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प्राधिकृत प्रकाशन
वर्ष ८ वे, राजपत्र क्र. ७] गुरुवार ते बुधवार, फेब्रुवारी १७-२३, २०२२ : माघ/फाल्गुन, २८-४, शके १९४३ [पृष्ठे - २३, स्वतंत्र संकलन म्हणून फाईल करण्यासाठी या भागाला वेगळे पृष्ठ क्रमांक दिले आहेत.
भाग एक--औरंगाबाद विभागीय पुरवणी
अनुक्रमणिका
पृष्ठे --- ते ----
भाग एक-शासकीय अधिसूचना, नेमणुका, पदोन्नती, अनुपस्थितीची रजा (भाग एक-अ, चार-अ, चार-ब व चार-क यामध्ये प्रसिध्द करण्यात आलेले आहेत त्याच्याव्यतिरिक्त) केवळ औरंगाबाद विभागशी संबंधित असलेले नियम व आदेश.
संकीर्ण अधिसूचना, नेमणुका, पदोन्नती इत्यादी केवळ औरंगाबाद विभागशी संबंधित असलेले.
२०७ ते २१८
पृष्ठे ७ ते १७ भाग एक-अ (भाग चार-अ मध्ये प्रसिध्द करण्यात आले आहेत त्या व्यतिरिक्त) केवळ औरंगाबाद विभागशी संबंधित असलेले महाराष्ट्र नगरपालिका, जिल्हा परिषदा व पंचहात समित्या, ग्रामपंचहाती, नगरपंचहाती, नगरपरिषदा, जिल्हा नगरपरिषदा, प्राथमिक शिक्षण व स्थानिक निधी लेखापरीक्षा अधिनियम, या अन्वये काढण्यात आलेले आदेश व अधिसूचना.
संकीर्ण अधिसूचना, नेमणुका, पदोन्नती इत्यादी
१
उपविभागीय अधिकारी, परळी वै. यांजकडून भूमी संपादन पुनर्वसन व पुनस्थार्पना करताना वाजवी भरपाई मिळण्याचा व पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम, २०१३ चे
कलम १९ (१) नुसार
अधिसूचना
क्र. २०२२/एलएनक्यु/सीआर/०१/२०१९.--- ज्याअर्थी, समुचित शासन असलेल्या बीड जिल्ह्यच्या जिल्हाधिकारी यास भूमी संपादन पुनर्वसन व पुनस्थार्पना करताना वाजवी भरपाई मिळण्याचा व पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम, २०१३ (२०१३ चा तीस) (या पुढे ज्याचा निर्देश उक्त अधिनियम असा कला आहे. याचा कलम ११ च्या पोटकलम (१) द्वारे प्रदान करण्यात आलेल्या अधिकाराचा वापर करुन काढण्यात आलेली अधिसूचना महसूल व वन विभाग क्रमांक संकीर्ण ०१/२०१४ व प्र.क्र. ७७/अ-२ दिनांक १९/०१/ २०१५ अन्वये प्रांरभीक अधिसूचना काढली आहे आणि त्याद्वारे असे अनुसूचीत केले आहे की, या सोबत जोडलेल्या अनुसूची १ मध्ये अधिक तपशीलावर औ. भाग १--७ २०७
वर्णन केलेल्या जमिनीचा अनुसूची २ मध्ये अधिक तपशिलावर विनीर्िदशिठ केलेल्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी आवश्यकता आहे किंवा त्याची आवश्यकता भासण्याची शक्यता आहे आणि ज्याअर्थी बीड जिल्ह्यच्या जिल्हाधिकायाचे कलम १५ च्या पोटकलम २ अन्वये दिलेला अहवाल कोणताही असल्यास, विचारात घेतल्यानंतर उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमिन संपादित करण्याची आवश्यकता आहे या बाबत खात्री पटली आहे, आणि म्हणून उक्त अधीनियमाच्या कलम १९ च्या पोटकलम १ च्या तरदूती अन्वये उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमिनीची आवश्यकता आहे असे याद्वारे घोषित करण्यात येत आहे आणि ज्या अर्थी अनुसूची तिन मध्ये अधिक तपशीलावार वर्णन केलेले क्षेत्र हे बाधित कुटुंबियांच्या पुनर्वसन व पुनस्थार्पना वसाहतीच्या प्रयोजनासाठी पुनर्वसाहत क्षेत्र म्हणुन निर्धारीत केले असल्याचे याद्वारे घोषित केले असून पुनर्वसन व पुनस्थार्पना योजनेचा सारांश अनुसूची ४ मध्ये विनिरधीष्ट केले आहे. आणि ज्याअर्थी उक्त अधिनियमाच्या कलम ३ च्या खंड छ अन्वये समुचित शासन असलेल्या जिल्हाधिकारी उक्त अधिनियमान्वये जिल्हाधिकायांची कार्य पार पाडणेसाठी उपविभागीय अधिकारी परळी वै. यांस पदनिर्देशित करीत आहे.
२०८ महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, फेब्रुवारी १७-२३, २०२२ : माघ/फाल्गुन, २८-४, शके १९४३ भाग १ - पुरवणीअनुसूची-१ संपादित करावयाच्या जमिनीचे वर्णन प्रकल्पाचे नाव : अहमदनगर-बीड-परळी वै. नवीन रेल्वे लाईन गावाचे नाव : नागापूर, बहादुरवाडी, ता. परळी वै. जि. बीड जमिनीचे वर्णन
| अ.क्र. | मौजे | स.नं./ग.नं. | क्षेत्र (हे.आर) |
| १ | नागापूर | ४९० | ०.०१ |
| २ | नागापूर | ४९१ | ०.०१ |
| ३ | नागापूर | ४९२ | ०.०२ |
| ४ | नागापूर | ४९३ | ०.०८ |
| ५ | नागापूर | ४९४ | ०.१२ |
| ६ | नागापूर | ४९५ | ०.२४ |
| ७ | नागापूर | ४९६ | ०.११ |
| ८ | नागापूर | ४९७ | ०.०६ |
| ९ | नागापूर | ४९८ | ०.१४ |
| १० | नागापूर | ४९९ | ०.०६ |
| ११ | नागापूर | ५००/१ | ०.०१ |
| १२ | नागापूर | ५००/२ | ०.१६ |
| १३ | नागापूर | ५००/३ | ०.०२ |
| १४ | बहादुरवाडी | १११ | ०.१३ |
| १५ | बहादुरवाडी | १२५ | ०.११ |
| १६ | बहादुरवाडी | १२८ | ०.११ |
| १७ | बहादुरवाडी | १२९/१ | ०.०२ |
| १८ | बहादुरवाडी | १२९/२ | ०.०३ |
| १९ | बहादुरवाडी | १३० | ०.१० |
| २० | बहादुरवाडी | १३१/१ | ०.०४ |
| २१ | बहादुरवाडी | १३१/२ | ०.०३ |
| २२ | बहादुरवाडी | १३१/३ | ०.०३ |
| २३ | बहादुरवाडी | १३२ | ०.४२ |
| २४ | बहादुरवाडी | १३३ | ०.३७ |
| २५ | बहादुरवाडी | १३४/१ | ०.१९ |
| २६ | बहादुरवाडी | १३४/२ | ०.२२ |
| २७ | बहादुरवाडी | १३४/३ | ०.३० |
| २८ | बहादुरवाडी | १३४/४ | ०.१३ |
| २९ | बहादुरवाडी | १३४/५ | ०.४० |
| ३० | बहादुरवाडी | १३५/१ | १.०९ |
| ३१ | बहादुरवाडी | १३५/२ | ०.०३ |
| ३२ | बहादुरवाडी | १३६ | ०.०७ |
| ३३ | बहादुरवाडी | १५४/१ | ०.४१ |
| ३४ | बहादुरवाडी | १५४/२ | ०.३८ |
| ३५ | बहादुरवाडी | १५५/१ | ०.२१ |
| ३६ | बहादुरवाडी | १५५/२ | ०.१८ |
| ३७ | बहादुरवाडी | १५६ | ०.५७ |
| ३८ | बहादुरवाडी | १६३/१ | ०.०१ |
| ३९ | बहादुरवाडी | १६३/२ | ०.१३ |
| ४० | बहादुरवाडी | १६३/३ | ०.२४ |
| ४१ | बहादुरवाडी | १६४ | ०.०१ |
| ४२ | बहादुरवाडी | १६५ | ०.१९ |
| ४३ | बहादुरवाडी | १६६ | ०.१६ |
| ४४ | बहादुरवाडी | १६७ | ०.२० |
| ४५ | बहादुरवाडी | १६८ | ०.०५ |
| ४६ | बहादुरवाडी | १६९ | ०.०२ |
| ४७ | बहादुरवाडी | १७०/१+४ ०.२२ | |
| ४८ | बहादुरवाडी | १७०/२ | ०.२२ |
| ४९ | बहादुरवाडी | १७०/३ | ०.०५ |
| ५० | बहादुरवाडी | १७१ | ०.७९ |
| ५१ | बहादुरवाडी | १७२/१ | ०.९१ |
| ५२ | बहादुरवाडी | १७२/२ | ०.४७ |
| ५३ | बहादुरवाडी | १७२/३ | ०.१० |
| ५४ | बहादुरवाडी | १७२/४ | १.१६ |
| ५५ | बहादुरवाडी | १७९/१ | ०.०४ |
| ५६ | बहादुरवाडी | १७९/२ | ०.०३ |
| ५७ | बहादुरवाडी | १८५/१ | ०.०५ |
| ५८ | बहादुरवाडी | १८५/२ | ०.०१ |
| ११.६७ | |||
| १२ | तळेगाव | ४२६ पै | ०.०५ |
| १३ | तळेगाव | ३७६ पै | ०.०६ |
| १४ | तळेगाव | ३७६ पै | ०.१० |
| १५ | तळेगाव | ३७६ पै | ०.१० |
| १६ | तळेगाव | २८६ पै | ०.०१ |
| १७ | तळेगाव | २८६ पै | ०.०७ |
| १८ | तळेगाव | २८७ पै | ०.०५ |
| १९ | तळेगाव | २८८ पै | ०.०२ |
| २० | तळेगाव | २८८ पै | ०.०२ |
| २१ | तळेगाव | ३०८ पै | ०.०६ |
| २२ | तळेगाव | ३०९ पै | ०.१५ |
| २३ | तळेगाव | २९२ पै | ०.३१ |
| १.८६ |
अनूसचूी-२ सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण
प्रकल्पाचे नांव : अहमदनगर-बीड-परळी वै. नवीन रेल्वे लाईन
मौजे तळेगाव, ता. परळी वै. जि. बीड
प्रकल्पाचे विवरण:- अहमदनगर-बीड-परळी वै. नवीन रेल्वे लाईन
मौजे तळेगाव, ता. परळी वै. जि. बीड
सामाजिक फायदे :- दळणवळण, रोजगार, सार्वजनिक हितार्थ
अनुसूची-३ पुनर्वसाहत क्षेत्राचे वर्णन गावाचे नाव :- तळेगांव ता. परळी वै. जिल्हा:- बीड
अ.क्र. जुना नवा क्षेत्र
स.नं./ग.नं. स.नं./ग.नं. (हे.आर) लागू नाही
परिशिष्ट-४
क्र. २०२२/एलएनक्यु/सीआर/०२/२०१९.--- ज्याअर्थी, समुचित शासन असलेल्या बीड जिल्ह्यच्या जिल्हाधिकारी यास भूमी संपादन पुनर्वसन व पुनस्थार्पना करताना वाजवी भरपाई मिळण्याचा व पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम, २०१३ (२०१३ चा तीस) (या पुढे ज्याचा निर्देश उक्त अधिनियम असा कला आहे. याचा कलम ११ च्या पोटकलम (१) द्वारे प्रदान करण्यात आलेल्या अधिकाराचा वापर करुन काढण्यात आलेली अधिसूचना महसूल व वन विभाग क्रमांक संकीर्ण ०१/२०१४ व प्र.क्र. ७७/अ-२ दिनांक १९/०१/ २०१५ अन्वये प्रांरभीक अधिसूचना काढली आहे आणि त्याद्वारे असे अनुसूचीत केले आहे की, या सोबत जोडलेल्या अनुसूची १ मध्ये अधिक तपशीलावर वर्णन केलेल्या जमिनीचा अनुसूची २ मध्ये अधिक तपशिलावर विनीर्िदशिठ केलेल्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी आवश्यकता आहे किंवा त्याची आवश्यकता भासण्याची शक्यता आहे आणि ज्याअर्थी बीड जिल्ह्यच्या जिल्हाधिकायाचे कलम १५ च्या पोटकलम २ अन्वये दिलेला अहवाल कोणताही असल्यास, विचारात घेतल्यानंतर उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमिन संपादित करण्याची आवश्यकता आहे या बाबत खात्री पटली आहे, आणि म्हणून उक्त अधीनियमाच्या कलम १९ च्या पोटकलम १ च्या तरदूती अन्वये उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमिनीची आवश्यकता आहे असे याद्वारे घोषित करण्यात येत आहे आणि ज्या अर्थी अनुसूची तिन मध्ये अधिक तपशीलावार वर्णन केलेले क्षेत्र हे बाधित कुटुंबियांच्या पुनर्वसन व पुनस्थार्पना वसाहतीच्या प्रयोजनासाठी पुनर्वसाहत क्षेत्र निर्धारित केले असल्याचे याद्वारे घोषित केले असून पुनर्वसन व पुनस्थार्पना योजनेचा सारांश अनुसूची ४ मध्ये विनिरधीष्ट केले आहे. आणि ज्याअर्थी उक्त अधिनियमाच्या कलम ३ च्या खंड छ अन्वये समुचित शासन असलेल्या जिल्हाधिकारी उक्त अधिनियमान्वये जिल्हाधिकायांची कार्य पार पाडणेसाठी उपविभागीय अधिकारी परळी वै. यांस पदनिर्देशित करीत आहे.
अनुसूची-चार
(पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा सारांश) अनुसूची-१ संपादित करावयाच्या जमिनीचे वर्णन प्रकल्पाचे नाव : अहमदनगर-बीड-परळी वै. नवीन रेल्वे लाईन गावाचे नाव : तळेगाव, ता. परळी वै. जि. बीड
| अ.क्र. १ | मौजे तळेगाव | स.नं./ग.नं. क्षेत्र (हे.आर) ४२५ पै. | ०.०४ |
| २ | तळेगाव | ४२६ पै. | ०.०७ |
| ३ | तळेगाव | ३८० पै. | ०.१० |
| ४ | तळेगाव | ३८१ पै. | ०.१२ |
| ५ | तळेगाव | ३७७ पै. | ०.१९ |
| ६ | तळेगाव | ३७७ पै. | ०.०२ |
| ७ | तळेगाव | ३७७ पै. | ०.०२ |
| ८ | तळेगाव | ३७७ पै. | ०.०२ |
| ९ | तळेगाव | ३७७ पै | ०.०२ |
| १० | तळेगाव | ३७९ पै | ०.१७ |
| ११ | तळेगाव | ३७८ पै | ०.०९ |
३ उपविभागीय अधिकारी नांदेड यांजकडून
दिनांक:-१७/०१/२०२२
प्रारंभीक अधिसूचना कलम-११ जिल्हाधिकारी भूमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करताना उचित भरपाई मिळण्याचा व पारदर्शकतेचा हक्क (महाराष्ट्र) नियम,२०१३ (यात यापुढे ज्यांचा निर्देश उक्त नियम असा करण्यात आला आहे.) यांच्या नियम १० च्या उप नियम (३) द्वारे विहित केल्याप्रमाणे भूमि अभिलेखाच्या अद्यावतीकरणाचे काम हाती घेणार असल्याचे व पुर्ण करणार असल्याचे देखील घोषित करण्यात येत आहे. आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिनियमाच्या कलम ३ च्या खंड (छ) अन्वये, समुचित शासन असलेला जिल्हाधिकारी, यांनी उक्त अधिनियमाखालील जिल्हाधिका-यांची कार्ये पार पाडण्यासाठी उपविभागीय अधिकरी, नांदेड यास पदनिर्देशित करीत आहे.
अनुसूची एक संपादीत करावायाच्या जमिनीचे वर्णन
गाव: मौ. देगाव कु-हाडा तालुका:- अर्धापूर जिल्हा: नांदेड अनुक्रमांक भूमापन किंवा गट क्रमांक संपादीत क्षेत्र हे.आर
| अनुक्रमांक भूमापन किंवा गट क्रमांक संपादीत क्षेत्र हे.आर | मध्ये | |
| ०१ | ३७६, ३७४, ३७५, ३७६, ३७९,३८०,३८१,३८३,३८४, ३८५,३९०,३९१ व ३८९ | १.०९ हे.आर. |
| एकूण | १.०९ हे. आर. |
अनुसूची दोन
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण प्रकल्पाचे वर्णन:-भूसंपादन प्रस्ताव भाटेगाव शाखा कालव्यावरील गिरगांव पुच्छ वितरीका वरील डावी लघु वितरीका क्र.७ च्या बांधकामासाठी मौ. देगाव कु-हाडा ता. अर्धापूर जि. नांदेड येथील भूसंपादन करणे. प्रकल्प कार्यालयाचे वर्णन:- कार्यकारी अभियंता, उध्र्व पेनगंगा प्रकल्प विभागीय पथक क्र.०४ आखाडा बाळापूर जि. हिंगोली. समाजाला मिळणारे लाभ:- जलसिंचन.
अनुसूची तीन बाधित व्यक्तींचे विस्थापन करण्यास भाग पाडणारी कारणे लागू नाही.
अनुसूची चार
(सामाजिक प्रभाव निर्धारण अभ्यास करण्या-या अभिकरणाने दिलेला) सामाजिक प्रभाव निर्धारणाचा सारांश लागू नाही. अनुसूची पाच
नियुक्त केलेल्या प्रशासकाचा तपशील
भूधारकाचे विस्थापन होत नसल्यामुळे प्रशासक नियुक्ती लागु नाही.
टिप - उक्त जमिनीच्या आराखडयाचे उपविभागीय अधिकारी नांदेड प्रशासकिय इमारत, दुसरा मजला, चिखलवाडी नांदेड येथील कार्यालयामध्ये निरीक्षण करता येईल.
दिनांक:-१७/०१/२०२२ ठिकाण:- नांदेड
उपविभागीय अधिकारी नांदेड.
भूमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनस्र्थापना करताना उचिता नुकसान भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम -२०१३ क्रमांक २०२१/उपविअ/भूसं/सिआर-०४ ज्याअर्थी, भूमी संपादन, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करतांना उचित नुकसान भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम - २०१३ (२०१३ चा ३०) याच्या कलम ३ च्या खंड (इ) च्या परंतुकाद्वारे प्रदान करण्यात आलेल्या अधिकाराचा वापर करुन काढण्यात आलेली अधिसूचना, महसूल व वन विभाग क्र.संकिर्ण १९/२०१४/प्र.क्र.७७/अ- २, दिनांक १९ जानेवारी, २०१५ (यात यापुढे जिचा निर्देश उक्त अधिसूचना असा करण्यात आला आहे.) याद्वारे असे अधिसूचित केले आहे की, उक्त अधिनियमाच्या कलम (३) च्या खंड (झेड अे) मध्ये व्याख्या केलेल्या एखाद्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी, एखाद्या जिल्ह्यतील ५०० हेक्टर पेक्षा अधिक नसेल इतक्या क्षेत्रकरीता जमीन संपादन करण्याच्या संबंधात अशा जिल्ह्यचा जिल्हाधिकारी हा उक्त अधिनियमाच्या प्रयोजनासाठी समुचित शासन असल्याचे मानण्यात येईल. आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिसूचनेनुसार समुचित शासन असलेल्या, नांदेड जिल्ह्यच्या जिल्हाधिका-यास यासोबत जोडलेल्या अनुसूची एक मध्ये अधिक तपशीलवार वर्णन केलेली जमीन (यात पुढे जिचा निर्देश उक्त सार्वजनिक प्रयोजन असा करण्यात आला आहे.) आवश्यक आहे अथवा तिची आवश्यकता भासण्याची शक्यता आहे, असे वाटते, ज्याच्या स्वरुपाचे विवरण यासोबत जोडलेल्या अनुसूची दोनमध्ये दिलेले आहे; आणि म्हणून उक्त अधिनियमाच्या कलम ११ च्या पोट कलम (१) च्या तरतुदीन्वये याद्वारे असे अधिसूचित करण्यात येते की, उक्त जमिनीची उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी आवश्यकता भासण्याची शक्यता आहे. आणि ज्याअर्थी, प्रस्तावित भूमि संपादनाच्या अनुषंगाने बाधित व्यक्तींचे विस्थापन करण्यास भाग पडणारी कारणे, यासोबत जोडलेल्या अनुसूची तीन मध्ये दिलेली आहेत. आणि ज्याअर्थी, सामाजिक परिणाम निर्धारण सारांश यासोबत जोडलेल्या अनुसूची चार मध्ये दिलेला आहे. आणि ज्याअर्थी कलम ४३ च्या पोट कलम (१) अन्वये पुनर्वसन व पुनर्वसाहत या प्रयोजनासाठी नियुक्त केलेल्या प्रशासकाचा तपशिल यासोबत जोडलेल्या अनुसूची पाचमध्ये दिलेला आहे; त्याअर्थी, आता असे घोषित करण्यात येत आहे की, उक्त अधिनियमाच्या कलम ११ च्या पोट कलम ४ अनुसार कोणतीही व्यक्ती, ही अधिसूचना प्रसिध्द झाल्याच्या दिनांकापासून ते उक्त अधिनियमाच्या प्रकरण चार खालील कार्यवाही पूर्ण होईल त्या कालावधीपयर्ंत उक्त जमीनीचा अथवा तिच्या भागाचा कोणताही व्यवहार करणार नाही किंवा उक्त जमिनीवर कोणताही भार निर्माण करणार नाही. परंतू, आणखी असे की, जर कोणत्याही व्यक्तीने या तरतुदीचे बुध्दीपुरस्सर उल्लंघन केल्यामुळे तिला झालेल्या कोणत्याही हानीची किंवा क्षतीची जिल्हाधिका-याकडून भरपाई दिली जाणार नाही. तसेच उक्त जमिनीच्या अथवा तिच्या भागाच्या मालकाने अर्ज केल्यावर जिल्हाधिका-यास विशेष परिस्थितीची कारणे लेखी नमूद करुन अशा मालकास उपरोक्त तरतुदीच्या प्रवर्तनातून सूट देता येईल. तसेच, उक्त अधिनियमाच्या कलम ११ च्या पोट कलम(५) अनुसार,औरंगाबाद विभाग महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, फेब्रुवारी १७-२३, २०२२ : माघ/फाल्गुन, २८-४, शके १९४३ २११ ४ उपविभागीय अधिकारी नांदेड यांजकडून
दिनांक:-१७/०१/२०२२
प्रारंभीक अधिसूचना कलम-११ जिल्हाधिकारी भूमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करताना उचित भरपाई मिळण्याचा व पारदर्शकतेचा हक्क (महाराष्ट्र) नियम,२०१३ (यात यापुढे ज्यांचा निर्देश उक्त नियम असा करण्यात आला आहे.) यांच्या नियम १० च्या उप नियम (३) द्वारे विहित केल्याप्रमाणे भूमि अभिलेखाच्या अद्यावतीकरणाचे काम हाती घेणार असल्याचे व पुर्ण करणार असल्याचे देखील घोषित करण्यात येत आहे. आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिनियमाच्या कलम ३ च्या खंड (छ) अन्वये, समुचित शासन असलेला जिल्हाधिकारी, यांनी उक्त अधिनियमाखालील जिल्हाधिका-यांची कार्ये पार पाडण्यासाठी उपविभागीय अधिकरी, नांदेड यास पदनिर्देशित करीत आहे.
अनुसूची एक संपादीत करावायाच्या जमिनीचे वर्णन
गाव: मौ. मालेगांव तालुका:- अर्धापूर जिल्हा: नांदेड
| अनुक्रमांक भूमापन किंवा गट क्रमांक संपादीत क्षेत्र हे.आर | मध्ये | |
| ०१ | ५७३, ५७२, ५७१, ५७०, ५६९ व ५६२ | ०.९६ हे.आर. |
| एकूण | ०.९६ हे.आर. |
अनुसूची दोन
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण प्रकल्पाचे वर्णन:-भूसंपादन प्रस्ताव भाटेगाव शाखा कालव्यावरील गिरगांव पुच्छ वितरीका वरील डावी लघु वितरीका क्र.६ च्या बांधकामासाठी मौ. मालेगाव ता. अर्धापूर जि. नांदेड येथील भूसंपादन करणे. प्रकल्प कार्यालयाचे वर्णन:- कार्यकारी अभियंता, उध्र्व पेनगंगा प्रकल्प विभागीय पथक क्र.०४ आखाडा बाळापूर जि. हिंगोली. समाजाला मिळणारे लाभ:- जलसिंचन
अनुसूची तीन बाधित व्यक्तींचे विस्थापन करण्यास भाग पाडणारी कारणे लागू नाही.
अनुसूची चार
(सामाजिक प्रभाव निर्धारण अभ्यास करण्या-या अभिकरणाने दिलेला) सामाजिक प्रभाव निर्धारणाचा सारांश लागू नाही. अनुसूची पाच
नियुक्त केलेल्या प्रशासकाचा तपशील
भूधारकाचे विस्थापन होत नसल्यामुळे प्रशासक नियुक्ती लागु नाही.
टिप - उक्त जमिनीच्या आराखडयाचे उपविभागीय अधिकारी नांदेड प्रशासकिय इमारत, दुसरा मजला, चिखलवाडी नांदेड येथील कार्यालयामध्ये निरीक्षण करता येईल.
दिनांक:-१७/०१/२०२२ ठिकाण:- नांदेड
उपविभागीय अधिकारी नांदेड.
२१२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, फेब्रुवारी १७-२३, २०२२ : माघ/फाल्गुन, २८-४, शके १९४३ भाग १ - पुरवणी५ उपविभागीय अधिकारी नांदेड यांजकडून
प्रारंभीक अधिसूचना कलम-११
दिनांक:-१७/०१/२०२२
जिल्हाधिकारी भूमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करताना उचित भरपाई मिळण्याचा व पारदर्शकतेचा हक्क (महाराष्ट्र) नियम,२०१३ (यात यापुढे ज्यांचा निर्देश उक्त नियम असा करण्यात आला आहे.) यांच्या नियम १० च्या उप नियम (३) द्वारे विहित केल्याप्रमाणे भूमि अभिलेखाच्या अद्यावतीकरणाचे काम हाती घेणार असल्याचे व पुर्ण करणार असल्याचे देखील घोषित करण्यात येत आहे. आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिनियमाच्या कलम ३ च्या खंड (छ) अन्वये, समुचित शासन असलेला जिल्हाधिकारी, यांनी उक्त अधिनियमाखालील जिल्हाधिका-यांची कार्ये पार पाडण्यासाठी उपविभागीय अधिकरी, नांदेड यास पदनिर्देशित करीत आहे.
अनुसूची एक संपादीत करावायाच्या जमिनीचे वर्णन
गाव: मौ. ब्राम्हणवाडा तालुका:- नांदेड जिल्हा: नांदेड
| अनुक्रमांक भूमापन किंवा गट क्रमांक संपादीत क्षेत्र हे.आर | मध्ये | |
| ०१ | ४, ५, ६, ७, ४६, ४७, ४८, ४९, ७८, ८६, ८७, ८८, ९० व १५१. | ३.८१ हे.आर. |
| एकूण | ३.८१ हे.आर. |
अनुसूची दोन
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण प्रकल्पाचे वर्णन:-भूसंपादन प्रस्ताव निळा ज-शंकरराव चव्हाण चौक- ब्राम्हणवाडा-आमदुरा-माळकौठा-कारेगाव फाटा-बेल्लूर फाटा-नायगांव ते राज्य सिमा रस्त्याची सुधारणा करणे बाबत. प्रजिमा ८३ कि.मी. ०/ ०० ते ९३/७०० रस्त्याची सुधारणा करणे अंतर्गत ब्राम्हणवाडा बायपास व माळकौठा बायपास साठी भुसंपादन करणे बाबत मौ. ब्राम्हणवाडा ता.जि. नांदेड. समाजाला मिळणारे लाभ:- पायाभूत सुविधा.
अनुसूची तीन बाधित व्यक्तींचे विस्थापन करण्यास भाग पाडणारी कारणे लागू नाही.
अनुसूची चार
(सामाजिक प्रभाव निर्धारण अभ्यास करण्या-या अभिकरणाने दिलेला) सामाजिक प्रभाव निर्धारणाचा सारांश लागू नाही. अनुसूची पाच
नियुक्त केलेल्या प्रशासकाचा तपशील
भूधारकाचे विस्थापन होत नसल्यामुळे प्रशासक नियुक्ती लागु नाही.
टिप - उक्त जमिनीच्या आराखडयाचे उपविभागीय अधिकारी नांदेड प्रशासकिय इमारत, दुसरा मजला, चिखलवाडी नांदेड येथील कार्यालयामध्ये निरीक्षण करता येईल.
दिनांक:-१७/०१/२०२२ ठिकाण:- नांदेड
उपविभागीय अधिकारी नांदेड.
औरंगाबाद विभाग महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, फेब्रुवारी १७-२३, २०२२ : माघ/फाल्गुन, २८-४, शके १९४३ २१३६ उपजिल्हाधिकारी भूसंपादन पातलसिंका क्र.२ नांदेड यांजकडून
दिनांक:-२४/०१/२०२२
प्रारंभीक अधिसूचना कलम-११ उप नियम (३) द्वारे विहित केल्याप्रमाणे भूमि अभिलेखाच्या अद्यावतीकरणाचे काम हाती घेणार असल्याचे व पुर्ण करणार असल्याचे देखील घोषित करण्यात येत आहे. आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिनियमाच्या कलम ३ च्या खंड (छ) अन्वये, समुचित शासन असलेला जिल्हाधिकारी, यांनी उक्त अधिनियमाखालील जिल्हाधिका-यांची कार्ये पार पाडण्यासाठी उपजिल्हाधिकारी (भूसंपादन) पातलसिंका क्र.२ नांदेड यास पदनिर्देशित करीत आहे.
अनुसूची एक संपादीत करावायाच्या जमिनीचे वर्णन
गाव: मौ. तरोडा (बु.) तालुका:- नांदेड जिल्हा: नांदेड
अनुक्रमांक भूमापन किंवा गट क्रमांक संपादीत क्षेत्र चौ.मी. ०१ २३४ ४१.९१ चौ.मी. एकूण ४१.९१ चौ.मी.
अनुसूची दोन
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण प्रकल्पाचे नांव:- खाजगी जमिन संपादन करण्याबाबत प्रस्ताव विकास योजना नांदेड (सुधारीत) अंतर्गत सोनाईनगर तरोडा (बु.) ६.०० मी. रुंद रस्त्यासाठी भूसंपादन करणे मौ. तरोडा (बु.) ता.जि. नांदेड. प्रकल्प कार्यालयाचे वर्णन:- मा. आयुक्त, नां.वा.श. महानगरपालिका नांदेड. समाजाला मिळणारे लाभ:-पायाभूत सुविधा अनुसूची तीन बाधित व्यक्तींचे विस्थापन करण्यासा भाग पाडणारी करणे लागू नाही.
अनुसूची चार
(सामाजिक प्रभाव निर्धारण अभ्यास करण्या-या अभिकरणाने दिलेला) सामाजिक प्रभाव निर्धारणाचा सारांश लागू नाही. अनुसूची पाच
नियुक्त केलेल्या प्रशासकाचा तपशील
भूधारकाचे विस्थापन होत नसल्यामुळे प्रशासक नियुक्ती लागु नाही.
टिप - उक्त जमिनीच्या आराखडयाचे उपजिल्हाधिकारी (भूसंपादन) पातलसिंका क्र.२ नांदेड यांचे कार्यालयामध्ये निरीक्षण करता येईल.
दिनांक:-२४/०१/२०२२ ठिकाण:- नांदेड
(लतिफ पठाण) उपजिल्हाधिकारी भूसंपादन पातलसिंका क्र.२ नांदेड
-----------------------------
भूमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनस्र्थापना करताना उचिता नुकसान भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम -२०१३ क्रमांक २०१९/उपजि/भूसं/पात/लसिंकाक्र.२/मौ.तरोडा बु/सिआर-०७ ज्याअर्थी, भूसंपादन, पुनर्वसन व पुनस्र्थापना करतांना उचित भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम - २०१३ (२०१३ चा ३०) याच्या कलम ३ च्या खंड (इ) च्या परंतुकाद्वारे प्रदान करण्यात आलेल्या अधिकाराचा वापर करुन काढण्यात आलेली अधिसूचना, महसूल व वन विभाग क्र.संकिर्ण १९/२०१४/प्र.क्र.७७/अ, दिनांक १९ जानेवारी, २०१५ (यात यापुढे जिचा निर्देश उक्त अधिसूचना असा करण्यात आला आहे.) याद्वारे असे अधिसूचित केले आहे की, उक्त अधिनियमाच्या कलम (३) च्या खंड (झेड अे) मध्ये व्याख्या केलेल्या एखाद्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी, एखाद्या जिल्ह्यतील ५०० हेक्टर पेक्षा अधिक नसेल इतक्या क्षेत्रकरीता जमीन संपादन करण्याच्या संबंधात अशा जिल्ह्यचा जिल्हाधिकारी हा उक्त अधिनियमाच्या प्रयोजनासाठी समुचित शासन असल्याचे मानण्यात येईल. आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिसूचनेनुसार समुचित शासन असलेल्या, नांदेड जिल्ह्यच्या जिल्हाधिका-यास यासोबत जोडलेल्या अनुसूची एक मध्ये अधिक तपशीलवार वर्णन केलेली जमीन (यात पुढे जिचा निर्देश उक्त सार्वजनिक प्रयोजन असा करण्यात आला आहे.) आवश्यक आहे अथवा तिची आवश्यकता भासण्याची शक्यता आहे, असे वाटते, ज्याच्या स्वरुपाचे विवरण यासोबत जोडलेल्या अनुसूची दोनमध्ये दिलेले आहे; आणि म्हणून उक्त अधिनियमाच्या कलम ११ च्या पोट कलम (१) च्या तरतुदीन्वये याद्वारे असे अधिसूचित करण्यात येते की, उक्त जमिनीची उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी आवश्यकता भासण्याची शक्यता आहे. आणि ज्याअर्थी, प्रस्तावित भूमि संपादनाच्या अनुषंगाने बाधित व्यक्तींचे विस्थापन करण्यास भाग पडणारी कारणे, यासोबत जोडलेल्या अनुसूची तीन मध्ये दिलेली आहेत. आणि ज्याअर्थी, सामाजिक परिणाम निर्धारण सारांश यासोबत जोडलेल्या अनुसूची चार मध्ये दिलेला आहे. आणि ज्याअर्थी कलम ४३ च्या पोट कलम (१) अन्वये पुनर्वसन व पुनर्वसाहत या प्रयोजनासाठी नियुक्त केलेल्या प्रशासकाचा तपशिल यासोबत जोडलेल्या अनुसूची पाचमध्ये दिलेला आहे; त्याअर्थी, आता असे घोषित करण्यात येत आहे की, उक्त अधिनियमाच्या कलम ११ च्या पोट कलम ४ अनुसार कोणतीही व्यक्ती, ही अधिसूचना प्रसिध्द झाल्याच्या दिनांकापासून ते उक्त अधिनियमाच्या प्रकरण चार खालील कार्यवाही पूर्ण होईल त्या कालावधीपयर्ंत उक्त जमीनीचा अथवा तिच्या भागाचा कोणताही व्यवहार करणार नाही किंवा उक्त जमिनीवर कोणताही भार निर्माण करणार नाही. परंतू, उक्त जमिनीच्या अथवा तिच्या भागाच्या मालकाने अर्ज केल्यावर जिल्हाधिका-यास विशेष परिस्थितीची कारणे लेखी नमूद करुन अशा मालकास उपरोक्त तरतुदीच्या प्रवर्तनातून सूट देता येईल. तसेच, उक्त अधिनियमाच्या कलम ११ च्या पोट कलम(५) अनुसार, जिल्हाधिकारी भूमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करताना उचित भरपाई मिळण्याचा व पारदर्शकतेचा हक्क (महाराष्ट्र) नियम,२०१३ (यात यापुढे ज्यांचा निर्देश उक्त नियम असा करण्यात आला आहे.) यांच्या नियम १० च्या२१४ महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, फेब्रुवारी १७-२३, २०२२ : माघ/फाल्गुन, २८-४, शके १९४३ भाग १ - पुरवणी ७ जिप्ल्हाधिकारी नांदेड यांजकडून अधिसूचना (कलम-१९) मा.जिल्हाधिकारी, नांदेड यांची मान्यता क्र.२०२०/आरबी/डेस्क-३/ सिआर-११८ दि.१७.०१.२०२२ जा.क्रं.२०२०/उपविअ/भूसं/मौ.बोळसा/सिआर-०४ ज्याअर्थी, समुचित शासन असलेल्या नांदेड जिल्ह्याच्या जिल्हाधिका-याने, भूमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करताना उचित नुकसान भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम, २०१३ (२०१३ चा ३०) (यात यापुढे ज्याचा निर्देश ''उक्त अधिनियम" असा केला आहे.) याच्या कलम ११ च्या पोट कलम (१) द्वारे प्रदान करण्यात आलेल्या अधिकाराचा वापर करुन,अधिसुचना क्रमांक-०७ पान क्र.६५ वर दिनांक २८-०३ जानेवारी-फेब्रुवारी,२०२१ अन्वये प्रारंभिक अधिसुचना काढली आहे. आणि त्याद्वारे असे अधिसूचित केले आहे की, यासोबत जोडलेल्या अनुसूची एक मध्ये आधिक तपशीलवार वर्णन केलेल्या जमिनीची, अनुसूची दोन मध्ये अधिक तपशीलवार विर्िनदिष्ट केलेल्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी कार्यकारी अभियंता, विष्णुपूरी प्रकल्प विभाग क्र.२ नांदेड विभागाच्या खर्चाने करण्याची आवश्यकता आहे. आणि ज्याअर्थी, नांदेड (जिल्ह्यच्या) जिल्हाधिका-याने, कलम १५ च्या पोटकलम (२) अन्वये दिलेला अहवाल, कोणताही असल्यास, विचारात घेतल्यानंतर, उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमीन संपादीत करण्याची आवश्यक्ता आहे याबाबत त्याची खात्री पटली आहे; आणि म्हणुन, उक्त अधिनियमाच्या कलम-१९ च्या पोट कलम (१) च्या तरतुदीन्वये, उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमिनीची आवश्यकता आहे असे याद्वारे घोषित करण्यात येत आहे;
आणि ज्याआर्थी, अनुसूची तीन मध्ये अधिक तपशिलवार वर्णन केलेले क्षेत्र हे बाधित कुटुंबियांच्या पुनर्वसन व पुनर्वसाहतीच्या प्रयोजनासाठी ''पुनर्वसाहत क्षेत्र" म्हणुन निर्धारित केले असल्याचे याद्वारे घोषित केले जात असून, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा सारांश अनुसूची चार मध्ये विर्िनदिष्ट केला आहे;
| १६ | २५३ | ०.०७ | - |
| १७ | २५३ | ०.०१ | - |
| १८ | २५३ | ०.०७ | - |
| १९ | २५३ | ०.१६ | - |
| २० | २५३ | ०.१० | - |
| २१ | २५३ | ०.१४ | - |
| २२ | २५४ | ०.४४ | - |
| २३ | २३९ | ०.११ | - |
| २४ | २४० | ०.०६ | - |
| २५ | २४० | ०.०५ | - |
| २६ | २४१ | ०.०२ | - |
| २७ | २४२ | ०.०१ | - |
| २८ | २४३ | ०.०६ | - |
| २९ | २४४ | ०.१५ | - |
| ३० | २४५ | ०.०२ | - |
| ३१ | २४५ | ०.०५ | - |
| ३२ | २४५ | ०.०५ | - |
| ३३ | २४५ | ०.०७ | - |
| ३४ | २४५ | ०.०७ | - |
| ३५ | २४५ | ०.०७ | - |
| ३६ | २४५ | ०.११ | - |
| ३७ | २४५ | ०.०४ | - |
| ३८ | २४५ | ०.०६ | - |
| ३९ | २४५ | ०.०७ | - |
| ४० | २४५ | ०.०५ | - |
| ४१ | २४५ | ०.०५ | - |
| ४२ | २४५ | ०.०६ | - |
| ४३ | २४५ | ०.०६ | - |
| ४४ | २५१ | ०.०१ | - |
| ४५ | २४५ | ०.०७ | - |
| एकूण | २.९४ | - |
आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिनियमाच्या कलम ३ च्या खंड (छ) अन्वये, समुचित शासन असलेला जिल्हाधिकारी, उक्त अधिनियमान्वये जिल्हाधिका-यांची कार्ये पार पाडण्यासाठी उपविभागीय अधिकारी तथा भूसंपादन अधिकारी, धर्माबाद यास पदनिर्देशित करीत आहे.
अनुसूची एक संपादित करावयाच्या जमिनीचे वर्णन ú गावाचे नांव: मौ. बोळसा तालुका: उमरी जिल्हा: नांदेड अ.क्र. भूमापन क्रमांक क्षेत्र सोडुन देण्यात आलेले किंवा गट नंबर (हे.आर. जमीनीचे आदमासे क्षेत्र मध्ये) हे.आर.
अनुसूची दोन
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण प्रकल्पाचे नांव:- भूसंपादन प्रस्ताव बळेगाव उच्च पातळी बंधा-याच्या बुडीत क्षेत्रासाठी मौ. बोळसा ता. उमरी जि. नांदेड. प्रकल्पाच्या कामाचे वर्णन:- भूसंपादन प्रस्ताव बळेगाव उच्च पातळी बंधा- याच्या बुडीत क्षेत्रासाठी मौ. बोळसा ता. उमरी जि. नांदेड. समाजाला होणारे लाभ:- सिंचन सुविधा व पायाभूत सुविधा.
अनुसूची तीन
पुनर्वसाहत क्षेत्राचे वर्णन
गावाचे नांव: मौ. बोळसा तालुका: उमरी जिल्हा: नांदेड अनु क्र. भूमापन क्र. किंवा गट नं. क्षेत्र हेक्टर मध्ये - - लागु नाही - ------
अनुसूची - चार
(पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा सारांश) - लागु नाही - टिप:- उक्त जमिनीच्या नकाशाचे निरीक्षण उपविभागीय अधिकारी तथा भूसंपादन अधिकारी, धर्माबाद यांचे कार्यालयात करता येईल. दिनांक:-१७/०१/२०२२ ठिकाण:- नांदेड.
स्वा/-
जिल्हाधिकारी, नांदेड.
| अ.क्र. | भूमापन क्रमांक क्षेत्र किंवा गट नंबर (हे.आर. | मध्ये) | सोडुन देण्यात आलेले जमीनीचे आदमासे क्षेत्र हे.आर. |
| ०१ | ३१६ | ०.०४ | - |
| ०२ | ३१६ | ०.०२ | - |
| ०३ | २५८ | ०.०७ | - |
| ०४ | २५८ | ०.०७ | - |
| ०५ | २५७ | ०.०२ | - |
| ०६ | २५९ | ०.०१ | - |
| ०७ | २६० | ०.०३ | - |
| ०८ | २६० | ०.०३ | - |
| ०९ | २६० | ०.०३ | - |
| १० | २६० | ०.११ | - |
| ११ | २५५ | ०.०४ | - |
| १२ | २५५ | ०.०२ | - |
| १३ | २५५ | ०.०२ | - |
| १४ | २५५ | ०.०२ | - |
| १५ | २५३ | ०.०५ | - |
८ उपजिल्हाधिकारी भूसंपादन पातलसिंका क्र.२ नांदेड यांजकडून
दिनांक:-०४/०२/२०२२
प्रारंभीक अधिसूचना कलम-११ उप नियम (३) द्वारे विहित केल्याप्रमाणे भूमि अभिलेखाच्या अद्यावतीकरणाचे काम हाती घेणार असल्याचे व पुर्ण करणार असल्याचे देखील घोषित करण्यात येत आहे. आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिनियमाच्या कलम ३ च्या खंड (छ) अन्वये, समुचित शासन असलेला जिल्हाधिकारी, यांनी उक्त अधिनियमाखालील जिल्हाधिका-यांची कार्ये पार पाडण्यासाठी उपजिल्हाधिकारी (भूसंपादन) पातलसिंका क्र.२ नांदेड यास पदनिर्देशित करीत आहे.
अनुसूची एक संपादीत करावायाच्या जमिनीचे वर्णन
गाव: मौ. शेलगांव तालुका:- अर्धापूर जिल्हा: नांदेड अनुक्रमांक भूमापन किंवा संपादीत क्षेत्र चौ.मी.
| अनुक्रमांक भूमापन किंवा संपादीत क्षेत्र | गट क्रमांक | हे.आर मध्ये | चौ.मी. मध्ये |
| ०१ | २४ | ०.०६ | २५ |
| ०२ | २४ | ०.३४ | २४ |
| ०३ | २४ | ०.२१ | ४० |
| ०४ | २५ | ०.३४ | ०५ |
| ०५ | २५ | ०.०६ | ७८ |
| ०६ | २५ | ०.११ | १० |
| ०७ | २५ | ०.०६ | ४० |
| ०८ | २६ | ०.०० | ६० |
| ०९ | २६ | ०.०६ | ५० |
| १० | २७ | ०.७६ | २५ |
| ११ | २८ | ०.०२ | ४० |
| १२ | ३८ | ०.३५ | ५० |
| १३ | ३९ | ०.१६ | ३० |
| १४ | ४० | ०.२७ | ४० |
| १५ | ४० | ०.२५ | १० |
| १६ | ३७ | ०.०३ | ३० |
| १७ | ३७ | ०.२५ | ४० |
| १८ | ४७ | ०.५९ | ३० |
| १९ | ५७ | ०.०६ | ३५ |
| २० | ४८ | ०.०७ | ३० |
| २१ | ५६ | ०.५१ | १० |
| २२ | ५५ | ०.१२ | ०९ |
| २३ | ५५ | ०.११ | ५० |
| २४ | ५५ | ०.५० | ६० |
| २५ | ५४ | ०.२५ | ०५ |
| २६ | रस्ता | ०.०३ | ६५ |
| २७ | ७५ | ०.२५ | २८ |
| २८ | ६९ | ०.२३ | ०६ |
| २९ | ७४ | ०.१३ | ५० |
| ३० | ७० | ०.०७ | ९० |
| ३१ | ७२ | ०.७० | ९० |
| ३२ | ७७ | ०.२१ | १५ |
भूमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनस्र्थापना करताना उचिता नुकसान भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम -२०१३ क्रमांक २०२१/उपजि/भूसं/पात/लसिंकाक्र.२/मौ.शेलगांव/सिआर-११ ज्याअर्थी, भूसंपादन, पुनर्वसन व पुनस्र्थापना करतांना उचित भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम - २०१३ (२०१३ चा ३०) याच्या कलम ३ च्या खंड (इ) च्या परंतुकाद्वारे प्रदान करण्यात आलेल्या अधिकाराचा वापर करुन काढण्यात आलेली अधिसूचना, महसूल व वन विभाग क्र.संकिर्ण १९/२०१४/प्र.क्र.७७/अ, दिनांक १९ जानेवारी, २०१५ (यात यापुढे जिचा निर्देश उक्त अधिसूचना असा करण्यात आला आहे.) याद्वारे असे अधिसूचित केले आहे की, उक्त अधिनियमाच्या कलम (३) च्या खंड (झेड अे) मध्ये व्याख्या केलेल्या एखाद्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी, एखाद्या जिल्ह्यतील ५०० हेक्टर पेक्षा अधिक नसेल इतक्या क्षेत्रकरीता जमीन संपादन करण्याच्या संबंधात अशा जिल्ह्यचा जिल्हाधिकारी हा उक्त अधिनियमाच्या प्रयोजनासाठी समुचित शासन असल्याचे मानण्यात येईल. आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिसूचनेनुसार समुचित शासन असलेल्या, नांदेड जिल्ह्यच्या जिल्हाधिका-यास यासोबत जोडलेल्या अनुसूची एक मध्ये अधिक तपशीलवार वर्णन केलेली जमीन (यात पुढे जिचा निर्देश उक्त सार्वजनिक प्रयोजन असा करण्यात आला आहे.) आवश्यक आहे अथवा तिची आवश्यकता भासण्याची शक्यता आहे, असे वाटते, ज्याच्या स्वरुपाचे विवरण यासोबत जोडलेल्या अनुसूची दोनमध्ये दिलेले आहे; आणि म्हणून उक्त अधिनियमाच्या कलम ११ च्या पोट कलम (१) च्या तरतुदीन्वये याद्वारे असे अधिसूचित करण्यात येते की, उक्त जमिनीची उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी आवश्यकता भासण्याची शक्यता आहे. आणि ज्याअर्थी, प्रस्तावित भूमि संपादनाच्या अनुषंगाने बाधित व्यक्तींचे विस्थापन करण्यास भाग पडणारी कारणे, यासोबत जोडलेल्या अनुसूची तीन मध्ये दिलेली आहेत. आणि ज्याअर्थी, सामाजिक परिणाम निर्धारण सारांश यासोबत जोडलेल्या अनुसूची चार मध्ये दिलेला आहे. आणि ज्याअर्थी कलम ४३ च्या पोट कलम (१) अन्वये पुनर्वसन व पुनर्वसाहत या प्रयोजनासाठी नियुक्त केलेल्या प्रशासकाचा तपशिल यासोबत जोडलेल्या अनुसूची पाचमध्ये दिलेला आहे; त्याअर्थी, आता असे घोषित करण्यात येत आहे की, उक्त अधिनियमाच्या कलम ११ च्या पोट कलम ४ अनुसार कोणतीही व्यक्ती, ही अधिसूचना प्रसिध्द झाल्याच्या दिनांकापासून ते उक्त अधिनियमाच्या प्रकरण चार खालील कार्यवाही पूर्ण होईल त्या कालावधीपयर्ंत उक्त जमीनीचा अथवा तिच्या भागाचा कोणताही व्यवहार करणार नाही किंवा उक्त जमिनीवर कोणताही भार निर्माण करणार नाही. परंतू, उक्त जमिनीच्या अथवा तिच्या भागाच्या मालकाने अर्ज केल्यावर जिल्हाधिका-यास विशेष परिस्थितीची कारणे लेखी नमूद करुन अशा मालकास उपरोक्त तरतुदीच्या प्रवर्तनातून सूट देता येईल. तसेच, उक्त अधिनियमाच्या कलम ११ च्या पोट कलम(५) अनुसार, जिल्हाधिकारी भूमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करताना उचित भरपाई मिळण्याचा व पारदर्शकतेचा हक्क (महाराष्ट्र) नियम,२०१३ (यात यापुढे ज्यांचा निर्देश उक्त नियम असा करण्यात आला आहे.) यांच्या नियम १० च्या२१६ महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, फेब्रुवारी १७-२३, २०२२ : माघ/फाल्गुन, २८-४, शके १९४३ भाग १ - पुरवणी ९
उपविभागीय अधिकारी तथा भुसंपादन अधिकारी धर्माबाद यांजकडून प्रारंभीक अधिसूचना कलम-११
भूमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनस्र्थापना करताना उचिता नुकसान भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम -२०१३ क्रमांक २०२०/उपविअ/भूसं/मौ.भायेगाव/सिआर-०७.--- ज्याअर्थी, भूसंपादन, पुनर्वसन व पुनस्र्थापना करतांना उचित भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम-२०१३ (२०१३ चा ३०) याच्या कलम ३ च्या खंड (इ) च्या परंतुकाद्वारे प्रदान करण्यात आलेल्या अधिकाराचा वापर करुन काढण्यात आलेली अधिसूचना, महसूल व वन विभाग क्र.संकिर्ण १९/२०१४/प्र.क्र.७७/अ, दिनांक १९ जानेवारी, २०१५ (यात यापुढे जिचा निर्देश उक्त अधिसूचना असा करण्यात आला आहे.) याद्वारे असे अधिसूचित केले आहे की, उक्त अधिनियमाच्या कलम (३) च्या खंड (झेड अे) मध्ये
| ३३ | ७९ | ०.०४ | ९० |
| ३४ | ७९ | ०.०७ | १० |
| ३५ | रस्ता | ०.०४ | ०८ |
| ३६ | १०६ | ०.०३ | ०० |
| ३७ | १०६ | ०.०४ | ०० |
| ३८ | १०६ | ०.०३ | ४० |
| ३९ | १०५ | ०.२० | ३० |
| ४० | १०४ | ०.३६ | ४० |
| ४१ | १०४ | ०.१० | ०० |
| ४२ | १०३ | ०.१७ | १० |
| ४३ | १०२ | ०.२१ | ५० |
| ४४ | १०२ | ०.०१ | ३० |
| ४५ | १०० | ०.२२ | १० |
| ४६ | ९९ | ०.३४ | ४० |
| ४७ | ९८ | ०.१७ | १० |
| ४८ | ९७ | ०.३० | ५० |
| ४९ | ९७ | ०.०६ | २० |
| ५० | ९७ | ०.१२ | २६ |
| ५१ | ९७ | ०.२० | ३८ |
| ५२ | ९७ | ०.१८ | ५० |
| ५३ | ९७ | ०.१२ | २० |
| एकूण | १० हे.३४ आर ४२ चौ.मी. |
अनुसूची दोन
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण प्रकल्पाचे नांव:- नांदेड येथे प्रस्तावित उत्तर बा वळण रस्त्याचे भूसंपादन रामा-२४७ ता. अर्धापूर व ता. नांदेड या कामाकरिता मौ. शेलगांव ता. अर्धापूर जि. नांदेड. प्रकल्प कार्यालयाचे वर्णन:- कार्यकारी अभियंता, सा.बां.वि. नांदेड. समाजाला मिळणारे लाभ:-पायाभूत सुविधा अनुसूची तीन बाधित व्यक्तींचे विस्थापन करण्यासा भाग पाडणारी करणे लागू नाही.
अनुसूची चार
(सामाजिक प्रभाव निर्धारण अभ्यास करण्या-या अभिकरणाने दिलेला) सामाजिक प्रभाव निर्धारणाचा सारांश लागू नाही. अनुसूची पाच
नियुक्त केलेल्या प्रशासकाचा तपशील
भूधारकाचे विस्थापन होत नसल्यामुळे प्रशासक नियुक्ती लागु नाही.
टिप - उक्त जमिनीच्या आराखडयाचे उपजिल्हाधिकारी (भूसंपादन) पातलसिंका क्र.२ नांदेड यांचे कार्यालयामध्ये निरीक्षण करता येईल.
दिनांक:-०४/०२/२०२२ ठिकाण:- नांदेड
व्याख्या केलेल्या एखाद्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी, एखाद्या जिल्ह्यतील ५०० हेक्टर पेक्षा अधिक नसेल इतक्या क्षेत्रकरीता जमीन संपादन करण्याच्या संबंधात अशा जिल्ह्यचा जिल्हाधिकारी हा उक्त अधिनियमाच्या प्रयोजनासाठी समुचित शासन असल्याचे मानण्यात येईल.
आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिसूचनेनुसार समुचित शासन असलेल्या, नांदेड जिल्ह्यच्या जिल्हाधिका-यास यासोबत जोडलेल्या अनुसूची एक मध्ये अधिक तपशीलवार वर्णन केलेली जमीन (यात पुढे जिचा निर्देश उक्त सार्वजनिक प्रयोजन असा करण्यात आला आहे.) आवश्यक आहे अथवा तिची आवश्यकता भासण्याची शक्यता आहे, असे वाटते, ज्याच्या स्वरुपाचे विवरण यासोबत जोडलेल्या अनुसूची दोनमध्ये दिलेले आहे;
आणि म्हणून उक्त अधिनियमाच्या कलम ११ च्या पोट कलम (१) च्या तरतुदीन्वये याद्वारे असे अधिसूचित करण्यात येते की, उक्त जमिनीची उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी आवश्यकता भासण्याची शक्यता आहे.
आणि ज्याअर्थी, प्रस्तावित भूमि संपादनाच्या अनुषंगाने बाधित व्यक्तींचे विस्थापन करण्यास भाग पडणारी कारणे, यासोबत जोडलेल्या अनुसूची औरंगाबाद विभाग महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, फेब्रुवारी १७-२३, २०२२ : माघ/फाल्गुन, २८-४, शके १९४३ २१७ आणि ज्याअर्थी, सामाजिक परिणाम निर्धारण सारांश यासोबत जोडलेल्या अनुसूची चार मध्ये दिलेला आहे.
आणि ज्याअर्थी कलम ४३ च्या पोट कलम (१) अन्वये पुनर्वसन व पुनर्वसाहत या प्रयोजनासाठी नियुक्त केलेल्या प्रशासकाचा तपशिल यासोबत जोडलेल्या अनुसूची पाचमध्ये दिलेला आहे;
त्याअर्थी, आता असे घोषित करण्यात येत आहे की, उक्त अधिनियमाच्या कलम ११ च्या पोट कलम ४ अनुसार कोणतीही व्यक्ती, ही अधिसूचना प्रसिध्द झाल्याच्या दिनांकापासून ते उक्त अधिनियमाच्या प्रकरण चार खालील कार्यवाही पूर्ण होईल त्या कालावधीपयर्ंत उक्त जमीनीचा अथवा तिच्या भागाचा कोणताही व्यवहार करणार नाही किंवा उक्त जमिनीवर कोणताही भार निर्माण करणार नाही.
परंतू, उक्त जमिनीच्या अथवा तिच्या भागाच्या मालकाने अर्ज केल्यावर जिल्हाधिका-यास विशेष परिस्थितीची कारणे लेखी नमूद करुन अशा मालकास उपरोक्त तरतुदीच्या प्रवर्तनातून सूट देता येईल. तसेच, उक्त अधिनियमाच्या कलम ११ च्या पोट कलम(५) अनुसार, जिल्हाधिकारी भूमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करताना उचित भरपाई मिळण्याचा व पारदर्शकतेचा हक्क (महाराष्ट्र) नियम,२०१३ (यात यापुढे ज्यांचा निर्देश उक्त नियम असा करण्यात आला आहे.) यांच्या नियम १० च्या उप नियम (३) द्वारे विहित केल्याप्रमाणे भूमि अभिलेखाच्या अद्यावतीकरणाचे काम हाती घेणार असल्याचे व पुर्ण करणार असल्याचे देखील घोषित करण्यात येत आहे.
आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिनियमाच्या कलम ३ च्या खंड (छ) अन्वये, समुचित शासन असलेला जिल्हाधिकारी, यांनी उक्त अधिनियमाखालील जिल्हाधिका-यांची कार्ये पार पाडण्यासाठी उपविभागीय अधिकारी धर्माबाद यास पदनिर्देशित करीत आहे.
अनुसूची एक संपादीत करावायाच्या जमिनीचे वर्णन
गाव: मौ. भायेगाव तालुका:- उमरी जिल्हा: नांदेड अनुक्रमांक भूमापन किंवा गट क्रमांक संपादीत क्षेत्र हे.आर ०१ ५५,५८,५९,५९,६०,६१व ६२/२ ०.८३ हे. आर एकूण संपादीत क्षेत्र ०.८३ हे. आर
अनुसूची दोन
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण
प्रकल्पाचे नांव:-का.अ. विष्णुपूरी प्रकल्प विभाग क्र.२ नांदेड यांचा खाजगी जमिनी संपादन करण्याबाबत (बळेगाव उच्च पातळी बंधा-या बुडीत क्षेत्रासाठी मौ. भायेगाव ता. उमरी जि. नांदेड येथील जमीन संपादन करणेबाबतचा प्रस्ताव)
प्रकल्प कार्याचे वर्णन:- जलसिंचनासाठी भूसंपादन करणे.
समाजाला मिळणारे लाभ:- जलसिंचनाच्या पायाभूत सूविधेमध्ये भर पडत आहे. (र्आथिक, रोजगार, पायाभूत सूविधा, सोईसूविधा याबाबत व इतर लाभासंबंधात)
अनुसूची तीन
बाधित व्यक्तींचे विस्थापन करण्यासा भाग पाडणारी करणे लागू नाही.
अनुसूची चार
(सामाजिक प्रभाव निर्धारण अभ्यास करण्या-या अभिकरणाने दिलेला) सामाजिक प्रभाव निर्धारणाचा सारांश लागू नाही.
अनुसूची पाच
नियुक्त केलेल्या प्रशासकाचा तपशील
भूधारकाचे विस्थापन होत नसल्यामुळे प्रशासक नियुक्ती लागु नाही.
टिप - उक्त जमिनीच्या आराखडयाचे उपविभागीय अधिकारी, धर्माबाद ता. धर्माबाद जि. नांदेड यांचे कार्यालयामध्ये निरीक्षण करता येईल.
दिनांक:-२१/०१/२०२२
ठिकाण:- धर्माबाद.
(राजेंद्र खंदारे) उपविभागीय अधिकारी तथा भूसंपादन अधिकारी धर्माबाद.
२१८ महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, फेब्रुवारी १७-२३, २०२२ : माघ/फाल्गुन, २८-४, शके १९४३ भाग १ - पुरवणी१० जिल्हाधिकारी उस्मानाबाद यांजकडून
अधिसूचना
भूमीसंपादन, पुनर्वसन व पुर्नवसाहत करताना उचित भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम २०१३ चे कलम १९ (०१)
अनुसूची एक जमिनीचे वर्णन संंपादीत करावयाच्या जमिनीचे वर्णन गाव- दहिवडी तालुका-तुळजापूर जिल्हा- उस्मानाबाद
| अ.क्र. | भूमापन क्रमांक किंवा गट क्रमांक | अंदाजित क्षेत्र (हे.आर मध्य) |
| १ | २ | ३ |
| १. | ३०८ | ०.५८ |
| एकुण | ०.५८ |
जिल्हाधिकारी कार्यालय उस्मानाबाद २०१७/भूसं/कक्ष-१/सिआर-०९
दिनांक -२६/११/२०२१.
ज्या अर्थी, समुचित शासन असलेल्या उस्मानाबाद जिल्हयाच्या जिल्हाधिकारी यांस भूसंपादन पुनर्वसन व पुर्नवसाहत करताना उचित भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम २०१३ (२०१३चा ३०) (यात यापुढे ज्याचा निर्देश "उक्त अधिनियम" असा केला आहे) याच्या कलम ११ च्या पोटकलम (०१) व्दारे प्रदान करण्यात आलेल्या अधिकाराचा वापर करुन काढण्यात आलेली अधिसुचना महसुल व वन विभाग क्रमांक संकिर्ण ११/२०१४/प्र.क्र.७७/अ-२ दिनांक १९ जानेवारी २०१५ अन्वये प्रारंभीक अधिसूचना काढली आहे आणि त्याव्दारे असे अधिसुचित केले आहे की, यासोबत जोडलेल्या अनुसुची एक मध्ये अधिक तपशीलवार वर्णन केलेल्या जमिनीची अनुसूची दोन मध्ये अधिक तपशीलवार विनिर्दीष्ट केलेल्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी आवश्यकता आहे किंवा तिची आवश्यकता भासण्याची शक्यता आहे.
आणि ज्याअर्थी, उस्मानाबाद जिल्हयाच्या जिल्हाधिका-याने कलम १५ च्या पोटकलम (०२) अन्वये दिलेला अहवाल, कोणताही असल्यास विचारात घेतल्यानंतर उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमीन संपादीत करण्याची आवश्यकता आहे याबाबत खात्री पटली आहे आणि म्हणुन उक्त अधिनियमाच्या कलम १९ च्या पोटकलम (०१) च्या तरतुदीन्वये उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमिनीची आवश्यकता आहे. असे याव्दारे घोषीत करण्यात येत आहे.
आणि ज्याअर्थी अनुसूची तीन मध्ये अधिक तपशीलवार वर्णन केलेले क्षेत्र हे बाधित कुटुंबियांच्या पुनर्वसन व पुर्नवसाहतीच्या प्रयोजनासाठी "पुनर्वसाहत" क्षेत्र म्हणून निर्धारित केले असल्याचे याव्दारे घोषित केले असून पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेच्या सारांश अनुसूची चार मध्ये विर्िनदिष्ट केले आहे.
आणि ज्याअर्थी उक्त अधिनियमाच्या कलम ३ च्या खंड (छ) अन्वये समुचित शासन असलेला जिल्हाधिकारी उक्त अधिनियमान्वये जिल्हाधिका-याची कार्य पार पाडण्यासाठी उपजिल्हाधिकारी भूसंपादन मांजरा प्रकल्प उस्मानाबाद यास पदनिर्देशीत करीत आहे.
(स्वाक्षरीत) (कौस्तुभ दिवेगावकर) जिल्हाधिकारी, उस्मानाबाद अनुसूची दोन
सार्वजनिक प्रयोजन स्वरुपात विवरण.
प्रकल्पाचे नाव - पांगरधरवाडी सिंचन तलाव उंची वाढ प्रकल्पाचे वर्णन -पांगरधरवाडी सिंचन तलाव उपसा सिंचन योजना क्र.२ अंतर्गत टप्पा क्रमांक ३ तलाव उंची वाढ. समाजाला मिळणारे लाभ- पांगरधरवाडी सिंचन तलाव उपसा सिंचन योजना क्र.२ व्दारे ७.५७ घन फुट पाणी उस्मानाबाद जिल्हयातील ८७१८८ हेक्टर क्षेत्रासाठी देण्याचे प्रस्तावीत आहे.
अनुसूची तीन
पुनर्वसाहत क्षेत्राचे वर्णन
गाव- पांगरधरवाडी तालुका - तुळजापूर जि. उस्मानाबाद पुनर्वसाहत करण्याची आवश्यकता नाही सबब माहीती निरंक
अनुसूची चार
(पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा सारांश) (सामाजिक प्रभाव निर्धारण अभ्यास करणा-या अभिकरणानेे दिलेला सामाजिक प्रभाव निर्धारण सारांश ) दि. १३ मार्च २०१५ चे राजपत्रात प्रसिध्द महाराष्ट्र शासनाची अधिसूचना क्रमांक संकीर्ण/०१/२०१५/प्र.क्र.-३/अ-२ नुसार उक्त अधिनियमाचे कलम १०-क नुसार सामाजिक प्रभाव निर्धारणाच्या तरतुदी लागु करण्यापासुन सुट देण्यात आलेली आहे . टिप- उक्त जमिनीच्या आराखडयाचे उपजिल्हाधिकारी भूसंपादन मांजरा प्रकल्प उस्मानाबाद यांचे कार्यालयामध्ये निरीक्षण करता येईल. दिनांक- २६/११/२०२१ ठिक्ाण- उस्मानाबाद (स्वाक्षरीत)
(कौस्तुभ दिवेगावकर) जिल्हाधिकारी, उस्मानाबाद ON BEHALF OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATION, PRINTED AND PUBLISHED BY DIRECTOR RUPENDRA DINESH MORE. PRINTED AT GOVERNMENT PRESS, PAITHAN ROAD, AURANGABAD-431 005 AND PUBLISHED AT DIRECTORATE OF GOVERNMENT PRINTING STATIONERY AND PUBLICATION, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI-400 004. EDITOR : DIRECTOR RUPENDRA DINESH MORE.
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प्राधिकृत प्रकाशन
वर्ष ८ वे, राजपत्र क्र. ३] गुरुवार ते बुधवार, फेब्रुवारी १७-२३, २०२२ : माघ/फाल्गुन, २८-४, शके १९४३ [किंमत : ०.०० रुपये स्वतंत्र संकलन म्हणून फाईल करण्यासाठी या भागाला वेगळे पृष्ठ क्रमांक दिले आहेत.
भाग एक--अ-औरंगाबाद विभागीय पुरवणी
(भाग चार-ब मध्ये प्रसिध्द करण्यात आलेले आहेत त्याव्यतिरिक्त केवळ औरंगाबाद विभागशी संबंधित असलेले व महाराष्ट्र नगरपालिका, जिल्हा परिषदा व पंचायत समित्या, ग्रामपंचायती, नगरपरिषदा, जिल्हा नगरपरिषदा, प्राथमिक शिक्षण व स्थानिक निधी लेखापरीक्षा अधिनियम या अन्वये काढण्यात आलेले आदेश व अधिसूचना) टीप :--प्रत्येक अधिसूचनेच्या आधी मधोमध जे ठळक आकडे छापलेले आहेत ते ह्य साप्ताहिक राजपत्रात छापलेल्या अधिसूचनांचे अनुक्रमांक आहेत.
१
मुख्याधिकारी तथा प्रशासक नगर परिषद उस्मानाबाद यांजकडून
महराष्ट्र प्रादेशीर नियोजन व नगर रचना अधिनियम १९६६ चे कलम
ज्या अर्थी, उस्मानाबाद नगर परिषदेने सर्वसाधारण सभा विषय क्र. ०४ दि. २२/१२/२०२१ अन्वये मंजुर विकास योजना (वाढीव हद्द) मध्ये उक्त अधिनियमाच्या कलम ३७ अन्वये मंजुर विकास योजनेत सव्र्हे नं. ७४ जमिनीतील अंदाजे क्षेत्रफळ १३ हेक्टर ७९ आर शेती तथा नाविकास विभागातुन वगळुन रहिवाशी विभागात समाविष्ट करण्याचे ठरले आहे.
३७ अन्वये सुचना
जाहिर सुचना
ज्या अर्थी उस्मानाबाद शहराची (वाढीव हद्द) विकास योजना महाराष्ट्र
प्रादेशीक नियोजन व नगर रचना अधिनियम १९६६ चे कलम ३७ (१) अन्वये
महाराष्ट्र शासनाच्या नगर विकास विभागाची अधिसुचना क्र.टीपीएस-
९४१५/३९३/प्रक्र२५३/२०१५/नवि-३० दि. ०९/०९/२०१६ अन्वये मंजुर झाली
असुन, ती दि. ०३/१२/२०१६ पासुन अंमलात आली आहे. (ज्यापुढे तिचा
उल्लेख उक्त विकास योजना असुन)
वरील बदल विकास योजनेच्या भाग नकाशावर लाल रंगाने दर्शविण्यात आलेले आहे आणि ज्याअर्थी उक्त फेर बदला बाबत जनतेकडुन सुचना व हरकती मागविण्याकरिता उक्त अधिनियमाच्या कलम ३७ अन्वये सुचना प्रसिध्द करण्यात येत आहे. जे नागरिक हि सुचना महाराष्ट्र शासनाच्य राजपत्रात प्रसिध्द झाल्यापासुन एक महिन्याच्या आत त्यांच्या सुचना आणि हरकती लेखी स्वरुपात सादर करतील त्यांचाच विचार उक्त प्रस्ताव शासनाकडे अंतिम मंजुरीसाठी सादर करणेपुर्वी हि नगर परिषद करील. उक्त विकास योजनेत प्रस्तावित केलेले फेर बदल दर्शविणारा भाग नकाशा नागरीकांच्या अवलोकनार्थ नगर परिषदेच्या कार्यालयात सर्व कामकाजाचे दिवशी कार्यालयीन वेळेत उपलब्ध असेल.
| क्र. नंबर | अ. सव्र्हे क्षेत्रफळ अंदाजे | विद्यमान वापर | प्रस्तावीत वापर | |
| १ ७४ | १३ हेक्टर ७९ आर | शेती तथा नाविकास वापर | रहिवाशी वापर |
नगर परिषद कार्यालय, उस्मानाबाद दि. ०३/०२/२०२२ ७८ महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, फेब्रुवारी १७-२३, २०२२ : माघ/फाल्गुन, २८-४, शके १९४३ भाग १ -अ पुरवणी By The President Municipal Council Osmanabad Public Notice Under section 37 of Maharashtra Regional and Town Planning Act 1966.
Out No. 656/2022 Date: 03/02/2022
Public Notice
Whereas the second revised development plan, of Osmanabad has been sanctioned as per Maharashtra regional and town planning act 1966 section 31 (1) by Urban Develop- ment Department in Government of Maharashtra, Notification No TPS-3415/1393/CR-253/2015/UD-30 Date- 09/09/2016 and came into effect from 03/12/2016.
Whereas the Osmanabad Municipal Council under its General Body resolution No. 04 Date- 22/12/2021 has re- solved to effect the following modification under section 37 (1) of the said Act to the said second revised plan viz. As per sanctioned D.P.
Land Admeasuring tentatively 13 Ha, 79 R. in Sy.No. 74 under Green Zone no Development (As shown in part plan) Proposed Modification
Land Admeasuring tentatively 13 Ha, 79 R. in Sy. No. 74 under no Development is proposed to be deleted from no development zone and included in residential zone.
And whereas, the notice is hereby published as re- quired under section 37 of the said Act for inviting sugges- tions and objections from public on said modification, those persons who will give their suggestions and objections in writing to the council within one month from the publication of this notice, in Maharashtra Government Official Gazette wil be considered by the council before submitting the said pro- posal to Government for sanction.
The part plan showing the proposed modification to the said development plan is kept open for inspection of pub- lic in the office of municipal council on all the working days.
Osmanabad
Date: 03/02/2022.
(Harikalyan Yelgatte) Chief Officer & Administrator Municipal Council, Osmanabad.
२
नगर पंचायत सेनगांव, जि. हिंगोली यांजकडून
सूचना
सेनगांव शहराच्या प्रारुप विकास योजनेमधील बदलांच्या सुचीचे महाराष्ट्र प्रादेशिक नियोजन व नगर
रचना अधिनियम, १९६६ चे कलम २८ (४) अन्वये प्रसिध्दीकरण क्र. ७१, दि. १४/०२/२०२२.-- ज्याअर्थी, सेनगांव नगर पंचायतीने, नियेाजन प्राधिकरण म्हणून, महाराष्ट्र प्रादेशिक नियोजन व नगर रचना अधिनियम, १९६६ चे कलम २६ (१) नुसार प्रारुप विकास योजना, सेनगांव नागरिकांच्या सूचना/हरकती मागविण्यासाठी प्रसिध्द केली आहे. सदरची सूचना महाराष्ट्र शासन राजपत्रामध्ये २२-२८ जुलै, २०२१ रोजी प्रसिध्द झाली आहे;
आणि ज्याअर्थी, उक्त योजनेवर विहीत मुदतीत प्राप्त सूचना व हरकतींचा विचार करुन उक्त अधिनियमाच्या कलम-२८ (४) नुसार स्थापन झालेल्या नियोजन समितीने तिचा अहवाल उक्त नियोजन प्राधिकरणाकडे दि. २४/११/२०२१ रोजी सादर केला;
आणि ज्याअर्थी नियोजन प्राधिकरणाने नियोजन समितीचा अहवाल बदलासह मान्य करणेसाठी ठराव क्र. ३००, दि. ३१/०१/२०२२ अन्वये निर्णय घेवून सदर विकास योजना बदलासह कलम-३० अन्वये शासनास मंजूरीस्तव सादर करण्याचा निर्णय घेतला आहे.
आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिनियमाचे कलम २८ (४) खालील तरतूदीनुसार उक्त योजनेच्या मसुद्यात केलेले बदल नागरिकांच्या अवलोकनार्थ प्रसिध्द करणे आवश्यक आहे;
त्याअर्थी उक्त प्रारुप विकास योजनेच्या मसुद्यात नियोजन प्राधिकरणाने उक्त अधिनियमाचे कलम-२८ (४) नुसार केलेल्या बदलांची सूची परिशिष्ठ ""अ"" मध्ये नमूद केल्याप्रमाणे, नागरिकांच्या माहितीसाठी प्रसिध्द करण्यात येत आहे. सदर बदल दर्शविणारा उक्त प्रारुप विकास योजनेचा नकाशा खालील नमूद केलेल्या कार्यालयात कामकाजाच्या दिवशी कार्यालयीन वेळेत ३० दिवसाच्या कालावधीकरिता नागरिकांच्या अवलोकनार्थ ठेवण्यात आला आहे.
१) मुख्याधिकारी, नगर पंचायत, सेनगांव. २) सहायक संचालक, नगर रचना, हिंगोली शाखा
ठिकाण: सेनगांव. दिनांक : १४/०२/२०२२
(प्रवीण ऋषी) मुख्याधिकारी नगर पंचायत, सेनगांव.
औरंगाबाद विभाग महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, फेब्रुवारी १७-२३, २०२२ : माघ/फाल्गुन, २८-४, शके १९४३ ९परिशिष्ट-अ
अधिनियमाचे कलम - २८ (४) नुसार केलेल्या बदलांची सूची
| M-1 | ग.क्र. ५९७ (नवा) मधील ""बचपन प्ले स्कुल"" हा विद्यमान जमीन वापर सार्वजनिक व निमसार्वजनिक विभागातून वगळुन रहिवास विभगात समाविष्ट केला. |
| M-2 | आ.क्र. १२ कत्तलखाना वगळून दक्षिण पश्चिम रहिवास विभागात व उत्तर पूर्व भाग शेती विभागात समाविष्ट केला. |
| M-3 | आ.क्र. १३ ""दहनभूमी"" वगळुन शेती विभागात समाविष्ट केली. |
| M-4 | २४ मी. रुंद रिंग रोड वगळुन शेती विभागात समाविष्ट केला. |
| M-4 (A) | ग.क्र. १२० मधील शासकीय वस्तीगृहाची २४ मी. रस्त्याखालील जागा सार्वजनिक- निमसार्वजनिक विभागात समाविष्ट केला. |
| M-5 | ग.क्र. ३८४ साई जिनिंग मिल ची हद्द दुरुस्त केली. |
| M-6 | मौ. सेनगांव ग.क्र. ४७८ ते ४९०, ५६८ (भा), ५७० (भा), ५७१ (भा), ५७२ (भा) व मौ. बरडा ग.क्र. ९० (भा) ९१, ९२ शेती क्षेत्रातून वगळून रहिवास विभागात समाविष्ट केले. |
| M-7 | राष्ट्रीय महामार्गावरील ग.नं. ३८३ पासून उत्तरेस राष्ट्रीय महामार्गावरील ग.नं. ८० पयर्ंत शहराच्या पूर्व बाजूने, राज्य महामार्ग २४८ वरील ग.नं. ५०४ ते उत्तरेस राष्ट्रीय महामार्गावरील ग.नं. ८० पयर्ंत शहराच्या पश्चिम बाजूने नकाशामध्ये दर्शविल्याप्रमाणे नवीन ३० मी. रुंद रोड प्रस्तावित केला. |
(प्रवीण ऋषी) मुख्याधिकारी नगर पंचायत, सेनगांव.
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BY Nagar Panchayat Sengaon District Hingoli
And whereas, it is necessary to publish the said modifi- NOTICE
cations / changes made in the said Plan for inspection of the Publication of list of Changes in Draft Development Plan of
public as per 28 (4) of the said Act;
Sengaon u/s 28 (4) of
Now, therefore, the list of changes made /us 28 (4) of the Maharashtra Regional & Town Planning Act, 1966
Act, by the said Planning Authority is hereby published as No. 71, Date : 14/02/2022.--- Whereas, Sengaon Nagar
Appendix -A as per the provisions of said Act for information Panchayat, being Planing Authority has published the Draft
of the public. The said Draft Development Plan showing the Development Plan of Sengaon u/s 26 (1) of the Maharashtra
modifications /changes is kept open for the inspection of the Regional and Town Planning Act, 1966 for inviting sugges-
public in the following offices, on working days, during office tions / objections from public. The said Notice is published in
hours for a period of 30 days.
Maharashtra Government Gazzette on dated 22-28 July 2021;
And whereas, after considering the suggestions / ob-
1. The Chief Officer, Sengaon Nagar Panchayat jections to the said Plan received within stipulated period, the
Sengaon.
Planning Committee constituted u/s 28 (4) of the said Act, has
2. Assistant Director of Town Planning Hingoli Branch.
submitted its report to the said Planning Authority on Dated
24/11/2021;
Place: Sengaon
And whereas, the said Planning Authority after consid-
ering the report submitted by Planning Committee, *accepted
(Pravin Rishi) it/partyly accepted it/ suggested changes in it and passed
The Chief Officer, Resolution No.300, Dated 31/01/2022 To make changes to the
Nagar Panchayat, Sengaon.
said Plan and to submit the said Plan for sanction to the Gov- १० महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, फेब्रुवारी १७-२३, २०२२ : माघ/फाल्गुन, २८-४, शके १९४३ भाग १ -अ पुरवणी
Appendix - A
List of changes made u/s 28 (4) of the Act
| No. | Details of modifications / Changes |
| M-1 | Bachpan School, Gut No. 597 (New) deleted from Existing Public Semi-Public Zone & included in Residential Zone. |
| M-2 | Reservation No. 12, Salughter House deleted & South-West part included in Residential Zone, North-East part included in Agruculture Zone. |
| M-3 | Reservation No. 13 Cremation Ground deleted & included in Agriculture Zone. |
| M-4 | 24 Mtr. wide ring road deleted & included in Agriculture Zone. |
| M-4 (A) Area of Government Hostel, Gut No. 120 under 24 mtr. Ring Road is deleted & included in Public- Semi Public Zone. | |
| M-5 | Boundary of Sai Ginning Mill in Gut No. 384 corrected as shown on Plan. |
| M-6 | Gut No. 478 to 490, 568 (pt.) 570 (pt), 571 (pt), 572 (pt) of Sengaon & Gut No. 90 (pt), 91, 92 of Barada are deleted from Agruculture Zone & included in Residential Zone. |
| M-7 | Eastern Side of city from Gut No. 383 on National Highway towards North up to Gut No. 80 on National Highway, Western side of city from Gut No. 504 on State Highway no. 248 towards North upto Gut No. 80 on National Highway New 30 mtr wide road proposed as shown on Plan. |
(Pravin Rishi)
The Chief Officer,
Nagar Panchayat, Sengaon.
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औरंगाबाद विभाग महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, फेब्रुवारी १७-२३, २०२२ : माघ/फाल्गुन, २८-४, शके १९४३ ११३
औरंगाबाद महानगरपालिका, औरंगाबाद यांजकडून
नगर रचना विभाग
विषय :- औरंगाबाद महानगरपालिका क्षेत्राची महाराष्ट्र प्रादेशिक नियोजन व नगर रचना अधिनियम १९६६ चे कलम ३४ सह कलम २३ (१) अन्वये विकास योजना तयार करण्याचा इरादा जाहिर करणे, कलम २४ नुसार नगर रचना अधिकारी यांची नियुक्ती करणे व कलम २१ (३) नुसार मुदतवाढ घेणे बाबत.
ठराव :-
क्र./मनपा/नरवि/उसंनर/२६८/२०२२.-- नियोजन प्राधिकरणाच्या संपूर्ण क्षेत्राचा विचार होऊन विकास योजना प्रस्तावाचे नियोजन अधिक चांगल्या प्रकारे होण्याच्या अनुषंगाने विकास योजना सुधारित करतांना मुळ हद्द व वाढीव हद्द अशा भागाची एकत्रितरित्या विकास योजना तयार करणे बाबत महाराष्ट्र प्रादेशिक नियोजन व नगर रचना अधिनियम १९६६ चे कलम १५४ अन्वये महाराष्ट्र शासनाच्य नगर विकास विभागाने दि. १५/१०/२०१८ रोजी निर्देश दिलेले असून, यापुर्वी औरंगाबाद शहराची प्रसिध्द प्रारुप विकास योजना (वाढीव हद्द) बाबत मा. उच्च न्यायालय मुंबई खंडपीठ औरंगाबाद यांनी दि. ०५/०८/२०१६ रोजी निर्णय दिलेला आहे. या निर्णया विरुध्द मा. सर्वोच्च न्यायालयात अपिल झाले. त्यावर मा. सर्वोच्च न्यायालयाने शासनाचे निर्देश व उच्च न्यायालयाचे आदेश या आधारे निर्णय दिला आहे. तसेच शासनाने पत्र दिनांक १५/०१/२०२० अन्वये महानगरपालिकेस दिलेल्या निर्देशानुसार औरंगाबाद शहर मुळ हद्द व वाढीव हद्दीची विकास योजना एकत्रितरित्या तयार करणे बाबतचा उल्लेख मा. सर्वोच्च न्यायालयाच्या आदेशात आहे. त्या आधारे शासनाने आदेश क्र. विघयो/३८२०/युओआर- ६/प्र.क्र. २१८/नवि-२७ दि. ०२/०८/२०२१ अन्वये उपसंचालक नगर रचना, विकास योजना विशेष घटक, औरंगाबाद महानगरपालिका, औरंगाबाद या कार्यालयाची स्थापना केलेली आहे.
औरंगाबाद शहराच्या तत्कालीन नगरपरिषद क्षेत्राची सन १९७५ विकास योजना (मुळ हद्द व ना विकास क्षेत्रासह) मंजुर झाली. दिनांक ०८/ १२/१९८२ ला औरंगाबाद महानगरपालिकेची स्थापना झाली. औरंगाबाद महानगरपालिकेच्या वाढीव हद्दीची विकास योजना (मुळ हद्दीतील ना विकास क्षेत्रासह) UD-TPS/3088/454/CR-59/88 UD-12 Date 15/10/1991 अन्वये मंजुर झाली.
या दरम्यान सिडको कार्यालयाने त्यांच्या अधिसूचित क्षेत्रातुन शासन नगर विकास विभागाची अधिसूचना सिडको/एस.पी(एन.टी.)/२९/(एन.टी.)/ ३१७(जीएएम)/२९(एमटी)/२२३ दि. २४/०२/२००० अन्वये सिडकोचे काही क्षेत्र डिनोटीफाईड केल्याने ते महानगरपालिकेत समाविष्ट झाले. (या क्षेत्रासाठी अद्याप विकास योजना मंजुर नाही)
औरंगाबाद शहराच्या मुळ हद्दीची सुधारीत विकास योजना महाराष्ट्र शासन नगर विकास विभागाची अधिसूचना क्रमांक TPS/3099/1107/CR- 47[A]2000/UD-30 Date18/04/2001 अन्वये मंजुर झाली. तसेच वगळलेल्या भागाची (ई.पी.) विकास योजना शासन नगर विकास विभागाची अधिसूचना क्रमांक TPS/3001/1595/CR-273/2001/UD-30 Date02/01/ 2002, शासन नगर विकास विभागाची अधिसूचना क्रमांक TPS/3001/ 1566/CR-271/2001/UD-30 Date 09/04/2002 व शासन नगर विकास विभागाची अधिसूचना क्रमांक TPS/3099/1107/CR-271/2001/UD-30 Date 17/08/2002 अन्वये मंजुर करण्यात आलेल्या आहेत.
दरम्यान दि. ०१/०४/२००६ रोजी सिडको (नविन औरंगाबाद) क्षेत्र महानगरपालिकेत विलीन होऊन त्या क्षेत्रासाठी महानगरपालिकेची नियोजन प्राधिकारण म्हणून शासन अधिसूचना टिपीस-३००६/२६५/प्र.क्र.६७/२००६/ नवि-३० दिनांक ३१ मार्च २००६ नुसार नेमणुक झाली.
सिडको (नविन औरंगाबाद) अधिसूचित क्षेत्राचे नियोजन प्रस्ताव महाराष्ट्र प्रादेशिक नियोजन व नगर रचना अधिनियम १९६६ चे कलम ४० सह ११५ अन्वये शासन नगर विकास विभागाची अधिसूचना क्रमांक TPS/ 3006/9//CR-1/2006/UD-30 Date 09/11/2006 अन्वये मंजुर करण्यात आलेली असून ती दि. १९/१२/२००६ पासून अंमलात आलेली आहे.
तद्नंतर शासन नगर विकास विभागाची अधिसूचना AMC/102000/ 28/CR-13/2000/UD-24 DATE 26 MARCH 2007 अन्वये गट क्रमांक १२१ ते १२७ मौजे सातारा (शिवाजीनगर) हा भाग महानगरपालिका हद्दीत समाविष्ट करण्यात आला.
दरम्यान सातारा-देवळाई नगरपरिषदेचे क्षेत्र औरंगाबाद महानगरपालिकेत विलीन झाले. (शासन अधिसूचना क्र. टिपीएस-३०१५/ प्र.क्र.१७६/२०१५/नवि-३० दिनांक २६ फेब्रुवारी, २०१६) या क्षेत्रासाठी औरंगाबाद झालर क्षेत्र अंतर्गत विकास योजना प्रस्ताव त्यावेळी विचाराधिन होता.
उपरोक्त सातारा-देवळाई परीसराचा समावेश असलेली औरंगाबाद झालर क्षेत्राची विकास योजना (भागश:) शासन नगर विकास विभागाची अधिसूचना TPS-301/CR-159(A)/2014/UD-30 DATE 08 NOV 2017 WITH CORRIGENDUM DATE 01 NOV.2018 अन्वये मंजुर करण्यात आलेली असून ती दि. ०१ नोव्हेंबर २०१८ पासून अंमलात आलेली आहे.
सद्यस्थितीत सदरच्या क्षेत्राचा ई.पी. मंजुरीसाठी महाराष्ट्र शासनाकडे प्रलंबित आहे.
दरम्यान मौजे सातारा चे गट क्रमांक १२०, गट क्रमांक १२४/२ व गट क्रमांक १२६/२ चा समावेश मुळ नगरपालिका हद्दीत नसल्याने शासन अधिसूचना क्रमांक AUMP-2015/CR-12/UD-24 Date 29/05/2019 अन्वये औरंगाबाद महानगरपालिकेत समाविष्ट करण्यात आले. गट क्रमांक ४५ मौजे सातारा यांचे क्षेत्र महानगरपालिका हद्दीत समाविष्ट झाले. परंतू त्यांचा समावेश झालर क्षेत्र विकास योजनेत नाही. त्यामुळे सदर क्षेत्रासाठी अद्यापयर्ंत विकास योजना तयार करण्यात आलेली नाही.
औरंगाबाद महानगरपालिका हद्दी अंतर्गत संपूर्ण क्षेत्राचा विचार करता, महानगरपालिका क्षेत्रामधील चिकलठाणा औद्योगिक क्षेत्र व रेल्वेस्टेशन औद्योगिक क्षेत्रासाठी महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडळ हे नियोजन प्राधिकरण अस्तित्वात असून, सदरचे क्षेत्र वगळून वरीलप्रमाणे मंजुर असलेल्या सर्व विकास योजना महाराट्र प्रादेशिक नियोजन व नगर रचना अधिनियम, १९६६ चे कलम ३८ अन्वये सुधारीत करणेसह महानगरपालिका हद्दीत नव्याने समाविष्ट झालेल्या (ज्या क्षेत्रासाठी आजमितीस विकास योजना अस्तित्वात नाही) क्षेत्राची विकास योजना उक्त अधिनियमाच्या कलम ३४ अन्वये तयार करणेसाठी उक्त अधिनियमाच्या कलम २३ (१) अन्वये इरादा जाहिर करणे आवश्यक आहे.
१२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, फेब्रुवारी १७-२३, २०२२ : माघ/फाल्गुन, २८-४, शके १९४३ भाग १ -अ पुरवणीमहाराष्ट्र शासनाच्या दि. २५/०१/२०१९ च्या कलम-१५४ नुसार सर्व प्राप्त आदेशा नकाशे विकास योजना भौगोलिक माहिती प्रणाली (GIS) वापरुन तयार करण्याबाबत आदेश आहे. त्यानुसार औरंगाबाद महानगरपालिका हद्दी अंतर्गत संपूर्ण क्षेत्राचा विकास योजना नकाशा एकत्रितपणे प्रस्तावित केल्यानुसार तयार करणे आवश्यक आहे. शासनाचे आदेशानुसार आता संपूर्ण विकास योजना ही GIS Base (भौगोलिक माहिती प्रणाली) तयार करणे आवश्यक असल्याने संपूर्ण महानगरपालिका क्षेत्रासाठी एकच GIS Base (भौगोलिक माहिती प्रणाली) नकाशा तयार करणे योग्य व संयुक्तीक राहणार आहे. (सातारा, देवळाई झालर विकास योजनेसह) महाराष्ट्र प्रादेशिक नियोजन व नगर रचना अधिनियम १९६६ चे कलम २३ (२) नुसार औरंगाबाद महानगरपालिकेच्या विकास योजनेमध्ये समाविष्ट असलेल्या क्षेत्राचा हद्द दर्शविणारा आयुक्त, महानगरपालिका औरंगाबाद यांनी स्वाक्षांकित केलेला नकाशा, महानगरपालिकेच्या कार्यालयात, कार्यालयीन कामकाजाच्या दिवशी, कार्यालयीन वेळेत नागरिकांच्या अवलोकनासाठी उपलब्ध राहील.
विकास योजना तयार करण्याचा महानगरपालिकेचा इरादा, महाराष्ट्र शासन राजपत्रात व स्थानिक मराठी व इंग्रजी वृत्तपत्रात सुचनेद्वारे प्रसिध्द करणे आवश्यक आहे. सदरची सुचना, महाराष्ट्र शासन राजपत्रात प्रसिध्द झाल्यापासुन ६० दिवसांचे कालावधीत प्राप्त होणाया नागरिकांच्या सुचना / हरकतींचा विचार, विकास योजना तयार करणे करतांना करणे आवश्यक राहील.
औरंगाबाद शहराची एकत्रित विकास योजना तयार करणे करीता शासनाने नगर विकास विभागाचा निर्णय क्र. विघयो/३८२०/युओआर-६/ प्र.क्र. २१८/नवि-२७ दि. ०२/०८/२०२१ अन्वये उपसंचालक नगर रचना, विकास योजना विशेष घटक, औरंगाबाद महानगरपालिका, औरंगाबाद या कार्यालयाची स्थापना केलेली आहे. त्यानुसार उपसंचालक नगर रचना, विकास योजना विशेष घटक, औरंगाबाद महानगरपालिका, औरंगाबाद यांनी सदरच्या कामाचा कार्यभार स्वीकारलेला आहे.
सबब विकास योजना क्षेत्राचे सव्र्हेक्षण करण्याकरिता, त्याचा विद्यमान जमीन वापर नकाशा तयार करुन महानगरपालिकेकडे सादर करण्याकरीता, त्या क्षेत्राचे विकास योजनेचे प्रस्ताव तयार करण्याकरीता व विकास योजना संबंधी इतर सर्व कामे करण्याकरीता महाराष्ट्र प्रादेशिक नियोजन व नगर रचना अधिनियम १९६६ चे कलम २४ अन्वये उपसंचालक नगर रचना, विकास योजना विशेष घटक, औरंगाबाद महानगरपालिका यांनी ""नगर रचना अधिकारी"" म्हणुन नेमणूक करण्यासाठी मान्यता देण्यात येते. ""नगर रचना अधिकारी"" यांच्या नेमणूकीस मा. सहसंचालक, नगर रचना, औरंगाबाद विभाग, औरंगाबाद यांची पूर्व मंजुरी घेण्यासाठी योग्य ती कार्यवाही करणे आवश्यक आहे व त्यांनी मंजुरी दिल्यानंतर ""नगर रचना अधिकारी"" याच्या नियुक्तीचे औपचारिक आदेश आयुक्त, महानगरपालिका औरंगाबाद यांनी पारीत करणे आवश्यक राहील.
महाराष्ट्र प्रादेशिक नियोजन व नगर रचना अधिनियम १९६६ चे कलम २१ (२) मधील तरतुदीनुसार महानगरपालिकेची स्थापना झाल्यापासून किंवा महानगरपालिका हद्दीत एखादा भाग समाविष्ट झाल्यापासुन तीन वर्षाच्या आत अथवा शासनाने वेळोवेळी वाढवून दिलेल्या मुदतीत, प्रत्येक नियोजन प्राधिकरणाने त्यांचे हद्दीतील क्षेत्राची विकास योजना तयार करुन राज्य शासनाकडे मंजुरीस्तव सादर करणे आवश्यक आहे. औरंगाबाद महानगरपालिका हद्दीमध्ये शासन नगर विकास विभागाची अधिसूचना सिडको/ एस.पी(एन.टी.)/२९/(एन.टी.)/३१७ (जीएएम)/२९(एमटी)/२२३ दि. २४/ ०२/२००० अन्वये सिडकोचे डिनोटीफाईड क्षेत्र समाविष्ट झाले आहे.
तसेच सातारा गट क्रमांक ४५ चा समावेश कोणत्याच विकास योजनेत नाही.
त्यानुसार उक्त क्षेत्रासाठी सदर तीन वर्षाची मुदत संपुष्टात आली आहे. या कालावधीत विकास योजना तयार करुन ती प्रसिध्द करणे व पुढील कार्यवाही करुन शासनास सादर करणे शक्य झाले नाही. तरी या कार्यवाहीसाठी लागणारा कालावधी विचारात घेता, अधिनियमाच्या कलम २१ (३) अन्वये दि. ३१ मार्च, २०२४ पयर्ंत मुदतवाढ घेण्यास मंजुरी देणे आवश्यक आहे. ती घेण्यात यावी.
करिता औरंगाबाद महानगरपालिका हद्दीत महानगरपालिका नियोजन प्राधिकरण असलेल्या क्षेत्रासाठी
अ) संपूर्ण क्षेत्रासाठी भौगोलिक माहिती प्रणाली (GIS) वर अधारीत विकास योजना नकाशे बनविणे.
ब) महाराष्ट्र प्रादेशिक नियोजन व नगर रचना अधिनियम १९६६ चे कलम ३८ व ३४ सह कलम २३ (१) अन्वये विकास योजना इरादा जाहीर करणे.
क) महाराष्ट्र प्रादेशिक नियोजन व नगर रचना अधिनियम १९६६ चे कलम २४ अन्वये उपसंचालक नगर रचना, विकास योजना विशेष घटक, औरंगाबाद महानगरपालिका, औरंगाबाद यांची नगर रचना अधिकारी म्हणून नेमणूक करणे.
ड) महाराष्ट्र प्रादेशिक नियोजन व नगर रचना अधिनियम १९६६ चे कलम २१ (३) नुसार नियोजन प्राधिकरणाच्या क्षेत्राधिकारात अतिरिक्त क्षेत्र समाविष्ट होऊन ३ वर्षापेक्षा जास्त कालावधीत संपुष्टात आलेला असल्यामुळे, त्यास दि. ३१ मार्च, २०२४ पयर्ंत मुदतवाढ घेण्याची कार्यवाही करणे. यास मान्यता देण्यात येते.
विकास योजना तयार करण्याच्या कायदेशीर बाबींवर कार्यवाही करण्याचे सर्व अधिकार आयुक्त, औरंगाबाद महानगरपालिका, औरंगाबाद यांना देण्यात येत आहेत. तद्संबंधी लागणाया सर्व खर्चास मंजुरी देण्यात येत आहे. करीता वैधानिक कार्यवाही व्हावी.
प्रशासक, महानगरपालिका, औरंगाबाद.
औरंगाबाद विभाग महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, फेब्रुवारी १७-२३, २०२२ : माघ/फाल्गुन, २८-४, शके १९४३ १३४
नगर परिषद सेलू यांजकडून
(महाराष्ट्र प्रादेशिक व नगर रचना अधिनियम १९६६ चे कलम ३७ (१)अन्वये फेरबदल प्रस्ताव)
ठराव क्रं १
सेलू शहराची सुधारीत विकास योजना शासनाने टीपीएस - ३१९९ / ७५२/ सी आर / ९६/९९/यु.डी ३० (सु वा.क्षे.) अन्वये मंजुर केलेली असुन ती दि.१६-०८-२००१ अंमलात आलेली आहे. तसेच सेलू शहराची पुर्नप्रसिध्द विकास योजना शासनाने टीपीएस-३१०२/१२८२/सीआर २८५ (बी)/२००२ /युडी३० (पुर्नप्रसिध्दी) दि १४/०७/२००५ अन्वये मंजुर केलेली असुन ती दि.०१.०९.२००५ पासून अंमलात आली आहे.
जागेचे मुळ मालक श्री.गिरीष विजयकुमार कत्रुवार व इतर यांनी अर्ज देउन विनंती केली आहे की, स.नं.२४३ मधील क्षेत्र ४ हे ६९ आर हे जमीन नाविकास विभागातुन वगळुन रहिवास विभागात समाविष्ठ करण्यात यावे त्याअनुषंगाने सेलू शहराची विकास योजना (सु वा.क्षे) मधील मा.अवर सचिव, नगरविकास विभाग, महाराष्ट्र शासन यांनी लगत चे क्षेत्र स.क्र.२४२ क्षेत्र ११.६० हे व स.नं.२४३ (पै) क्षेत्र ४.६९ हे असे एकुण १६.३९ हे शेती (ना विकास) विभागातुन वगळुन रहिवाशी विभागात समविष्ठ करण्यासाठी महाराष्ट्र प्रादेशिक व नगर रचना अधिनियम १९६६ चे कलम ३७ (१) अन्वये फेरबदल प्रस्तवास शासनाचे पत्र क्रं.टिपीएस - ३११७/१९२/ प्र.क्र.१५२/२०१७/नवि-३०दि २४.१२.२०२१ अन्वये तत्वत: मान्यता प्राप्त झालेली आहे तसेच स.नं.२४३ मध्ये स.नं.२४३ (पै)८० आर क्षेत्रचा रेखांकन नकाशा मुख्याधिकारी यांनी मंजुर केलेला आहे. आणि त्यामध्ये रहिवाशी वापर सुरु झाला असून आाजु-बाजुच्या परिसरात रहिवाशी वापर सुरु आहे.
महाराष्ट्र प्रादेशिक व नगर रचना अधिनियम १९६६ चे कलम ३७ (१) अन्वये स.नं. २४३ मधील ४ हे ६९ आर क्षेत्र ना विकास क्षेत्र भाग नकाशात दर्शविल्याप्रमाणे भागश: वगळुन त्या ऐवजी रहिवाशी विभागात समाविष्ट करण्याच्या प्रस्तावास नगर परिषद, सेलू या ठराचा अन्वये मान्याता देत आहे.
मुख्याधिकारी सेलू यांनी उक्त फेरबदल दर्शविणारा विकास योजनेचा भाग नकाशा नगर परिषद सेलू येथे कार्यालयीन कामकाजाच्या कालावधीत जनतेच्या अवलोकनार्थ ठेवण्यात यावा.
त्या अनुषंगाने नगर परिषद सेलू. महाराष्ट्र प्रादेशिक नगर रचना अधिनियम १९६६ चे कलम ३७(१) अन्वये सदरची अधिसुचना शासन राजपत्रात प्रसिध्द झाल्याचे दिनांकापासुन एक महिन्याचे कालावधीत आम जनतेकडुन हरकती/सुचना मागवाव्यात.
विहित कालावधीत प्राप्त होणा-या हरकती/ सुचनांचा विचार सदर फेरबदलाचा प्रस्ताव शासनास मंजुरीस्तव सादर करण्यापुर्वी नगर परिषद सेलू कडून करण्यात येईल. तसेच विहित कालावधी नंतर सुचना व हरकती प्राप्त झाल्या नसल्यास हाच ठराव अंतिम समजल्या जाईल. तसेच मुख्याधिकारी हे पुढील प्रस्तावाची प्रशासकीय कार्यवाही पुर्ण करावी.
स्थळ : सेलू
RESOLUTION No.1
BY CHIEF OFFICER, MUNICIPAL COUNCIL SAILU (Modification Under Section 37(1) of Maharashtra Regional Town
Planning Act 1966)
O.No. MCS/Town Planning/ Date. 14 / 02 / 2022.--- Urban Development Department Government of Maharashtra vide its Notification No.TPS- 3199/CR/96/99/UD 30 date.18.06.2001, sanctioned the development plan (R+AA) of Sailu which come into force dated 16.08.2001 and republished development plan sanctioned vide Urban Development Notification TPS/3102/1282/(R-285LB) /2002/UD-30 date 01.09.2005.
As per received application from Shri.Grish Vijaykumar Katruwar had Requested that in S.R.NO.243 area under consideration is 4 Ha 69 R which is in "Green Zone" that is "No Development Zone" which will be transfer to residential zone by minor modification process. So, S.R.NO.243area under consideration is 4 Ha 69 R which is in "Green Zone" that is"No Development Zone" as shown in aforesaid development plan of Sailu (R+A.A). Hon.under secretory Mumbai, urban development, Maharashtra govt. with reference of MRTP act 1966 Article 37 (1) have alredy principally approved minor modification proposal with reference of letter no .TPS-3117/192/P.N.152 /2017/UD -30 date 24.12.2021 agriculture zone to residential zone of land of survey no 242 area 11.70 ha & survey no 243 (p) area 4.69 HA in total 16.39 HA which adjencant to the land in consideration ,Also in S.R.No.243 (p) land having 80 R layout which is sanctioned by the Nagar Parishad Sailu and residential development had been taken place within plots of layout & surrounding area.
The resolution passed by Municipal Council Sailu to delete part area within survey no. 243 land 4.69 HA is a "Green Zone" that is "No Development Zone" & to be included in residential zone as shown in the part plan attached with.
Chief Officer will directed that ,the part plan of development plan of Sailu (R+A.A) show in the above proposed modification kept open for public inspection during office hours in the Municipal Council Sailu.
And where as the Municipal Council Sailu invites suggestion and objection to said modification to the development plan (R+A.A) of Sailu within the period of one month from the date of publication of this notification in government gazette.If any Suggestion and objection are not received by Municipal Council Then this will be the final resolution.
The suggestion & objection received within stipulated period will be considered by Municipal Council Sailu while submitting the proposed to the government for section.Also Chief Officer will do further administrative process.
Administrator
Municipal Council Sailu.
१४ महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, फेब्रुवारी १७-२३, २०२२ : माघ/फाल्गुन, २८-४, शके १९४३ भाग १ -अ पुरवणी५
पंचायतीच्या सार्वत्रिक निवडणूकीमध्ये विविध पक्षाकडून निवडून आलेल्या
निर्वाचित सदस्यांच्या महाराष्ट्र स्थानिक प्राधिकरण सदस्य अनर्हता अधिनियम जिल्हाधिकारी लातूर यांचे कडून
१९८६ (१९८७ चा महाराष्ट्र वीस) चे कलम ९ व महाराष्ट्र स्थानिक आदेश
प्राधिकरण सदस्य अनर्ह्रता नियम १९८७ चे नियम ३ व ४ (३) अन्वये प्राप्त
अधिकारानुसार मी पृथ्वीराज बी.पी. जिल्हाधिकारी,लातूर या आदेशान्वये ज्याअर्थी, क्र २०२१/नपाप्र/निवडणूक/कक्ष-३/कावि-३१६३ मा.राज्य निवडणुक
लातूर जिल्ह्यतील शिरुर अनंतपाळ, चाकूर, जळकोट व देवणी नगर आयोग महाराष्ट्र मुंबई यांचे पत्र क्रं.रानिआ/न.प२०२१/प्र.क्र.६/का-६ दिनांक
पंचायतीच्या खालील परिशिष्ट अ मध्ये दर्शविलेल्या सदस्यांच्या आघाडी / २४/११/२०२१ व रानिआ/नप२०२१/प्र.क्र.६/का-६ दिनांक १७/१२/२०२१ अन्वये
गटास याद्वारे मान्यता देत आहे
लातूर जिल्ह्यतील शिरूर अनंतपाळ, चाकूर, जळकोट व देवणी नगर
परिशिष्ट अ
| नगर पंचायतीचे नाव | गटातील / आघाडीतील सदस्यांचे नाव | गटाची/आघाडीची एकूण सदस्य संख्या | गट / आघाडीचे नाव |
| शिरुर अनंतपाळ | १. आवळे जयश्री दिलीप २. काळे अनंत जनार्धन ३. शिवणे रागीनी सतीश ४. खरटमोल कुसुम माधव ५. शिवणे संतोष नागनाथ ६. संभाले श्रीदेवी माधव ७. तांदळे राजनंदनी रोहन ८. लखनगावे सुधीर धनाजी | ८ | शिरुर अनंपताळ महाविकास आघाडी गट |
| चाकूर | १. धोंडगे अभिमन्यु लक्ष्मणराव २. माकणे कपील गोविंदराव ३. कांबळे वैशाली एकनाथ ४. सय्यद शाहीनबानु महमद ५. लाटे हिरकणा विरभद्र ६. कसबे शुभांगी रामेश्वर | ६ | प्रहर जनशक्ती पक्ष गट चाकूर |
| चाकूर | १. गुळवे अब्दूलकरीम रसुल २. महालिंगे मिलिंद गणपत ३. सय्यद मुज्जमिल मुस्तफा ४. फुले भागवत बाळासाहेब ५. सय्यद शबाना इलियास ६. स्वामी ज्योती शिवदर्शन ७. गोलावार गंगुबाई नरसिंग ८. पाटील गोदावरी राजकुमार | ८ | चाकूर महाविकास आघाडी, चाकूर |
| जळकोट | १. पाटील धोंडूतात्या गुणवंतराव २. मंगनाळे लक्ष्मीबाई मल्लिकाजर्ुन ३. संदीप दिगंबर डांगे ४. बाबुमियाँ हुसेनसाब लाटवाले ५. सुरेखा शेषेराव गवळे ६. विनायक विरभद्र डांगे ७. प्रभावती चंद्रकांत कांबळे | ७ | राष्ट्रवादी काँग्रेस व अपक्ष गट जळकोट |
| जळकोट | १. किडे मन्मथ मारोतीराव २. नामवाड संग्राम गंगाधर ३. गबाळे गोपाळकृष्ण गंगाधर ४. धुळशेट्टे मिनाक्षी ओमकार ५. सिध्देश्वरे वर्षा सचिन ६. धुळशेट्टे अशि्वनी महेश ७. धुळशेट्टे संगीता नागोराव ८. धुळशेट्टे शिवलींग नागोराव ९. देशमुख सुमनबाई त्रिंबक | ९ | जळकोट भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस व शिवसेना गट |
| द वणी े | १. प्रविन चंद्रशेखर बेळे २. सौ. भाग्यलक्ष्मी रेवणसिध्दया मळभगे ३. मेहरूनिसा इस्माईलसाब शेख ४. जमीरमियाँ पाशामियाँ तांबोळी ५. नदीम सलीममियां मिर्झा ६. अमित शेषेराव मानकरी ७. सौ. रेणूका रमेश कोतवाल ८. बानुबेगम जाफरसाब मोमीन ९. सौ.शारदा अशि्वन लांडगे १०. सौ. वंदना राजकुमार बंडगर ११. सौ. किर्ती संजय घोरपडे १२. सौ. सत्यभामा खंडेराव घोलपे १३. अनिल वैजनाथराव इंगोले १४. श्रीमती विमल विनायक बोरे १५. अमित विजयप्रकाश सुर्यवंशी | १५ | देवणी भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस, राष्ट्रवादी काँग्रेस व अपक्ष गट |
क्र.२०२१/नपाप्र/निवडणूक/कक्ष-३/कावि-३१६३.-- ज्याअर्थी, मा.राज्य निवडणुक आयोग महाराष्ट्र मुंबई यांचे पत्र क्रं.रानिआ/न.प.२०२१/प्र.क्र.६/ का-६ दिनांक २४/११/२०२१ व रानिआ/नप.२०२१/प्र.क्र.६/का-६ दिनांक १७/१२/२०२१ लातूर जिल्ह्यतील शिरुर अनंतपाळ, चाकूर, देवणी व जळकोट नगर पंचायतीच्या सार्वत्रिक निवडणूक १३ प्रभागाकरिता दिनांक २१/१२/२०२१ व ४ प्रभागाकरिता १८/०१/२०२२ रोजी घेण्यात येवून दिनांक १९/०१/२०२२ रोजी मतमोजणी होऊन निर्वाचित सदस्यांची नावे दिनांक २४/०१/२०२२ च्या राजपत्रात प्रसिध्द करण्यात आलेली आहेत.
ज्याअर्थी, महाराष्ट्र नगर परिषदा, नगर पंचायती व औद्योगिक नगरी अधिनियम १९६५ चे कलम ३४१ ब-१ (२) व (७) आणि कलम ३४१ ब-२ (१) व (४) अन्वये जिल्हाधिकारी हा निर्वाचित सदस्यांची नावे राजपत्रात प्रसिध्द झाल्यापासून २५ दिवसाच्या आत पहिली विशेष सभा आयोजीत करेल व या सभेमध्ये अध्यक्ष व उपाध्यक्ष यांची निवड करण्यात येईल अशी
परिशिष्ट ब
तरतूद असून महाराष्ट्र नगर परिषदा, नगर पंचायती (अध्यक्ष पदाची निवडणूक) (सुधारणा) नियम २००९ मधील नियम ७ - क व महाराष्ट्र नगर परिषदा, नगर पंचायती व औद्योगिक नगरी अधिनियम १९६५ चे कलम ३४१ ब - २ (४) नुसार जिल्हाधिकारी यांनी निवडून आलेल्या अध्यक्ष व उपाध्यक्षाची नावे निवडून आलेल्या दिनाकांपासून १५ दिवसाच्या आत शासकीय राजपत्रात प्रसिध्द करावयाची आहेत.
त्याअर्थी, उक्त अधिनियम व नियमान्वये मला प्राप्त अधिकारानुसार मी, पृथ्वीराज बी.पी. जिल्हाधिकारी, लातूर या आदेशान्वये असे जाहिर करतो की, लातूर जिल्ह्यतील शिरुर अनंतपाळ, चाकूर, देवणी व जळकोट या चार नगर पंचायतीच्या अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पदाच्या निवडीसाठी आयोजित केलेल्या दिनांक ०९/०२/२०२२ रोजीच्या विशेष सभेमध्ये खालील परिशिष्ट- ब मध्ये दर्शविलेले निर्वाचित सदस्य हे त्यांचे नावासमोर दर्शविलेल्या नगर पंचायतीचे अध्यक्ष व उपाध्यक्ष म्हणून दिनांक ०९/०२/२०२२ पासून पहिल्या अडीच वर्षाकरीता रितसर निवडून आले आहेत.
| अ.क्र. | नगर पंचायतीचे नाव | निवडून आलेल्या अध्यक्षांचे नाव | अध्यक्ष पदाचे आरक्षण | निवडून आलेले उपाध्यक्षांचे नाव |
| १ | शिरुर अनंतपाळ | धुमाळे मायावती गणेश | सर्वसाधारण (महिला) | मठपती सुषमा बस्वराज |
| २ | चाकूर | माकणे कपिल गोविंदराव | अराखीव | बिरादार अरविंद दिगंबर |
| ३ | द वणी े | घोरपडे कीर्ती संजय | अनुसूचित जाती | मानकरी अमित शेषेराव |
| ४ | जळकोट | कांबळे प्रभावती चंद्रकांत | अनुसूचित जाती महिला | किडे मन्मथ मारोतीराव |
ज्याअर्थी, महाराष्ट्र नगरपरिषदा, नगरपंचायती व औद्योगिक नगरी, अधिनियम, १९६५ चे कलम ३४१ ब-३ (१) अन्वये अध्यक्षपदाची निवड झाल्यापासून सात दिवसाचे आत नगर पंचायत सदस्यांचे नामनिर्देशन करण्याचे प्रयोजनासाठी जिल्हाधिकारी यांनी नगर पंचायत सदस्यांची विशेष सभा आयोजित करण्याची तरतुद असून महाराष्ट्र नगर परिषदा आणि नगर पंचायती (नामनिर्देशित सदस्यांची अर्हता व नियुक्त्या करण्याची पध्दत) नियम २०१० व सुधारणा नियम २०१२ नुसार नियुक्त्यांची कार्यप्रणली निश्चित करून दिलेली असून मूळ नियमातील नियम ६ नुसार शक्य तितक्या लवकर नामनिर्देशित केलेल्या सदस्यांची नावे जिल्हाधिकारी यांनी राजपत्रात प्रसिध्द करण्यासाठी पाठवावयाची आहेत.
त्याअर्थी, उक्त अधिनियमान्वये व नियमान्वये प्राप्त अधिकारानुसार मी, पृथ्वीराज बी.पी. जिल्हाधिकारी लातूर, या द्वारे आदेशित करतो की, लातूर जिल्ह्यतील शिरुर अनंतपाळ, चाकूर व देवणी या तीन नगर पंचायतीच्या नामनिर्देशीत सदस्य पदाच्या निवडीसाठी दिनांक १५/०२/ २०२२ रोजीच्या विशेष सभेमध्ये खालील परिशिष्ट क मध्ये दर्शविलेल्या व्यक्ती या त्यांचे नावासमोर दर्शविलेल्या नगर पंचायतीचे नामनिर्देशित सदस्य म्हणून विदयमान नगर पंचायतीच्या कालावधी करीता नियुक्त झालेले आहेत.
औरंगाबाद विभाग महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, फेब्रुवारी १७-२३, २०२२ : माघ/फाल्गुन, २८-४, शके १९४३ १७परिशिष्ट क
| अ.क्र. | नगर पंचायतीचे नाव | निवड झालेल्या नामनिर्देशीत सदस्यांचे नाव | पत्ता | पक्ष /गट / आघाडी |
| १ | शिरुर अनंतपाळ | १. पाटील संभाजीराव माधवराव २. देवंगरे पार्वतीबाई गुरूनाथ | बस्वेश्वर चौक शिरुर अनंतपाळ टिळक चौक शिरुर अनंतपाळ गट | भारतीय जनता पार्टी शिरुर अनंतपाळ महाविकास आघाडी |
| २ | चाकूर | १. पाटील विलासराव राजेश्वरराव | चैतन्य निवास,जुने बस स्टँडजवळ, चाकूर | चाकूर महाविकास आघाडी गट |
| ३ | द वणी े | १. मळभगे महादेव काशीनाथ | मेन रोड बसस्टँडजवळ, देवणी | देवणी भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस, राष्ट्रवादी काँग्रेस पार्टी व अपक्ष गट |
स्थळ - लातूर
दिनांक- १७/०२/२०२२
पृथ्वीराज बी.पी.
जिल्हाधिकारी,लातूर.
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