RNI No. MAHBIL /2009/36619
महाराष्ट्रट शासन राजपत्र
असाधाराण भाग एक–कोकण विभागीय पुराणी
र्ष १२, अंक ५] मंगळारा, जानेाराी २७, २०२६/माघ ७, शाके १९४७ [पृष्ठे ५, विकंमत : रुपये ११.००
असाधाराण क्रमांक ८
प्राविधाकृत प्राकाशान
विजल्हाविधाकाराी तथा विजल्हादंडाविधाकाराी कायाषलय, पालघरा यांजकडाून
अविधासूचना
सागराी महामागष पुलाच्या जोडारास्त्याच्या प्राकल्पासाठेी भाूमीसंपादंन, पुनषसन पुनस्थाषपना,
कराताना ाजी भारापाई विमळण्याचा आविण पारादंशाषकतेचा हाक्क अविधाविनयम २०१३.
क्र.भाूसंपुादन/संागरी महामागग कं भाली/अविसंूचना १९(१)/कावि- १७/२०२६ विद. २७/०१/२०२६.—ज्याअर्थी, संमूविचत शासंन असंलीेल्या पुालीघरी विल्हाविकाऱ्याने, भाूमीसंपुादन, पुनगसंन पुनगसंाहात करीताना ाी भारीपुाई विमळण्याचा आवि पुारीदशागकतेचा हाक्क अविविनयाम, २०१३ (२०१३ चा ३०) (यात यापुढे ज्याचा विनदेशा "उक्त अविविनयाम" असंा केलीा आहाे) यांच्या कलीम ११ चे पुोट-कलीम (१) याद्वारीे प्रदान करीण्यात आलीेल्या अविकारीाचा ापुरी करून विद.१४/१०/२०२५ अन्याे प्रारींविभाक अविसंूचना काढेली आहाे, आवि त्याद्वारीे असंे अविसंूविचत केलीे आहाे की, यासंोबत ोडलीेल्या अनुसंूची-एकमध्याे अविक तपुशाीलीारी गन केलीेल्या विमनीची, अनुसंूची दोनमध्याे अविक तपुशाीलीारी विविनविदगष्ट केलीेल्या संागविनक प्रयाोनासंाठी आश्याकता आहाे विका वितची आश्याकता भासंण्याची शाक्याता आहाे;
आवि ज्याअर्थी, पुालीघरी विल्ह्याच्या विल्हाविकाऱ्यांनी कलीम १५ च्या पुोट-कलीम (२) अन्याे विदलीेलीा अहाली कोताहाी असंल्यासं, विचारीात घेतल्यानंतरी, उक्त संागविनक प्रयाोनासंाठी उक्त मीन संपुाविदत करीण्याची आश्याकता आहाे, याबाबत त्याची खात्री पुटली आहाे आवि म्हाून उक्त अविविनयामाच्या कलीम १९ च्या पुोट-कलीम (१) च्या तरीतुदीन्याे, उक्त संागविनक प्रयाोनासंाठी उक्त विमनीची आश्याकता आहाे, असंे याद्वारीे घोवित करीण्यात याेत आहाे;
आवि ज्याअर्थी, अनुसंूची-तीनमध्याे अविक तपुशाीलीारी गन केलीेलीे क्षेत्री हाे बावित कंटं बीयांच्या पुनगसंन पुनगसंाहातीच्या प्रयाोनासंाठी पुनगसंाहात क्षेत्री म्हाून विनागरिरीत केलीे असंल्याचे याद्वारीे घोवित केलीे ात असंून, पुनगसंन पुनगसंाहात याोनेचा संारीांशा अनुसंूची-चारीमध्याे विविनविदगष्ट केलीा आहाे.
(१) २ महाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भाग एक–कोकण विभागीय पुराणी, जानेाराी २७, २०२६/माघ ७, शाके १९४७ अनुसूची-एक
जविमनीचे णषन
| अ.क्र. | भाूमापुन/गट/संर्व्हेहाे नं. | संपुाविदत क्षेत्री (हाे.आरी.) मध्याे |
| (१) | (२) | (३) |
| १ | ९२ | ००.००.२० |
| २ | ९३ | ००.३१.२५ |
| ३ | ९७ | ००.४६.१० |
| ४ | ९९ | ००.००.८० |
| ५ | १०३ | ००.०७.५० |
| ६ | १०४ | ००.१२.८० |
| ७ | १०५/अ | ००.०७.५० |
| ८ | १०५/ब | ००.२५.१० |
| ९ | १०८ | ००.०४.०० |
| १० | १०९ | ००.०१.३० |
| ११ | ११२ | ००.००.५० |
| १२ | ११४ | ००.०३.०० |
| १३ | ११६ | ००.१२.०० |
| १४ | १३३ | ००.२५.०० |
| १५ | १४१ | ००.००.६० |
| १६ | १५५ | ००.००.२० |
| १७ | १५६ | ००.१३.१० |
| १८ | १५७ | ००.०४.७० |
| १९ | १५८ | ००.०३.६० |
| २० | १५९ | ००.०१.५० |
| २१ | १६० | ००.००.३५ |
| २२ | १६१ | ००.००.२० |
| २३ | १६७ | ००.३२.९० |
| २४ | १६९ | ००.२३.५० |
| २५ | १७० | ००.०१.४० |
| २६ | १७२ | ००.०१.३० |
| २७ | १७३ | ००.००.२० |
| २८ | १७५ | ००.०७.६० |
| २९ | १७९ | ००.००.७० |
| ३० | १८२ | ००.०२.४० |
| ३१ | १८३ | ००.३३.८० |
| ३२ | १९० | ००.०१.५० |
| ३३ | १९१ | ००.२२.५५ |
| (१) | (२) | (३) |
| ३४ | ३३८ | ००.०२.२५ |
| ३५ | ३४० | ००.२८.५० |
| ३६ | ३४१ | ००.२४.८५ |
| ३७ | ३७७ | ००.२८.३० |
| ३८ | ३७८ | ०.२५.६० |
| ३९ | ३७९ | ०.२२.७५ |
| ४० | ३८२ | ०.१०.७५ |
| ४१ | ३८३ | ०.००.१५ |
| ४२ | ३८४ | ०.०२.५० |
| ४३ | ३८५ | ००.०३.३० |
| ४४ | ३८७ | ००.०७.४० |
| ४५ | ५६९ | ०.१९.४५ |
| ४६ | ५९२ | ०.०७.७० |
| ४७ | ७२७ | ०.००.१० |
| ४८ | ७२८ | ०.१४.१५ |
| ४९ | ७२९ | ०.१५.०० |
| ५० | ७३२ | ०.०१.६५ |
| ५१ | ७३३ | ०.००.६५ |
| ५२ | ७३४ | ०.००.१० |
| ५३ | ७६५ | ०.०३.७० |
| ५४ | ७६६ | ०.०७.६० |
| ५५ | ७६७ | ०.५३.४० |
| ५६ | ७६८ | ०.०४.४० |
| ५७ | ७७४ | ०.०३.८० |
| ५८ | ७९५ | ०.१३.१० |
| ५९ | ७९६ | ०.०१.०० |
| ६० | ७९७ | |
| ६१ | ७९८ | ०.०१.९० |
| ६२ | ७९९ | ०.०५.०० |
| ६३ | ८०२ | ००.०४.६० |
| ६४ | ८०३ | ०.१२.४५ |
| ६५ | ८०४ | ०.०१.१० |
| ६६ | ८०७ | ०.०२.१० |
| ६७ | ८०८ | ०.००.१० |
| ६८ | ८०९ | ०.०१.४५ |
| ६९ | ८१० | ०.०२.८० |
| ७० | ८२६ | ०.१२.६० |
| (१) | (२) | (३) |
| ७१ | ८३० | ०.०१.०० |
| ७२ | ८३१ | ०.००.६० |
| ७३ | ८३२ | ०.०१.०० |
| ७४ | ८३३ | ०.०१.०० |
| ७५ | ८४० | ०.०४.३० |
| ७६ | ८४२ | ०.११.४० |
| ७७ | ८४३ | ०.०१.०० |
| ७८ | ८४४ | ०.०७.१० |
| ७९ | ८४५ | ०.०३.४० |
| ८० | ८४८/क | ०.०१.७० |
| ८१ | ११०९ | ०.१९.५० |
| ८२ | १२२२ | ०.०१.७० |
| ८३ | १४१७ | ०.०२.८० |
| ८४ | १०२ | ०.२१.५० |
| ८५ | १३२ | ०.०८.०० |
| ८६ | १७७५ पुैकी | ०.८८.०० |
| ८७ | १७७५ पुैकी | ०२.७७.०० |
| एकंण | ११.२७.०० |
अनुसूची-दंोन
साषजविनक प्रायोजन स्रुपात विराण
| प्रकल्पुाचे ना : | संागरी महामागग आग खाडीरीली पुलीाचा ोडरीस्ता प्रकल्पु ता. पुालीघरी, वि. पुालीघरी |
| प्रकल्पुाचे गन : | संागरी महामागग आग खाडीरीली पुलीाचा ोडरीस्ता प्रकल्पु हा महारीाष्ट्रातीली पुालीघरी विल्हामीली आहाे. |
| संमालीा विमळारीे लीाभा : | संागरी महामागग आग खाडीरीली पुलीाच्या ोडरीस्ता हा संागरी महामागग झाई बोडी रीेसं रीेड्डी संातडे पुयांत असंलीेलीा प्रमुखा विल्हा मागग असंून संदरी रीस्ता झाई ते रीेसं संातडे पुयांत ोडारीा आहाे. पुालीघरी विल्ह्यातीली तीन तालीुक्यांना ोडलीा ारी आहाे. या रीस्त्याचा उपुयाोग औद्योविगक, बागायातदारी तसंेच स्र्थीाविनक नागरिरीकांना दळळासंाठी हाोारी आहाे. |
अनुसूची-तीन
बाविधात व्यक्तंचे विस्थापन कराण्यास भाग पाडाणाराी काराणे
१. प्रकल्पुाच्या बांकाम २. प्रकल्पुाच्या पुरिरीचालीक ३. प्रकल्पुाच्या देखाभालीसंाठी
या कारीाकरिरीता विमनीची आश्याकता आहाे.
महाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भाग एक–कोकण विभागीय पुराणी, जानेाराी २७, २०२६/माघ ७, शाके १९४७ ५ अनुसूची-चाराभाूमी संपुादन अविविनयाम, २०१३ मीली कलीम १०८ नुसंारी (१) विमनीचे मूल्यांकन (२) पुनगसंन पुनस्र्थीागपुना अंतगगत घटकांबाबत रीाज्या शासंनाचे ोरी विनश्चिश्चत केलीेलीे आहाे, त्यानुसंारी संागरी महामागग आग खाडीरीली पुलीाचा ोडरीस्ता प्रकल्पुाकरिरीता भाूमी संपुादन अविविनयाम, २०१३ मीली दुसंऱ्या अनुसंूचीनुसंारी तसंेच महाराष्ट्र शासन राजपत्र विदनांक २७ ऑगस्ट २०१४ नुसंारी देया लीाभाचा संारीांशा
पुनषसन पुनस्थाषपना अंतगषत घटक -
(१) री ग्रामी भागात घरी गमालीे तरी इंविदरीा आासं याोनेच्या विनकानुसंारी बांलीेलीे घरी विका त्याऐी विनयामानुसंारी अनुज्ञेया रीक्कम देया रीाहाीली. विकमान री.रू. १,६५,०००.
(२) री शाहारी भागात घरी गमालीे तरी संागविनक बांकाम विभागाच्या विनकानुसंारी ५० चौ.मी. ाते क्षेत्री असंलीेलीे घरी विका त्याऐी विनयामानुसंारी अनुज्ञेया रीक्कम देया रीाहाीली. विकमान री.रू. ५.५ लीाखा देया रीाहाीली.
बात रीोगारीासंाठी पुात्री उमेदारी असंेली अशा प्रत्याेक बावित कंटं बालीा एकदाच ५ लीाखा रुपुयाे विदलीे ातीली.
बालीा दरीमहा री.रू. ३,००० विनागहा भात्ता स्र्थीलीांतरीाच्या तारीखाेपुासंून एक ागच्या कालीाीसंाठी (३) री कंटं (४) बावित स्र्थीलीांतरिरीत कंटं अनुसंूविचत ाती आवि मातंच्या अशा कंटं बांना अवितरिरीक्त री.रू ५०,००० देया रीाहाीली.
बालीा री.रू. ५०,००० ाहातूक खाचग देया रीाहाीली.
बांकडे नारीांचा गोठीा विका छोटे दुकान हाोते, अशा कंटं बालीा एकदाच री.रु. २५,००० आविर्थीगक मदत देया रीाहाीली.
(५) बावित स्र्थीलीांतरिरीत कंटं (६) ज्या कंटं (७) कारीागीरी, छोटे र्व्हेयापुारी यांना एकदाच री.रू. ५०,००० अनुदान देया रीाहाीली. (८) घरी बदलील्यानंतरी एकदाच री.रु. ५०,००० पुनस्र्थीागपुना भात्ता देया रीाहाीली. (९) पुनगसंन झालीेल्या र्व्हेयाक्तीच्या केळ पुविहाल्या र्व्हेयाहारीासंाठी मुद्रांांक शाुल्क आवि नंदी शाुल्क हाे संबंवित संपुादन संस्र्थीेकडून भारीलीे ाईली.
(१०) बावित र्व्हेयाक्तीने लीेखाी स्रूपुात संमती विदली तरी री उल्लीेखा केलीेलीे पुॅके अनुज्ञेया हाोईली.
अनुसूची-पाच
विनयुक्त केलेल्या प्राशासनाचा तपशाील
| अ. | प्रशासंन म्हाून विनयाुक्त करीण्यात आलीेल्या अविकाऱ्याचे पुदनाम. | उपु विल्हाविकारी (पुनगसंन), पुालीघरी |
| ब. | प्रशासंनाच्या कायागलीयाचा पुत्ता | उपु विल्हाविकारी (पुनगसंन), पुालीघरी विल्हा मुख्यालीया, पुालीघरी, कोळगा, पुालीघरी बोईसंरी रीोड, ता. वि. पुालीघरी ४०१ ४०४. |
| क. | ज्या अविसंूचनेद्वारीे प्रशासंकाची विनयाुक्ती करीण्यात आली आहाे. त्या अविसंूचनेचा तपुशाीली. | महाराष्ट्र शासन राजपत्र, असंारी भाग चारी-ब, ग ५, अंक ९२(२) गुरुारी, ुलीै ११,२०१९/आाढे २०, शाके १९४१, महासंूली न विभाग,अविसंूचना विदनांक ०९ ुलीै २०१९ अन्याे उपु विल्हाविकारी (पुनगसंन), विल्हाविकारी कायागलीया, पुालीघरी यांची प्रशासंक, पुनगसंन पुनस्र्थीागपुना म्हाून विनयाुक्ती करीण्यात आली आहाे. |
विठीका पुालीघरी,
रांद्र राजपूत,
विदनांक २७ ानेारी २०२६.
संक्षेम प्राविकारी तर्थीा अपुरी विनासंी उपु विल्हाविकारी,पुालीघरी.
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