी .

फा. क्र. 1 (बी) -25-2004- इक्कीस- ब ( दो ).- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन एतद्वारा श्री मिश्रीलाल चौधरी पुत्र स्व. श्री गोविन्द जी चौधरी , अधिवक्ता, को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये उज्जैन सत्र खण्ड के उज्जैन राजस्व जिले के लिये अति. लोक अभियोजक, जिला उज्जैन नियुक्त करता है , तथापि यह नियुक्ति एक माह का सूचना - पत्र देकर बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है.

(टीप.- श्री मिश्रीलाल चौधरी की जन्म तिथि 15-6-1962 पन्द्रह जून उन्नीस सौ बासठ और उनकी आयु 62 वर्ष की अवधि दिनांक 15-6-2024 पन्द्रह जून दो हजार चौबीस ) को पूर्ण होगी.

फा. क्र. 1 (बी) -25-2004- इक्कीस ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन एतद्वारा श्री कृष्ण गोपाल वर्मा पुत्र स्व. श्री कन्हैयालाल वर्मा, अधिवक्ता, को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये उज्जैन सत्र खण्ड के उज्जैन राजस्व जिले के लिये लोक अभियोजक, जिला उज्जैन नियुक्त करता है , तथापि यह नियुक्ति एक माह का सूचना - पत्र देकर बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है.

(टीप.- श्री कृष्ण गोपाल वर्मा की जन्म तिथि 28-8-1956 अट्ठाईस अगस्त उन्नीस सौ छप्पन और उनकी आयु 62 वर्ष की अवधि दिनांक 28-8-2018 अट्ठाईस अगस्त दो हजार अटठारह ) को पूर्ण होगी.

फा. क्र. 1 (बी) -25-2004- इक्कीस ब (दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन एतद्वारा श्री रवीन्द्र सिंह कुशवाह पुत्र श्री रघुनाथ सिंह जी, अधिवक्ता, को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये उज्जैन सत्र खण्ड के उज्जैन राजस्व जिले के लिये अति. लोक अभियोजक, जिला उज्जैन नियुक्त करता है , तथापि यह नियुक्ति एक माह का सूचना- पत्र देकर बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है.

(टीप.- श्री रवीन्द्र सिंह कुशवाह की जन्म तिथि 8-6-1969 आठ जून उन्नीस सौ उन्हत्तर और उनकी आयु 62 वर्ष की अवधि दिनांक 8-6-2031 ( आठ जून दो हजार इकतीस ) को पूर्ण होगी.

फा. क्र. 1 ( बी ) -25-2004- इक्कीस- ब (दो) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन एतद्वारा श्री राजलोटन मिश्रा पुत्र स्व. श्री रामबहोर मिश्रा, अधिवक्ता, को उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये उज्जैन सत्र खण्ड के उज्जैन राजस्व जिले के लिये अति. लोक अभियोजक, जिला उज्जैन नियुक्त करता है, तथापि यह नियुक्ति एक माह का सूचना- पत्र देकर बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है.

(टीप.- श्री राजलोटन मिश्रा की जन्म तिथि 15-2-1957 पन्द्रह फरवरी उन्नीस सौ सत्तावन और उनकी आयु 62 वर्ष की अवधि दिनांक 15-2-2019 ( पन्द्रह फरवरी दो हजार उन्नीस ) को पूर्ण होगी.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , जे. एम. चतुर्वेदी, सचिव.

संस्कृति विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 2 जनवरी 2013

क्र. एफ. 11-2-2011- तीस.- राज्य शासन द्वारा नीचे दी गई अनुसूची में विनिर्दिष्ट किये गये प्राचीन स्मारक को राज्य शासन द्वारा संरक्षित स्मारक के रूप में घोषित करने के राज्य सरकार के आशय के संबंध में आपत्तियाँ आमंत्रित करते हुये , मध्यप्रदेश एन्शीयेन्ट मान्युमेन्टस एण्ड आक्र्योलॉजीकल साईट्स एण्ड रिमेन्स एक्ट, 1964 की धारा 3 की उपधारा 16 के अधीन मध्यप्रदेश के राजपत्र में समसंख्यक दिनांक 6 अगस्त 2011 को प्रकाशित की गई थी और चूंकि उस निमित्त कोई आपत्ति प्राप्त नहीं हुई है .

328

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

[ भाग 1 अतएव, मध्यप्रदेश एन्शीयेन्ट मान्युमेन्टस एण्ड आक्र्योलॉजीकल साईट्स एण्ड रिमेन्स एक्ट 1964 की धारा 3 की उपधारा 16 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार एतद्वारा उक्त प्राचीन स्मारक को राज्य संरक्षित स्मारक के रूप में घोषित करता है.

अतएव, राज्य शासन , मध्यप्रदेश प्राचीन स्मारक, पुरातत्वीय स्थल तथा अवशेष अधिनियम 1976 के नियम द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए एतद्वारा प्रदेश के समस्त राज्य शासन संरक्षित स्मारकों के समीप और पार्श्व क्षेत्र में संरक्षित सीमा से 100 मीटर तक और उससे परे 200 मीटर तक के क्षेत्र को खनन और निर्माण दोनों प्रयोजनों के लिये प्रतिबंधित और विनियमित क्षेत्र घोषित करता है:-

अनुसूची

राज्य जिला

स्मारक का नाम

स्वामित्व तहसील स्थल

क्षेत्रफल (हे. में)

धार्मिक पूजा के अधीन है अथवा नहीं

राजस्व क्षेत्र जो क्रमांक जिसे संरक्षण में सम्मिलित होना है

(2)

(1)

(3) (4)

(8)

(5)

म. प्र. मन्दसौर

(6) 571

(7) 0.454

(9) नहीं भानपुरा भानपुरा

देवी श्रीमती अहिल्या बाई होल्कर चैरिटज (खासगी) ट्रस्ट इन्दौर म. प्र.

श्रीमंत यशवंत राव होल्कर प्रथम (1799-1811 ई. ) की छत्री एवं बाहर परिसर में स्थित पुरानी छत्रियां एवं भवन

क्र. एफ. 11-5-2011 - तीस.- मध्यप्रदेश प्राचीन स्मारक पुरातत्वीय स्थल तथा अवशेष अधिनियम 1964 की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन राज्य शासन की अधिसूचना में क्रमांक एफ-11-5-2011- तीस, दिनांक 24 अगस्त 2011 द्वारा निम्नलिखित अनुसूची में विनिर्दिष्ट प्राचीन स्मारक को राज्य संरक्षित स्मारक घोषित करने के आशय की सूचना जारी की गयी थी जिसका प्रकाशन मध्यप्रदेश राजपत्र में, दिनांक 30 सितम्बर 2012 को किया गया था.

2. आयुक्त, पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय के पत्र क्रमांक 2114-अ.पु.सं.स. - 2012 , दिनांक 3 सितम्बर 2012 द्वारा सूचित किया गया है कि शासन की उक्त अधिसूचना के संबंध में कोई भी आपत्ति प्राप्त नहीं है. आयुक्त, पुरातत्व ने उक्त स्मारक को संरक्षित घोषित करने की अनुशंसा की है.

3. अतः , राज्य शासन, मध्यप्रदेश प्राचीन स्मारक, पुरातत्वीय स्थल तथा अवशेष अधिनियम 1964 ( क्रमांक 12 सन् 1964 ) की धारा 3 की उपधारा ( 3 ) में प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए एतद्वारा प्राचीन स्मारक को राज्य संरक्षित स्मारक के रूप में घोषित करता है :-

अनुसूची

राज्य जिला

स्थल

स्वामित्व तहसील

स्मारक का नाम

क्षेत्रफल (हे. में)

धार्मिक पूजा के अधीन है अथवा नहीं

राजस्व क्षेत्र जो क्रमांक जिसे संरक्षण में सम्मिलित होना है

(5)

(6)

(9) (2) भोपाल

(1) म. प्र.

प्राचीन

(4) समसगढ़

(3) हुजूर

पूजा में नहीं

(7) 0.100 0.040

सवें नम्बर 256 सर्वे नम्बर 259

0.140

(8) शासन खाते की भूमि

शिवमंदिर के अवशेष एवं प्राचीन 2बावड़ी भाग 1 ]

329

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

4. राज्य शासन का यह भी प्रस्ताव है कि उक्त संरक्षित स्मारक/पुरातत्वीय स्थल/ अवशेष के चतुर्दिक, 200 मीटर की परिधि में स्थित भूमियों तथा भवनों पर किसी भी प्रकार का उत्खनन अथवा निर्माण पुनरुद्धार का कार्य आयुक्त पुरातत्व एवं अभिलेखागार मध्यप्रदेश भोपाल की अनुमति तथा निर्देशन में के अतिरिक्त प्रतिषिद्ध किया जावे, अतः राज्य शासन उक्त स्मारक/पुरातत्वीय स्थल/अवशेष के चतुर्दिक 200 मीटर की परिधि में स्थित भूमियों तथा भवनों के स्वत्वधारियों से अपेक्षा करता है कि इस अधिसूचना के राजपत्र में प्रकाशन के 45 दिवस के भीतर अथवा स्थानीय क्षेत्र में प्रकाशन के 15 दिवस के भीतर जो भी बाद में हो , उक्त प्रस्ताव के संबंध में अपनी आपत्ति, यदि कोई हो, संबंधित जिला कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत कर दें तथा सुनवाई के लिये जिला कलेक्टर द्वारा निर्धारित समय एवं स्थान पर उपसंजात हों.

क्र. एफ. 11-5-2009- तीस.- राज्य शासन द्वारा नीचे दी गई अनुसूची में विनिर्दिष्ट किये गये प्राचीन स्मारक को राज्य शासन द्वारा संरक्षित स्मारक के रूप में घोषित करने के राज्य सरकार के आशय के संबंध में आपत्तियाँ आमंत्रित करते हुये, मध्यप्रदेश एन्शीयेन्ट मान्युमेन्टस एण्ड आर्योलॉजीकल साईट्स एण्ड रिमेन्स एक्ट, 1964 की धारा 3 की उपधारा 16 के अधीन मध्यप्रदेश के राजपत्र में समसंख्यक दिनांक 24 सितम्बर 2009 को प्रकाशित की गई थी और चूंकि उस निमित्त कोई आपत्ति प्राप्त नहीं हुई है.

अतएव , मध्यप्रदेश एन्शीयेन्ट मान्युमेन्टस एण्ड आर्योलॉजीकल साईट्स एण्ड रिमेन्स एक्ट, 1964 की धारा 3 की उपधारा 16 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार एतद्वारा उक्त प्राचीन स्मारक को राज्य संरक्षित स्मारक के रूप में घोषित करता है.

अतएव, राज्य शासन, मध्यप्रदेश प्राचीन स्मारक , पुरातत्वीय स्थल तथा अवशेष अधिनियम, 1976 के नियम द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, एतद्वारा प्रदेश के समस्त राज्य शासन संरक्षित स्मारकों के समीप और पार्श्व क्षेत्र में संरक्षित सीमा से 100 मीटर तक और उससे परे 200 मीटर तक के क्षेत्र को खनन और निर्माण दोनों प्रयोजनों के लिये प्रतिबंधित और विनिमियत क्षेत्र घोषित करता है:-

राज्य

तहसील

जिला

स्थल

स्मारक का नाम (2) (3)

(1)

महेश्वर

म. प्र. खरगौन

(4) ग्राम

चौली

(5) गौरी सोमनाथ मंदिर

अनुसूची

स्वामित्व

क्षेत्रफल (हे. में)

धार्मिक पूजा के अधीन है अथवा नहीं राजस्व क्षेत्र जो क्रमांक जिसे संरक्षण में सम्मिलित होना है

(8)

(9) (7)

(6)

सार्वजनिक

83'x50'

खसरा नं.

धार्मिक पूजा

स्थल 4150 वर्गफीट

(मंदिर परिसर )

444आबादी

(7944 पैकी)

100'x28'

2800 वर्गफीट (पैडिया) कुल 6950 वर्गफीट

क्र. एफ. 11-9-2011- तीस.- राज्य शासन की यह राय है कि नीचे दी गई अनुसूची में विनिर्दिष्ट किये गये प्राचीन स्मारक पुरातत्वीय स्थल तथा अवशेष को विनष्ट किये जाने , क्षतिग्रस्त किये जाने, परिवर्तित किये जाने , विरुपित किये जाने, हटाये जाने, तितर - बितर किये जाने या उनका अपक्षय होने से संरक्षित करना आवश्यक है.

2. अतएव, मध्यप्रदेश एन्शीयेन्ट मान्युमेन्टस एण्ड आर्योलॉजीकल साईट्स एण्ड रिमेन्स एक्ट, 1964 ( क्रमांक 12 सन् 1964 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन एतद्वारा दो माह पश्चात् उक्त प्राचीन स्मारक को राज्य संरक्षित स्मारक के रूप में घोषित करने के अपने आशय की सूचना देता है.

3. किसी भी ऐसा आपत्ति पर, जो इस संबंध में उक्त प्राचीन स्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल और अवशेष में हित रखने वाले किसी व्यक्ति से इस सूचना के मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित होने के दिनांक से एक माह की कालावधि समाप्त होने के पूर्व प्राप्त हो, राज्य शासन द्वारा विचार किया जाएगा :-

राज्य जिला

स्थल

तहसील

स्मारक का नाम (1)

(3) (4)

(5) म. प्र.

जौरा करसा

लिखी छाज (2) मुरैना

अनुसूची

क्षेत्रफल

स्वामित्व धार्मिक पूजा

के अधीन है

अथवा नहीं राजस्व खण्ड क्रमांक जिसे संरक्षण में सम्मिलित करना है

(8)

(9) (7)

717 बीघा

(6) 67

149.853 330

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 जनवरी 2013

[ भाग 1 क्र. एफ. 11-13-2012-तीस. राज्य शासन की यह राय है कि नीचे दी गई अनुसूची में विनिर्दिष्ट किये गये प्राचीन स्मारक पुरातत्वीय स्थल तथा अवशेष को विनष्ट किये जाने , क्षतिग्रस्त किये जाने, परिवर्तित किये जाने , विरुपित किये जाने , हटाये जाने , तितर-बितर किये जाने या उनका अपक्षय होने से संरक्षित करना आवश्यक है.

2. अतएव, मध्यप्रदेश एन्शीयेन्ट मान्युमेन्टस एण्ड आर्योलॉजीकल साईट्स एण्ड रिमेन्स एक्ट, 1964 ( क्रमांक 12 सन् 1964 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन एतद्वारा दो माह पश्चात् उक्त प्राचीन स्मारक को राज्य संरक्षित स्मारक के रूप में घोषित करने के अपने आशय की सूचना देता है.

3. किसी भी ऐसा आपत्ति पर, जो इस संबंध में उक्त प्राचीन स्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल और अवशेष में हित रखने वाले किसी व्यक्ति से इस सूचना के मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित होने के दिनांक से एक माह की कालावधि समाप्त होने के पूर्व प्राप्त हो , राज्य शासन द्वारा विचार किया जाएगा :-

जिला

राज्य

स्थल

तहसील

स्मारक का नाम (1) (2) (3) (4)

म. प्र. भोपाल हुजूर ग्राम धरमपुरी

(5) बारादरी छत्री म. प्र . भोपाल

ग्राम धरमपुरी न्यूपाइंट

हुजूर

अनुसूची

क्षेत्रफल

स्वामित्व

राजस्व खण्ड

धार्मिक पूजा के अधीन है

अथवा नहीं क्रमांक जिसे संरक्षण में सम्मिलित करना है

(7)

(8)

(9) (6) 15

0.020

नहीं

निजी यूनियन

0.05

कार्बाइड इंडिया

लिमिटेड काली परेड बैरसिया रोड

14/1

5.051

नहीं

शासकीय बड़ा

जंगल.

12.48

क्र. एफ. 11-14-2008- तीस. राज्य शासन द्वारा नीचे दी गई अनुसूची में विनिर्दिष्ट किये गये प्राचीन स्मारक को राज्य शासन द्वारा संरक्षित स्मारक के रूप में घोषित करने के राज्य सरकार के आशय के संबंध में आपत्तियां आमंत्रित करते हुये , मध्यप्रदेश एन्शीयेन्ट मान्युमेन्टस् एण्ड आर्योलॉजीकल साईट्स एण्ड रिमेन्स एक्ट, 1964 की धारा 3 की उपधारा ( 16 ) के अधीन मध्यप्रदेश के राजपत्र में समसंख्यक दिनांक 22 दिसम्बर 2008 को प्रकाशित की गई थी और चूंकि उस निमित्त कोई आपत्ति प्राप्त नहीं हुई है .

अतएव, मध्यप्रदेश एन्शीयेन्ट मान्युमेन्टस एण्ड आर्योलॉजीकल साईट्स एण्ड रिमेन्स एक्ट, 1964 की धारा 3 की उपधारा ( 16 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार एतद्वारा उक्त प्राचीन स्मारक को राज्य संरक्षित स्मारक के रूप में घोषित करता है .

अतएव, राज्य शासन, मध्यप्रदेश प्राचीन स्मारक, पुरातत्वीय स्थल तथा अवशेष अधिनियम , 1976 के नियम द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए एतद्वारा प्रदेश के समस्त राज्य शासन संरक्षित स्मारकों के समीप और पार्श्व क्षेत्र में सरंक्षित सीमा से 100 मीटर तक और उससे परे 200 मीटर तक के क्षेत्र को खनन और निर्माण दोनों प्रयोजनों के लिये प्रतिबंधित और विनियमित क्षेत्र घोषित करता है:-

जिला

राज्य

स्थल

तहसील

स्मारक का नाम (1) (2) (3) (4)

(5) म. प्र.

हंडिया

हरदा

हरदा

पीर की दरगाह

अनुसूची

क्षेत्रफल

स्वामित्व धार्मिक पूजा के अधीन है अथवा नहीं राजस्व क्षेत्र जो क्रमांक जिसे संरक्षण में सम्मिलित होना है

(8)

(9) (6)

(7)

हाँ खसरा क्र .

0.10

बाग म. प्र .

170में से

शासन

एकड़

0041 हे.

331 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

क्र. एफ. 11-18-2008- तीस.- राज्य शासन की यह राय है कि नीचे दी गई अनुसूची में विनिर्दिष्ट किये गये प्राचीन स्मारक पुरातत्वीय स्थल तथा अवशेष को विनष्ट किये जाने , क्षतिग्रस्त किये जाने, परिवर्तित किये जाने, विरुपित किये जाने, हटाये जाने, तितर - बितर किये जाने या उनका अपक्षय होने से संरक्षित करना आवश्यक है.

2. अतएव, मध्यप्रदेश एन्शीयेन्ट मान्युमेन्टस एण्ड आर्योलॉजीकल साईट्स एण्ड रिमेन्स एक्ट, 1964 ( क्रमांक 12 सन् 1964 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन एतद्वारा दो माह पश्चात् उक्त प्राचीन स्मारक को राज्य संरक्षित स्मारक के रूप में घोषित करने के अपने आशय की सूचना देता है .

3. किसी भी ऐसा आपत्ति पर, जो इस संबंध में उक्त प्राचीन स्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल और अवशेष में हित रखने वाले किसी व्यक्ति से इस सूचना के मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित होने के दिनांक से एक माह की कालावधि समाप्त होने के पूर्व प्राप्त हो , राज्य शासन द्वारा विचार किया जाएगा : -

अनुसूची

स्वामित्व राज्य जिला

स्थल

तहसील

स्मारक का नाम

धार्मिक पूजा के अधीन है अथवा नहीं

क्षेत्रफल (वर्ग मी. में)

राजस्व खण्ड क्रमांक जिसे संरक्षण में सम्मिलित करना है

(9) (2)

(6)

(7)

(8) (1)

(3) (4)

3.416

म. प्र.

नहीं है लौडी व्यास वदौरा

छतरपुर

म. प्र. शासन

1130, 1131

(5) योगिनी मंदिर

क्र. एफ. 11-19-2008- तीस.- राज्य शासन द्वारा नीचे दी गई अनुसूची में विनिर्दिष्ट किये गये प्राचीन स्मारक को राज्य शासन द्वारा संरक्षित स्मारक के रूप में घोषित करने के राज्य सरकार के आशय के संबंध में आपत्तियां आमंत्रित करते हुये, मध्यप्रदेश एन्शीयेन्ट मान्युमेन्टस् एण्ड आर्योलॉजीकल साईट्स एण्ड रिमेन्स एक्ट, 1964 की धारा 3 की उपधारा ( 16 ) के अधीन मध्यप्रदेश के राजपत्र में समसंख्यक दिनांक 26 मई 2012 को प्रकाशित की गई थी और चूंकि उस निमित्त कोई आपत्ति प्राप्त नहीं हुई है .

अतएव, मध्यप्रदेश एन्शीयेन्ट मान्युमेन्टस एण्ड आर्योलॉजीकल साईट्स एण्ड रिमेन्स एक्ट, 1964 की धारा 3 की उपधारा ( 16 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार एतद्वारा उक्त प्राचीन स्मारक को राज्य संरक्षित स्मारक के रूप में घोषित करता है.

अतएव , राज्य शासन , मध्यप्रदेश प्राचीन स्मारक, पुरातत्वीय स्थल तथा अवशेष अधिनियम , 1976 के नियम द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, एतद्वारा प्रदेश के समस्त राज्य शासन संरक्षित स्मारकों के समीप और पार्श्व क्षेत्र में सरंक्षित सीमा से 100 मीटर तक और उससे परे 200 मीटर तक के क्षेत्र को खनन और निर्माण दोनों प्रयोजनों के लिये प्रतिबंधित और विनियमित क्षेत्र घोषित करता है:-

अनुसूची

स्वामित्व जिला

राज्य

स्थल

तहसील

स्मारक का नाम

क्षेत्रफल (हे. में)

धार्मिक पूजा के अधीन है अथवा नहीं

राजस्व क्षेत्र जो क्रमांक जिसे संरक्षण में सम्मिलित होना है

(9)

श्री खासगी देवी (1) म. प्र.

(7) 70.650

(2) इन्दौर

(3) इन्दौर

(6) खसरा नं. 663/1

अहिल्याबाई

(5) श्रीमंत महाराजा सवाईजी

(4) कस्बा इन्दौर

(8) नजूल (आबादी)

म. प्र. शासन

होल्कर ट्रस्ट एवं पुजारी द्वारा पूजाकर्म किया जाता है.

यशवंतराव होल्कर की छत्री (छत्रियों पर लगी शिलालेख पर खुर्द नापीं के अनुसार) 332

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

(9) (1) (2) (3)

(8)

(5)

(6)

(4)

(7)

म. प्र.

श्रीमंत के

70.650 हे.

इन्दौर इन्दौर

खसरा नं. 663/1

कस्बा इन्दौर

नजूल (आबादी) म. प्र. शासन

श्री खासगी देवी अहिल्याबाई होल्कर ट्रस्ट एवं पुजारी द्वारा पूजाकर्म किया जाता है.

कृष्णबाई साहेब होल्कर की छत्री ( छत्रियों पर लगी शिलालेख पर खुर्द नापीं के अनुसार)

तदैव तदैव तदैव तदैव

तदैव

तदैव

तदैव

तदैव

(1 ) श्री के. दूसरे

तुकोजीराव

महाराज होल्कर

की छत्री (2) श्री के. शिवाजीराव महाराज होल्कर की छत्री (दोनों छत्रियों पर लगी शिलालेख पर खुर्द नापीं के अनुसार) .

तदैव

तदैव तदैव तदैव तदैव

तदैव

तदैव

तदैव

प्रिय भगीनी

राज कन्या मनोरमा राय होल्कर की छत्री ( छत्रियों पर लगी शिलालेख पर खुर्द नापीं के अनुसार) .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विनोद कटेला, अपर सचिव.

आवास एवं पर्यावरण विभाग

मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

सूचना

भोपाल, दिनांक 9 जनवरी 2013

क्र. एफ. 3-233-2012- बत्तीस. मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम ( संशोधित ) 1973 ( क्रमांक 1 सन् 2012) की धारा 23 " क " की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार , एतद्वारा इस विभाग की सूचना भाग 1 ]

333

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

क्रमांक एफ. 3-233-2012- बत्तीस , दिनांक 12 नवम्बर 2012 द्वारा उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा अपेक्षित किये गये अनुसार प्रकाशित भोपाल विकास योजना 2005 में उल्लेखित शर्तों के साथ निम्नलिखित उपांतरण की पुष्टि करती है. उपांतरण ब्यौरे एवं शर्तें निम्नानुसार हैं:-

उपांतरण का विवरण

क्रमांक

विकास योजना में निर्दिष्ट प्रावधान

(2)

(1)

1 . क्षेत्राधिकार:

4.3 इस अध्याय में वर्णित विकास नियमन राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 13 ( 2 ) के अन्तर्गत अधिसूचना क्रमांक एफ -1 (37 ) /86/ 32 , भोपाल दिनांक 22-3-93 द्वारा गठित निवेश क्षेत्र पर लागू होंगे तथा जो नियमन इस अध्याय में वर्णित नहीं हैं , वे मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 1984 में निहित प्रावधानों के अनुरूप लागू होंगे .

2. 4.12परिभाषाएं:

समूह गृह निर्माण " समूह गृह निर्माण " से अभिप्रेत है एक से अधिक निवास इकाई का बहुमंजिल या समूह गृह निर्माण जिनमें भूमि पर संयुक्त स्वामित्व होता है या भूमि विधिक अधिकार के अधीन धारण की जाती है जैसा कि सहकारी समितियों या स्थानीय प्राधिकरण या गृह निर्माण मण्डल आदि लोक एजेन्सियों आदि के मामले हैं और निर्माण कार्य एक एजेन्सी/प्राधिकारी द्वारा किया जाता है.

3. 4.12परिभाषाएं :

बहु इकाई भू- खण्डीय विकास- मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 1984 के नियम 82 के अनुरूप परिवारों की संख्या को समाहित करने हेतु विशिष्ट रूप से रूपांकित किये जावेंगे . सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के पश्चात् क्रियान्वित किये जाने वाले इस विकास में आवश्यक सेवायें एवं सुविधायें प्रावधित की जायें. ऐसे विकास हेतु भूखण्ड का न्यूनतम आकार 288 वर्गमीटर से कम नहीं होना चाहिये .

उपांतरण पश्चात् प्रावधान

(3)

क्षेत्राधिकार:

4.3 इस अध्याय में वर्णित विकास नियमन राज्य शासन मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 13 ( 2 ) के अन्तर्गत अधिसूचना क्रमांक एफ. - 3-5-2006-बत्तीस , भोपाल दिनांक 24-2-2006 द्वारा गठित निवेश क्षेत्र पर लागू होंगे तथा जो नियमन इस अध्याय में वर्णित नहीं हैं, वे मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 राजपत्र में प्रकाशन दिनांक 1-6-2012 में निहित प्रावधानों के अनुरूप लागू होंगे . उक्त नियमों में समय- समय पर जो भी संशोधन होंगे वे भोपाल विकास योजना 2005 में स्वमेव लागू होना मान्य नहीं होंगे .

4.12परिभाषाएं:

समूह गृह निर्माण : मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 नियम 2 ( 35 ) के अनुरूप.

4.12परिभाषाएं

बहु इकाई भू- खण्डीय विकास - सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के पश्चात् क्रियान्वित किये जाने वाले इस विकास में प्रस्तावित आवासीय इकाईयों की संख्या के आधार पर इस विकास में आवश्यक सेवायें एवं सुविधायें प्रावधित की जायें. ऐसे विकास हेतु भूखण्ड कान्यूनतम आकार 288 वर्गमीटर से कम नहीं होना चाहिये.

334

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

(2)

(1)

(3)

4. 4.12परिभाषाएं:

4.12परिभाषाएं:

ऊंचे अपार्टमेंट का विकास

ऊंचे भवन

मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 नियम 2 ( 38 ) के अनुरूप.

ऊंचे अपार्टमेंट का विकास से तात्पर्य ऐसा बहु इकाई अथवा समूह गृह निर्माण आवासीय विकास जिसमें बहुविध इकाई अपार्टमेंट की ऊंचाई का प्रतिबंध 30 मीटर तक शिथिल हो. इस प्रकार के विकास हेतु म. प्र. भूमि विकास नियम, 1984 में बहुमंजिली भवन निर्माण हेतु किये गये प्रावधानों के अनुरूप आकल्पन एवं निर्माण अनिवार्य होगा.

5. 4.12परिभाषाएं :

4.12परिभाषाएं:

आच्छादित क्षेत्र

आच्छादित क्षेत्र

मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 नियम 2 ( 20 ) के अनुरूप.

भू तल पर भवन की नींव जिस पर छत है , के क्षेत्र की गणना आच्छादित क्षेत्र में की जावेगी . जिसमें से छत स्तर पर छज्जों द्वारा घेरा गया क्षेत्र आच्छादित क्षेत्र में सम्मिलित नहीं किया जावेगा. वाहन/पदयात्रियों के आवागमन की सुगमता हेतु सुस्पष्ट ऊंचाई पर छत स्तर पर सेटबेक के एक तृतीयांश ( 1/3 ) तक केंटीलीवर प्रोजेक्शन स्वीकार्य होगा. यह प्रोजेक्शन भू- स्तर से 2.5 मीटर से नीचे निर्मित न किये जायें. ऐसे प्रोजेक्शन आच्छादित क्षेत्र नहीं कहलायेंगे . समूह आवास के आच्छादित क्षेत्र की गणना में द्वितीय एवं तृतीय तल स्तर पर आवागमन हेतु छत के नीचे 5.5 मीटर छोड़ी गयी सुस्पष्ट जगह ( जो कि सेटबेक/ मार्जिनल ओपन स्पेस में समाविष्ट न हो ) आच्छादित क्षेत्र में सम्मिलित नहीं किया जावेगा. सर्विस डक्ट एवं लिफ्ट वेल्स को छोड़कर भवन के शेष सभी क्षेत्रों की गणना आच्छादित क्षेत्र की जावे.

6. 4.12परिभाषाएं:

4.12परिभाषाएं:

फर्शी क्षेत्र अनुपात

फर्शी क्षेत्र अनुपात

मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम , 2012 नियम 2 (30 ) के अनुरूप.

प्रश्नाधीन भूमि के भूखण्ड के कुल क्षेत्रफल के अनुपात में एक भवन के सभी तलों पर निर्मित योग्य क्षेत्र का अनुपात कहलायेगा. इसमें बेसमेंट यदि पार्किंग के लिये उपयोग में नहीं लाया जा रहा हो तो सम्मिलित होगा . ऐसे अनुपात में निर्माण मात्रा की अधिकतम सीमा में निहित है तथा किसी प्रकार के परिवर्तन या छूट या विशेष परिस्थितियां मान्य नहीं की जावेंगी . केवल इस नियम में विशेष प्रावधित परिस्थितियां मान्य की जावेंगी.

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

(1)

(2)

7 4.12परिभाषाएं :

भवन की ऊंचाई की गणना के संदर्भ स्तर ( पहुंच मार्ग ) मध्य से की जावेगी . यह स्तर भू- स्तर होगा एवं निर्मित संरचना की ऊंचाई की गणना इस स्तर से उच्चतम स्तर के अंतिम बिन्दु तक की जावेगी. भूखण्ड की स्थिति का लाभ लेते हुए मार्ग स्तर से नीचे के भाग का यदि रहवासी क्षेत्र के रूप में उपयोग किया जा रहा है तो उसे रहवासी क्षेत्र के रूप में स्वीकृत करते हुए उसकी एफ. ए . आर. में गणना की जावे. आकाश की ओर टेरेस पर निर्मित मशीन रूम सीढ़ियां, मप्टी , एसी एवं लिफ्ट से संबंधित निर्माण ऊंचाई में नहीं गिना जावेगा.

8. 4.16-स

राज्य शासन द्वारा समाज के इन्फार्मल सेक्टर हेतु 15 प्रतिशत भूमि के आरक्षण संबंधी परिपत्र जारी किया गया है . ऐसे आरक्षण वाले अभिन्यास का न्यूनतम क्षेत्रफल 4000 वर्गमीटर होगा. इस क्षेत्र में 15 प्रतिशत आरक्षित भूमि गंदी बस्ती निर्मूलन मण्डल को इन्फारमल सेक्टर हेतु भूखण्ड/आवास विकसित कर उपलब्ध कराने के लिए हस्तांतरित किया जावेगा . उक्त प्रावधान भू- खण्डीय विकास एवं समूह आवास योजनाओं पर लागू होगा.

9. 4.16-द

( 1 ) मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम , 1984 के परिशिष्ट एम. ( नियम 94 ) में निहित प्रावधानों के अनुरूप विशेषतः अल्प आय वर्ग का अभिन्यास तैयार किया जाना चाहिये. सारणी 4- सा-2 में भूखण्ड विकास की अतिरिक्त श्रेणियां दर्शायी गई हैं :-

10. सारणी 4- सा-2 के नीचे टीप

टीप : सारणी के अनुक्रमांक 9 से 14 में दर्शाये भूखण्ड आकार को केवल प्रस्तावित आवासीय क्षेत्रों में बहु इकाई भूखण्डीय विकास के रूप में मान्य किया जा सकता है . ऐसे भूखण्डीय पर स्वीकार्य आवासीय इकाईयों की गणना भूमि विकास नियम, 1984 के नियम 82 द्वारा अधिशासित होगी.

11. 4.16-द ( i)

भूतल के नीचे बेसमेंट स्वीकार्य होगा जो कि अधिकतम स्वीकार्य भूतल आच्छादान के समतुल्य होगा एवं इसकी गणना एफ. ए. आर. में नहीं की जावेगी.

335

(3)

4.12परिभाषाएं:

भवन की ऊंचाई

मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 नियम 2 ( 9 ) के अनुरूप .

4.16-स

कमजोर आय वर्ग एवं निम्न आय वर्ग हेतु आवश्यक प्रावधान मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम , 1961 अथवा मध्यप्रदेश पंचायती राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 के अद्यतन प्रावधानों के अनुरूप रखा जाना होगा.

4.16-द

मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 परिशिष्ट ञ (नियम 99 ) के अनुरूप अल्प आय वर्ग का अभिन्यास तैयार किया जाना चाहिये . सारणी 4 - सा-2 में भूखण्ड विकास की अतिरिक्त श्रेणियां दर्शाई गई है:-

सारणी 4- सा-2 के नीचे टीप

टीप : सारणी के अनुक्रमांक 9 से 14 में दर्शाये भूखण्ड आकार को केवल प्रस्तावित आवासीय क्षेत्रों में बहु इकाई भूखण्डीय विकास के रूप में मान्य किया जा सकता है .

4.16-द (i )

मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 नियम 76 के अनुरूप बेसमेंट स्वीकार्य होगा.

336

(1)

(2)

12. 4.16-द ( ii )

निर्धारित एफ.ए.आर. के अतिरिक्त 250 वर्गमीटर से अधिक एवं 500 वर्गमीटर तक के भूखण्डों में अधिकतम एक कर्मचारी आवास तथा 500 वर्गमीटर से अधिक के भूखण्डों में दो कर्मचारी आवास स्वीकृति योग्य होंगे.

13. 4.16-द ( iii)

एक कर्मचारी आवास का अधिकतम आकार 20 वर्गमीटर होगा. जिसमें एक रहवासी कमरा जो कि 11 वर्गमीटर फर्शी क्षेत्र से कम का न हो. इसके अतिरिक्त आवासीय इकाई में कुकिंग , बरांडा, बाथरूम में शौचालय सम्मिलित होना आवश्यक होगा .

14. बहुविध बहुमंजिली इकाई निर्माण .

4.19 उक्त विकास के मापदण्ड निम्न है:-

12 मीटर से ऊंचे भवनों को बहुमंजिलें भवन की श्रेणी में स्वरूप भिन्न होता है .

1. भूखण्ड का आकार 2000 मीटर से कम नहीं.

2. मार्ग की ओर भूखण्ड चौड़ाई 30 मीटर न्यूनतम 3. मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 30 मीटर से कम नहीं 4. अग्र सीमांत खुला क्षेत्र प्रस्तावित भवन की ऊंचाई का कम से कम 1/2 .

5. बाजू एवं पार्श्व सीमान्त खुला क्षेत्र न्यूनतम 6.0 मीटर.

6. सीमांत खुला क्षेत्र अग्नि शमन वाहनों आदि के संचालन हेतु रुकावट से मुक्त रखा जावेगा.

7. एफ. ए. आर. 2.50 अधिकतम होगा.

8. कार पार्किंग के प्रावधान सारणी क्रमांक 4- सा- 16 के अनुरूप रहेंगे .

9. निर्माण रूपांकन, अग्निशमन उपकरण एवं तत्संबंधी प्रावधान, जल प्रदाय, जल - मल निकास व्यवस्था इत्यादि मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 1984 के अनुरूप रहेंगे .

10. बहुमंजिलें भवनों के निर्माण के पूर्व सर्वप्रथम मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 1984 के नियम 14 के अंतर्गत गठित समिति से अनुमोदन प्राप्त किया जावेगा . उसके उपरांत भवन निर्माण के लिए सक्षम प्राधिकारी अपने क्षेत्राधिकार में उक्त हेतु अनुमति दे सकेगा.

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

(3)

4.16-द ( ii)

मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 नियम 61 के सारणी में दिये टिप्पण ( 3 ) अनुरूप .

4.16-द ( iii)

विलोपित

ऊंचे भवन

4.19 12 मीटर से ऊंचे भवन निर्मित किये जाने हेतु नियोजन मापदण्ड सारणी 4 - सा-2 ( अ ) में वर्णित अनुसार होंगे . इन मापदण्डों के अनुसार 30 मीटर तक ऊंचाई वाले भवन का निर्माण किया जा सकेगा . 30 मीटर से अधिक ऊंचाई के भवनों हेतु सारणी 4 - सा-2 (ब) में प्रावधानित नियोजन मापदण्ड एवं मध्य भूमि विकास नियम 2012 के नियम 42 ( 2 ) सहपठित नियम 12 के अनुरूप कार्यवाही की जाना आवश्यक होगी.

उप नगर 1 , 2 एवं 3 में भवन ऊंचाई 18 मीटर मान्य होगी किन्तु विशिष्ट प्रकरणों हेतु राज्य शासन की स्वीकृति से 18 मीटर से ऊंचे भवन की अनुज्ञा प्रदान की जा सकती है.

[सारणी 4 - सा-2( अ ) एवं 4 - सा-2 ( ब ) सूचना में पृथक् से संलग्न है. ] .

337 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

(3)

(1)

(2)

11. विमान तल के निकट भवनों की अधिकतम ऊंचाई विमानन विभाग के मानदण्डों से नियंत्रित होगी.

12. ये प्रावधान सभी प्रकार के उपयोगों हेतु लागू होंगे . भवन की ऊंचाई 12 मीटर से अधिक होने पर किसी भी परिक्षेत्र में किसी विशिष्ट उपयोग हेतु अन्य कोई प्रावधान लागू नहीं माने जावेंगे. (मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 1984 का अवलोकन हो).

ईंधन भराव एवं भराव- सह - सेवा केन्द्र

15. ईधन भराव एवं भराव- सह - सेवा केन्द्र

4.28 पेट्रोल सेवा केन्द्रों के लिए निम्न नियमन

4.28 पेट्रोल सेवा केन्द्रों के लिये निम्न नियमन अनुशंसित है: - मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 नियम 53 ( 3 ) ( चार ) के अनुरूप .

अनुशंसित है:-

1. मार्ग संगम से न्यूनतम दूरी

(अ) 30 मीटर से कम राइट आफ वे वाले छोटे मार्गों हेतु-150 मीटर.

(ब) 30 मीटर अथवा इससे अधिक राइट ऑफ वे वाले मुख्य मार्गों हेतु-250 मीटर.

2. मार्गों के मध्य से पेट्रोल पम्प पेडस्ट्रल की दूरी इंडियन रोड कांग्रेस के मानक के अनुसार होना आवश्यक है.

3. न्यूनतम भूखण्ड आकार :

( अ ) केवल ईंधन भराव केन्द्र - 30× 17 मीटर

(ब ) ईंधन भराव सह सेवा केन्द्र- न्यूनतम आकार 30×30 मीटर एवं अधिकतम 45× 33 मीटर

(स ) भूखण्ड का अग्रभाग 30 मीटर से कम नहीं होना चाहिए.

(द ) भूखण्ड का लम्बा भाग अग्रभाग होगा. 30 मीटर से कम राइट आफ वे वाले मार्गों पर नये पेट्रोल पम्प निषिद्ध होंगे .

4.29 छविगृहों के लिए मापदण्ड मार्ग चौड़ाई 16. 4.29 छविगृहों के लिए मापदण्ड मार्ग चौड़ाई

मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 नियम 53 ( 3 ) ( दो ) के अनुरूप.

छविगृह का भूखण्ड जिस मार्ग पर स्थित है उसकी चौड़ाई 18 मीटर से कम नहीं होगी.

विराम स्थल

सीमांत खुला क्षेत्र के अतिरिक्त फर्शी स्थल का 1.67 ई.सी.एस. प्रति सौ वर्गमीटर अथवा 150 कुर्सियों के लिए, उनमें जो भी कम हो.

338

(1)

(2)

आवश्यक क्षेत्र :

2.3 वर्गमीटर प्रति कुर्सी की दर से आवश्यक क्षेत्र की गणना की जावे.

भूखण्ड का निर्मित क्षेत्र :

भूखण्ड का आकार अधिकतम आच्छादित क्षेत्र 33 प्रतिशत स्वीकार्य होगा.

सेट बेग अग्रभाग न्यूनतम 15 मीटर आजू बाजू 4.5 मीटर पार्श्व 4.6 मीटर.

17. होटल हेतु मानदण्ड:

4.30 होटल हेतु निम्न मानदण्ड अनुशंसित है:-

1. भूतल पर अधिकतम आच्छाति क्षेत्र 30 प्रतिशत 2. अधिकतम फर्शी क्षेत्र अनुपात 1.20 3. अधिकतम ऊंचाई 12 मीटर

फर्शी क्षेत्र अनुपात 5 प्रतिशत होटल गतिविधियों से संबंधित वाणिज्यिक उपयोग में लाया जा सकेगा.

अधिकतम तलघर का क्षेत्र भूतल पर निर्मित क्षेत्र के बराबर हो सकेगा. यदि इसका उपयोग वाहन विराम स्थल एवं सेवाओं के लिये किया जाता है तो इसकी गणना फर्शी क्षेत्र अनुपात के साथ नहीं की जावेगी.

वाहन विराम स्थल सारणी- 4- सा-16 के अनुरूप होंगे.

18. औद्योगिक विकास के मानक :

पैरा 4.31 तथा पैरा 4.32

फलेटिंड फैक्टरी पैरा 4.33

19. सामाजिक संधोसंरचना के मानक :

4.35 सारणी 4-सा-8 .

20. भोपाल-पार्किंग मानक :

कंडिका 4.46 की सारणी 4 - सा-16

21. 4.47 (स) नाला एवं शाखा नहर के दोनों ओर 3-3 मीटर का क्षेत्र खुला रखा जावेगा.

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 जनवरी 2013

(3)

होटल हेतु मानदण्ड:

4.30 होटल हेतु 12 मीटर ऊंचाई तक के भवन हेतु भोपाल विकास योजना 2005 अनुसार ही मानदण्ड अनुशंसित हैं. किन्तु 12 मीटर से ऊंचे भवन हेतु मानदण्ड मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 नियम 42 एवं सहपठित नियम 57 के अनुरूप होंगे .

उप नगर 1 , 2 एवं 3 में भवन ऊंचाई 18 मीटर मान्य होगी किन्तु राज्य शासन की स्वीकृति से 18 मीटर से ऊंचे भवन की अनुज्ञा प्रदान की जा सकती है.

कुल अनुमत निर्मित क्षेत्र का 5 प्रतिशत होटल गतिविधियों से संबंधित वाणिज्यिक उपयोग में लाजा जा सकेगा.

वाहन विराम स्थल हेतु प्रावधान मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के नियम 84 के अनुरूप होंगे.

औद्योगिक विकास के मानक :

मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम , 2012 के नियम 48 के अनुरूप.

सामाजिक अधोसंरचना के मानक:

म. प्र . भूमि विकास नियम 2012 के नियम 49 के अनुरूप भोपाल-पार्किंग मानक :

म. प्र. भूमि विकास नियम 2012 नियम 84 के अनुरूप 4.47 (स ) शाखा नहर के दोनों ओर 3-3 मीटर का क्षेत्र खुला रखा जावेगा. इस खुले क्षेत्र में कम्पाउण्ड वॉल का निर्माण अनुमत नहीं होगा तथा नालों से दूरी म. प्र. भूमि विकास नियम 2012 के नियम 50 ( ख ) के प्रावधानों के अनुरूप होगी .

भाग 1 ]

339

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 जनवरी 2013

सारणी- 4- सा-2 ( अ)

भू-खण्ड/भूमियां जिन पर 12 मीटर से अधिक तथा 30 मीटर तक की ऊंचाई वाले भवन प्रस्तावित हैं के लिए विकास मानदण्ड

अनुक्रमांक मीटर में मार्ग की चौड़ाई

अग्रभाग मीटर में भूतल आच्छादित क्षेत्र प्रतिशतता

भवन की ऊंचाई मीटर में

फर्श क्षेत्र

अनुपात

(एफ.ए.आर. )

न्यूनतम भू- खण्ड/भूमि (वर्गमीटर में) क्षेत्र.

(1)

(2)

(3)

(4) 1

18 मीटर

1000 वर्ग मीटर

9.0 मीटर तथा अधिक

2

18 मीटर 12.0 मीटर तथा अधिक

1000 वर्ग मीटर

3

21 मीटर 18मीटर तथा अधिक

1500 वर्ग मीटर

4

30मीटर 24मीटर तथा अधिक

2000 वर्ग मीटर

5 30मीटर

30मीटर

2000 वर्ग मीटर

सामने का खुला स्थान मीटर में

(6)

(5)

बगल का/ पृष्ठभाग का एम.ओ.एस. मीटर में (9)

(7) (8)

7.5

6.0 35

12.5 मीटर

भो.वि.यो. 2005 के अनुसार.

30

6.0

7.5

18 मीटर

भो.वि.यो. 2005 के अनुसार.

6.0 30

9.0

24मीटर तक

भो.वि.यो. 2005 के अनुसार.

7.5 मीटर 30

12.00 मीटर

30मीटर तक

भो.वि.यो. 2005 के अनुसार.

30

1: 2.0

7.5 मीटर 30मीटर तक

12.00 मीटर

सारणी-4 -सा -2 ( ब)

नियम 2 ( 30 ) में यथा परिभाषित ऊंचे भवनों के लिए भू- खण्ड/भूमियां जिन पर ऊंचे भवन प्रस्तावित हैं, के लिए विकास मानदण्ड

अनुक्रमांक मार्ग की चौड़ाई

अग्रभाग मीटर में भूतल आच्छादित क्षेत्र प्रतिशतता

भवन की ऊंचाई मीटर में

एम.ओ.एस. अग्रभाग मीटर में

फर्श क्षेत्र

अनुपात

(एफ.ए.आर. )

न्यूनतम भू- खण्ड/ भूमि (वर्गमीटर में) क्षेत्र

(2)

(3)

(1)

(4) 1

2500

30 मीटर 30मीटर तथा अधिक

2

3000

40 मीटर 36 मीटर तथा अधिक

बगल का/ पृष्ठभाग का एम.ओ.एस. मीटर में (9)

(5)

(6)

(7)

(8)

30

15.00

1 : 2.50

7.5 मीटर 6 45मीटर तक

30

18.00

1 : 2.50

60 मीटर तक

9.0 मीटर 6 340

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

(1)

(2)

(3)

(4) 3

3500

45मीटर 45मीटर तथा अधिक

4

4000

50मीटर 60 मीटर तथा अधिक

5

4500

60मीटर 75मीटर तथा अधिक

टिप्पणी.-सारणी-4-सा-2 ( अ ) एवं सारणी- 4- सा-2 ( ब ) के लिये-

(1)

(6)

(7)

(9)

(5)

(8)

21.00

30

9 मीटर 6

1 : 2.50

75मीटर तक

24.00 10 मीटर 6 30

1 : 2.50

90 मीटर तक

30

12मीटर 6

1 : 2.50

30.00

90मीटर से अधिक

जहां उपयोग किए जाने वाला परिसर व्यावसायिक है तो उपरोक्त कालम ( 6 ) में वर्णित भू- तल आच्छादित क्षेत्र 40 प्रतिशत पढ़ा जाएगा.

( 2) उन भवनों के लिए जिनकी ऊंचाई 12.5 मीटर तथा अधिक है , समस्त आवश्यक मानचित्र एवं विवरण प्राधिकारी को नेशनल बिल्डिंग कोड भाग 4 में दी गई अनुशंसाओं के अनुरूप अग्निशमन संबंधी व्यवस्था का समावेश करते हुए प्रस्तुत किए जाएंगे . अधिभोग अनुज्ञा पत्र तभी जारी किया जायेगा जब यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि अग्निशमन संबंधी उपायों की नियमानुसार व्यवस्था कर दी गई है.

(3) उन भवनों के लिए जिनकी ऊंचाई 12.5 मीटर है , समस्त आवश्यक मानचित्र एवं विवरण प्राधिकारी को नेशनल बिल्डिंग कोड भाग 4 में दी गई अनुशंसाओं के अनुरूप अग्निशमन संबंधी व्यवस्था का समावेश करते हुए प्रस्तुत किए जाएंगे . अधिभोग अनुज्ञापत्र तभी जारी किया जायेगा जब यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि अग्निशमन संबंधी उपायों की नियमानुसार व्यवस्था कर दी गई है.

(4) सभी ऊंचे भवनों के लिए स्थल अनापत्ति समिति से नियम 12 के उपनियम ( 2 ) के अधीन स्थल अनापत्ति आवश्यक होगी. समिति द्वारा स्थल अनापत्ति के पश्चात् नगर तथा ग्राम निवेश से निवेश ( प्लानिंग ) अनुज्ञा तथा प्राधिकारी से भवन अनुज्ञा आवश्यक होगी.

(5) भवन और उसके चारों ओर के खुले स्थानों को जाने वाला पहुंच मार्ग 6 मीटर चौड़ा होगा और उसका अभिन्यास , सरकार द्वारा अनुमोदित किए गए अनुसार शहर के अग्निशमन प्राधिकारी के परामर्श से प्रस्तावित किया जाएगा और उसकी सतह आवश्यकतानुरूप सख्त होगी जो 18 टन के दमकल ( फायर इंजिन ) का भार सहन करने योग्य हो उक्त खुली जगह बाधाओं से मुक्त रखी जाएगी और वह मोटर के आने जाने योग्य होगी .

(6) दमकल (फायर इंजिन ) तक सुगम पहुंच अनुज्ञात करने के लिए भू- खण्ड के मुख्य प्रवेश की चौड़ाई पर्याप्त होगी और जो किसी भी स्थिति में 4.5 मीटर से कम न हो. प्रवेश द्वार के फाटक भीतर की ओर की अहाता दीवार के सामने इस प्रकार खुलने चाहिए जिसमें अग्निशमन सेवा यानों के संचालन के लिए भू- खण्ड में बाहरी पहुंच मार्ग निर्बाध हो. यदि मुख्य प्रवेश द्वार अहाता दीवार पर बनाया जाता है तो उसकी न्यूनतम खुलने वाली जगह 4.5 मीटर होगी.

2. उपरोक्त उपांतरण भोपाल विकास योजना-2005 का एकीकृत भाग होगा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

वर्षा नावलेकर, उपसचिव.

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

विभाग प्रमुखों के आदेश

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन"

58 , अरेरा हिल्स, भोपाल , मध्यप्रदेश-462011

आदेश

भोपाल , दिनांक 15 जनवरी 2013

क्र. एफ. 67-151-10-तीन- 95.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश, 1997 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) ", दिनांक 6 जून 1997 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह दिसम्बर, 2009 में सम्पन्न हुए नगर पंचायत गोतमपुरा जिला इन्दौर के आम निर्वाचन में श्री स्वामी देवा , अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे. इस नगर पंचायत के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 17 दिसम्बर, 2009 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् ( दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2010 को शासकीय अवकाश होने से ) दिनांक 18 जनवरी 2010 तक, श्री स्वामी देवा को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी इन्दौर के पास दाखिल करना था, किन्तु संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी इन्दौर के पत्र दिनांक 15 मार्च 2010 द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार श्री स्वामी देवा

341 द्वारा विहित समय में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल नहीं किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर श्री स्वामी देवा को कारण बताओ सूचना दिनांक 16 अप्रैल 2010 जारी कर संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी , इन्दौर के माध्यम से अभ्यर्थी श्री स्वामी देवा के शहर से बाहर चले जाने एवं इनके संबंध में कोई सूचना नहीं होने से दिनांक 12 मई 2010 पंचनामा कराकर नोटिस तामील कराया गया तथा इसके अलावा आयोग के निर्देशानुसार संयुक्त कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के पत्र दिनांक 31 अगस्त 2012 के द्वारा मुख्य नगर पालिका अधिकारी के माध्यम से श्री स्वामी देवा को राज्य निर्वाचन आयोग से जारी सूचना पत्र की प्रेस विज्ञप्ति दिनांक 1 अगस्त 2012 को दो समाचार- पत्रों में प्रकाशित करवाई गई. जिसका प्रकाशन समाचार पत्रों में क्रमशः 4 अगस्त 2012 एवं 8 अगस्त 2012 को हुआ है . कारण बताओ नोटिस में श्री स्वामी देवा से जवाब ( लिखित अभ्यावेदन ) कारण बताओ सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अन्दर चाहा गया था. नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

इस प्रकार अभ्यर्थी श्री स्वामी देवा को सूचना पत्र की प्रेस विज्ञप्ति स्थानीय समाचार पत्रों में दिनांक 04 एवं 8 अगस्त 2012 को प्रकाशित कराई जाकर, सूचना प्रकाशित करायी गई कि " आप इस सूचना - पत्र , समाचार पत्र प्रकाशन दिनांक से 07 दिवस में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा सहायक रजिस्ट्रीकरण देपालपुर नगर पंचायत निर्वाचन गौतमपुरा में आप स्वयं उपस्थित होकर लिखित अभ्यावेदन एवं व्यय लेखा प्रस्तुत कर इस कार्यालय को सूचित करें. " संयुक्त कलेक्टर से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 24 नवम्बर 2012 में प्रतिवेदित है कि विज्ञापन प्रकाशन के पश्चात् भी अभ्यर्थी श्री स्वामी देवा ने अपना कोई जवाब/अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया है .

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि श्री स्वामी देवा द्वारा नियत समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया. अतः आयोग को यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है .

342

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 जनवरी 2013

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 -ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्री स्वामी देवा को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर पंचायत, गौतमपुरा जिला इन्दौर का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिये इस आदेश के तारीख से 05 वर्ष ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिये निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार, हस्ता./- (जी. पी. श्रीवास्तव ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

मध्यप्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग प्लाट नं. 76 , अरेरा हिल्स, भोपाल भोपाल , दिनांक 13 जनवरी 2013

आदेश

क्र. 301-001-97.- मध्यप्रदेश शासन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के आदेश क्रमांक एफ-5-4- उन्तीस- 2004-2, दिनांक 28 जनवरी 2004 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए एवं चयन समिति की बैठक दिनांक 13 अक्टूबर 2009 में की गई स्थायी व्यवस्था के अनुसार श्री आलोक वर्मा , अध्यक्ष , जिला उपभोक्ता फोरम- दमोह को जिला उपभोक्ता फोरम छतरपुर एवं संबद्ध फोरम- टीकमगढ़ के प्रशासनिक कार्यों के संपादन का निर्देशानुसार अतिरिक्त कार्य सौंपा जाता है . यह व्यवस्था जिला उपभोक्ता फोरम- छतरपुर में अध्यक्ष की नियुक्ति होने अथवा अन्य आदेश तक प्रभावशील रहेगी.

जी. के. शर्मा , रजिस्ट्रार.

कार्यालय , कलेक्टर , जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश छतरपुर, दिनांक 18 दिसम्बर , 2012

क्र. 18 - एस.सी.1-2012 .- मध्यप्रदेश शासन , सामान्य प्रशासन विभाग , मंत्रालय , वल्लभ भवन भोपाल की अधिसूचना क्रमांक एफ 5-2-1999-4, दिनांक 30 मार्च 1999 द्वारा सामान्य पुस्तक परिपत्र भाग -2 के अनुक्रमांक 4 के नियम 8 के अनुसार जिले के भीतर तीन स्थानीय अवकाश की घोषणा करने के लिये अधिकृत किया गया है.

अतः सामान्य पुस्तक परिपत्र भाग -2 अनुक्रमांक-4 की कण्डिका 8 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये मैं , राजेश बहुगुणा,

[ भाग 1 कलेक्टर, छतरपुर वर्ष 2013 के लिये जिलान्तर्गत निम्न त्यौहारों पर उनके समक्ष दर्शाई गई तारीखों को पूरे दिन के लिये स्थानीय अवकाश घोषित करता हूं : -

स. त्यौहार/पर्व

अवकाश का अवकाश विशेष क्र.

का दिन

दिनांक

(1) (2)

(3)

(4) (5)

सोमवार 1 मकर संक्रान्ति

14-1-2013

28-3-2013 गुरुवार 2 होली का दूसरा दिन

3 दीपावली ( भाई दौज ) 5-11-2013 मंगलवार

राजेश बहुगुणा , कलेक्टर.

कार्यालय , कलेक्टर , जिला दमोह , मध्यप्रदेश दमोह , दिनांक 8 जनवरी 2013

क्र. क - स.वि.लि. - 2013-4084 .- मध्यप्रदेश शासन , सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय , भोपाल की अधिसूचना क्रमांक एफ- 3- 2-1999 1/4, 30 मार्च 1999 के पालन में सामान्य पुस्तक परिपत्र भाग-2 के अनुक्रमांक 04 के नियम 08 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं, स्वतंत्र कुमार सिंह , कलेक्टर दमोह, वर्ष 2013 के लिये निम्नलिखित दर्शायी गई दिनांकों को पूरे दिन के लिये तीन स्थानीय अवकाश घोषित करता हूं: -

पर्व स. जिला

दिन

अवकाश व

क्र.

दिनांक

(1) ( 2) (3)

(4)

(5)

सोमवार

1 दमोह 14-1-2013

मकर सक्रांति 1-4-2013 सोमवार रंगपंचमी

2 दमोह

3 दमोह 5-11-2013 मंगलवार दीपावली की भाई दोज 2. उपरोक्त स्थानीय अवकाश कोषागारों/उपकोषागारों एवं बैंकों को छोड़कर जिले में स्थित सभी शासकीय कार्यालयों /संस्थाओं में लागू होंगे.

स्वतंत्र कुमार सिंह , कलेक्टर.

भाग 1 ]

343

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

रीवा, दिनांक 26 नवम्बर 2012

क्र. 300 - भू-अर्जन- 2012-13.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

जिला

तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(2)

(3)

(5)

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4)

(1) रीवा

सेमरिया

(6) नहर निर्माण.

बरहाकला कृषक भूमि कुल 69/258 हे.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , रीवा ( म.प्र. ) .

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- जरमोरा वाईं तट नहर निर्माण.

(3 ) भूमि का नक्शा कलेक्टर, कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. एन. रूपला, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला बड़वानी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

बड़वानी, दिनांक 22 दिसम्बर 2012

क्र. 2195 - भू-अर्जन-प्र. क्र. 29-अ- 82-2012-13 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

जिला

भूमि का वर्णन ग्राम

तहसील

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (2)

(1)

लगभग क्षेत्रफल

(वर्ग मी. में)

(4)

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (5)

(6) बड़वानी

बड़वानी

(3) पांचपुला उत्तर 245.79 वर्ग मी . शासकीय भूमि में स्थित संपत्ति मकान 2

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 12 , राजपुर जिला बड़वानी ( म.प्र. )

लोअर गोंई परियोजना की बांध के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.

नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, जिला बड़वानी, भू-अर्जन अधिकारी , बड़वानी एवं कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 12 , राजपुर के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

344

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 जनवरी 2013

बड़वानी, दिनांक 29 दिसम्बर 2012

क्र. 2254- भू- अर्जन- नहर- 2012 - प्र. क्र. 35-अ-82-2012-13.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल

(हेक्टर में)

(1) (2)

(3)

(4)

(5)

(6) अंजड

बावडिया

3.357

बड़वानी

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 27, राजपुर जिला बड़वानी.

इंदिरा सागर परियोजना की तलवाड़ा वितरण शाखा एवं उसकी उपनहर एम-8 के निर्माण हेतु.

नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी इंदिरा सागर परियोजना नहर बड़वानी एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 27 , राजपुर जिला बड़वानी के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , श्रीमन् शुक्ला, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

खरगोन, दिनांक 3 जनवरी 2013

क्र. 17- भू-अर्जन-2013 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

अनुसूची

भूमिका वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हे. में )

(1)

(2)

(3)

(5)

(6) खरगोन

(4) 1.445

गोराड़िया

बड़वाह

कार्यपालन यंत्री , लोक निर्माण विभाग संभाग , खरगोन.

हीरापुर- चितावद मार्ग के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्यकार्यों हेतु.

नोट. - भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, खरगोन, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , बड़वाह, जिला खरगोन एवं कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग संभाग, खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नवनीत मोहन कोठारी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

345

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 जनवरी 2013

कार्यालय, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

रीवा, दिनांक 10 जनवरी 2013

क्र. 91 - भू- अर्जन-12-13.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची- पूरक प्रकरण

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1)

(2)

(3)

(4) रीवा

0.220

जोकिहा

गुढ़

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, वितरिका संभाग , रीवा ( म.प्र. )

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली क्योटी मुख्य नहर की कनौजा माइनर न . 2 की सब-माइनर में आने वाली भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक , बाणसागर परियोजना , रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 93 - भू- अर्जन- 12-13.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है: -

अनुसूची- पूरक प्रकरण

जिला तहसील

भूमि का विवरण नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1)

(2)

(3)

(4) रीवा

0.043

मनकहरी

हुजूर

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

कार्यपालन यंत्री, वितरिका संभाग , रीवा ( म.प्र. )

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत आने वाली क्योटी मुख्य नहर की मनकहरी माइनर में आने वाली भूमि तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

346

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

क्र. 113 - भू- अर्जन.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का विवरण

जिला तहसील

नगर/ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में ) (1)

(2)

(3)

(4) रीवा

0.093 हुजूर

सुपिया

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन

का वर्णन

धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, भू- अर्जन एवं पुनर्वास संभाग क्र. 2 , मु. गोविन्दगढ़, रीवा ( म.प्र. )

बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत गुढ़ मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना का शीर्ष कार्य के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , नीरज श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

छतरपुर , दिनांक 10 जनवरी 2013

प्र. क्र. अ- 82-2012-13.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

अर्जित क्षेत्रफल लगभग ( हे. में ) (1)

(2)

(3)

(4)

1.000 छतरपुर छतरपुर छतरपुर (पूरक)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन

कावर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

छतरपुर

भू-अर्जन अधिकारी ,

ललितपुर- खजुराहो नई बड़ी रेल लाईन का निर्माण कार्य.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

347

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

प्र. क्र. 11 - अ- 82-2012-13.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इस अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

अर्जित क्षेत्रफल लगभग (हे. में ) (1)

(2)

(3)

(4)

0.500 छतरपुर छतरपुर चन्द्रपुरा (पूरक)

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

छतरपुर

भू-अर्जन अधिकारी ,

ललितपुर खजुराहो नई बड़ी रेल लाईन का निर्माण कार्य.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेश बहुगुणा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला सिवनी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

सिवनी, दिनांक 11 जनवरी 2013

क्र. 313 - कलेक्टर - जि.भू.अ. - 2013 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) संशोधित 1984 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

भूमि का विवरण

तहसील

ग्राम

जिला

निम्न सर्वे नंबर का लगभग क्षेत्रफल ( हे . में) (1) (2)

(3)

(4) बरघाट

सिवनी

निजी भूमि 0.591 हेक्टेयर अशासकीय भूमि

आमागढ प.ह.नं. रा.नि.मं. एवं तहसील बरघाट, जिला सिवनी

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

टोल प्लाजा निर्माण हेतु.

उप महाप्रबंधक, मध्यप्रदेश , सड़क विकास निगम , छिन्दवाड़ा.

(2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर ( भू- अर्जन ) , जिला सिवनी में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अजीत कुमार , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

[भाग 1 348

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

कार्यालय, कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

छिन्दवाड़ा , दिनांक 11 जनवरी 2013

क्र. 292 - भू-अर्जन-2013 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा , सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

तहसील नगर/ग्राम

जिला

भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हे. में )

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6) (1)

(2)

(3)

(4)

(5)

छिंदवाड़ा हर्रई

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , छिंदवाड़ा ( म.प्र. ).

रकबा 0.095 हेक्टेयर एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियां

मुर्गीटोला जलाशय के अन्तर्गत नहर निर्माण के लिए निजी भूमि अर्जन के संबंध में.

ग्राम - बसुरिया खुर्द ब.न. 52 प.ह.नं. 25 रा.नि.मं. , हर्रई.

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय, कलेक्टर, भू- अर्जन शाखा, छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , छिन्दवाड़ा ( म.प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, जल संसाधन उपसंभाग अमरवाडा, तहसील अमरवाडा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है..

क्र. 293 - भू-अर्जन-2013 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा , सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा (2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

अर्जित की जाने वाली भूमि का वर्णन

जिला तहसील नगर/ग्राम

भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6) (1)

(2)

(3)

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हे.में ) (4)

(5)

हर्रई

छिंदवाड़ा

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , छिंदवाड़ा (म.प्र. ) .

हेक्टेयर एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियां रकबा 0.312

मुर्गीटोला जलाशय के अन्तर्गत नहर निर्माण के लिए निजी भूमि अर्जन के संबंध में.

ग्राम- हडाई ब.न. 60 प.ह.नं. 25 रा.नि.मं. हर्रई.

349

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 जनवरी 2013

भाग 1 ]

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय, कलेक्टर, ( भू- अर्जन शाखा ) , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , छिन्दवाड़ा ( म.प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, उपसंभाग अमरवाडा, तहसील अमरवाडा, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर, ( भू- अर्जन शाखा ) , छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है .

क्र. 294 - भू- अर्जन -2013 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा , सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

तहसील

जिला

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हे. में )

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6) (2)

(3)

(1)

(4)

(5)

छिंदवाड़ा छिन्दवाड़ा

रकबा 1.050 हेक्टेयर एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियां.

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत दांयी तट मुख्य नहर निर्माण हेतु निजी भूमि के अर्जन के संबंध में.

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग , सिंगना तहसील चौरई , जिला छिन्दवाड़ा (म.प्र.)

ग्राम - झंझरिया उर्फ खुटिया ब.न. 207 प.ह.नं. 56/37 रा.नि.मं. छिन्दवाड़ा-01

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय, कलेक्टर, ( भू- अर्जन शाखा ) , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना, तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म.प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन दांयी तट नहर उपसंभाग क्रमांक 01 , सिंगना, तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर, ( भू- अर्जन शाखा ) , छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है .

350

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

क्र. 295 - भू- अर्जन-2013 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा , सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

तहसील नगर/ग्राम

जिला

भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हे . में )

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6) (2)

(1)

(3)

(5)

(4)

चौरई

छिंदवाड़ा

हेक्टेयर एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियां. रकबा 9.150

अन्तर्गत बांयी तट मुख्य नहर निर्माण हेतु निजी भूमि के अर्जन के संबंध में. पेंच व्यपवर्तन परियोजना के ग्राम- समसवाड़ा ब.न. 266 प.ह.नं. 30 रा.नि.मं. चौरई

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना, तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा (म.प्र.)

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय, कलेक्टर, ( भू- अर्जन शाखा ) , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना, तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म.प्र . ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, पेंच व्यपवर्तन बांयी तट नहर, उपसंभाग क्रमांक 04 , तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है .

क्र. 296 - भू- अर्जन - 2013.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा , सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे :-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन नगर/ग्राम

भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हे . में )

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6)

(5)

(1)

(3)

(2)

(4)

चौरई

छिंदवाड़ा

रकबा 29.100 हेक्टेयर एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियां.

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बांयी तट मुख्य नहर निर्माण हेतु निजी भूमि के अर्जन के संबंध में.

ग्राम- डुंगरिया ब.न. 113 प.ह.नं. 32 रा.नि.मं. चौरई

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना , तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा (म.प्र.) 351

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 जनवरी 2013

भाग 1 ]

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर, ( भू- अर्जन शाखा ) , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना, तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म.प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, पेंच व्यपवर्तन बांयी तट नहर, उपसंभाग क्रमांक 04 , तहसील चौरई , जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर, ( भू-अर्जन शाखा ) , छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है .

क्र. 297- भू-अर्जन-2013 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा , सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम , 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हे . में)

(6)

(4)

(5)

(1)

(2)

(3)

रकबा 19.830

छिंदवाड़ा चौरई ग्राम -खैरी खुर्द

हेक्टेयर एवं उस पर

स्थित परिसंपत्तियां.

पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बांयी तट मुख्य नहर निर्माण हेतु निजी भूमि के अर्जन के संबंध में.

ब.न. 54 प.ह.नं. 30 रा.नि.मं. चौरई

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना, तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा (म.प्र.)

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , कलेक्टर, ( भू- अर्जन शाखा ) , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना , तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म.प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, पेंच व्यपवर्तन बांयी तट नहर, उपसंभाग क्रमांक 04 , तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है.

352

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

क्र. 298 - भू- अर्जन-2013 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, एतद्वारा, सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

नगर/ग्राम

तहसील

भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 ( 2) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6) (2)

(3)

अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हे. में) (4)

(5)

(1)

चौरई

छिंदवाड़ा

हेक्टेयर एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियां. रकबा 22.320

अन्तर्गत बांयी तट मुख्य नहर निर्माण हेतु निजी भूमि के अर्जन के संबंध में. पेंच व्यपवर्तन परियोजना के ग्राम - काराबोह ब.न. 20 प.ह.नं. 20 रा.नि.मं. चौरई

कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना, तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा (म.प्र. )

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , कलेक्टर, ( भू-अर्जन शाखा ) , छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना, तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म.प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन बांयी तट नहर उपसंभाग क्रमांक 04 , तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, महेशचन्द्र चौधरी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला नीमच , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

नीमच , दिनांक 11 जनवरी 2013

क्र. 175 - भू-अर्जन- 2013-प्र. क्र. 2 - अ- 82-12-13.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसके संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने कीसंभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी के उक्त भूमि को संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन काविवरण भूमि का विवरण नगर/ग्राम

जिला तहसील

धारा 4 की उपधारा ( 2) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(5)

(2)

(1)

(4)

(6) करेल तालाब निर्माण योजना

25.334

नीमच

जावद

(3) गुड़ापडिहार

कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग, नीमच.

कुल योग 25.334

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , कार्यालय , नीमच, भू-अर्जन अधिकारी उपखण्ड जावद एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, नीमच के कार्यालय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, लोकेश कुमार जाटव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

353

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

भाग 1 ]

कार्यालय, कलेक्टर , जिला देवास, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

देवास, दिनांक 15 जनवरी 2013

क्र. 71 - भू- अर्जन- 13- प्र. क्र. 17- अ-82-2012-13.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)

(2)

(3)

(4) देवास खातेगांव मेलपिपल्या

13.26

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का कारण धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, परियोजना, नर्मदा विकास संभाग क्र. 13 , खण्डवा.

इंदिरा सागर परियोजना के अन्तर्गत डूब से प्रभावित होने के कारण.

नोट. - भूमि के नक्शे ( प्लान ) कार्यालय , कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 13 , खण्डवा एवं कार्यालय, भू- अर्जन अधिकारी इंदिरा सागर परियोजना एन.एच.डी.सी. खण्डवा क्रमांक 3 में देखा जा सकता है.

क्र. 47 - भू- अर्जन - 13 - प्र. क्र. 18 - अ- 82-2012-13.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)

(2)

(3)

(4) देवास

टिपरास

सतवास

1.99

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का कारण धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, परियोजना , नर्मदा विकास संभाग क्र. 13 , खण्डवा.

इंदिरा सागर परियोजना के अन्तर्गत डूब से प्रभावित होने के कारण .

नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) कार्यालय , कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 13 , खण्डवा एवं कार्यालय , भू- अर्जन अधिकारी इंदिरा सागर परियोजना एन.एच.डी.सी. खण्डवा क्रमांक 3 में देखा जा सकता है .

354

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

क्र. 63 - भू- अर्जन- 13-प्र. क्र. 19-अ-82-2012-13.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे : -

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)

(3)

(4) (1)

देवास खातेगांव रवलास

16.51

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का कारण धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, परियोजना नर्मदा विकास संभाग क्र. 13 , खण्डवा.

इंदिरा सागर परियोजना के अन्तर्गत डूब से प्रभावित होने के कारण.

नोट. - भूमि के नक्शे ( प्लान ) कार्यालय , कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 13 , खण्डवा एवं कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी इंदिरा सागर परियोजना एन.एच.डी.सी. खण्डवा क्रमांक 3 में देखा जा सकता है.

क्र. 55 - भू- अर्जन- 13 - प्र. क्र. 20- अ-82-2012-13.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबंध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे :-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)

(2)

(3)

(4) खातेगांव

3.44 देवास

कोटखेड़ी

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

कार्यपालन यंत्री, परियोजना नर्मदा विकास संभाग क्र. 13 , खण्डवा.

इंदिरा सागर परियोजना के अन्तर्गत डूब से प्रभावित होने के कारण.

नोट.- भूमि के नक्शे ( प्लान ) कार्यालय , कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 13 , खण्डवा एवं कार्यालय, भू-अर्जन अधिकारी इंदिरा सागर परियोजना एन.एच.डी.सी. खण्डवा क्रमांक 3 में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. के. अग्रवाल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

355

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

कार्यालय , कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग

टीकमगढ़ , दिनांक 9 अक्टूबर 2012

प्र. क्र. 16 - भू- अर्जन - 2011-12 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गयी अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हे. में ) (2)

(1)

(3)

(4) जतारा

12.485

जतारा

टीकमगढ़

अनुसूची

धारा 4 की उपधारा ( 2 )

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

जतारा बायपास निर्माण हेतु .

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) , जतारा.

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. जतारा बायपास मार्ग निर्माण हेतु ग्राम जतारा की भूमि का अर्जन.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का विवरण अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व, जतारा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 17 - भू-अर्जन- 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गयी अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)

(4)

(3)

(1)

किटाखेरा

3.193 जतारा

टीकमगढ़

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

जतारा बायपास निर्माण हेतु अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) , जतारा.

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है.- जतारा बायपास मार्ग निर्माण हेतु ग्राम किटाखेरा की भूमि का अर्जन.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का विवरण अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व , जतारा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

356

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

प्र. क्र. 18 - भू-अर्जन- 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गयी अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)

(3)

(4) जतारा

मचौरा

2.408 टीकमगढ़

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

जतारा बायपास निर्माण हेतु.

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जतारा .

) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है .- जतारा बायपास मार्ग निर्माण हेतु ग्राम मचौरा की भूमि का अर्जन.

(2

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का विवरण अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व, जतारा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

प्र. क्र. 19 - भू- अर्जन- 2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गयी अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) (2)

(3)

(4)

दिनऊ

2.462 टीकमगढ़ पलेरा

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

जतारा बायपास निर्माण हेतु.

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जतारा.

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है.- जतारा बायपास मार्ग निर्माण हेतु ग्राम दिनऊ की भूमि का अर्जन.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का विवरण अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व, जतारा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रघुराज राजेन्द्रन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

357

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 जनवरी 2013

भाग 1 ]

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सतना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सतना, दिनांक 10 दिसम्बर 2012

क्र. एफ. 1612 - भू-अर्जन-12.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात कासमाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-( मध्यप्रदेश शासन/निजी खाता ) (क) जिला-सतना

(ख ) तहसील-मझगवां

(ग) नगर/ग्राम- रोहनिया

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.636 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा ( हे . में ) (1)

(2)

63

0.050

64

0.032

67

0.001

62

0.005

0.006

80

77/2

0.010

0.081

76

75

0.025

0.060

74

119

0.094

118

0.064

116/8

0.053

116/4

0.053

0.053

116/5

116/6

0.053

0.636

निजी खाता भूमि योग ..

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है- पटना जलाशय बांध एवं नहर निर्माण हेतु .

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू- अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .

क्र. एफ. 1612 - भू-अर्जन-12 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात कासमाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधन 1984 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन- ( मध्यप्रदेश शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना

(ख) तहसील- मझगवां

(ग ) नगर/ग्राम- पटना कला

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.188 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा ( हे . में)

(2)

(1)

0.040

47/1/ख

0.020

47/1 /ग

0.004

47/2

0.020

47/3

0.016

48/3

122

0.004

0.260

121

0.200

120/2

0.024

152

0.008

159

0.008

153/2

0.032

154

0.070

155

0.008

156

0.200

119/3

0.120

189

0.120

189/2

0.099

196

0.100

188

0.150

198/2

0.150

199/1

0.100

177

0.100

176/2

0.100

174/4

0.100

175/2

0.159

175/1

निजी खाता भूमि योग .. 2.188

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है- पटना जलाशय बांध एवं नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर ( भू- अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .

358

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 जनवरी 2013

क्र. एफ. 1612 - भू-अर्जन-12 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन 1984 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन ( मध्यप्रदेश शासन/निजी खाता ) (क) जिला- सतना

(ख) तहसील- मझगवां

(ग) नगर/ग्राम- पटना कला

(घ) लगभग क्षेत्रफल-4.500 हेक्टेयर .

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा (हे . में ) (1)

(2)

212/3

1.758

75/2

0.112

212/2

1.214

211/4

1.416

4.500

निजी खाता भूमि योग ..

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये अर्जन आवश्यक है.- पटना जलाशय बांध एवं नहर निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर ( भू- अर्जन ) , जिला सतना के न्यायालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. के. खरे , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग रीवा , दिनांक 4 जनवरी 2013

क्र. 10 - भू- अर्जन -2012 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख ) तहसील-हनुमना

(ग ) ग्राम-जड़कुड़ (कारीकाछ)

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-34.122 हेक्टेयर.

रकबा ( हे . में) खसरा नम्बर

(1)

(2)

4/2

2.182

2.833

4/3

4/4

4.897

4.880

4/5

0.540

6

0.012

7

0.140

18

0.230

19

21

0.240

0.172

68

0.659

69

0.528

70/1

6.070

70/2

6.070

70/3

3.889

70/4

0.560

72

73

0.220

34.122

योग ..

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बाण सागर नहर परियोजना के अंतर्गत अदवा बैराज के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर, जिला रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. एन. रूपला, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग ग्वालियर, दिनांक 7 जनवरी 2013

प्र. क्र. 69- अ- 82-11-12- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , यह घोषित किया भाग 1 ]

359

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रजोयन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला-ग्वालियर

(ख) तहसील-ग्वालियर

(ग) ग्राम-लड़आपुरा

(घ ) लगभग क्षेत्रफल - 1.06 हेक्टेयर .

सर्वे क्रमांक

अर्जित किये जाने वाला अनुमानित रकबा ( हे. में ) कुल रकबा (हे. में )

(3)

(1)

(2)

16

1.10

0.22

33

0.02

0.73

15

1.24

0.15

1.35

39

0.18

1.35

41

0.12

43

0.16

1.24

44

1.60

0.21

योग .. 1.06

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- हरसी उच्चस्तरीय नहर की बंजारे का पुरा शाखा नहर के निर्माण हेतु

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय में किया जासकता है .

प्र. क्र. 70- अ- 82-11-12- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रजोयन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

( क) जिला-ग्वालियर

(ख) तहसील-ग्वालियर

(ग ) ग्राम- हस्तिनापुर

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 2.42 हेक्टेयर.

अर्जित किये जाने वाला अनुमानित रकबा ( हे. में ) सर्वे क्रमांक (1)

कुल रकबा (हे. में) (2)

(3)

0.780

13

0.130

0.090

14

0.430

(2)

(3)

(1)

0.080

0.690

46

0.180

0,660

44

1.260

0.170

45

0.550

0.010

41

0.03

94

0.79

0.61

0.01

93

0.65

0.23

95

0.560

0.020

226/1

226/1 में शामिल

0.560

226/2

0.220

0.840

225

0.240

0.950

229

0.100

0.760

230

0.150

0.780

231

0.060

271

0.180

0.060

0.180

272

0.050

0.180

273

0.020

0.180

274

0.060

0.730

270

0.980

0.160

275

0.020

0.490

268

1.180

0.020

265

258

0.720

0.120

0.040

0.040

259

0.12

0.65

256

0.04

0.44

255

योग 2.42

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- हरसी उच्चस्तरीय नहर की बंजारे का पुरा शाखा नहर के निर्माण हेतु

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय में किया जासकताहै.

प्र. क्र. 71 - अ- 82-11-12- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रजोयन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-ग्वालियर

(ख ) तहसील-ग्वालियर 360

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 जनवरी 2013

(ग ) ग्राम- किरावली

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 5.01 हेक्टेयर.

सर्वे क्रमांक

कुल रकबा (हे. में)

अर्जित किये जाने वाला अनुमानित रकबा (हे. में) (1)

(2)

(3) 523

0.350

0.120

0.36

0.010 524

0.260

0.090 527 /मिन 1

0.170 527/मिन 1 में शामिल 527/मिन 2

510

0.380

0.09 520

0.640

0.130

0.010

421

0.010 508

0.480

0.150

0.200 494

0.55

4.8

0.28

0.09 401

0.060

0.360

348

0.940

0.090 415

0.430

0.130

0.230

0.020 411

0.720

410

0.180 417

0.39

0.07 408

0.01

0.290

0.650

405

0.070

0.740

0.170 85

409

0.450

0.160 404

0.220

0.020

0.770

98

0.180

0.800

96

0.170

0.080

0.460

95

0.110 521

0.560

0.850

0.170 94

0.540

84

0.070

0.800

82

0.020

0.04 406

0.670

208

0.500

0.130

0.09 213

0.730

0.140 344

0.760

0.020 216

0.050

342

0.580

0.09 293

0.530

0.100 (1)

(2)

(3)

0.050

0.600

294

0.03

0.17

292

0.09

0.25

291

0.09

0.42

288

0.2

0.29

287

0.14

0.78

229

0.09

0.34

286

0.510

0.090

231

0.22

232

0.04

0.02

0.05

230

0.05

0.230

188

0.020

0.050

187

1.560

0.310

186

0.080

0.160

185

0.050

0.280

183

0.350

0.020

182

0.050

0.040

141

0.200

0.040

140

0.100

0.590

139

0.18

1.120

99

0.21

0.55

86

योग .. 5.01

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- हरसी उच्चस्तरीय नहर की बंजारे का पुरा शाखा नहर के निर्माण हेतु

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय में किया जासकता है.

प्र. क्र. 81 - अ-82-11-12- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रजोयन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- ग्वालियर

(ख) तहसील-ग्वालियर भाग 1 ]

361

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 जनवरी 2013

(ग ) ग्राम- सिहारा

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 2.233 हेक्टेयर.

सर्वे क्रमांक

कुल रकबा (हे. में)

अर्जित किये जाने वाला अनुमानित रकबा (हे. में)

(2)

(1)

(3)

2

0.073

0.199

3/3

0.021

0.951

1.024

0.209

24/1

3.522

0.450

25

28

0.011

1.118

0.167

0.857

29

30

0.909

0.126

31

1.066

0.136

0.836

0.011

33/1

55/1

0.732

0.230

55/2मि.1 0.157

55/2मि.2 0.731

1.327

56

0.073

0.230

63/मि. 1 0.606

63/मि.2 0.836

64

1.348

0.136

1.421

81

0.230

0.889

95/1

0.130

योग .. 2.233

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- हरसी उच्चस्तरीय नहर उदयपुरा ब्रांच की नहर की एम- 1 एवं एम -2 मायनर के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय में किया जासकता है.

प्र. क्र. 94- अ- 82-11-12- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रजोयन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-ग्वालियर

(ख) तहसील- ग्वालियर

(ग) ग्राम- निढ़ावली

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 5.38 हेक्टेयर .

सर्वे

कुल रकबा (हे. में)

नम्बर

अर्जित किये जाने वाला अनुमानित रकबा (हे. में)

(3)

(1)

(2)

0.080

0.900

789

0.390

1.070

785

0.020

786

0.730

0.010

0.460

784

0.100

0.570

783

0.130

1.000

709

0.070

0.240

708

0.140

0.330

705

0.460

0.020

707

0.220

0.540

696

0.040

0.840

717

0.230

0.640

718

0.030

0.660

694

0.010

720

0.290

0.500

0.130

547

0.120

0.720

545

0.050

693

0.900

0.100

0.660

544

0.040

0.800

542

0.120

0.500

543

0.140

0.410

529

0.260

0.020

534

0.010

0.400

409

0.660

0.170

408

0.030

0.210

403

0.010

0.220

410

0.280

402

0.090

0.300

0.100

401

0.060

400

0.100

0.340

0.010

399

0.380

0.080

389

1.270

0.230

78

0.100

390

0.730

384

0.430

0.120

0.010

0.310

385

0.010

386

0.120 362

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

(1)

(2)

(3)

0.560

0.080

375

376

0.420

0.010

378

0.240

0.050

377

0.220

0.050

366

0.210

0.030

0.420

0.090

367

357

0.100

0.040

0.050

0.010

358

254

0.250

0.040

274

0.520

0.090

275

0.420

0.060

269

0.900

0.070

0.490

263

0.160

249

0.130

0.060

250

0.580

0.110

0.670

251

0.060

0.150

96

0.390

97

0.330

0.090

0.170

98

0.020

1.020

83

0.120

0.120

84

0.920

1.270

04

0.120

0.800

11

0.130

14

0.500

0.200

15

0.540

0.020

0.480

264

0.160

कुल रकबा 5.38

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है .- हरसी उच्चस्तरीय नहर की बड़ेरा मायनर के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय में किया जासकता है.

प्र. क्र. 96- अ- 82-11-12- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की निम्न प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-ग्वालियर

(ख ) तहसील-ग्वालियर

(ग ) ग्राम-टांकोली

(घ) लगभग क्षेत्रफल - 2.75 हेक्टेयर.

सर्वे नम्बर

कुल रकबा (हे. में)

अर्जित किये जाने वाला अनुमानित रकबा ( हे. में ) (3)

(1)

(2)

0.20

1.34

563

1.00

0.10 564

537

1.25

0.04

538 मिन-1 1.76

0.34

1.68

538 मिन-2

0.05 459

0.42

458

0.18

0.02

0.07 457

0.56

0.66

0.12 456

0.14 455

0.97

0.03

454

0.15

0.05 0.14

364

0.17

0.02 360

0.68

0.22 363

0.01

0.03

361

0.23

0.01 359

0.04 185

0.42

187

1.21

0.13

0.12 0.62

184

0.06 176

0.43

0.04 177

0.28

0.05 180

0.57

0.04 178

0.43

1.20

0.14 162

0.80

0.17 160

0.10 118

0.62

0.02 1.03

127

1.40

0.13 113

0.04 0.62

117

0.01 0.01

115

0.38

366

0.01

0.03 0.33

124

0.07 0.33

126

0.08 1.12

128

कुल रकबा 2.75 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है .- हरसी उच्चस्तरीय नहर की टांकोली मायनर के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय में किया जासकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पी. नरहरि, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

363

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सीहोर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सीहोर, दिनांक 8 जनवरी 2013

प्र. क्र. 01 - अ- 82-2011-12 .- चूंकि , राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला-सीहोर

(ख) तहसील- नसरुल्लागंज

(ग ) ग्राम-बाई

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 5.655 हेक्टेयर.

खसरा

रकबा

नंबर

(हे. में)

(2)

(1)

0.104

8,9

1.289

11 , 12 , 13 , 28/1

0.210

34, 35/1

0.219

34, 35/2

0.259

34, 35/3

0.071

34, 35/4

0.100

36, 37/1/4

0.172

36, 37/1/5

0.017

33, 239/32/3/2

0.146

33 , 239/32/4/1

0.235

33, 239/32/4/2

0.093

33, 239/32/4/3

0.164

33, 239/32/5

0.225

159/1/1

0.046

159/1/2/1

0.219

160/1/2

0.497

173 , 174,175/3

0.016

173 , 174, 175/4

0.024

177/5

177/1

0.162

0.433

177/2

177/3

0.324

178/3

0.023

(2)

(1)

0.154

182/1/4/2

0.020

182/1/2

0.202

182/1/3

0.174

182/1/4/1

0.057

183/1

5.655

योग.

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- घोंघरा मध्यम परियोजना बगबाडा वितरिका भाग निर्माण हेतु.

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी , नसरुल्लागंज एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , सीहोर के कार्यालय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 02 - अ- 82-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-सीहोर

(ख) तहसील- नसरुल्लागंज

(ग) ग्राम- हमीदगंज

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.146 हेक्टेयर.

खसरा

रकबा

नंबर

(हे. में)

(2)

(1)

0.198

209/1 /1 क

0.409

210, 214, 215 , 216, 217, 220 ,

224, 225 1/3क

0.333

211 , 212, 213

1

0.186

211, 212, 213

0.020

2 210, 214 , 215 , 216, 217 , 220 , 224, 225 2/1/4 क

1.146

कुल योग.

364

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- घोंघरा मध्यम परियोजना बगबाडा वितरिका भाग निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी नसरुल्लागंज एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग सीहोर के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 02- अ- 82-2012-13.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-सीहोर

(ख ) तहसील - नसरुल्लागंज

(ग ) ग्राम- हमीदगंज

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.833 हेक्टेयर.

खसरा

रकबा नंबर (हे. में) (1) (2)

135, 136

0.833 योग.. 0.833

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- घोंघरा मध्यम परियोजना हमीदगंज वितरिका भाग निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , नसरुल्लागंज एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , सीहोर के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 03 - अ- 82-2011-2012.-चूंकि , राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-सीहोर

(ख ) तहसील- नसरुल्लागंज

(ग ) ग्राम- बांकोट

हेक्टेयर.

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.069

रकबा (हे. में)

(2)

0.081

0.519

खसरा नंबर (1) 63, 175 1/1 63 , 175 1/2 177/2

0.469 1.069

कुल योग.

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- घोंघरा मध्यम परियोजना बगबाडा वितरिका भाग निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी , नसरुल्लागंज एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , सीहोर के कार्यालय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 06 - अ- 82-2011-12.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क ) जिला- सीहोर

(ख) तहसील- नसरुल्लागंज

( ग) ग्राम- बासुदेब

(घ) लगभग क्षेत्रफल-6.637 हेक्टेयर.

खसरा

रकबा

(हे. में)

(2)

0.231

0.275

0.263

0.243

0.162

0.032

0.202

नंबर (1) 5/1 , 5/2, 17 , 20, 33/2/1/2 5/1 , 5/2 , 17 , 20, 33/2/1/1 ख । 5/1 , 5/2 , 17 , 20, 33/1/2/2 31/6 31/5 31/1 31/2

0.121

30/3 भाग 1 ]

365

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 जनवरी 2013

(2) (1)

30/1

0.008 23/3

0.048

0.271 29/2

44/1/2

0.255 44/3

0.029 52, 55

0.170 2/2/3

52, 55

0.243 2/1/2

52, 55

0.105 2/3/1/4

52, 55

0.101 2/3/1/1/2

52, 55

0.101 2/3/1/1/2

52, 55

0.186 2/3/3

52, 55

0.129 2/3/4

247

0.012 248/1/1

0.271 248/1/2

0.089 245

0.129

0.028 243, 244/2

279

0.016

0.202 280, 281/3

0.405 280, 281/2/1

283

0.307 284/1

0.016

0.073 298 , 299, 300/1

0.121 298, 299 , 300/7

0.142 298 , 299 , 300

3

0.101 298 , 299 , 300

4

0.129 298 , 299, 300

6

0.202 333/1/2

334, 339 , 340 , 341 0.081

1/1

0.040 334, 339, 340 , 341

334, 339 , 340, 341 0.202

1/2/1 क/1

334, 339 , 340 , 341 0.073

1/2/1 /2क

0.024 334, 339 , 340, 341

1/2/1 ख

(2)

(1)

334, 339, 340 , 341 0.032

1/3/1/2/1

0.016

334, 339, 340 , 341

1/3/1/2/2

0.077

334, 339 , 340, 341

1/3/1/3

0.081

334, 339 , 340 , 341

1/3/1 /1 ख/2

0.057

334, 339 , 340, 341

1/3/1 /1 ख/ 1

0.113

334, 339, 340 , 341

1/3/1 /1 / 1 ख/3

0.008

334, 339 , 340 , 341

1/3/1 /1 क

0.129

370/338

0.105

345/2क

0.040

345/2ख/2

0.024

344, 346 , 347 , 353

1

0.210

344, 346 , 347, 353

1/4/1

0.008

345/1

6.637

कुल योग..

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- घोंघरा मध्यम परियोजना बगबाडा वितरिका भाग निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी , नसरुल्लागंज एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , सीहोर के कार्यालय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 12 - अ- 82-2011-12 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सीहोर

(ख) तहसील- नसरुल्लागंज

(ग) ग्राम- इटावाकलां

(घ) लगभग क्षेत्रफल-4.852 हेक्टेयर.

रकबा

खसरा

नंबर

(हे. में)

(2)

(1)

0.178

85/1

85/3

0.182 366

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 जनवरी 2013

(2)

(1)

0.235

84, 116

2/1 क

87

0.016

86/2

0.263

86/3/2

0.243

0.073

92

93

0.162

97

0.312

0.057

98

99/1/2

0.303

99/1/1

0.133

100

0.032

101/2

0.449

0.154

179, 320/188/ 1 ख/ 1

0.182

179 , 320/188/1 ख/3

0.356

179 , 320/188 /2/1 क

0.073

181 , 183 , 187, 188

1/3

0.226

181 , 183 , 187, 188

2/2

189/1

0.303

0.089

191/1/4

191/1/1/3

0.097

0.024

191/1/1/4

191/1/1/2

0.105

0.121

192/1

0.028

0.214

194, 195 , 196

1/1

0.097

193 , 198 , 199/3

0.145

193, 198 , 199/1/2

4.852

कुल योग ..

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- घोंघरा मध्यम परियोजना बगबाडा वितरिका भाग निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , (राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , नसरुल्लागंज एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, सीहोर के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 14- अ- 82-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सीहोर

(ख ) तहसील- नसरुल्लागंज

(ग ) ग्राम- चींचली

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-5.857 हेक्टेयर.

खसरा

नंबर

रकबा (हे. में)

(2)

(1)

28/2

0.101

0.036

27

0.008

24/2

22

0.065

0.081

12/3

0.117

12/4

0.008

13/3

0.024

13/2

0.283

14, 15/1/1 क

0.170

14, 15/1/1 ख

15/2/1

0.166

15/2/2

0.162

0.218

15/2/3

0.024

16/1/2

0.061

16/2

0.235

55

56/1

0.065

0.186

57, 58/1/1

0.218

57, 58/1/2

0.154

75/1 क

0.012

75/1 ख

0.073

77/1/1

0.016

75/2

0.019

74

0.061

77/1/3

0.170

73/1/2

0.113

73/1/1

0.040

91

0.251

90, 98 , 99 , 100

2क

0.048

90, 98 , 99 , 100

2 ख

0.303

90, 98 , 99 , 100 1/2

0.405

217, 218 , 219 1 ख

0.035

217, 218 , 219 2/3 भाग 1 ]

367

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

(2)

(1)

0.032

215/1

0.089

214/1 ख

0.210

214/1 क

214/2

0.121

212/1

0.020

0.137

212/2

212/3

0.040

0.166

210, 211

2/2

0.227

210, 211

2/1/1 ख

0.032

210, 211

2/1/2

208/1 ख

0.081

208/2

0.258

209

0.094

267/1/1

0.389

267/1/2

0.033

योग.. 5.857

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- घोंघरा मध्यम परियोजना, गोपालपुर वितरिका भाग निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, ( राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी , नसरुल्लागंज एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, सीहोर के कार्यालय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 15 - अ- 82-2011-12 .-चूंकि , राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला-सीहोर

(ख ) तहसील- नसरुल्लागंज

(ग) ग्राम- मुहाई

(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.970 हेक्टेयर.

खसरा

रकबा

नंबर

(हे. में)

(2)

(1)

0.251

201 , 202, 203/1 1 ख

(2)

(1)

0.105

201 , 202 , 203/1

1 क

0.263

382/203/1/1

382/203/1/2

0.190

0.118

382/203/2 क

0.339

244/1

0.013

248

0.286

154

155

0.031

249

0.003

1/1/1क

0.073

249

1/1/2क/2

0.344

249

1/1/2क/1

0.136

262/1

0.143

249/2ख/2

0.402

249/2क

0.232

249/2ख/ 1

0.065

259/1/1/1

0.048

259/1/1/2

0.194

259/1 /2ख

0.166

259/ 1 /2क

0.043

343, 355

1/5

0.205

343, 355 1/6

0.237

343, 355 1/7

0.083

355/2

कुल योग.. 3.970

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- घोंघरा मध्यम परियोजना, गोपालपुर वितरिका भाग निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, (राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , नसरुल्लागंज एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, सीहोर के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 17- अ- 82-2011-12 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की 368

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-सीहोर

(ख) तहसील- नसरुल्लागंज

(ग) ग्राम- बोरखेड़ा खुर्द

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.622 हेक्टेयर

खसरा

नंबर

रकबा (हे. में )

(1)

(2)

75

0.271

0.099

74/3

0.025

74/2क

76/1

0.165

76/2/1

0.178

76/3क

0.001

76/3ख

0.308

78/1

0.012

78/2

0.004

79

0.048

80/2क

0.061

80/2ख

0.072

80/2ग

0.234

0.144

81,84,86

2/1

कुल योग.. 1.622

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- घोंघरा मध्यम परियोजना , गोपालपुर वितरिका भाग निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , ( राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी , नसरुल्लागंज एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , सीहोर के कार्यालय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 19 - अ- 82-2011-12.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- सीहोर

(ख ) तहसील- नसरुल्लागंज

(ग) ग्राम-बोडी

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-4.811 हेक्टेयर.

खसरा

नंबर

रकबा (हे. में) (2)

(1)

0.324

149/15/3

0.012

149/15/4

0.129

153/17/1

0.056

153/17/2

0.121

17, 20 , 140/19/4

0.174

17 , 20 , 140/19/3

0.214

19/1/3

0.032

27, 28 , 29 , 154/28/1/1

0.243

27, 28, 29 , 154/28/1/2

0.202

27, 28 , 29, 154/28/2

0.283

25

0.053

97, 98 , 141/25/1/2

0.275

97 , 98 , 141/25/2/1

0.040

99, 100/2ख

0.137

99, 100/2 ग

0.162

99, 100/2ड

0.101

99, 100/2क

0.081

99, 100/1/3

0.263

99, 100/ 2घ

0.008

115/1

0.275

116/1

0.048

116/3

0.146

119 , 120/1/4

0.089

119 , 120/1/3

0.526

118/2/2

0.105

117, 151 , 117/ 1 क

0.405

117 , 151 , 117/ 1 ख

0.194

136, 137/2/1

0.113

136, 137/ 1 ग

कुल योग.. 4.811

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- घोंघरा मध्यम परियोजना , गोपालपुर वितरिका भाग निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, (राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी , नसरुल्लागंज एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, कवीन्द्र कियावत, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

369

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

कार्यालय , कलेक्टर, जिला अलीराजपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग अलीराजपुर, दिनांक 9 जनवरी 2013

क्र.भू-अर्जन- 2013-35-प्र.क्र.-01-अ-82-2012-13.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला-अलीराजपुर

(ख ) तहसील- जोबट

(ग ) ग्राम- बरखेड़ा

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 17.48 हेक्टर .

सर्वे नम्बर (1)

रकबा ( हेक्टर में ) (2)

206

0.61

208/1

0.38

209/2

पैकी 0.28

209/1

1.48

225/2

0.70

210

पैकी 0.40

211

पैकी 0.75

215

पैकी 0.02

258

पैकी 0.08

212

पैकी 0.25

218

1.26

217

0.46

220

1.97

222

1.57

223

0.06

224

पैकी 1.41

225/1

0.45

228

0.22

231

1.23

253

1.00

254

255/2

पैकी 0.06 पैकी 0.09

252

0.94

185

पैकी 0.41

(2)

(1)

पैकी 0.27

187/2

पैकी 0.35

188

पैकी 0.06

166

पैकी 0.02

257

260

पैकी 0.04

263/1

पैकी 0.06

पैकी 0.17

264

पैकी 0.02

464/2

पैकी 0.14

465

पैकी 0.04

468

478

पैकी 0.04

480

पैकी 0.05

पैकी 0.04

479

पैकी 0.04

477

पैकी 0.03

476

पैकी 0.03

492

कुल योग.. 17.48

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- बरखेड़ा सिंचाई तालाब योजना के शीर्ष कार्य निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , जोबट तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधान संभाग , अलीराजपुर के कार्यालय में, कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेन्द्र सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला खरगोन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग खरगोन , दिनांक 10 जनवरी 2013

क्र. 51 - भू- अर्जन- 2013 - प्र.क्र. - 1 - अ- 82-12-13.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खरगोन

(ख) तहसील- महेश्वर 370

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

(ग ) ग्राम- धरगांव

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.007 हेक्टर

खसरा नम्बर

रकबा ( हेक्टर में )

(2)

(1) 446

0.007

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- शासकीय कन्या हाईस्कूल धरगांव के भवन निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर , जिला खरगोन, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी, मण्डलेश्वर एवं सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नवनीत मोहन कोठारी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला बुरहानपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग बुरहानपुर, दिनांक 15 जनवरी 2013

रा. प्र . क्र. 73-82-2011-12.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- बुरहानपुर

(ख ) तहसील- बुरहानपुर

( ग ) ग्राम- इच्छापुर

( घ) लगभग क्षेत्रफल-0.75 हेक्टर.

देव्हारी तालाब योजना ( स्पिल निर्माण )

अर्जित रकबा ( हेक्टर में ) खसरा नम्बर (1)

(2)

1563/1

0.51

1563/2

0.24

कुल योग.. 0.75

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-देव्हारी तालाब योजना स्पिल निर्माण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी , बुरहानपुर तथा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , बुरहानपुर के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आशुतोष अवस्थी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला उमरिया , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग उमरिया, दिनांक 15 जनवरी 2013

क्र. 173 - भू-अर्जन- 2011-1- अ- 82-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- उमरिया

(ख ) तहसील- पाली

(ग ) नगर/ग्राम- सुन्दरदादर

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.628 हेक्टर.

रकबा ( हेक्टर में ) खसरा नम्बर

(2)

(1)

0.114

106/1

106/2

0.114

0.010

113/1

0.081

117/1

119

0.012

123

0.089

0.012

122

0.081

117/2

0.092

120

0.033

380/3

0.010

379/1

0.253

381

388

0.157

506

0.202

0.057

524

0.076

534 भाग 1 ]

371

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 जनवरी 2013

(2)

(1)

535

0.081

0.010

117/546

381

0.144

389

0.144

0.060

92

399

0.140

0.072

397

402

0.120

450

0.036

451

0.032

452/2

0.088

447

0.036

465

0.032

453/2

0.100

0.036

464

466

0.104

कुल योग.. 2.628

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- पटपरिहा जलाशय योजना कार्य के निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी पाली , जिला उमरिया एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , उमरिया के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 173 - भू-अर्जन-2011-1-अ-82-2011-12.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला- उमरिया

(ख ) तहसील- पाली

(ग) नगर/ग्राम- सुन्दरी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.402 हेक्टर .

खसरा नम्बर

रकबा ( हेक्टर में )

(2)

(1)

30

0.045

42

0.122

0.073

39/2

(2)

(1)

0.079

44

0.010

32

0.073

81/1

कुल योग.. 0.402

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - पटपरिहा जलाशय योजना कार्य के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , एवं भू- अर्जन अधिकारी पाली , जिला उमरिया एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, उमरिया के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , एस. के. उपाध्याय , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग रीवा , दिनांक 16 जनवरी 2013

क्र. 164 - भू-अर्जन -2012 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि में स्थित परिसम्पत्तियों की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील- गुढ़

(ग) ग्राम- पांती

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 7.091 हेक्टेयर.

अर्जित रकबा (हे. में) कुल रकबा (हे. में)

(3)

(2)

खसरा नम्बर (1)

0.128

1.659

1103/1

1.659

0.128

1103/2

0.068

1120/1 0.798

0.068

0.809

1120/2ख

0.125

1.052

1118/1

0.125

1118/2 0.421

0.360

0.126

1118/3 372

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

(2)

(3) (1)

1114

0.065

0.030 1113

0.072

0.388

0.088 1033

1.943

0.104 999

2.039

1010/1

0.231

0.063 1010/2

0.063

0.235

0.243

1006/1

0.044 1006/3

0.162

0.043

0.052

0.048 1005/1

1011/1

0.328

0.110 1012

0.064

0.044 1004/3 0.053

0.044 1002

1.538

0.020 1015

1.028

0.164 831

0.202

0.039

0.162

829/1

0.012 929/2

0.138

0.012 830/1

0.843

0.110 827

0.082

0.497

828

0.062

0.143

794

0.263

0.720 1025/1

0.124

0.397

771/1

0.039

0.117

771/2

0.077

0.036 771/5

0.077

0.036 772

0.065

0.004 774

0.233

0.052

0.233

0.060 775/1

775/2

0.230

0.054 776/1

0.388

0.007 777

0.268

0.022 767/1

0.069

0.039 767/2

0.049

0.049 766

0.182

0.064 765

0.251

0.045 758/1

0.206

0.091 757/1

0.136

0.042 757/3

0.113

0.040 757/4

0.135

0.019 760

0.214

0.056 761

0.255

0.040 762/2

0.590

0.007 736

0.212

0.043

(3)

(1) (2)

0.076

737/1

0.105

0.002

732/3

0.028

0.005

0.321

735

0.036

0.099

731 /2क

0.036

0.099

731/ 2ख

0.020

0.324

727/5

0.016

0.003

730/5

0.030

0.763

640

0.016

0.093

641

0.080

0.967

642/1

0.200

1.003

642/2

0.587

0.350

570/1

0.250

570/2

1.182

0.014

568

0.073

0.325

0.016

452/2

0.017

0.017

454/4

0.013

0.013

54/3

0.003

54/2

0.026

0.587

0.120

456/4

0.027

0.109

453

0.032

451

0.660

0.036

254/4

0.111

0.045

0.014

54/3

0.242

0.723

254/2

0.044

0.182

54/1

0.029

0.138

263

264

0.348

0.100

0.022

270

0.134

0.054

0.214

271

0.006

0.061

272/1

0.004

0.089

272/2

0.166

0.020

241

0.380

0.030

240

0.005

0.498

243

0.048

0.364

239

0.348

0.048

238

0.254

1.194

237

0.048

0.075

225/1

0.048

0.075

225/2

0.090

224/1

0.507

0.090

224/2

0.508

0.048

0.825

223

0.107

1.420

217 भाग 1 ]

373

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 जनवरी 2013

(2)

(3)

(1)

0.583

0.009

199/1

198

0.474

0.042

0.027

193/2

0.049

193/3

0.027

0.045

0.027

193/4

0.045

193/5

0.045

0.030

192

0.812

0.018

0.171

0.664

191

190/2

0.328

0.087

913/1

2.120

0.104

0.104

2.273

914

कुल योग.. 7.091

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- गूढ़- मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत पांती शाखा नहर के निर्माण कार्य हेतु उपरोक्त खसरों की भूमि एवं अर्जित किये जाने वाले क्षेत्रफल पर स्थित परिसम्पत्तियों का अर्जन.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 166 - भू-अर्जन-2012.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि में स्थित परिसंपत्तियों की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील-गुढ़

(ग ) ग्राम- भटिगवां

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-8.587 हेक्टेयर.

खसरा

अर्जित रकबा नम्बर

कुल रकबा (हे. में)

(हे. में) (1)

(2)

(3)

164/1

0.040

0.040

164/2

0.060

0.195

164/3

0.060

0.121

165

0.077

0.050

166

0.120

0.134

167

0.344

0.260

168

0.134

0.024

0.040

169

0.093

(3)

(2)

(1)

0.505

0.728

177/1

0.055

0.055

177/2

0.060

0.079

177/3

0.190

177/4

0.425

0.190

177/5

0.425

0.210

177/6

0.425

0.150

177/7

0.297

0.160

0.458

179

0.720

180/1

1.352

0.700

1.349

180/2

0.150

0.202

216

0.008

217

0.061

0.060

0.158

218

0.008

222/ 1 क 0.073

0.008

0.073

222/ 1 ख

0.054

0.142

1.652

0.410

250/1

0.410

250/2

1.582

0.180

250/3

0.639

0.150

253

0.150

0.040

0.040

254

0.024

0.020

255

0.400

256

0.555

0.130

257

0.575

0.020

258

0.065

1.320

2.116

263

0.134

0.050

264

0.227

0.050

270

0.421

0.421

271

0.030

272

0.045

0.144

0.466

273

0.150

0.490

274

0.426

0.551

275

0.320

1.578

276/1

0.030

0.971

276/2

कुल योग.. 8.587

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- गूढ़- मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत मुख्य नहर के निर्माण कार्य हेतु उपरोक्त खसरों की भूमि एवं अर्जित किये जाने वाले क्षेत्रफल पर स्थित परिसम्पत्तियों का अर्जन.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक , भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

374

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 जनवरी 2013

क्र. 168- भू- अर्जन- 2012.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि में स्थित परिसम्पत्तियों की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील- गुढ़

(ग) ग्राम-सठीहा

लगभग क्षेत्रफल-0.236 हेक्टेयर.

(घ )

कुल रकबा (हे. में)

अर्जित रकबा (हे. में) खसरा नम्बर (1)

(2)

(3)

127

0.045

0.291

0.231

128/1

0.034

128/2

0.235

0.034

130/1

0.259

0.059

130/2

0.255

0.059

0.360

0.003

131

0.236

कुल योग ..

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- गुढ़- मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत पांती शाखा नहर के निर्माण कार्य हेतु उपरोक्त खसरों की भूमि एवं अर्जित किये जाने वाले क्षेत्रफल पर स्थित परिसम्पत्यिों का अर्जन.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग, जिला रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 170 - भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि में स्थित परिसम्पत्तियों की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख ) तहसील-गुढ़

(ग ) ग्राम- बदवार

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-3.038 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा (हे. में) (3)

कुल रकबा (हे. में) (2)

(1)

0.350

1.589

5091

0.050

5098

1.234

0.004

5111

0.073

0.020

0.085

5114/2

0.028

0.004

5118

0.004

5119

0.016

0.050

0.065

5120

5121

0.077

0.030

0.089

5122

0.089

0.182

0.182

5123/1

0.020

0.061

5123/2

0.020

0.020

5124

0.024

5125

0.024

5126

0.061

0.061

0.024

0.024

5127

0.049

5128

0.049

0.045

0.045

5129

0.080

5130

0.235

0.020

0.125

5131

0.069

5132

0.069

0.081

0.081

5133

0.084

0.348

5134

0.410

5135/1

0.474

0.410

0.470

5135/2

0.090

5136

0.247

0.040

5145

0.142

0.053

5146

0.053

0.032

0.006

5147

0.093

5148

0.093

0.053

0.053

5149

0.036

0.034

5150/1

5150/2 0.036

0.034

0.070

0.072

5150/3

0.018

0.012

5150/4

0.044

0.053

5151

5152

0.182

0.045

0.142

0.142

5153/1

0.045

0.045

5153/2

0.053

0.040

5154 भाग 1 ]

375

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

(1)

(2)

(3)

5155

0.061

0.006

5156

0.032

0.004

5157

0.049

0.049

5158

0.101

0.101

5159/2 0.032

0.032

0.028

5159/1

5160

0.235

0.050

कुल योग.. 3.038

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- गुढ़- मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना की मुख्य नहर के निर्माण कार्य हेतु उपरोक्त खसरों की भूमि एवं अर्जित किये जाने वाले क्षेत्रफल पर स्थित परिसम्पत्यिों का अर्जन.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 172- भू- अर्जन-2012 .-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 संशोधन ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि में स्थित परिसम्पत्तियों की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला -रीवा

(ख) तहसील - गुढ़

(ग ) ग्राम- सहिजनहा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.555 हेक्टेयर .

खसरा नम्बर

कुल रकबा (हे. में)

अर्जित रकबा (हे. में)

(1)

(2)

(3)

562/1

0.040

0.173

561/1

0.158

0.032

560

0.072

0.656

0.024

559/1

0.069

558/1

0.072

0.299

557

0.139

0.571

556/2

0.002

0.231

552

0.128

0.592

0.227

542

0.032

0.360

541

0.072

(3)

(1)

(2)

0.032

0.078

531/1

0.060

532/2

0.184

532/3

0.360

0.120

0.057

526/2 ख

0.049

0.038

525

0.125

0.020

0.053

511/3 ख

0.060

511/1

0.809

0.627

0.85

524/1 ग

0.085

0.628

524/1 ख

0.063

524/1 क 1 0.202

0.002

0.008

524/3ख

523/1

1.555

0.136 हे

0.060

0.6111

603

0.192

267/2

1.146

0.120

0.585

265/2

0.120

265/3

0.585

0.120

265/4

0.584

0.014

0.162

263

0.024

0.097

264

0.100

0.364

287/1

0.080

287/2

0.202

287/3

0.372

0.100

0.377

0.100

243/1

0.372

0.100

243/2

242/1

0.166

0.007

0.081

0.010

241/1

0.060

240

0.295

0.005

0.328

239

0.040

299/2

0.190

कुल योग.. 2.555

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- गुढ़- मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत सहिजना शाखा नहर के निर्माण कार्य हेतु उपरोक्त खसरों की भूमि एवं अर्जित किये जाने वाले क्षेत्रफल पर स्थित परिसम्पत्तियों काअर्जन.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग, जिला रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 174- भू-अर्जन- 2012.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि में स्थित परिसम्पत्तियों की 376

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख ) तहसील- गुढ़

(ग) ग्राम-बौलिहा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.480 हेक्टेयर.

खसरा

नम्बर

कुल रकबा (हे. में)

अर्जित रकबा (हे. में)

(3)

(1)

(2)

61

0.129

0.368

62

1.923

0.316

41

0.995

0.014

40

0.159

0.021

कुल योग .. 0.480

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. - गुढ़- मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत अमिरती शाखा नहर के निर्माण कार्य हेतु उपरोक्त खसरों की भूमि एवं अर्जित किये जाने वाले क्षेत्रफल पर स्थित परिसम्पत्तियों काअर्जन.

( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 176- भू-अर्जन-2012.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि में स्थित परिसम्पत्तियों की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील- गुढ़

(ग ) ग्राम- धांधी 296

( घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.382 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

कुल रकबा (हे. में)

अर्जित रकबा (हे. में) (1)

(2)

(3)

346

0.299

0.014

312

0.178

0.068

0.365

311

0.098

0.028

310

0.012

228

0.186

0.064

225

0.243

0.068

(2)

(3)

(1)

0.113

0.006

226

0.010

0.409

223

0.068

0.275

224

0.061

180

0.304

0.172

0.348

181

0.130

0.531

217/1

0.130

195

0.498

0.056

0.291

193/2

0.030

0.517

197

0.064

122

0.219

0.044

108

0.340

0.024

107

0.138

0.012

106/1

0.089

0.010

106/2

0.045

0.002

0.045

105/1

0.224

104

0.907

कुल योग.. 1.382

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है .- गुढ़- मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत अमिरती शाखा नहर के निर्माण कार्य हेतु उपरोक्त खसरों की भूमि एवं अर्जित किये जाने वाले क्षेत्रफल पर स्थित परिसम्पत्तियों का अर्जन.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग, जिला रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. 178 - भू- अर्जन- 2012.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि में स्थित परिसम्पत्तियों की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला- रीवा

(ख ) तहसील-गुढ़

(ग) ग्राम-करौंदी

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.012 हेक्टेयर .

अर्जित रकबा (हे. में)

(3)

कुल रकबा (हे. में) (2)

खसरा नम्बर (1)

0.176

1.121

892

893

0.013

0.125

0.005

0.206

894

0.235

897

0.067

0.100

0.384

898

0.263

0.052

901

902

0.534

0.104

0.237

911/1

0.039 भाग 1 ]

377

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

(1)

(2)

(3) 912

0.016

0.014

0.045

914

0.352

935/1

0.223

0.025

939/3

0.384

1.684

1.021

कुल योग..

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. - गुढ़- मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत अमिरती शाखा नहर के निर्माण कार्य हेतु उपरोक्त खसरों की भूमि एवं अर्जित किये जाने वाले क्षेत्रफल पर स्थित परिसम्पत्यिों का अर्जन.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग, जिला रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. 180 - भू-अर्जन-2012.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 संशोधन (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि में स्थित परिसम्पत्तियों की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील-गुढ़

(ग ) ग्राम- हरदी

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.971 हेक्टेयर.

खसरा

अर्जित रकबा कुल रकबा

नम्बर

(हे. में)

(हे. में)

(2)

(3)

(1)

511

1.129

0.135

749

0.490

0.105

0.409

747/1

0.003

747/2

0.407

0.282

745

0.022

0.081

744/1

0.469

0.11

744/2क 0.267

0.06

744/2 ख 0.267

0.06

0.470

744/3

0.11

746

0.287

0.039

717

0.001

0.085

731

0.045

0.016

730

0.328

0.078

718

0.312

0.004

0.825

729

0.268

728

0.166

0.005

(3) (1)

(2)

727

0.417

0.174

0.036

0.019

725

0.006

724

1.801

0.067

0.595

631

632/2

0.088

0.300

0.086

633

0.142

0.007

0.275

634

0.373

0.192

635/1

0.022

635/2

0.275

0.053

643

0.162

0.039

0.113

642

0.048

0.118

644/1

0.080

0.194

651

0.692

0.046

652

0.100

658/1

0.684

0.102

656

0.178

0.028

668

0.085

0.104

0.279

667

0.214

0.029

669

0.255

0.068

672

0.121

0.062

679

297

0.178

0.813

0.004

296

0.089

0.068

0.158

289/1

288

0.060

0.113

0.054

0.101

287

0.089

0.031

286

284/1

0.206

0.048

0.034

284/2

0.069

0.022

0.117

283/4

0.202

0.023

283/3

0.018

0.077

283/5

0.072

0.173

261

0.048

262

0.239

0.088

256

0.142

कुल योग.. 2.971

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- गुढ़- मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के अन्तर्गत अमिरती शाखा नहर के निर्माण कार्य हेतु उपरोक्त खसरों की भूमि एवं अर्जित किये जाने वाले क्षेत्रफल पर स्थित परिसम्पत्यिों का अर्जन.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. बी. श्रीवास्तव, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

378

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 जनवरी 2013

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खण्डवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग खण्डवा , दिनांक 16 जनवरी 2013

प्र. क्र. 05- अ-82-2012-2013.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबन्ध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे . :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला- खंडवा

(ख) तहसील-- पुनासा

(ग) नगर/ ग्राम-मोहन्याखुर्द

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.87 हेक्टर.

सर्वे नम्बर

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(2)

(1)

34/1

0.16

0.06

34/2

0.50

161/1

164/1

0.15 योग .. 0.87

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है. - इंदिरा सागर परियोजना के अन्तर्गत एफ. आर. एल. से एम. डब्ल्यू. एल. के बी. डब्ल्यू. एल. के मध्य डूब से प्रभावित होने के कारण.

(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर खंडवा, कार्यपालन, यंत्री नर्मदा विकास संमाग क्रमांक -13 , खंडवा एवं भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , एन.एच.डी.सी. खंडवा, क्रमांक 1 , के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 08- अ- 82-2012-2013.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( क ) के उपबन्ध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) तथा उपधारा ( 4 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होंगे . :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क ) जिला- खंडवा

(ख ) तहसील- पुनासा

(ग ) नगर/ ग्राम- मोहन्याकला

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.53 हेक्टर.

सर्वे नम्बर

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(2)

(1)

0.21

3/1

0.20

94/1

114/1

0.12 योग .. 0.53

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है.- इंदिरा सागर परियोजना के अन्तर्गत एफ. आर. एल. से एम . डब्ल्यू. एल. के बी. डब्ल्यू. एल . के मध्य डूब से प्रभावित होने के कारण.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर खंडवा, कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संमाग क्रमांक -13 , खंडवा एवं भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , एन.एच.डी.सी. खंडवा, क्रमांक 1 , के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नीरज दुबे, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला देवास, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग देवास , दिनांक 18 जनवरी 2013

प्र. क्र. 01 - अ- 82-2012-13-197.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक 379

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

भाग 1 ]

प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- देवास

(ख) तहसील - खातेगांव

(ग) ग्राम- तमरखान, प.ह.नं 21

( घ ) अर्जनीय क्षेत्रफल ( कृषि भूमि ) 5.17 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जनीय रकबा (हेक्टेयर में )

(1)

(2)

81

0.10

91

0.66

92

0.10

93

0.93

156

0.25

157

0.30

159

0.52

160

0.22

161

0.22

162

0.14

163

0.38

164

0.32

205/2

0.44

205/3

0.06

207/2

0.53 योग .. 5.17

कुल रकबा 5.17 हेक्टेयर कृषि भूमि (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- इंदिरा सागर परियोजना के अन्तर्गत ग्राम तमरखार तहसील खातेगांव जिला देवास के एफआरएल में आने वाली भूमि एवं अन्य परिसंपत्तियों बावत्.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर, कार्यालय देवास/कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 13 खण्डवा/भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , खण्डवा क्र. 03 के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 02- अ- 82-2012-13-134.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- देवास

(ख) तहसील-खातेगांव

(ग) ग्राम- सिरालिया रेवातीर, प.ह. नं 22

(घ ) अर्जनीय क्षेत्रफल ( कृषि भूमि ) 2.05 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जनीय रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

123

0.16

0.45

160/2

162

0.18

163

0.62

165

0.36

0.15

166

167

0.13 योग 2.05

कुल रकबा 2.05 हेक्टेयर कृषि भूमि (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- इंदिरा सागर परियोजना के अन्तर्गत ग्राम सिरालिया रेवातीर तहसील खातेगांव जिला देवास के एफआरएल में आने वाली भूमि एवं अन्य परिसंपत्तियों बावत्.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर, कार्यालय देवास/कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 13 खण्डवा/ भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , खण्डवा क्र. 03 के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 03 - अ- 82-2012-13-99.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- देवास

(ख ) तहसील- सतवास 380

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 जनवरी 2013

(ग) ग्राम- मगरदी, प.ह.नं 33

(घ ) अर्जनीय क्षेत्रफल ( कृषि भूमि) 1.10 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जनीय रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

2

1.10

योग .. 1.10

कुल रकबा 1.10 हेक्टेयर कृषि भूमि (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- इंदिरा सागर परियोजना के अन्तर्गत ग्राम मगरदी तहसील सतवास जिला देवास के एफआरएल में आने वाली भूमि एवं अन्य परिसंपत्तियों बावत्.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर, कार्यालय देवास/कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 13 , खण्डवा/भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , खण्डवा क्र . 03 के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 04- अ- 82-2012-13-13.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: --

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- देवास

(ख ) तहसील- सतवास

(ग ) ग्राम- सुरलाय, प.ह.नं 34

(घ ) अर्जनीय क्षेत्रफल ( कृषि भूमि ) 7.15 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

(1)

अर्जनीय रकबा (हेक्टेयर में) (2)

24/1

0.12

24/4

0.08

24/5

0.06

24/6

0.62

25/1

0.07

26/1

0.75

(1)

(2)

0.57

38/2

38/3

2.27

46/1

0.24

0.20

55/3

0.99

61/4

0.12

122/1

1.06

126/3

योग .. 7.15

कुल रकबा 7.15 हेक्टेयर कृषि भूमि (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- इंदिरा सागर परियोजना के अन्तर्गत ग्राम सुरलाय तहसील सतवास जिला देवास के एफआरएल में आने वाली भूमि एवं अन्य परिसंपत्तियों बावत्.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर , कार्यालय देवास/कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 13 , खण्डवा/भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी, खण्डवा क्र. 03 के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 05 - अ- 82-2012-13-183. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-देवास

(ख ) तहसील- सतवास

(ग ) ग्राम-रोहन्या, प.ह.नं 34

(घ ) अर्जनीय क्षेत्रफल ( कृषि भूमि ) 14.05 हेक्टेयर .

खसरा नंबर

अर्जनीय रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

0.39

17/4

1.50

17/5

0.23

17/6

22/1

0.37

23/1

0.31

0.88

24/1

0.35

25/1 भाग 1 ]

381

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 जनवरी 2013

(2)

(1)

26/1

0.26

29/1

0.17

0.40

29/2

55/2

0.05

0.32

55/3

0.45

55/4

57/1

0.28

57/2

0.58

142

0.66

144/1

0.17

145/2

0.89

146/2

1.93

0.13

182/2

183/2

1.73

233/20

0.87

233/25

0.40

0.20

233/26

233/27

0.16

233/28

0.16

245/2

0.21

योग .. 14.05

कुल रकबा 14.05 हेक्टेयर कृषि भूमि (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- इंदिरा सागर परियोजना के अन्तर्गत ग्राम रोहन्या तहसील सतवास जिला देवास के एफआरएल में आने वाली भूमि एवं अन्य परिसंपत्तियों बावत्.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर, कार्यालय देवास/कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 13, खण्डवा/भू-अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , खण्डवा क्र. 03 के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 06- अ- 82-2012-13-141.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-देवास

(ख ) तहसील- सतवास

( ग ) ग्राम- खारियां, प.ह.नं 34

(घ) अर्जनीय क्षेत्रफल ( कृषि भूमि ) 3.98 हेक्टेयर .

खसरा नंबर

अर्जनीय रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

0.17

128/3

0.37

135/3

0.35

135/4

0.40

409/2

0.12

409/3

0.25

409/4

1.05

409/5

0.55

409/6

0.05

410/2

0.04

410/3

0.22

410/4

0.41

412/1

3.98

योग

कुल रकबा 3.98 हेक्टेयर कृषि भूमि ( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- इंदिरा सागर परियोजना के अन्तर्गत ग्राम खारियां तहसील सतवास जिला देवास के एफआरएल में आने वाली भूमि एवं अन्य परिसंपत्तियों बावत्.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर, कार्यालय देवास/कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 13 , खण्डवा/भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , खण्डवा क्र. 03 के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 07- अ - 82-2012-13-120.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- देवास

(ख ) तहसील- सतवास

(ग ) ग्राम- पोखरबुर्जग , प.ह.नं 33 382

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

(घ ) अर्जनीय क्षेत्रफल ( कृषि भूमि ) 8.12 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जनीय रकबा (हेक्टेयर में )

(1)

(2)

76/1

0.730

76/2

0.680

77/1

0.600

0.600

77/2

0.200

77/3

0.640

78/1

0.130

78/2

79/1

0.500

0.520

79/2

0.050

79/3

100/1

0.300

0.340

100/2

0.280

101/1

1.820

102.

105

0.430

106

0.100

80/3

0.120

0.080

104

योग .. 8.12

कुल रकबा 8.12 हेक्टेयर कृषि भूमि ( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- इंदिरा सागर परियोजना के अन्तर्गत ग्राम पोखरबुजुर्ग तहसील सतवास जिला देवास के एफआरएल में आने वाली भूमि एवं अन्य परिसंपत्तियों बावत्.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर, कार्यालय देवास/कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 13, खण्डवा/भू-अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी, खण्डवा क्र . 03 के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 08 - अ- 82-2012-13-162.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला- देवास

(ख) तहसील- सतवास

(ग) ग्राम- भामर, प.ह.नं 33

(घ) अर्जनीय क्षेत्रफल ( कृषि भूमि) 14.23 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जनीय रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

0.32

115/1

0.28

118/1

0.17

350/2

0.24

351/1

1.31

368/1

0.12

369/2

0.15

370/5

370/6

0.38

0.30

370/7

0.37

370/8

0.18

375/1

0.20

389/1

0.25

391/1

1.42

392/1

1.42

392/2

1.00

396/1

0.35

396/2

0.81

397/1

398/1

0.12

0.23

399/1

400/1

0.57

0.48

401

0.39

402/1

0.92

403/1

0.72

411/1

0.72

413/1

0.65

414/1

0.16

414/3

योग .. 14.23

कुल रकबा 14.23 हेक्टेयर कृषि भूमि (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- इंदिरा सागर परियोजना के अन्तर्गत ग्राम भामर तहसील सतवास जिला देवास के एफआरएल में आने वाली भूमि एवं अन्य परिसंपत्तियों बावत्.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर, कार्यालय देवास/कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 13, खण्डवा/भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , खण्डवा क्र. 03 के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है .

383

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

भाग 1 ]

प्र. क्र. 09- अ-82-2012-13-106.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- देवास

(ख) तहसील- सतवास

(ग ) ग्राम- निमलाय , प.ह.नं 34

(घ ) अर्जनीय क्षेत्रफल ( कृषि भूमि ) 6.84 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जनीय रकबा (हेक्टेयर में )

(1)

(2)

238/1

0.15

238/2

0.17

242/1

0.18

242/3

0.23

242/4

0.15

245/1

0.79

247/1

0.17

247/3

0.38

272/1

0.87

1.22

280/1

281/1

0.98

282/1

0.81

283/1

0.74

योग .. 6.84

कुल रकबा 6.84 हेक्टेयर कृषि भूमि (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- इंदिरा सागर परियोजना के अन्तर्गत ग्राम निमलाय तहसील सतवास जिला देवास के एफआरएल में आने वाली भूमि एवं अन्य परिसंपत्तियों बावत्.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर, कार्यालय देवास/कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 13 , खण्डवा/भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , खण्डवा क्र. 03 के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 10- अ- 82-2012-13-176.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- देवास

(ख) तहसील- सतवास

(ग ) ग्राम- खपरास , प.ह.नं 31

(घ) अर्जनीय क्षेत्रफल ( कृषि भूमि ) 0.30 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जनीय रकबा (हेक्टेयर में )

(2)

(1)

0.30

324

योग 0.30

कुल रकबा 0.30 हेक्टेयर कृषि भूमि (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- इंदिरा सागर परियोजना के अन्तर्गत ग्राम खपरास तहसील सतवास जिला देवास के एफआरएल में आने वाली भूमि एवं अन्य परिसंपत्तियों बावत्.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर, कार्यालय देवास/कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 13 , खण्डवा/भू-अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , खण्डवा क्र. 03 के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 11 - अ-82-2012-13-169.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- देवास

(ख ) तहसील-सतवास 384

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

(ग) ग्राम-कोठड़ा, प.ह.नं 32

( घ ) अर्जनीय क्षेत्रफल ( कृषि भूमि ) 7.45 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जनीय रकबा

(हेक्टेयर में)

(1)

(2)

25 पै. की.

0.26

26

0.90

28

0.87

30

0.60

32/1

0.58

33/1 पै . की.

1.43

34/1 पै. की.

0.40

34/3 पै . की.

0.59

0.03

40 पै. की.

41 पै. की.

0.39

42

0.63

43 पै. की.

0.74

44 पै. की.

0.03

योग .. 7.45

कुल रकबा 7.45 हेक्टेयर कृषि भूमि (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- इंदिरा सागर परियोजना के अन्तर्गत ग्राम कोठड़ा तहसील सतवास जिला देवास के एफआरएल में आने वाली भूमि एवं अन्य परिसंपत्तियों बावत्.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर , कार्यालय देवास/कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 13 , खण्डवा/भू-अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , खण्डवा क्र. 03 के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 12- अ- 82-2012-13-127.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- देवास

(ख) तहसील - खातेगांव

[भाग 1 (ग ) ग्राम - मिर्जापुर, प.ह.नं 21

(घ ) अर्जनीय क्षेत्रफल ( कृषि भूमि) 6.50 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जनीय रकबा (हेक्टेयर में )

(2)

(1)

0.27

95

0.22

98/1

100/1

0.26

0.41

109/1

153

0.20

156/1

0.26

156/2/1

0.35

0.38

156/3

0.28

156/4

156/5

0.45

0.23

157/1

158/1

0.18

0.38

160/1

160/2

0.62

0.26

161/1

0.65

162/1

0.12

165/1/1

0.25

165/2/1

166/3

0.17

209/1

0.10

0.46

210/1

योग 6.50

कुल रकबा 6.50 हेक्टेयर कृषि भूमि (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- इंदिरा सागर परियोजना के अन्तर्गत ग्राम मिर्जापुर तहसील खातेगांव जिला देवास के एफआरएल में आने वाली भूमि एवं अन्य परिसंपत्तियों बावत्.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर, कार्यालय देवास/कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 13, खण्डवा/भू-अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , खण्डवा क्र. 03 के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है .

भाग 1 ]

385

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

प्र. क्र. - 13- अ- 82-2012-13-190.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- देवास

(ख ) तहसील- खातेगांव

(ग) ग्राम- नयापुरा, प.ह.नं. 21

( घ ) अर्जनीय क्षेत्रफल ( कृषि भूमि) - 6.46 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

अर्जनीय रकबा ( हेक्टेयर में )

(1)

(2)

32

0.33

63/1

0.59

63/8

0.30

0.44

64/1

0.27

65/1

66/1

0.63

0.38

68/1

68/2

1.43

0.30

68/3

68/4

0.68

68/5

0.40

68/6

0.36

69

0.35

योग .. 6.46

कुल रकबा-6.46 हेक्टेयर ( कृषि भूमि) ( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- इंदिरा सागर परियोजना के अन्तर्गत ग्राम नयापुरा, तहसील खातेगांव, जिला देवास के एफआरएल में आने वाली भूमि एवं अन्य परिसंपत्तियों बावत्.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर, कार्यालय , देवास/कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 13 खण्डवा/भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी, खण्डवा क्र. 03 के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. - 14-अ- 82-2012-13-155.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- देवास

(ख) तहसील - सतवास

(ग) ग्राम- फतेहगढ़ , प.ह.नं. 32

(घ ) अर्जनीय क्षेत्रफल ( कृषि भूमि) - 1.08 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

(1)

अर्जनीय रकबा (हेक्टेयर में) (2)

0.15

114/2

0.90

114/3

116/1

0.03 योग .. 1.08 कुल रकबा-1.08 हेक्टेयर ( कृषि भूमि) (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- इंदिरा सागर परियोजना के अन्तर्गत ग्राम फतेहगढ़, तहसील सतवास, जिला देवास के एफआरएल में आने वाली भूमि एवं अन्य परिसंपत्तियों बावत्.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर, कार्यालय , देवास/कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 13 खण्डवा/भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , खण्डवा क्र. 03 के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. - 15 - अ- 82-2012-13-148. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है: -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- देवास 386

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

(ख ) तहसील-खातेगांव

(ग ) ग्राम- भांजाखेड़ी, प.ह.नं. 22

(घ) अर्जनीय क्षेत्रफल- 1.94 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

अर्जनीय रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

3/1

0.12

3/2

0.43

70

0.97

72

0.42

योग .. 1.94

कुल रकबा-1.94 हेक्टेयर ( कृषि भूमि) (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- इंदिरा सागर परियोजना के अन्तर्गत ग्राम भांजाखेड़ी, तहसील सतवास, जिला देवास के एफआरएल में आने वाली भूमि एवं अन्य परिसंपत्तियों बावत्.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कलेक्टर, कार्यालय , देवास/कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 13 खण्डवा/ भू- अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी , खण्डवा क्र. 03 के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. के. अग्रवाल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला मन्दसौर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग मन्दसौर, दिनांक 16 जनवरी 2013

प्र. क्र. 01 - अ-82-2010-11-क्र. भू-अर्जन.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- मन्दसौर

(ख ) तहसील- मल्हारगढ़

(ग) नगर/ग्राम- काचरिया नो

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.05 हेक्टर.

सर्वे नंबर

कुल रकबा (हेक्टर में)

(2)

अर्जित रकबा (हेक्टर में) (3)

(1)

( 1 ) नहर, ग्राम-काचरिया नो

0.05

0.32

144

योग . 0.05 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- काचरिया नो काका साहब गाडगिल सागर नहर निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , मल्हारगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, मन्दसौर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शशांक मिश्र , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला बड़वानी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग बड़वानी , दिनांक 29 दिसम्बर 2012

संशोधित उद्घोषणा

क्र. 2272 - भू- अर्जन- 2012- भू-अर्जन-प्र. क्र. 26 - अ-82-2011- 12.- भू-अर्जन प्रकरण क्रमांक 26-अ-82-2011-12 में इस कार्यालय द्वारा जारी कमोदवाडा तालाब एवं नहर निर्माण योजना हेतु ग्राम धनोरी की निजी भूमि क्षेत्रफल 36.845 हे. का अर्जन हेतु अधिनियम की धारा 6 की " उद्घोषणा " क्रमांक- 1426 - भू-अर्जन-2012 , बड़वानी, दिनांक 23 अगस्त 2012 का प्रकाशन मध्यप्रदेश राजपत्र के भाग- एक में दिनांक 7 सितम्बर 2012 को पृष्ठ क्रमांक 3337 एवं 3338 पर हुआ है , स्थानीय दैनिक हिन्दी समाचार- पत्र " स्वदेश " में दिनांक 4 सितम्बर 2012 में पृष्ठ क्रमांक 8 एवं " पीपुल्स समाचार " में दिनांक 4 सितम्बर 2012 में पृष्ठ क्रमांक -4 में प्रकाशन हुआ है. अतः उक्त " उद्घोषणा" में निम्नानुसार संशोधन पढ़ा जाए : -

संशोधित उद्घोषणा में प्रकाशन हेतु संशोधन अनुसार सर्वे नम्बर एवं क्षेत्रफल पूर्व में प्रकाशित उद्घोषणा में त्रुटिपूर्ण सर्वे नम्बर एवं क्षेत्रफल

सर्वे नम्बर

सर्वे नम्बर

क्षेत्रफल क्षेत्रफल

0.453 4/2

0.453

4/2, 4/5

22/1

1.902

1.902 शेष स्थिति पूर्व प्रकाशित उद्घोषणा में यथावत रहेगी.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, श्रीमन् शुक्ला, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

भाग 1 ]

387

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

कार्यालय, कलेक्टर, जिला बैतूल , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग बैतूल , दिनांक 17 जनवरी 2013

प्र. क्र. 32- अ- 82- वर्ष 2011-12 - भू-अर्जन- 622.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- बैतूल

(ख ) तहसील- बैतूल

( ग) नगर/ग्राम-जावरा

(घ ) पटवारी हल्का नम्बर -69

(ङ) लगभग क्षेत्रफल- 46.842 हेक्टेयर.

खसरा

नम्बर

रकबा (हेक्टर में )

(2)

(1)

742/1

0.624

742/6

0.411

0.128

739/4

742/2

0.750

1.011

742/7

739/3

0.350

0.667

742/3

0.405

742/5

742/4

1.405

0.217

743/1

0.109

743/3

741/3

0.127

0.675

767/1

0.908

768

769

2.305

773/1

0.080

810/1

0.969

810/4

0.600

773/2

0.161

810/3

2.000

0.040

741/1

(2)

(1)

743/2

0.435

0.421

741/2

0.151

808/1

603/5

0.911

712/2

0.333

809/5

0.230

0.248

729/4

716

0.243

809/2

0.260

0.844

730/2

0.186

711

0.405

810/2

730/3

0.101

712/1

0.331

0.161

811/2

733

0.104

0.202

717

814

0.486

602

0.283

0.507

718/1

815

0.550

725

0.462

0.676

719

0.283

821

0.121

696

808/2

0.151

0.580

809/3

710

0.219

809/1

0.351

0.242

729/2

0.668

713

808/3

0.224

730/1

0.845

0.696

707

809/4

0.230

0.020

597

708

0.684

811/1

0.461

730/4

0.844

0.202

714

812

0.625

0.295

592/4

0.223

715

0.151

695 388

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 जनवरी 2013

(2) (1)

605

0.101 718/2

0.202 816

0.062 740/3

0.162

0.089 720/1

0.194 740/4

720/2

0.109 694

0.060 730/6

0.282

0.121 722

0.101 697/2

592/3

0.290 606

0.121 698

0.352 596

0.053 726

0.462 700

0.388

0.046 595/2

0.620 727/1

703

0.125

0.075 454

0.287 729/1

704

2.545 385

0.040 598

0.395 706

0.235 443/1

0.025 727/3

0.620 443/2

0.091 435/2

0.070 693/1

0.018 730/5

0.281

0.121 721

0.162 697/1

0.020 731/2

724

0.462 697/3

0.233 597

0.072 723

0.121 699

0.413 383

0.120 604

0.121 701

0.250 595/1

0.046 603/4

0.620

(2)

(1)

702

0.125

0.080

735

0.242

729/3

0.243

705

0.140

444/1

0.621

727/2

0.178

709

0.030

443/3

0.050

435/1

0.040

435/3

0.030

435/4

0.088

420

0.080

386/1

0.010

386/2

0.030

364/3

0.100

347

349

0.130

0.055

351

0.190

353/3

0.144

333

0.012

334/2

0.105

205/2

0.076

204/2

206

0.145

0.160

207

0.081

209/1

0.103

742/8

0.081

432

0.040

419

0.150

378/1

0.080

377

0.200

363

0.010

348/5

0.080

350/2

0.084

353/1

0.192

353/4

0.031

332/1

0.013

332/2

0.264

205/1

0.009

204/1

0.110

200/1

210/1

0.080

0.160

211

योग .. 46.842 389

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

भाग 1 ]

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- अपर जावरा जलाशय एवं नहर निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , बैतूल के न्यायालय में देखा जा सकता है .

(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र. 2 , बैतूल के कार्यालय में भी देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. चन्द्रशेखर , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला भिण्ड, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग भिण्ड, दिनांक 17 जनवरी 2013

क्र. क्यू- कोर्ट - 14 - भू-अर्जन-141-12-13.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- भिण्ड

(ख ) तहसील - गोहद

(ग) नगर/ग्राम - डिरमन

( घ ) कुल क्षेत्रफल -0.79 हेक्टर.

सर्वे नंबर

कुल रकबा अर्जित किये जाने वाला रकबा (हेक्टर में ) (1)

(हेक्टर में) (2)

(3)

1.480

118 119

2.310

0.14 0.65 योग .. 0.79 (2) भूमि अर्जन का प्रयोजन-हरसी उच्चस्तरीय नहर की शीतला माता शाखा नहर के निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन अधिकारी, गोहद के कार्यालय में किया जा सकता है.

(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्चस्तरीय नहर संभाग क्र. 2, ग्वालियर के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. क्यू-कोर्ट - 14 - भू-अर्जन-142-12-13.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- भिण्ड

(ख ) तहसील- गोहद

(ग ) नगर/ग्राम - आलोरी

(घ ) कुल क्षेत्रफल-0.27 हेक्टर.

सर्वे नंबर

अर्जित किये जाने

कुल रकबा

वाला रकबा

(हेक्टर में)

(हेक्टर में) (3)

(2)

(1)

7.76

2459

0.27 योग .. 0.27 (2) भूमि अर्जन का प्रयोजन- हरसी उच्चस्तरीय नहर की शीतला माता शाखा नहर के निर्माण हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी, गोहद के कार्यालय में किया जा सकता है.

(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्चस्तरीय नहर संभाग क्र. 2 , ग्वालियर के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. क्यू-कोर्ट- 14- भू-अर्जन-143-12-13. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह 390

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- भिण्ड

(ख ) तहसील- गोहद

(ग) नगर/ग्राम - खरौआ

(घ) कुल क्षेत्रफल-1.66 हेक्टर.

सर्वे नंबर

कुल रकबा अर्जित किये जाने वाला रकबा

(हेक्टर में )

(हेक्टर में)

(3)

(2)

(1)

0.11 2396

0.47

0.35

2397/1

0.08 2397/2

0.04

0.34

2398

0.67

0.16 2400

1.49

0.01 2387

0.12

0.97

2409

0.11

0.86

2411

0.45

0.16 2380

0.93

0.04 2381

0.30

0.13 2382

0.34

0.06

0.27 2384

0.74

2395

0.48

0.03 2468

0.41

0.02

0.20 2470

0.92

2469

0.31

0.12

योग .. 1.66 (2 ) भूमि अर्जन का प्रयोजन- हरसी उच्चस्तरीय नहर की शीतला माता शाखा नहर के निर्माण हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , गोहद के कार्यालय में किया जा सकता है.

(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्चस्तरीय नहर संभाग क्र. 2, ग्वालियर के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. क्यू- कोर्ट- 14- भू-अर्जन-144-12-13. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- भिण्ड

(ख) तहसील- गोहद

(ग) नगर/ग्राम - कमलापुर

(घ ) कुल क्षेत्रफल-1.61 हेक्टर.

सर्वे नंबर

कुल रकबा अर्जित किये जाने वाला रकबा

(हेक्टर में)

(हेक्टर में )

(2)

(3) (1)

46

0.12

0.52

0.22 47

0.48

0.01

0.66

48

0.15 52

1.29

1.36

0.15 53

0.12

1.12

248

0.37

1.65

249

0.20

2.12

250

0.98

0.27 252

योग .. 1.61 (2 ) भूमि अर्जन का प्रयोजन- हरसी उच्चस्तरीय नहर की शीतला माता शाखा नहर के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी , गोहद के कार्यालय में किया जा सकता है .

(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्चस्तरीय नहर संभाग क्र. 2 , ग्वालियर के कार्यालय में किया जा सकता है .

क्र. क्यू-कोर्ट- 14 - भू-अर्जन-145-12-13. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू-अर्जन भाग 1 ]

391

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- भिण्ड

(ख ) तहसील- गोहद

(ग ) नगर/ग्राम -रामपुरा

(घ ) कुल क्षेत्रफल-7.04 हेक्टर .

सर्वे नंबर

कुल रकबा

(हेक्टर में)

अर्जित किये जाने वाला रकबा (हेक्टर में ) (1)

(2)

(3) 220

0.10

0.42

222

1.08

0.10 319

0.02

0.61

242

1.13

0.24 244

1.14

0.26 253

0.55

0.09 254

1.49

0.08

1.19

261

0.14

0.59

0.03 743

277

0.55

0.24 279

0.20

0.61

281

0.70

0.05 741

1.22

0.12

0.01 318/1

0.02

321

0.30

0.01 739

0.12

1.17

0.20

1.06

414

415

1.41

0.11 417/1

0.04

0.55

417/2

0.04

0.55

745/2

0.17

0.55

417/3

0.09

1.10

419

0.05

0.42

257

0.17

0.72

427

0.62

0.02

(2)

(3) (1)

0.08

0.78

428

0.03 433

0.47

0.26 434

0.74

0.30 443

1.24

0.36 550

0.76

0.02 551

0.75

0.44 554

0.90

725

0.87

0.01

0.78

726

0.03

0.21

0.01 737

0.20

0.90

749

0.10

0.40

745/1

0.14

1.89

747

0.19

1.52

793

0.20

1.79

794

0.37

1.77

799

0.65

2.30

809

0.02

2.03

811

0.22 825

0.79

0.24 826

2.80

0.21

0.87

830

0.24 835

1.14

0.01 838

2.31

840

2.16

0.01

योग .. 7.04 (2 ) भूमि अर्जन का प्रयोजन- हरसी उच्चस्तरीय नहर की शीतला माता शाखा नहर के निर्माण हेतु .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन अधिकारी, गोहद के कार्यालय में किया जा सकता है .

(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्चस्तरीय नहर संभाग क्र. 2 , ग्वालियर के कार्यालय में किया जा सकता है.

क्र. क्यू- कोर्ट - 14- भू-अर्जन-146-12-13. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा 392

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जनवरी 2013

यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- भिण्ड

(ख ) तहसील - गोहद

(ग) नगर/ग्राम- पिपरसाना

(घ ) कुल क्षेत्रफल-6.74 हेक्टर.

सर्वे नंबर

कुल रकबा

(हेक्टर में)

अर्जित किये जाने वाला रकबा (हेक्टर में) (1)

(2)

(3) 1

1.14

0.01 2

0.15

0.57

3

1.39

0.36 4

0.50

0.11 5

0.04

0.01 6

1.37

0.22 11

0.69

0.21 12

0.61

0.05 13

1.19

0.01 14

0.30

0.12 15

0.53

0.07 16

0.04

0.01 17

0.80

0.01 136

1.35

0.15 137

1.34

0.19 141

0.85

0.19 143

1.83

0.34 145

0.98

0.02 146

2.08

0.01 4042

0.12

0.14

178

0.24

0.04 177

1.07

0.24 180

0.22

1.39

[भाग 1

(3) (1)

(2)

0.07

0.78

214

0.43

0.09 181

192

0.84

0.13

2.16

0.34 195

1.28

0.22 197

0.25 4031

2.19

4036

0.83

0.15

0.34 4038

1.70

0.04 4041

0.21

0.40

4044

0.05

0.03 4111

0.15

4113

3.26

0.38

0.04 4119

1.18

0.87

0.15 4116

0.04

0.02 4118

4120

0.39

0.10 4121/1

2.79

0.50

0.15 4121/2

0.40

2.33

0.26 4137

0.86

0.15 4805

0.14 4807

0.74

4810

0.89

0.28

योग .. 6.74 (2) भूमि अर्जन का प्रयोजन - हरसी उच्चस्तरीय नहर की शीतला माता शाखा नहर के निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी, गोहद के कार्यालय में किया जा सकता है.

(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्चस्तरीय नहर संभाग क्र. 2 , ग्वालियर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अखिलेश श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 25 January 2013. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2013-01-25.04.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2013-01-25.04.Ordinary.