RNI No. MAHBIL /2009/36619
महाराष्ट्र शासन राजपत्र
असाधारण भाग एक—कोकण विभागीय पुरिणी
िर्ष १२, अंक ७] गुरुिार, जानेिारी २९, २०२६/माघ ९, शके १९४७ [पृष्ट्ठठे १२, वकंमत : रुपये ११.००
असाधारण क्रमांक १०
प्ावधकृत प्काशन
वजल्हावधकारी तथा वजल्हादंडावधकारी काया्षलय, पालघर यांजकडून
प्ाथवमक अवधसूचना
दमणगंगा- िैतरणा-गोदािरी (कडिा-देि नदी) नदी जोड प्कल्पासा्ठी भूवमसंपादन, पुनि्षसन ि पुनर्था्षपना करताना
िाजिी भरपाई वमळण्याचा आवण पारदश्षकतेचा हक्क अवधवनयम, २०१३.
क्रमांाक भाुसंपुादन/दमांणगगा ैतरणा गोदारी धरण/अविधसंूचना ११(१)/कावि-२३/२०२६.— भाूविमांसंपुादन, पुनवसंन पुनवसंाहत करताना ाजी भारपुाई विमांळण्याचा आविण पुारदर्शवकतेचा हक्क अविधविनयामां, २०१३ (२०१३ चा ३०) मांधील कलमां ३ च्या खंड (इ) च्या द्वारे प्रदान करण्यात आलेल्या अविधकाराचा ापुर करून काढण्यात आलेली र्शासंकीया अविधसंूचना, मांहसंूल न विभाग क्रमांाक संविकणव ११/२०१४/प्र.क्र.७७/अ-२, विदनाक १९ जानेारी २०१५ (यात यापुढे विजचा विनदेर्श " उक्त अविधसंूचना " असंा करण्यात आला आहे.) याद्वारे असंे अविधसंूविचत केले आहे, उक्त अविधविनयामांाच्या कलमां ३ खंड (झेड अ) मांध्याे व्याख्या केलेल्या संावजविनक प्रयाोजनासंाठी एखंाद्या विजल्ह्यातील ५०० हेक्टर पुेक्षा अविधक नसंेल इतक्या क्षाेत्राकरिरता जमांीन संपुादन करण्याच्या संबंधात अर्शा विजल्ह्याचा अविधकारी हा उक्त अविधविनयामांाच्या प्रयाोजनासंाठी संमांूविचत र्शासंन असंलेल्या पुालघर विजल्ह्याच्या विजल्हाविधकाऱ्यासं यासंोबंत जोडलेल्या अनुसंूची एक मांध्याे अविधक तपुर्शीलार णवन केलेली जमांीन (यात यापुढे ज्याचा विनदेर्श "उक्त जमांीन" असंा करण्यात आला आहे.) संावजविनक प्रयाोजनासंाठी (यात यापुढे ज्याचा विनदेर्श "उक्त संावजविनक प्रयाोजन" असंा करण्यात आला आहे.) आश्याक आहे अथा वितची आश्याकता भासंण्याची र्शक्याता आहे असंे ाटते. ज्याचे स्रुपुाचे विरण यासंोबंत जोडलेल्या अनुसंूची दोन मांध्याे विदलेले आहे आविण म्हणूनच उक्त अविधविनयामांाच्या कलमां ११ च्या पुोट-कलमां (१) च्या तरतुदी अन्याे याद्वारे असंे अविधसंूविचत करण्यात याेते की, उक्त जविमांनीची उक्त संावजविनक प्रयाोजनासंाठी आश्याकता भासंण्याची र्शक्याता आहे ;
आविण ज्याअथी, प्रस्तावित भाूविमांसंपुादनाच्या अनुषंगाने बंाविधत व्याक्तंचे विस्थापुन करण्यासं भाग पुडणारी कारणे, यासंोबंत जोडलेल्या अनुसंूची तीन मांध्याे विदलेली आहेत ;
आविण ज्याअथी, कलमां ४३ च्या पुोट-कलमां (१) अन्याे पुनवसंन पुनवसंाहत या प्रयाोजनासंाठी विनयाुक्त केलेल्या प्र्शासंकाचा तपुर्शील यासंोबंत जोडलेल्या अनुसंूची पुाचमांध्याे विदलेला आहे.
(१)
भाग एक (को.वि.पु)-१०–१२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग एक–कोकण विभागीय पुरिणी, जानेिारी २९, २०२६/माघ ९, शके १९४७ त्याअथी, असंे घोविषंत करण्यात याेत आहे की, उक्त अविधविनयामांाच्या कलमां ११ चा पुोट-कलमां (४) नुसंार कोणतीही व्याक्ती ही अविधसंूचना प्रविसंद्ध झेाल्याच्या विदनाकापुासंून ते उक्त अविधविनयामांाच्या प्रकरण चार खंालील कायावाही पुूणव होईल त्या कालाधी पुयायंत उक्त जविमांनीचा अथा वितच्या भागाचा कोणताही व्याहार करणार नाही विकंा उक्त जविमांनीर कोणताही भार विनमांावण करणार नाही:
पुरतु, उक्त जविमांनीच्या अथा वितच्या भागाच्या मांालकाने अजव केल्यार, विजल्हाविधकाऱ्यासं विर्शेषं पुरिरस्स्थतीची कारणे लेखंी नमांूद करुन अर्शा मांालकासं उपुरोक्त तरतुदीच्या प्रतवनातून संूट देता याेईल:
पुरतु, आणखंी असंे की, जर कोणत्याही व्याक्तीने या तरतुदीचे बंुध्दीपुरस्संर उल्लघन केल्यामांुळे वितला झेालेल्या कोणत्याही हानीची विकंा क्षातीची विजल्हाविधकाऱ्याकडून भारपुाई विदली जाणार नाही.
तसंेच, उक्त अविधविनयामांाच्या कलमां ११ च्या पुोट-कलमां (५) नुसंार भाूविमांसंपुादन पुनवसंन पुनवसंाहत करताना उविचत भारपुाई विमांळण्याचा आविण पुारदर्शवकतेचा हक्क ( मांहाराष्ट्र) विनयामां १४ (यापुढे ज्याचा विनदेर्श "उक्त विनयामां" असंा करण्यात आला आहे.) याच्या विनयामां १० च्या उपु विनयामां (३) द्वारे विविहत केल्याप्रमांाणे भाूमांी अविभालेखंाचा अद्यातीकरणाचे कामां हाती घेणार असंल्याचे पुूणव करणार असंल्याचे देखंील घोविषंत करण्यात याेत आहे.
आविण त्याअथी, उक्त अविधविनयामांाच्या कलमां ३ चा खंड (खं) संमांुविचत र्शासंन असंलेल्या विजल्हाविधकारी, पुालघर यानी उक्त अविधविनयामांाखंालील विजल्हाविधकाऱ्याची कायाव पुार पुाडण्यासंाठी अपुर विनासंी उपुविजल्हाविधकारी, पुालघर यासं पुदविनदेविर्शत केले आहे.
अनुसूची एक
जविमांनंचा तपुर्शील
तालुका मांोखंाडा विजल्हा पुालघर
| अ.क्र. | गा | गट क्रमांाक | संपुाविदत करायाचे अदाजीत क्षाेत्रा (हे.आर./चौ.मांी.) |
| १ | मांौजे जोगळाडी | ६५ | ०.४५१८ |
| २ | ५८ | ०.७३३ | |
| ३ | ६२ | ०.३ | |
| ४ | ६३ | ०.५४१ | |
| ५ | ६४ | ०.१९ | |
| ६ | ६६ | १ | |
| ७ | ६७ | २.०२ | |
| ८ | ६८ | १.६२ | |
| ९ | ६९ | ०.२५४५ | |
| १० | ९९ | ०.०६ | |
| ११ | १०३ | ०.३६ | |
| १२ | १०४/अ | १.९६ | |
| १३ | १०४/बं | ०.३६ | |
| १४ | १०५ | १.१ | |
| १५ | १०६ | १ | |
| १६ | १०९ | ०.०३ | |
| १७ | ११० | ०.०८ | |
| १८ | १११ | १.०९८४ | |
| १९ | १०० | ०.३६ | |
| २० | १०१ | ०.३८ | |
| २१ | १०२ | ०.०२६ | |
| २२ | ९६ | ०.७८ | |
| एकूण | १४.७० |
तालुका मांोखंाडा, विजल्हा पुालघर
| अ.क्र. | गा | गट क्रमांाक | संपुाविदत करायाचे अदाजीत क्षाेत्रा (हे.आर./चौ.मांी.) |
| १ | मांौजे संायादे | १ | ०.०४ |
| २ | २ | ०.१३ | |
| ३ | ३ | १.५६ | |
| ४ | ४ | ०.१९३ | |
| ५ | ५ | ०.१४३ | |
| ६ | १४ | ०.२ | |
| ७ | १५ | ०.१४०८ | |
| ८ | १८ | ०.९९३५ | |
| ९ | १४१ | १.६५१ | |
| १० | १५९ | ०.९९३५ | |
| ११ | २१० | ०.२९३ | |
| १२ | २८० | २.२ | |
| १३ | २८७ | ०.०६१ | |
| १४ | २८८ | ०.३२४ | |
| १५ | २८९ | ०.१७२ | |
| १६ | २९० | ०.०२५ | |
| १७ | २९३/अ | ०.८४४ | |
| १८ | २९३/बं | ||
| १९ | ३००/अ | ०.२४५६ | |
| २० | ३००/ई | ०.१७१२ | |
| २१ | ३००/क | ०.६८४ | |
| २२ | ३००/ड | ०.२३८८ | |
| २३ | ३००/बं | २.६९६ | |
| २४ | ३१३ | ०.४०९ | |
| २५ | ३१४ | १.४१ | |
| २६ | ३१५ | ०.१३५ | |
| २७ | ३१६ | ०.१२६ | |
| २८ | ३१७ | ०.००८ | |
| २९ | ३१८/अ | ०.९०६ | |
| ३० | ३१८/बं | २.६१४ | |
| ३१ | ३१९ | १.२१ | |
| ३२ | ३२० | ०.४३३ | |
| ३३ | ३२१ | ०.०२५ | |
| ३४ | ३२२ | ०.०३५ | |
| ३५ | ३२३ | ०.०३ | |
| ३६ | ३२४ | ०.००८ | |
| ३७ | ३२५ | ९.३५ | |
| ३८ | ३२६ | ०.१७२ | |
| ३९ | ३२७ | ३.२२९२ | |
| ४० | ३२८ | ०.०४८ | |
| ४१ | ३२९ | ०.०६१ | |
| ४२ | ३३० | २.८८ | |
| ४३ | ३३१ | ०.२४३ | |
| ४४ | ३३२ | २.२६ | |
| ४५ | ३३३ | ५.३८४ | |
| ४६ | ३३४ | १.२१ | |
| ४७ | ३३६ | ०.०१ | |
| ४८ | ३३७ | ०.४०२ | |
| ४९ | ३३८ | ०.३२९ | |
| ५० | ३३९ | ०.४९६ | |
| ५१ | ३४१/अ | ०.७१ | |
| ५२ | ३४१/बं | ०.१२ | |
| ५३ | ३५३ | ०.८६ | |
| ५४ | ३५५ | ०.४१५ | |
| ५५ | ३५६ | १.९६ | |
| ५६ | ३५७/अ | ०.३१४ | |
| ५७ | ३५७/क | २.३९ | |
| ५८ | ३५७/बं | ०.०५८ | |
| ५९ | ३५८ | ४.२३७ | |
| ६० | ३५९ | ०.१३४ | |
| ६१ | ३६० | ०.०४ | |
| ६२ | ३६१ | ०.१०४ | |
| ६३ | ३६२ | ०.१७२ | |
| ६४ | ३६३ | ०.०६६ | |
| ६५ | ३६४ | ०.०१८ | |
| ६६ | ३६५ | ०.२९३ | |
| ६७ | ३६८ | ०.६ | |
| ६८ | ३६९ | ५.८६ | |
| ६९ | ३७० | ३.७८ | |
| ७० | ३७२ | १.९९ | |
| ७१ | ३७३ | ७.३२ | |
| ७२ | ३७४ | १.५४ | |
| ७३ | ३७५ | ३.६४ | |
| ७४ | ३८५ | ०.०१८५ | |
| ७५ | ३८६ | ०.१३ | |
| ७६ | ३८७ | ०.०५२५ | |
| ७७ | ३८८ | १.९४ | |
| ७८ | २५ | ०.५ | |
| ७९ | ४२ | ०.४ | |
| ८० | २९१ | ०.३६९६ | |
| ८१ | २९२ | ०.३ | |
| ८२ | ३०१ | ०.८ | |
| ८३ | ३०६ | ०.१११५ | |
| ८४ | ३०७ | ०.०२८ | |
| ८५ | ३०८ | ०.३२९ | |
| ८६ | ३०९ | ०.७४५५ | |
| ८७ | ३११/अ | ०.२५३२ | |
| ८८ | ३११/बं | ०.९०३ | |
| ८९ | ३१२ | ०.०६१ | |
| ९० | ३१८/अ | ०.४५३ | |
| ९१ | ३१८/बं | १.३०७ | |
| ९२ | ३३५ | ०.०१ | |
| ९३ | ३६६ | १.४२ | |
| ९४ | ३७१ | १.२७ | |
| ९५ | ३७६/अ | ६.२२५ | |
| ९६ | ३७६/बं | ||
| ९७ | ३७६/क | ||
| ९८ | ३७६/ड | ||
| ९९ | ३८१ | ६.२३०५ | |
| १०० | ३७७ | ०.०२६३३ | |
| १०१ | २३ | ०.०१५ | |
| १०२ | २२ | ०.३९०२३ | |
| १०३ | २७ | ०.५९४०९ | |
| १०४ | २९ | ०.०९४८६ | |
| १०५ | ३० | ०.१०२२९ | |
| १०६ | १९५ | ०.३५९७९ | |
| १०७ | १९८ | ०.०२२५ | |
| १०८ | २०१ | ०.०१५ | |
| १०९ | ३४ | ०.०१५ | |
| ११० | ३५ | ०.२४९ | |
| १११ | १९१ | ०.१७२५ | |
| ११२ | ९७ | ०.०३१४ | |
| ११३ | ९८ | ०.०३१४ | |
| ११४ | ९९ | ०.२३५३७ | |
| ११५ | १०२ | ०.०४०३४ | |
| ११६ | १०३ | ०.०३३३ | |
| ११७ | १२६ | ०.१७२५३ | |
| ११८ | १२५ | ०.१७८१४ | |
| ११९ | १३७ | ०.३५३८४ | |
| १२० | १५७ | ०.२०३१६ | |
| १२१ | १५२ | १.२१४५७ | |
| १२२ | १७१ | ०.४०२९९ | |
| १२३ | १७० | ०.४०४ | |
| १२४ | १७३ | ०.६१८८ | |
| एकूण | ११३.८८ |
तालुका मांोखंाडा विजल्हा पुालघर
| अ.क्र. | गा | गट क्रमांाक | संपुाविदत करायाचे अदाजीत क्षाेत्रा (हे.आर./चौ.मांी.) |
| १ | मांौजे नर्शेरा | ३२/२ | ०.०३०० |
| २ | ३०/१ | ०.३४२० | |
| एकूण | ०.३७२ |
भाग एक (को.वि.पु)-१०–२६ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग एक–कोकण विभागीय पुरिणी, जानेिारी २९, २०२६/माघ ९, शके १९४७ तालुका मांोखंाडा विजल्हा पुालघर
| अ.क्र. | गा | गट क्रमांाक | संपुाविदत करायाचे अदाजीत क्षाेत्रा (हे.आर./चौ.मांी.) |
| १ | मांौजे उधळे | ९६ | १.०९ |
| २ | ९७ | २.२५७ | |
| एकूण | ३.३४७ | ||
| १ | मांौजे ाकडपुाडा | ५२ | १.०८१ |
| २ | ५० | ५.४४४ | |
| ३ | ४९ | ४.६१६ | |
| ४ | ५५ | ०.६१७ | |
| एकूण | ११.७५८ |
तालुका मांोखंाडा विजल्हा पुालघर
| अ.क्र. | गा | गट क्रमांाक | संपुाविदत करायाचे अदाजीत क्षाेत्रा (हे.आर./चौ.मांी.) |
| १ | मांौजे डोल्हारे | २६ | ०.१६७ |
| २ | १९ | ०.१०१ | |
| ३ | २४ | ०.०६९ | |
| ४ | २२ | ०.२१९ | |
| ५ | १२ | ०.७९२ | |
| ६ | ३७ | ०.४१७ | |
| ७ | ४५ | ०.०३८ | |
| ८ | ३४ | ०.४९२ | |
| एकूण | २.२९५ |
तालुका मांोखंाडा विजल्हा पुालघर
| अ.क्र. | गा | गट क्रमांाक | संपुाविदत करायाचे अदाजीत क्षाेत्रा (हे.आर./चौ.मांी.) |
| १ | मांौजे कोविर्शमांर्शेत | १६३ | ०.१९१ |
| २ | १६२ | ०.०३३ | |
| ३ | १६४ | ०.१७८ | |
| ४ | ११ | ०.१२१ | |
| ५ | १७ | ०.११७ | |
| ६ | २२ | ०.०९१ | |
| ७ | २१ | ०.१२३ | |
| ८ | २५ | ०.१३६ | |
| ९ | २७ | ०.०१ | |
| १० | २६ | ०.०२५ | |
| ११ | ८८ | ०.२६ | |
| १२ | १०७ | ०.०३२ | |
| १३ | ८३ | ०.२४७ | |
| १४ | १०८ | ०.०४९ | |
| १५ | ७८ | ०.१५६ | |
| १६ | ७३ | ०.१९१ | |
| १७ | ७२ | ०.१३५ | |
| १८ | ७१ | ०.१११ | |
| १९ | १२ | ०.२३५ | |
| २० | १३ | ०.२३५ | |
| २१ | १५ | ०.०५३ | |
| २२ | २३ | ०.०५३ | |
| २३ | २४ | ३.२४३ | |
| २४ | ३० | ७.८६ | |
| २५ | ४३ | ०.७५ | |
| २६ | ३१ | ८.२९ | |
| २७ | ३४ | २.५ | |
| २८ | ३६ | ५.२८ | |
| २९ | ४० | ०.३९२ | |
| ३० | ४१ | ०.३८ | |
| ३१ | ६९ | ०.९१६ | |
| ३२ | ८० | ०.९६३ | |
| ३३ | ८१ | ०.३७७ | |
| ३४ | ८२ | २.५६७ | |
| ३५ | ८५ | २.०८७ | |
| ३६ | ८६ | २.०२ | |
| ३७ | ८७ | १.२१ | |
| ३८ | १५१ | ४.९२ | |
| ३९ | १५२ | ६.३४ | |
| ४० | १५३ | ०.३२४ | |
| ४१ | १५४ | ४.८७२ | |
| एकूण | ५८.०७३ |
भाग एक (को.वि.पु)-१०–२अ८ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग एक–कोकण विभागीय पुरिणी, जानेिारी २९, २०२६/माघ ९, शके १९४७ तालुका मांोखंाडा विजल्हा पुालघर
| अ.क्र. | गा | गट क्रमांाक | संपुाविदत करायाचे अदाजीत क्षाेत्रा (हे.आर./चौ.मांी.) |
| १ | मांौजे पुळसंु दे | १/१/ | १.२ |
| २ | १०/१/ | ०.४८८ | |
| ३ | ३८ | ३.८३ | |
| ४ | ३९/१/ | ४.२६ | |
| ५ | ४०/४/अ/१ | ३.९१ | |
| ६ | ४१/१/ | ४.६२ | |
| ७ | ४२/१/ | ०.०८८ | |
| ८ | ४२/२/ | ०.०६८ | |
| ९ | ४२/३/ | ०.१२५ | |
| १० | ४२/४/ | ०.०८८ | |
| ११ | ४३/१/ | ०.६५६ | |
| १२ | ४३/२ | ०.३१ | |
| १३ | ४५ | ०.१८५ | |
| १४ | ४६/१ | ०.६१८ | |
| १५ | ४६/२/अ | ०.११९ | |
| १६ | ४६/२/बं | ०.३२१ | |
| १७ | ४६/३ | ०.५०८ | |
| १८ | ४७/१ | ०.५४४ | |
| १९ | ४७/२ | ०.०५३ | |
| २० | ४९ | ५.४६ | |
| २१ | ५०/१ | ०.०४५ | |
| २२ | ५०/२ | १.४४५ | |
| २३ | ५०/३ | ०.०६८ | |
| २४ | ५०/४ | ०.०३३ | |
| २५ | ५०/५ | ०.०२८ | |
| २६ | ५२ | १.८४ | |
| २७ | ५१/१ | २.३७ | |
| २८ | ५३/१ | ०.४७४ | |
| २९ | ५४ | ०.४ | |
| ३० | ५५/१/अ | ३.१९५ | |
| ३१ | ५५/१/अ/१ | ३.५१ | |
| ३२ | ५५/बं | ५ | |
| ३३ | ५५/क | २.११३ | |
| ३४ | ५६ | ०.४ | |
| ३५ | ५७/अ | ०.५३ | |
| ३६ | ५७/ळ्ु | १.७९१ | |
| ३७ | ५८ | ०.८९ | |
| ३८ | ५९ | ०.३३६ | |
| ३९ | ६० | ०.८७ | |
| ४० | ६१ | ०.१६ | |
| ४१ | ६२ | १.४५७ | |
| ४२ | ६३/अ | १.३१६ | |
| ४३ | ६३/क | २.२७३ | |
| ४४ | ६३/बं | २ | |
| ४५ | ६७/बं | ८.६ | |
| ४६ | ६७/क | ०.२१ | |
| ४७ | ६९ | २.१०४ | |
| ४८ | ७० | ७.३९ | |
| ४९ | ७३/बं | १.६२ | |
| ५० | ८८/१ | ०.०३८ | |
| ५१ | १२७/क | १.१५ | |
| ५२ | १२८/अ | ३.११२ | |
| ५३ | १३० | ०.४ | |
| ५४ | १३१ | १.२१४ | |
| ५५ | १३२/१ | ०.१०५ | |
| ५६ | १३३/१ | ३.६६५ | |
| ५७ | १३४/१ | ०.५२६ | |
| ५८ | १३४/२ | ०.३८२ | |
| ५९ | १३४/३ | ०.०७८ | |
| ६० | १३४/४ | ०.३३२ | |
| ६१ | १३५/१ | ०.१९७ | |
| ६२ | १३५/२ | ०.०६६ | |
| ६३ | १३५/३ | ०.०२ | |
| ६४ | १३५/४ | ०.४१७ | |
| ६५ | १३५/५ | ०.१०९ | |
| ६६ | १३५/६ | ०.३८५ | |
| ६७ | १३६/१ | ०.९३५ | |
| ६८ | १३७/१ | ०.०१८ | |
| ६९ | १३७/२ | ०.६६ | |
| ७० | १३७/३ | ०.०१ | |
| ७१ | १३८/१ | ०.७९७१ | |
| ७२ | १४६ | १.८६ | |
| ७३ | १४७ | ०.५ | |
| ७४ | १४९ | ०.४५ | |
| ७५ | १५७ | ०.८१ | |
| एकूण | ९८.१५५ |
तालुका मांोखंाडा विजल्हा पुालघर
| अ.क्र. | गा | गट क्रमांाक | संपुाविदत करायाचे अदाजीत क्षाेत्रा (हे.आर./चौ.मांी.) |
| १ | मांौजे संातूली | ३५१अ | १०.६५६ |
| २ | ३५२ | ०.१९२ | |
| ३ | ३५३ | ६.८ | |
| ४ | ३५४ | १५.६ | |
| ५ | ३५५ | ०.४९६ | |
| ६ | ३५० | २.२३१ | |
| ७ | ३४९ | ६.५८ | |
| ८ | ३४७ | ०.९ | |
| ९ | ३४६ | ०.५२३ | |
| १० | ३४३ | ०.५३७ | |
| ११ | ३४२ | ०.१६८ | |
| १२ | ३४१ | ०.१९३ | |
| १३ | ३४० | ०.०२६ | |
| १४ | ३२० | २.७४७ | |
| एकूण | ४७.६४९ |
तालुका मांोखंाडा विजल्हा पुालघर
| अ.क्र. | गा | गट क्रमांाक | संपुाविदत करायाचे अदाजीत क्षाेत्रा (हे.आर./चौ.मांी.) |
| १ | मांौजे ार्शाळा | ८१ | ०.४६५ |
| २ | ८२ | ०.०९१ | |
| ३ | ८३ | ४ | |
| ४ | ८४ अ | ४.९६ | |
| ५ | ८७ | ०.१७७ | |
| ६ | ८९ | ०.२९३ | |
| ७ | ९४ | ०.०३८ | |
| ८ | ९० | ०.२२८ | |
| ९ | ९१ | ०.१११ | |
| १० | ६७ | ३.७५२ | |
| ११ | ६९ | ३.४९६ | |
| १२ | ९२ | ०.०३५ | |
| १३ | ७० | १.७५ | |
| १४ | ६६ | ०.२ | |
| १५ | ८५ | ०.००५ | |
| एकूण | १९.६०१ |
अनुसूची - दोन
साि्षजवनक प्योजन र्िरुपात विरण
| प्रकल्पुाचे ना : | दमांणगगा-ैतरणा-गोदारी (कडा - दे नदी) नदी जोड प्रकल्पु ता. मांोखंाडा, विज. पुालघर |
| प्रकल्पुाचे णवन : | दमांणगगा-ैतरणा-गोदारी (कडा - दे नदी) नदी जोड प्रकल्पु हा मांहाराष्ट्रात आहे. |
| संमांाजाला विमांळणारे लाभा : | दमांणगगा तसंेच ैतरणा उपु-खंोऱ्यातील एकूण १६०.९७ दलघमांी (५.६८ TMC) अवितरिरक्त पुाणी उध्व गोदारी उपु-खंोऱ्यात ळविणे तसंेच संदर प्रकल्पुाचे पुाणी स्थाविनक ापुरासंाठी विसंचनासंाठी ापुर करणेबंाबंत. |
अनुसूची - तीन
बंाविधत व्याक्तंचे विस्थापुन करण्यासं भाग पुाडणारी कारणे.
१. प्रकल्पुाच्या बंाधकामां
२. प्रकल्पुाच्या पुरिरचालक
३. प्रकल्पुाच्या देखंभालीसंाठी
या कारणाकरीता जविमांनीची आश्याकता आहे.
अनुसूची - चार
(संामांाविजक प्रभा विनधावरण अभ्यासं करण्याऱ्या अविधकाऱ्याने विदलेला संामांाविजक प्रभा विनधावरण संारार्श) र्शासंन मांहसंूल न विभाग मांत्रालया मांु बंई-३२ यानी त्याचे अविधसंूचना क्र. संविकणव ०१/२०१५ प्र.क्र.३/अ-२, विद. १३.०३.२०१५ द्वारे भाूमांीसंपुादन, पुनवसंन पुनवसंाहत करताना उविचत भारपुाई विमांळण्याचा आविण पुारदर्शवकतेचा हक्क अविधविनयामां, २०१३ (२०१३ चा ३०) यामांध्याे कलमां १० क संमांाविष्टठी केले असंून त्यामांध्याे अर्शी तरतूद केली आहे की, संमांुविचत र्शासंनाला जनविहताच्या दृष्टटीने अविधसंूचनेद्वारे, उक्त अविधविनयामांाच्या प्रकरण दोन प्रकरण तीन याच्या तरतुदी लागू करण्यापुासंून संुट देता याेते. त्यानुसंार महाराष्ट्र शासन राजपत्र, असंाधारण क्रमांाक एसंआयाए-२०२५/प्र.क्र.२०६/भाूसंपुादन- ०२, विदनाक ०६ जानेारी २०२६ नुसंार उक्त प्रकल्पुाला जनविहताच्या दृष्टटीने लोकविहतकारी प्रकल्पु असंल्या कारणे, प्रकरण दोन आविण प्रकरण तीन च्या तरतुदी लागू करण्यापुासंून उक्त प्रकल्पुाला संूट देण्यात आली आहे.
१२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग एक–कोकण विभागीय पुरिणी, जानेिारी २९, २०२६/माघ ९, शके १९४७अनुसूची- पाच
विनयाुक्त केलेल्या प्र्शासंनाचा तपुर्शील
| अ. | प्र्शासंन म्हणून विनयाुक्त करण्यात आलेल्या अविधकाऱ्याचे पुदनामां | उपु विजल्हाविधकारी (पुनवसंन), पुालघर. |
| बं. | प्र्शासंनाच्या कायावलयाचा पुत्ा | उपु विजल्हाविधकारी (पुनवसंन), पुालघर विजल्हा मांुख्यालया, पुालघर, कोळगा, पुालघर बंोईसंर रोड, ता. विज. पुालघर, ४०१ ४०४. |
| क. | ज्या अविधसंूचनेद्वारे प्र्शासंकाची विनयाुक्ती करण्यात आली आहे. त्या अविधसंूचनेचा तपुर्शील | महाराष्ट्र शासन राजपत्र, असंाधारण भाग चार -बं, षंव ५, अक ९२ (२) गुरुार, जुलै ११, २०१९ / आषंाढ २०, र्शके १९४१,मांहसंूल न विभाग, अविधसंूचना, विदनाक ०९ जुलै २०१९ अन्याे उपु विजल्हाविधकारी (पुनवसंन), विजल्हाविधकारी कायावलया पुालघर याची प्र्शासंक, पुनवसंन पुनस्थावपुना म्हणून विनयाुक्ती करणेत आली आहे. |
संदर अविधसंूचनेद्वारे ज्या जविमांनीची संावजविनक प्रयाोजनासंाठी आश्याक आहे विकंा आश्याकता भासंण्याचा संभा असंल्याचे कायाद्याचे कलमां ११ चे उपुकलमां (१) खंाली अविधसंूविचत करण्यात आले आहे. प्रारविभाक अविधसंूचनेच्या तारखंेपुासंून ६० विदसंाच्या आत संक्षामां प्राविधकारी तथा अपुर विनासंी उपु विजल्हाविधकारी, पुालघर याचे कायावलयात आक्षाेपु नोंदविता याेईल.
विठीकाण पुालघर, विदनाक २३ जानेारी २०२६.
रिंद्र राजपूत,
संक्षामां प्राविधकारी तथा अपुर विनासंी उपु विजल्हाविधकारी, पुालघर.
ON BEHALF OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATION, PRINTED AND PUBLISHED BY DIRECTOR, RUPENDRA DINESH MORE, PRINTED AT GOVERNMENT CENTRAL PRESS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004 AND PUBLISHED AT DIRECTORATE OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATIONS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004. EDITOR : DIRECTOR, RUPENDRA DINESH MORE.