पंजीकरण संख्या- यू० ए ० /डी ०ओ ० /डी०डी ० एन ०/ 30 / 2018-2020
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की
( संख्या-06 खण्ड-20 ] रुड़की, शनिवार, दिनांक 09 फरवरी , 2019 ई० (माघ 20 , 1940 शक सम्वत्)
विषय - सूची
प्रत्येक भाग के पृष्ठ अलग -अलग दिये गए हैं, जिससे उनके अलग-अलग खण्ड बन सकें
विषय
वार्षिक चन्दा
पृष्ठ संख्या
रु०
सम्पूर्ण गजट का मूल्य
3075
57-79
1500 भाग 1 - विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति , स्थान- नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
67-71
1500 भाग 1 - क-नियम, कार्य - विधियां, आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
975 भाग 2-आज्ञाएं , विज्ञप्तियां, नियम और नियम विधान , जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया , हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां, भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों के उद्धरण
975 भाग 3 - स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़ - पत्र , नगर प्रशासन , नोटीफाइड एरिया, टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया
भाग 4-निदेशक , शिक्षा विभाग , उत्तराखण्ड
975
975 भाग 5 - एकाउन्टेन्ट जनरल , उत्तराखण्ड
975 भाग 6 - बिल, जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किए गए या प्रस्तुत किए जाने से पहले प्रकाशित किए गए तथा सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट
975 भाग 7- इंलेक्शन कमीशन ऑफ इण्डिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां
05-11
975 भाग 8- सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
स्टोर्स पर्चेज- स्टोर्स पर्चेज विभाग का क्रोड़ - पत्र आदि
1425
57-क 58
उत्तराखण्ड गजट , 09 फरवरी , 2019 ई० (माघ 20, 1940 शक सम्वत्)
[भाग 1
भाग 1
विज्ञप्ति-अवकाश, नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
सामान्य प्रशासन विभाग
संख्या 937 / XXXI ( 15 ) G/-44 (सा०)/ 2018
दिनांक 28 दिसम्बर , 2018 ई०
विज्ञप्ति/ ज्ञाप / सार्वजनिक सूचना
एतद्वारा सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि Mohammad Raeffqu सूबेदार , 326 फील्ड रेजीमेंट, 56 ए ० पी० ओ ० , देहरादून ने अपना नाम Mohammad Rafique शुद्ध कर लिया गया है ।
अतः भविष्य में Mohammad Raeffqu के स्थान पर उन्हें उनके शुद्ध नाम Mohammad Rafique से ही जाना जायेगा ।
राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव ।
चिकित्सा अनुभाग -3
अधिसूचना
विविध
29 दिसम्बर , 2018 ई ०
संख्या 1221 / XXVIII - 3-2016-100 / 2009 - राज्यपाल , भारत का संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग तथा इस विषय पर समस्त विद्यमान नियमों और आदेशों का अधिक्रमण करके उत्तराखण्ड खाद्य सुरक्षा सेवा संवर्ग (समूह क , ख और ग ) सेवा में नियुक्त व्यक्तियों की भर्ती तथा सेवाशर्तों को विनियमित करने के लिए निम्नलिखित नियमावली बनाते हैं:-
उत्तराखण्ड खाद्य सुरक्षा सेवा संवर्ग (समूह क , ख और ग ) सेवा नियमावली , 2018
भाग-1 सामान्य
1
संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ
(1 ) इस नियमावली का संक्षिप्त नाम उत्तराखण्ड खाद्य सुरक्षा सेवा संवर्ग (समूह क,ख और ग) सेवा नियमावली, 2018 है ।
(2) यह तुरन्त प्रवृत्त होगी ।
2
सेवा की प्रास्थिति
उत्तराखण्ड खाद्य सुरक्षा सेवा संवर्ग (समूह क, ख और ग) सेवा एक ऐसी सेवा है, जिसमें समूह क, ख और ग के पद समाविष्ट हैं ।
परिभाषाएं
3 जब तक विषय या संदर्भ में कोई प्रतिकूल बात न हो, इस नियमावली में;
(क) 'नियुक्ति प्राधिकारी' से संयुक्त आयुक्त (खाद्य सुरक्षा) , उप आयुक्त(खाद्य सुरक्षा) और अभिहित अधिकारी के सम्बन्ध में राज्यपाल से है और सेवा में शेष पदों के लिए खाद्य सुरक्षा आयुक्त अभिप्रेत हैं;
(ख) 'भारत का नागरिक' से ऐसे व्यक्ति अभिप्रेत हैं, जो संविधान के 'भाग ' दो के अधीन भारत का नागरिक हो या समझा जाता है;
(ग) 'आयोग' से उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग अभिप्रेत है,
(घ) 'संविधान' से भारत के संविधान अभिप्रेत है;
(ड. ) 'सरकार' से उत्तराखण्ड की सरकार अभिप्रेत है;
(च) 'राज्यपाल' से उत्तराखण्ड के राज्यपाल अभिप्रेत है;
59 उत्तराखण्ड गजट, 09 फरवरी , 2019 ई० (माघ 20, 1940 शक सम्वत्)
भाग 1]
(छ) 'सेवा का सदस्य' से इस नियमावली के प्रारम्भ होने के पूर्व प्रवृत्तं नियमावली या आदेशों के अधीन नियमों या आदेशों के अधीन मौलिक रूप से नियुक्त किसी व्यक्ति अभिप्रेत है ;
(ज) 'नागरिकों के अन्य पिछड़ा वर्गों' का तात्पर्य अधिनियम की अनुसूची एक में विनिर्दिष्ट समय- समय पर यथा संशोधित नागरिकों के अन्य पिछड़े वर्ग अभिप्रेत है;
(झ) 'मौलिक नियुक्ति' से सेवा के संवर्ग में किसी पद पर ऐसी नियुक्ति अभिप्रेत है जो तदर्थ नियुक्ति न हो और नियमों के अनुसार चयन के पश्चात् की गई हो और यदि कोई नियम न हो तो सरकार द्वारा जारी किये गये कार्य पालक अनुदेशों द्वारा यथासमय विहित प्रक्रिया के अनुसार की गई हो;
(ट) ' भर्ती का वर्ष' से किसी कैलेण्डर वर्ष की पहली जुलाई से प्रारम्भ होने वाली बारह मास की अवधि अभिप्रेत है ।
(ठ) 'सेवा' का तात्पर्य उत्तराखण्ड खाद्य सुरक्षा सेवा संवर्ग (समूह 'क' ,' ख' और 'ग ') सेवा से है ।
भाग-2 संवर्ग
4
सेवा का संवर्ग
(1 ) सेवा की सदस्य संख्या और उसमें, प्रत्येक श्रेणी के पदों की संख्या उतनी होगी जितनी सरकार द्वारा समय- समय पर अवधारित की जाये ।
(2) जब तक कि उप- नियम(1 ) के अधीन परिवर्तन करने के आदेश न दिये जायें सेवा की सदस्य संख्या उतनी होगी जितनी परिशिष्ट 'क' में दी गयी है ; परन्तु-
(एक) नियुक्ति प्राधिकारी किसी रिक्त पद को बिना भरे हुए छोड़ सकता है या राज्यपाल उसे आस्थगित रख सकते हैं, जिसमें कोई व्यक्ति प्रतिकर का हकदार न होगा, या
(दो) राज्यपाल ऐसे अतिरिक्त स्थायी या अस्थायी पदों का सृजन कर सकते हैं, जिन्हें वह उचित समझें ।
भाग-तीन- भर्ती
5
भर्ती का स्रोत
(क) सेवा में विभिन्न श्रेणियों के पदों पर भर्ती निम्नलिखित स्रोतों से की जायेगीः (एक) संयुक्त आयुक्त(खाद्य सुरक्षा)-
मौलिक रूप से नियुक्त 'उप-आयुक्तों(खाद्य सुरक्षा)' में से जिन्होनें भर्ती के वर्ष के प्रथम दिवस को इस रूप में, दो वर्षों की सेवा पूरी कर ली हो, चयन समिति के माध्यम से, अनुपयुक्त को अस्वीकार करते हुए ज्येष्ठता के आधार पर, पदोन्नति द्वारा ।
(दो) उप-आयुक्त(खाद्य सुरक्षा)-
मौलिक रूप से नियुक्त 'अभिहित अधिकारियों' में से, जिन्होनें भर्ती के वर्ष के प्रथम दिवस को इस रूप में, चार वर्षों की सेवा पूरी कर ली हो , चयन समिति के माध्यम से, अनुपयुक्त को अस्वीकार करते हुए ज्येष्ठता के आधार पर, पदोन्नति द्वारा ।
(तीन) अभिहित अधिकारी-
मौलिक रूप से नियुक्त 'वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारियों' में से जिन्होनें भर्ती के वर्ष के प्रथम दिवस को इस रूप में, 07 वर्षों की सेवा पूरी कर ली हो, अनुपयुक्त को अस्वीकार करते हुए ज्येष्ठता के आधार पर, पदोन्नति द्वारा ।
[भाग 1 60
उत्तराखण्ड गजट , 09 फरवरी , 2019 ई० (माघ 20, 1940 शक सम्वत्)
(चार) वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी-
मौलिक रूप से नियुक्त 'खाद्य सुरक्षा अधिकारियों में से जिन्होनें भर्ती के वर्ष के प्रथम दिवस को. इस रूप में, 09 वर्षों की सेवा पूरी कर ली हो, अनुपयुक्त को अस्वीकार करते हुए ज्येष्ठता के आधार पर, पदोन्नति द्वारा ।
(पांच) खाद्य सुरक्षा अधिकारी-
आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती द्वारा ।
टिप्पणी- खाद्य सुरक्षा अधिकारी की भर्ती समय- समय पर यथा संशोधित खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और उसके खाद्य सुरक्षा एवं मानक नियमावली 2011 में प्रगणित उपबंधों के अनुसार आयोग से सीधी भर्ती द्वारा की जायेगी ।
आरक्षण
6. उत्तराखण्ड राज्य की अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्गों तथा अन्य श्रेणियों के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण भर्ती के समय प्रवृत्त सरकार के आदेशों के अनुसार किया जायेगा ।
भाग चार-अर्हताएं
7. सेवा में किसी भी पद पर सीधी भर्ती के लिए यह आवश्यक है कि अभ्यर्थी;
राष्ट्रीयत्ता
(क) भारत का नागरिक हो, या
( ख) तिब्बती शरणार्थी हो , जो भारत में स्थायी निवास के अभिप्राय से पहली जनवरी 1962 के पूर्व आया हो, या
भारतीय मूल का ऐसा व्यक्ति हो, जिसने भारत में स्थायी निवास के अभिप्राय (ग)
से पाकिस्तान, बर्मा , श्रीलंका, या किसी पूर्वी अफ्रीकी देश केन्या, युगान्डा और यूनाईटेड रिपब्लिक ऑफ तन्जानिया (पूर्ववर्ती तांगानिका और जंजीबार) से प्रवजन किया हो"
"परन्तु उपर्युक्त श्रेणी (ख ) या (ग ) के अभ्यर्थी को ऐसा व्यक्ति होना चाहिए' जिसके पक्ष में राज्य सरकार द्वारा पात्रता का प्रमाण- पत्र जारी किया गया हो;
" परन्तु यह और कि श्रेणी (ख ) के अभ्यर्थी से यह भी अपेक्षा की जायेगी कि वह पुलिस उपमहानिरीक्षक, अभिसूचना शाखा , उत्तराखण्ड से पात्रता का प्रमाण-पत्र प्राप्त कर ले';
"परन्तु यह भी कि यदि कोई अभ्यर्थी उपर्युक्त श्रेणी (ग) का हो तो पात्रता का प्रमाण- पत्र एक वर्ष से अधिक अवधि के लिए जारी नही किया जायेगा और ऐसे अभ्यर्थी को एक वर्ष की अवधि के आगे सेवा में इस शर्त पर रहने दिया जायेगा कि वह भारत की नागरिकता प्राप्त कर ले ।
टिप्पणी- ऐसे अभ्यर्थी को जिसके मामले में पात्रता का प्रमाण-पत्र आवश्यक हो किन्तु न तो वह जारी किया गया हो और न देने से इन्कार किया गया हो, किसी परीक्षा या साक्षात्कार में सम्मिलित किया जा सकता है और उसे इस शर्त पर अनन्तिम रूप से नियुक्त भी किया जा सकता है कि आवश्यक प्रमाण- पत्र उसके द्वारा प्राप्त कर लिया जाय या उसके पक्ष में जारी कर दिया जाय ।
8.
शैक्षिक अर्हताएं
सेवा में विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती के लिए अभ्यर्थियों की निम्नलिखित अर्हताएं होनी आवश्यक है:-
61 उत्तराखण्ड गजट , 09 फरवरी , 2019 ई० (माघ 20, 1940 शक सम्वत्)
भाग 1 ]
अर्हता
पद खाद्य सुरक्षा अधिकारी
(एक) भारत में विधि द्वारा स्थापित किसी विश्व विद्यालय से खाद्य प्रौद्योगिकी या डेयरी प्रौद्योगिकी या जैव प्रौद्योगिकी या तेल प्रौद्योगिकी या कृषि विज्ञान या पशु चिकित्सा विज्ञान या जैव रसायन विज्ञान या सूक्ष्म जीव विज्ञान में. डिग्री या रसायन विज्ञान में मास्टर डिग्री, या मेडिसिन में डिग्री,या
(दो) केन्द्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित कोई अन्य समतुल्य / मान्यता प्राप्त अर्हता, या
(तीन) खाद्य प्राधिकरण द्वारा इस प्रयोजन के लिए यथा विनिर्दिष्ट किसी संस्था या संस्थान के अधीन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया गया हो ।
परन्तु इन नियमों के अधीन किसी ऐसे व्यक्ति को खाद्य सुरक्षा अधिकारी नियुक्त नही किया जायेगा जिसका खाद्य की किसी वस्तु के विनिर्माण, आयात या बिक्री में कोई वित्तीय हित हो ।
अन्य बातों के समान होने पर सीधी भर्ती के मामले में ऐसे अभ्यर्थियों को अधिमान दिया जायेगा;
अधिमानी अर्हताएं 9 (एक)- जिसने प्रादेशिक सेवा में कम से कम दो वर्ष की अवधि तक सेवा की हो, या (दो)- जिसने राष्ट्रीय कैडेट कोर का 'बी' प्रमाण- पत्र प्राप्त किया हो, उसे अन्य बातें समान होते हुए भी सीधी भर्ती के मामले में अधिमान दिया जायेगा ।.
"अधिमान नियम-15 के अन्तर्गत चयन प्रक्रिया में प्रदान किया जायेगा । "
आयु
10 सीधी भर्ती के लिए यह आवश्यक है कि अभ्यर्थी ने उस कैलेन्डर वर्ष की, जिसमें सीधी भर्ती के लिए आयोग द्वारा रिक्तियाँ विज्ञापित की जायें, पहली जुलाई को 21 वर्ष की आयु प्राप्त कर ली हो और 42 वर्ष से अधिक आयु प्राप्त न की हो;
परन्तु यह कि उत्तराखण्ड राज्य की अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और ऐसी अन्य श्रेणियों के , जो सरकार द्वारा समय- समय पर अधिसूचित की जांय, अभ्यर्थी की दशा में उच्चतर आयु सीमा उतने वर्ष अधिक होगी जितनी विनिर्दिष्ट की जाये ।
चरित्र
11 सेवा में सीधी भर्ती के लिए अभ्यर्थी का चरित्र ऐसा होना चाहिए कि वह सरकारी सेवा में सेवायोजन के लिए सभी प्रकार से उपयुक्त हो सके । नियुक्ति प्राधिकारी इसके सम्बन्ध में अपना समाधान कर लेगा ।
टिप्पणी
संघ सरकार या किसी राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकारी मा० संघ सरकार या राज्य सरकार के स्वामित्वाधीन या नियंणाधीन किसी निगम या निकाय द्वारा पदच्युत व्यक्ति सेवा में किसी पद पर नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होंगे । नैतिक अधमता के किसी अपराध के लिए दोषसिद्ध व्यक्ति भी पात्र नहीं होंगे ।
वैवाहिक प्रास्थिति 12 सेवा में सीधी भर्ती के लिए ऐसा पुरुष अभ्यर्थी पात्र न होगा जिसकी एक से अधिक पत्नियों जीवित हो या ऐसी महिला अभ्यर्थी पात्र न होगी जिसने ऐसे पुरुष से विवाह किया हो जिसकी पहले से एक पत्नी जीवित हो,
परन्तु यह कि सरकार किसी व्यक्ति को इस नियम के प्रवर्तन से छूट दे सकती है यदि उसका यह समाधान हो जाये कि ऐसा करने के लिए विशेष कारण विद्यमान हैं।
こ [भाग 1 62
उत्तराखण्ड गजट , 09 फरवरी , 2019 ई० (माघ 20, 1940 शक सम्वत्)
शारीरिक स्वस्थता 13 किसी अभ्यर्थी को सेवा में सीधी भर्ती द्वारा तब तक नियुक्त नहीं किया जायेगा जब तक वह मानसिक और शारीरिक दृष्टि से उसका स्वास्थ्य अच्छा न हो, और वह किसी ऐसे शारीरिक दोष से मुक्त न हो, जिससे उसे अपने कर्तव्यों का दक्षतापूर्वक पालन करने में बाधा पड़ने की सम्भावना हो । किसी अभ्यर्थी को सेवा में नियुक्ति के लिए अन्तिम रूप से अनुमोदित किये जाने के पूर्व उससे यह अपेक्षा की जायेगी- (क) सेवा में राजपत्रित पद के मामले में, चिकित्सा बोर्ड द्वारा परीक्षण में उत्तीर्ण हो ।
(ख) सेवा में अन्य पदो के मामले में, फाइनेन्शियल हैंडबुक- खण्ड- दो भाग- दो से चार के अध्याय तीन में दिये गये मूल नियम 10 के अधीन बनाये गये नियमों के अनुसार स्वस्थता प्रमाण- पत्र प्रस्तुत करे;
परन्तु पदोन्नति द्वारा भर्ती अभ्यर्थी से स्वस्थता प्रमाण - पत्र की अपेक्षा नहीं कीजायेगी ।
भाग -पाँच- भर्ती की प्रक्रिया
रिक्तियों का अवधारण
14 नियुक्त प्राधिकारी वर्ष के दौरान भरी जाने वाली रिक्तियों की संख्या और नियम 6 के अधीन अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य श्रेणियों के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित की जाने वाली रिक्तियों की संख्या भी अवधारित करेगा । आयोग के माध्यम से भरी जाने वाली रिक्तियाँ उनको सूचित की जायेंगी।
15 (1 ) प्रतियोगिता परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति के लिए आवेदन पत्र आयोग द्वारा जारी विज्ञापन में प्रकाशित प्रपत्र में आयोग द्वारा आमंत्रित किये जायेंगे ।
(2) . किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा में तब तक सम्मिलित नहीं किया जायेगा जब तक कि उसके पास आयोग द्वारा जारी किया गया प्रवेश पत्र न हो ।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पदों के लिए आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती की प्रक्रिया
(3) लिखित परीक्षा कापरिणाम प्राप्त हो जाने और सारणीबद्ध किए जाने के पश्चात् आयोग नियम 6 के अधीन अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों , अन्य पिछड़े वर्ग तथा अन्य श्रेणियों के अभ्यर्थियों का सम्यक् प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उतनी संख्या में अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए आमंत्रित करेगा , जो इस सम्बन्ध में आयोग द्वारा निर्धारित स्तर तक पहुँच सके हों ।
(4) साक्षात्कार में प्रत्येक अभ्यर्थियों को प्रदान किए गए अंकों को लिखित परीक्षा में उनके द्वारा प्राप्त किए अंकों में जोड दिया जाएगा । आयोग अभ्यर्थियों की उनकी प्रवीणता क्रम में, जैसा कि लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में प्रत्येक अभ्यर्थी द्वारा प्राप्त किए गए अंकों के कुल योग से प्रकट हो, एक सूची तैयार करेगा और उतनी संख्या में अभ्यर्थियों को जितनी वह नियुक्ति के लिए उचित समझे, संस्तुत करेगा ।
(5) यदि दो या अधिक अभ्यर्थी कुल योग में बराबर- बराबर अंक प्राप्त करें, तो लिखित परीक्षा में अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी का नाम सूची में ऊपर रखा जाएगा ।
(6) यदि लिखित परीक्षा में भी दो या अधिक अभ्यर्थियों के बराबर अंक हों, तो अधिमानी अर्हता धारित करने वाले अभ्यर्थी का नाम सूची में ऊपर रखा जाएगा और यदि अधिमानी अर्हता भी समान हो, तो अधिक अधिमानी अर्हता धारित करने वाले अभ्यर्थी का नाम सूची में ऊपर रखा जाएगा ।
63 उत्तराखण्ड गजट , 09 फरवरी , 2019 ई० (माघ 20, 1940 शक सम्वत्)
भाग 1 ]
(7) अधिमानी अर्हता के समान होने पर अधिक आयु के अभ्यर्थी का नाम सूची में ऊपर रहेगा और यदि आयु भी समान हो तब सूची में नाम अंग्रेजी वर्णमाला के अनुसार रखे जाएंगे । सूची में नामों की संख्या रिक्तियों की संख्या से अधिक किन्तु 25 प्रतिशत से अनधिक होगी । आयोग सूची नियुक्ति प्राधिकारी को अग्रसारित करेगा ।
16 (1 ) सेवा में संयुक्त आयुक्त(खांद्य सुरक्षा ), उप-आयुक्त(खाद्य सुरक्षा), अभिहित अधिकारी एवं वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पदों पर पदोन्नति द्वारा नियुक्ति एक चयन समिति के माध्यम से अनुपयुक्त को अस्वीकार करते हुए ज्येष्ठता के
आधार पर की जायेगी , जिसमें निम्नलिखित सदस्य सम्मिलित होंगे (क) खाद्य सुरक्षा आयुक्त/ प्रमुख सचिव , चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण , उत्तराखण्ड चयन समिति के पदेन अध्यक्ष होंगे ।
(ख) सचिव कार्मिकं या उनका कोई नामनिर्दिष्ट व्यक्ति जो सरकार के संयुक्त सचिव के स्तर से नीचे का न हो ।
(ग) प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण , द्वारा नामनिर्दिष्ट व्यक्ति जो सरकार के संयुक्त सचिव के स्तर के नीचे का न हो ।
संयुक्त आयुक्त (खाद्य सुरक्षा), उप-आयुक्त (खाद्य सुरक्षा), अभिहित अधिकारी एवं वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पदों के लिए चयन समिति के माध्यम से पदोन्नति द्वारा भर्ती की प्रक्रिया
परन्तु यह कि यदि उपरोक्तानुसार गठित चयन समिति में अध्यक्ष व सदस्य में से कोई भी अनुसूचित जाति / जनजाति का नहीं है तो नियुक्ति प्राधिकारी अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति में से किसी एक अधिकारी को, जो संयुक्त संचिव से निम्न स्तर का न हो , सदस्य के रूप में नाम निर्दिष्ट करेगा ।
(2) उपरोक्त पदों पर पदोन्नति हेतु 'उत्तराखण्ड सरकारी सेवक (पदोन्नति द्वारा भर्ती के लिए मानदण्ड) नियमावली, 2004' एवं " उत्तराखण्ड(लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर) राज्याधीन सेवाओं में पदोन्नति के लिये चयन प्रक्रिया नियमावली , 2013 के उपबन्ध लागू होंगे ।
(3) नियुक्ति प्राधिकारी अभ्यर्थी की पात्रता की सूचियाँ तैयार करेगा और उसे उनकी चरित्र पंजियों और उनसे सम्बन्धित ऐसे अन्य अभिलेखों के साथ, जो उचित समझे जायें, चयन समिति के समक्ष रखेगा ।
(4) चयन समिति उप नियम (2 ) में निर्दिष्ट अभिलेखों के आधार पर अभ्यर्थियों की भर्ती के समय प्रवृत्त सरकार के आदेशों के अनुसार एक सूची तैयार करेगी और उसे नियुक्ति प्राधिकारी को अग्रसारित करेगी ।
भाग-6 नियुक्ति, परिवीक्षा , स्थायीकरण और ज्येष्ठता
17
नियुक्ति
(1 ) उपनियम(2 ) के उपबन्धों के अधीन रहते हुए नियुक्ति प्राधिकारी अभ्यर्थियों के नाम उसी क्रम में लेकर, जिसमें वे यथास्थिति, नियम 15 या 16 के अधीन तैयार की गयी सूची में आये हों, नियुक्तियाँ करेगा ।
(2) यदि किसी एक चयन के सम्बन्ध में नियुक्ति के एक से अधिक आदेश जारी किये जायें तो एक संयुक्त आदेश भी जारी किया जायेगा जिसमें व्यक्तियों के नामों का उल्लेख ज्येष्ठताक्रम में किया जायेगा जैसी यथास्थिति चयन में अवधारित की जाय या जैसी की उस संवर्ग में हो, जिससे उन्हें पदोन्नति किया जाये ।
[भाग 1 64
उत्तराखण्ड गजट , 09 फरवरी , 2019 ई० (माघ 20, 1940 शक सम्वत्)
परिवीक्षा
18. (1 ) सेवा में किसी पद पर मौलिक रूप से नियुक्त किये जाने पर प्रत्येक व्यक्ति को दो वर्ष की अवधि के लिए परिवीक्षा पर रखा जायेगा ।
(2). नियुक्ति प्राधिकारी ऐसे कारणों से जो अभिलिखित किये जायेंगे अलग - अलग मामलों में परिवीक्षा अवधि को बढ़ा सकता है जिसमें ऐसा दिनांक विनिर्दिष्ट किया जायेगा, अवधि बढ़ायी जाय;
परन्तु आपवादिक परिस्थितियों के सिवाय परिवीक्षा अवधि एक वर्ष से अधिक और किसी भी परिस्थिति में दो वर्ष से अधिक नहीं बढ़ायी जायेगी ।
(3) यदि परिवीक्षा अवधि या बढ़ायी गयी परिवीक्षा अवधि के दौरान किसी भी समय या उसके अन्त में नियुक्ति प्राधिकारी को यह प्रतीत हो कि परिवीक्षाधीन व्यक्ति ने अपने अवसरों का पर्याप्त उपयोग नहीं किया है, तो उसे उसके मौलिक पद पर, यदि कोई हो, प्रत्यावर्तित किया जा सकता है और यदि उसका किसी पद पर धारणाधिकार न हो तो उसकी सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं ।
(4) ऐसा परिवीक्षाधीन व्यक्ति जिसे उप नियम(3 ) के अधीन प्रत्यावर्तित किया जाये या जिसकी सेवाएं समाप्त की जाएं किसी प्रतिकर का हकदार नहीं होगा ।
(5) नियुक्ति प्राधिकारी संवर्ग में सम्मिलित किसी पद पर या किसी अन्य समकक्ष या उच्च पद पर स्थानापन्न या अस्थायी रूप से की गयी निरन्तर सेवा को परिवीक्षा अवधि की संगणना करने के प्रेरणार्थ गिने जाने की अनुमति दे सकता है ।
स्थायीकरण 19 (1 ) उपनियम (2 ) के उपबन्धों के अधीन रहते हुए किसी परिवीक्षाधीन व्यक्ति को परिवीक्षा अवधि या बढ़ायी गयी परिवीक्षा अवधि के अन्त में उसकी नियुक्ति में स्थायी कर दिया जायेगा, यदि-
(क) उसने विहित परीक्षा यदि कोई हो, उत्तीर्ण कर ली हो,
(ख) उसने सफलतापूर्वक विहित प्रशिक्षण यदि कोई हो प्राप्त कर लिया हो (ग) उसका कार्य और आचरण संतोषजनक पाया जाये,
(घ) उसकी सत्यनिष्ठा प्रमाणित कर दी जाये और
(ड) नियुक्ति प्राधिकारी का यह समाधान हो जाये कि वह स्थायीकरण के लिए अन्यथा उपयुक्त है ।
(2) . जहाँ उत्तराखण्ड के सरकारी सेवकों की स्थायीकरण नियमावली, 2002 के उपबन्धों के अनुसार स्थायीकरण आवश्यक नहीं है वहाँ उस नियमावली के नियम-5 के अधीन घोषणा करते हुए यह आदेश को, कि सम्बन्धित व्यक्ति ने परिवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूरी कर ली है स्थायीकरण का आदेश समझा जायेगा ।
ज्येष्ठता
20 सेवा में किसी श्रेणी के पद पर मौलिक रूप से नियुक्त व्यक्तियों की ज्येष्ठता समय-समय पर यथा संशोधित उत्तराखण्ड सरकारी सेवक ज्येष्ठता नियमावली , 2002 के अनुसार अवधारित की जायेगी ।
भाग- सात वेतन इत्यादि
21
वेतनमान
(1 ) सेवा मे विभिन्न श्रेणियों के पदों पर नियुक्त व्यक्तियों को अनुमन्य वेतनमान ऐसा होगा जैसा कि सरकार द्वारा समय- समय पर अवधारित किया जाये 65 उत्तराखण्ड गजट , 09 फरवरी, 2019 ई० (माघ 20, 1940 शक सम्वत्)
भाग 1 ]
(2) इन नियमावली के प्रारम्भ के समय वेतनमान संलग्न परिशिष्ट 'ख ' के अनुसार होगा ।
परिवीक्षा अवधि में 22 वेतन
(1 ) मूल नियमों में किसी प्रतिकूल उपबन्ध के होते हुए भी परिवीक्षाधीन व्यक्ति को, यदि वह पहले से ही स्थायी सरकारी सेवा में न हो, समयमान में उसकी प्रथम वेतन वृद्धि तभी दी जायेगी जब उसने एक वर्ष की संतोषजनक सेवा पूर्ण कर ली हो, जहाँ विदित हो, विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण कर ली हो और प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया हो, और द्वितीय वेतनवृद्धि दो वर्ष की सेवा के पश्चात् तभी दी जायेगी जब उसने परिवीक्षा अवधि पूरी कर ली हो और उसे स्थायी भी कर दिया गया हो;
परन्तु यदि संतोष प्रदान करने में विफल रहने के कारण परिवीक्षा अवधि बढ़ायी जाती है तो ऐसे विस्तार की गणना वेतनवृद्धि के लिए नहीं की जायेगी (2) जब तक कि नियुक्ति अधिकारी अन्यथा निर्देश न दें ऐसे व्यक्ति का, जो पहले से सरकार के अधीन कोई पद धारण कर रहा हो , परिवीक्षा अवधि में वेतनमान सुसंगत मूल नियमों द्वारा विनियमित किया होगा ।
परन्तु यदि संतोष प्रदान करने में विफल रहने के कारण परिवीक्षा अवधि बढ़ायी जाती है तो ऐसे विस्तार की गणना वेतनवृद्धि के लिए नहीं की जायेगी (3) जब तक कि नियुक्ति प्राधिकारी अन्यथा निर्देश न दें, ऐसे व्यक्ति का, जो पहले से स्थायी सरकारी सेवा में हो, परिवीक्षा अवधि में वेतन राज्य के कार्यकलाप के सम्बन्ध में सेवारत सरकारी सेवकों पर सामान्यतया लागू सुसंगत नियमों द्वारा विनियमित होगा ।
भाग-आठ अन्य उपबंध
पक्ष समर्थन
23 किसी पद पर या सेवा में लागू नियमों के अधीन अपेक्षित सिफारिशों से भिन्न किन्हीं सिफारिशों पर, चाहे लिखित हो, या मौखिक , विचार नहीं किया जायेगा । किसी अभ्यर्थी की ओर से अपनी अभ्यर्थिता के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन प्राप्त करने का कोई प्रयास उसे नियुक्ति करने के लिए अनर्ह कर देगा ।
अन्य विषयों का विनियमन
24 (क)ऐसे विषयों के सम्बन्ध में जो विनिर्दिष्ट रूप से इस नियमावली या विशेष आदेशों के अन्तर्गत न आते हों, सेवा में नियुक्त व्यक्ति, राज्य के कार्यकलापों के संबंध में सेवारत सरकारी सेवकों पर सामान्यतया लागू नियमों, विनियमों और आदेशों द्वारा शासित होंगे ।
(ख) वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा अपने पद के सापेक्ष वही दायित्वों/ कार्यों एवं अधिकारों का अवमोचन(डिस्चार्ज) किया जायेगा जो वह पूर्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के रूप में अधिसूचित किये जाने या शासन स्तर / आयुक्त खाद्य सुरक्षा के स्तर से जारी आदेशों के अधीन करते आ रहे हैं । भविष्य में इनके, दायित्वों/कार्यों एवं अधिकारों में प्रचलित अधिनियम/ नियम / विनियम के संगत संवर्धन आवश्यकतानुसार शासन स्तर पर या खाद्य सुरक्षा आयुक्त स्तर पर किया जा सकेगा ।
[भाग 1 66
उत्तराखण्ड गजट , 09 फरवरी , 2019 ई० (माघ 20, 1940 शक सम्वत्)
सेवा की शर्तों में
शिथिलता
25 जहाँ राज्य सरकार का यह समाधान हो जाये कि सेवा में नियुक्त व्यक्तियों की सेवा की शर्तों को विनियमित करने वाले किसी नियम के प्रवर्तन से किसी विशिष्ट मामले में अनुचित कठिनाई होती है , वहाँ उस मामले में लागू नियमों में किसी बात के होते हुए भी आदेश द्वारा उस नियम की अपेक्षाओं को उस सीमा तक और ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुए , जिन्हे वह मामले में न्यायसंगत और साम्यपूर्ण रीति से कार्यवाही करने के लिए आवश्यक समझे, अभिमुक्त या शिथिल कर सकती है ।
परन्तु जहाँ आयोग के परामर्श से कोई नियम बनाया गया है, वहाँ उस नियम को अवमुक्त या शिथिल करने से पूर्व आयोग से परामर्श किया जायेगा ।
व्यावृत्ति
26 इस नियमावली में किसी बात का कोई प्रभाव ऐसे आरक्षण और अन्य रियासतों पर नहीं पड़ेगा, जिनका इस सम्बन्ध में सरकार द्वारा समय- समय पर जारी किये गये सरकार के आदेशों के अनुसार अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य विशेष श्रेणियों के व्यक्तियों के लिए उपबन्ध किया जाना अपेक्षित हो ।
67
उत्तराखण्ड गजट , 09 फरवरी , 2019 ई० (माघ 20 , 1940 शक सम्वत्)
भाग 1]
परिशिष्ट-'क'
(नियम 4(2) देखिये)
क्र०सं०
पद का नाम
1 संयुक्त आयुक्त(खाद्य सुरक्षा)
2 उपायुक्त(खाद्य सुरक्षा)
3 अभिहित अधिकारी /जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी
4
पदों की संख्या
स्थायी अस्थायी योग
1
1
2
2
13
13
20.
20
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी / सहायक जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी
5 खाद्य सुरक्षा अधिकारी
50
50
परिशिष्ट-'ख'
(नियम 21 (2) देखिये)
क्र०सं० पद का नाम वेतनमान
वेतन बैण्ड तत्संदृश वेतन तत्सदृश
कानाम बैंड ग्रेड
(₹में) वेतन
(₹ में)
1 संयुक्त आयुक्त (खा० सु०) वेतन बैंड-3 15,600-39,100 7,600
2 उपायुक्त खा०सु ० वेतन बैंड-3 15,600-39,100 6,600
3 अभिहित अधिकारी वेतन बैंड-3 15,600-39,100 5,400
4 वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी वेतन बैंड-2 9,300-34,800 4,800
5 खाद्य सुरक्षा अधिकारी वेतन बैंड-2 9,300-34,800 4,600
आज्ञा से,
नितेश कुमार झा, सचिव ।
[भाग 1 68
उत्तराखण्ड गजट , 09 फरवरी, 2019 ई० (माघ 20, 1940 शक सम्वत्)
Inpursuance of the provisions of clause (3) of Article 348 of " the Constitution of India " , the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification No. 1221 /XXVIII - 3-2016-100/ 2009, dated December 29 , 2018 for general information .
NOTIFICATION
Miscellaneous
December 29, 2018
No. 1221 /XXVIII - 3-2016-100/ 2009- In exercise of the powers conferred by the proviso to Article 309 of " the Constitution of India" , and in the supersession of all existing rules and orders on the subject, the Governor is pleased to make the following rules regulating recruitment and the condition of service of persons appointed to the Uttarakhand Food Safety Service Cadre ( Group ' A' , ' B ' and ' C ' ) Service .
The Uttarakhand Food Safety Service Cadre ( Group ' A' , ' B ' and ' C ' )
Service Rules , 2018
Part- I-- General
Short title and Commencement
1. (1) These rules may be called the Uttarakhand Food Safety Service Cadre (Group ' A' , ' B ' and ' C ' ) Service Rules , 2018
(2) It shall come into force at once.
Status of the service
2. The Uttarakhand Food Safety Service Cadre (Group ' A ' , ' B ' and 'C' ) is a such service , comprises Group ' A ' ' B ' and ' C ' posts .
3.
Definitions
In these rules , unless there is anything repugnant or context- (a) "Appointing Authority" means in relation to the posts of the Joint . Commissioner (Food Safety) , Deputy Commissioner (Food Safety) and designated Officer , the Governor and Commissioner of Food Safety in relation to the remaining posts ;
(b) " Citizen of India " means a person who is or deemed to be a Citizen of India under part- II of " the Constitution of India" ;
( c) " Commission " Uttarakhand; means The Public Service Commission,
(d) " Constitution " means " The Constitution of India" ;
(e) " Government " means the State Government of Uttarakhand;
(f) "Governor " means the Governor of Uttarakhand ;
69 उत्तराखण्ड गजट , 09 फरवरी, 2019 ई० (माघ 20, 1940 शक सम्वत्)
भाग 1 ]
(g) " Member of Service " means a person appointed under these rules or orders in force prior to the commencement of these rules to a substantive post in the establishment ;
(h) " Other Backward Classes of the citizens " means Other Backward Classes of citizens specified in Schedule I of the Act as amended from time to time;
(i) " Substantive Appointment " means an appointment on a post in the service and which is not an adhoc appointment and is made in accordance with the rules and if there are no rules , in accordance with the procedure prescribed for the time being by executive instructions issued by the Government ; and
(j ) " Year of Recruitment " means a period of twelve months commencing from the 1st day of July of calendar year .
(k) " Service " means Uttarakhand Food Safety Service Cadre (Group 'A ' , ' B ' and ' C' ) services .
Part - II - Cadre
4.
Cadre of Service
(1) The strength of the service of each category of posts there in shall be such as may be determined by the Government from time to time.
(2) The strength of the service shall until orders varying the same are passed under sub - rule ( 1 ) be as given in the Annexure " A " :
Provided that-
(i) the Appointing Authority may leave unfilled or may hold in abeyance any vacant post , without there by entitling any person to compensation;
(ii) The Governor may create such additional permanent or temporary posts as he may consider proper .
[भाग 1 70
उत्तराखण्ड गजट , 09 फरवरी , 2019 ई० (माघ 20 , 1940 शक सम्वत्)
Part - III --Recruitment
5. (1) Recruitment to the various categorizes of posts in the service shall be made from the following sources : --
Source of Recruitment
(a) Joint Commissioner (Food Safety) -- By promotion through Selection Committee amongst such substantively appointed Deputy Commissioners (Food Safety) , who have completed twoyears' service as such on the first day of the year of recruitment , subject to rejection of unsuitable , on the basis of seniority .
(b) Deputy Commissioner (Food Safety) -By promotion through the Selection Committee amongst such substantively appointed Designated Officers , who have completed four years ' service on the first day of the year of recruitment , subject to rejection ofunsuitable, on the basis of seniority
(c)Designated Officer By promotion through the Selection Committee from amongst substantively appointed such Senior Food Safety Officers , who have completed seven years ' service as such on the first day of the year of recruitment, subject to rejection of unsuitable, on the basis of seniority.
(d) Senior Food Safety Officer By promotion through Selection Committee amongst such substantively appointed Food Safety Officers , who have completed nine years ' service as such on the first day of the year of recruitment . subject to rejection of unsuitable , on the basis of seniority ,
(e) Food Safety Officer-Direct recruitment through the Commission .
Note- The recruitment of the Food Safety Officers shall be made by direct recruitment through the Commission according the prescribed provisions in the Food Safety and Standard Act , 2006 and made thereunder the Food Safety and Standard Rules , 2011 .
6.
Reservation
Reservation for the candidates belonging to the Scheduled Castes , Scheduled Tribes , Other Backward Classes and other categories to the State of Uttarakhand shall be in accordance with the orders of the Government in force at the time of recruitment .
71 उत्तराखण्ड गजट , 09 फरवरी , 2019 ई० (माघ 20 , 1940 शक सम्वत्)
भाग 1 ]
Part - IV - Qualifications
7 . Acandidate for direct recruitment to a post in the service must be: - Nationality
(a) a Citizen of India; or
(b) the Tibetan refugee who came to India before January 1st 1962 with the intention of permanently settling in India; or
(c) a person of Indian origin who has migrated from Pakistan , Burma, Sri Lanka or any of the East African Countries of Kenya, Yuganda and united Republic Tanzania (formerly Tanganyika and Zanzibar) with the intention of permanently settling in India :
Provided that a candidate belonging to category (b) and (c) above must be a person in whose favour a certificate of the eligibility has been issued by the State Government :
Provided further that a candidate belonging to category (b) will be required to obtain a certificate of eligibility granted by Inspector General of Police, Intelligence Branch, Uttarakhand :.
Provided also that if candidate belongs to category (c ) no certificate of eligibility will be issued for a period of more than one year and retention of such candidate in service beyond the period of one year shall be subject to his acquiring Indian Citizenship .
Note : A candidate in whose case a certificate of eligibility is necessary but the same has neither been issued nor refused may be admitted to an examination or interview and he may also provisionally appointed , subject to the necessary certificate being obtained by him or issued in his favour .
8.
Academic Qualification
A candidate for recruitment to the various posts in the service must possess the following qualifications : --
Food Safety Officer-
(i) Degree in the Food Technology or Dairy Technology or Bio Technology or Oil Technology or Agricultural Science or Veterinary Sciences or Bio - Chemical or Microbiology or Master's Degree in Chemistry or Degree in Medicine from a University established by law in India ; or [भाग 1 72
उत्तराखण्ड गजट, 09 फरवरी , 2019 ई० (माघ 20, 1940 शक सम्वत्)
(ii) Any other equivalent/recognized qualification notified by the Central Government ; and
(iii) has successfully completed training as specified by the Food Authority in a recognized institute or institution approved for the purpose :
Provided that no person who has financial interest in the manufacture , import or sell or any article of food shall be appointed to be a Food Safety Officer .
9.
Acandidate, who has--
(i) served in the territorial service for a minimum period of two years ;
Preferential qualification
(ii) Obtained a " B " certificate in National Cadet Corps . Shall other thing being equal , be given preference in the matter of direct recruitment .
"Preference shall be given in recruitment procedure under Rule- 15 . "
10.
Age
A candidate for direct recruitment in service must have attained the minimum age of 21 years must not have attained the age of more than 42 years in first July of the calendar year which recruitment is to be made by Commission:
Provided that the upper age limit in the case of candidates belonging to the Scheduled Castes , Scheduled Tribes and such other categories to the State of Uttarakhand, as may be notified by the Government from time to time , shall be more by such number of years as may be specified .
11.
Character
The character of a candidate for direct recruitment in the service must be such as to render him suitable in all respects for employment in Government service . The appointing authority shall satisfy him on this point.
Note-Persons dismissed by the Union Government or any State Government or by a local authority or any corporation or organization or body owned or controlled by the Union Government or a State Government shall be ineligible for appointment to any post in the service . Persons convicted of an offence involving moral turpitude shall also be ineligible.
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भाग 1 ]
Marital Status 12 . A male candidate , who have more than one living wife or female candidate , who has married a men already having a living wife , shall not be eligible for appointment in the direct recruitment ; Provided that the Governor may , if satisfied that there exists a specific ground for doing so, exempt any person from the operation ofthis rule .
13.
Physical Fitness
No candidate shall be appointed to a post in the service unless he is in good mental and physical health and free from any physical defect likely to interfere with efficient performance of his duties . Before a candidate is finally approved for appointment , he shall be required : --
(a) in the case of Gazetted post or service , to pass an examination by a Medical Board;
(b) in the case of other posts in the service to produce a Medical Certificate of fitness in accordance with the rules framed under fundamental rule 10 , contained in financial Hand Book Volume II - IV
Provided that the medical certificate of fitness shall not be required from a candidate recruited by promotion .
Part - V --Procedure for Recruitment
14.
Determination of vacancies
The appointing authority shall determine the number of vacancies to be filled during the course of the year, as also the number of vacancies to be reserved for the candidate belonging to the Scheduled Castes , Schedule Tribes and other categories to the State of Uttarakhand , under rule 6. The vacancies to be filed through the Commission shall be intimated to them .
15. (1) Application for being considered for selection shall be called by the Commission in the prescribed from.
(2) No candidate shall be admitted to the examination unless he holds a certificate of admission, issued by the Commission.
Procedure for direct recruitment by Commission for the post of Food Safety Officer
(3) After the marks obtained in the written test have been tabulated , the Commission shall , having regard to the need for securing due representation of the candidates belonging to the Scheduled Castes , Scheduled Tribes , other backward classes and other categories in 74
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accordance with rule 6 , summon for interview such number of candidates , as on the result of the written examination , have come up to the standard fixed by the Commission in this respect .
(4) The marks awarded to each candidate in the interview shall be added to the marks obtained by him in the written examination . The Commission shall prepare a list of candidates in order of their proficiency as disclosed by the aggregate of marks obtained by each candidate at the written examination and interview and recommend such number of candidates as they consider fit for appointment .
(5) If two or more candidates obtain equal marks in the aggregate, the name of the candidate obtaining higher marks in the written examination shall be placed higher in the list.
(6) If two or more candidates obtain equal marks even in written exam , the name of candidate having preferential qualification , shall be placed higher and if preferential qualification is also same then the name of candidate having more preferential qualification shall be placed higher in the list .
(7) In case of preferential qualifications being equal the name of candidate of higher age shall be placed higher in the list and if the age is also equal then the names shall be place according to English alphabets in the list . The number of names in the list shall be more than the number of vacancies but not more than 25 percent . The Commission shall forward the list to the Appointing Authority .
16. ( 1) In the promotion to the post of Joint Commissioner (Food Safety) , Deputy Commissioner ( Food Safety) , Designated Officer and Senior Food Safety Officers appointments shall be made on the basis of seniority subject to the rejection of unsuitable through the selection committee, which comprises : -
(a) Commissioner Food Safety/Principal Secretary , Medical Health and Family Welfare , Uttarakhand, who will be the ex - officio chairman;
Procedure of recruitment by promotion through the selection committee for the posts of Joint Commissioner (Food Safety) , Deputy Commissioner
(b) Secretary , Personnel or any person nominated by him , who is not less than the rank of Joint Secretary ;
75 उत्तराखण्ड गजट , 09 फरवरी , 2019 ई ० (माघ 20 , 1940 शक सम्वत्)
भाग 1 ]
(c) A person nominated by the Principal Secretary , Medical Health and Family Welfare , Uttarakhand, who is not less than the rank of Joint Secretary :
(Food Safety) , Designated Officer and Senior Food Safety Officers
Provided that , if amongst Chairman/ Members of abovementioned selection committee , none belongs to the Scheduled Castes /Scheduled Tribes , then the appointing authority shall nominate an Officer as a Member , who belongs to the Scheduled Castes /Scheduled Tribes , who is not less than the rank of Joint Secretary .
(2) For the promotion on abovementioned posts , provisions of the Uttarakhand Government Servant ( Criteria for Selection by Promotion) Rules , 2004 and Selection process for promotion in Goverment services ( Outside the Purview of the Public Service Commission) rule 2013 shall be applicable.
(3) The appointing authority shall prepare an eligibility list of the candidates and place it before the selection committee along with their character roles and such other records , pertaining to them, as may be considered proper .
(4) The selection committee shall consider the candidate on the basis of their records refer to in sub -rule (2) , and if it considers necessary , it may interview the candidates also .
Part - VI --Appointment , Probation , Confirmation and Seniority Appointment 17. (1) The appointing authority shall make appointments by taking the names of candidates in the order in which they stand in the lists prepared under rules 15 or 16 as the case may be of sub - section (2) .
(2) If more than one order of appointment is issued in respect of any one selection , a combined order shall also be issued mentioning the names of the persons in order of seniority as determined in the selection or as the case may be as it stood in the cadre from which they are promoted .
Probation 18. (1)Every person substantively appointed to a post in the service shall be placed on probation for a period of two years .
[भाग 1 76
उत्तराखण्ड गजट , 09 फरवरी , 2019 ई० (माघ 20 , 1940 शक सम्वत्)
(2) The appointing authority may, for reasons to be recorded, extend the period of probation in individual cases specifying the date up to which it is extended :
Provided that except in exceptional circumstances the period of probation shall not be extended beyond one year , and in no circumstances beyond two years ,
(3) If it appears to the appointing authority at any time during or at the end of the period of probation or extended period ofprobation that a probationer has not made sufficient use of his opportunities or has otherwise failed to give satisfaction, he may be reverted to his substantive post , if any , and if he does not hold a lien on any post , his services be dispensed with .
(4) A probationer person, who is reverted or whose services are dispensed with under sub - rule (3 ) shall not be entitled to any compensation.
(5) The appointing authority may allow continuous service rendered in a post included in the cadre or any other equivalent or higher post to be taken into account for purpose of computing the period of probation.
Confirmation 19. (1) Subject to the provisions of sub -rule (2 ) , a probationer shall be confirmed in his appointment at the end of the probation or the extended period of probation, if-
(a) he has passed the prescribed departmental examination , if any;
(b) he has successfully undergone the prescribed training if, any;
(c) his work and conduct are reported to be satisfactory ;
(d) his integrity is certified ; and
(e) the appointing authority is satisfied that he is otherwise fit for confirmation.
(2) Where in accordance with the provisions of the Uttarakhand State Government Servant Confirmations Rules , 2002 , as amended from time to time, confirmation is not necessary under rule 5 of these rules declaring that the person concerned has successfully completed the probation shall be deemed to be the order of confirmation .
77 भाग 1 ]
उत्तराखण्ड गजट , 09 फरवरी , 2019 ई० (माघ 20, 1940 शक सम्वत्)
20.
Seniority
The seniority of persons substantively appointed in any category of posts shall be determined in accordance with the Uttarkhand Government Servants Seniority Rules , 2002 , as amended from time to time.
Part - VII --Pay Scale etc.
Pay Scale 21. (1) The scales of pay admissible to persons appointed in different classes to the post in the service shall be such as may be determined by the Government from time to time .
(2) The scales of pay at the time of commencement of these rules are given as Annexure "B " .
22.
Pay during probation
( 1) Notwithstanding any provision in the Fundamental Rules to the contrary, a person on probation, if he is not already in permanent Government service , shall be allowed his first increment in the time scale when he has completed one year of satisfactory service and second increment after two years of service when he has completed the probationary period and he has been confirmed : Provided that if the period ofprobation is extended on account of failure to give satisfaction , such extension shall not count for
increment unless the appointing authority directs otherwise.
(2) The pay during probation of persons , who has already holding a post under the Government , shall be regulated by the relevant fundamental rules :
Provided that if the period of probation is extended on account of failure to give satisfaction , such extension shall not count for increment unless the appointing authority directs otherwise.
(3) The pay during probation of a person already in permanent Government service shall be regulated by the relevant rules , applicable to the Government servant generally serving in connection with the affairs of the State .
Part - VIII --Other Provisions
23.
Canvassing
No recommendation , either written or oral other than those required under the rules applicable to the post or service , will be taken into consideration . Any attempt on the part of a candidate to enlist support directly or indirectly for his candidature will disqualify him forappointment .
78
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Regulation of 24. Other Matters
(1) In regard to matters not specifically covered by these rules or special orders , persons appointed to the service shall be governed by the rules, regulations and others applicable generally to Government servants , serving in connection with the affairs of the State .
(2) The senior food safety officer/s shall discharge such responsibilities /functions and powers which accrue to him/them by virtue of being notified as food safety officer or by the orders issued at the level of commissioner food safety. Their duties/ responsibilities and powers can be further promoted as per the existing Act/Rules /Regulations at the level of Commissioner Food Safety..
25.
Relaxation in the Conditions of Services
Where the State Government is satisfied that the operation of any rule regulating the conditions of service of persons appointed to the service cause undue hardship in any particular case , it may notwithstanding anything contained in the rules applicable to the case, by order , dispense with or relax the requirements of that rule to such extent and subject to such conditions as it may consider necessary for dealing with the case in a just and equitable manner : Provided that where the rule was framed in consultation with the Commission , that Commission shall be consulted before the requirements of the rules are dispensed with or relaxed.
26.
Saving
Nothing in these rules shall affect reservations and other concessions required to be provided for the candidates belonging to the Scheduled Castes , Scheduled Tribes and other special categories of persons to the State of Uttarakhand in accordance with the orders of the Government issued from time to time in this regard .
79
उत्तराखण्ड गजट , 09 फरवरी , 2019 ई० (माघ 20, 1940 शक सम्वत्)
भाग 1]
Annexure " A " [SeeRule 4(2) ]
Name of Posts
S. No.
2
1
1.
JointCommissioner (Food Safety)
2.
Deputy Commissioner ( Food Safety)
3. Designated Officer/District Food SafetyOfficer
4.
Senior Food Safety Officer/Assistant District Food Safety Officer
5.
Food Safety Officer
No. of Post
Permanent
Total Temporary
3
4
5
1
1
2
2
13
13
20
20
50
50
Annexure "B " [See Rule 21 ( 2) ]
Name of posts
S. No.
1
2
1.
Joint Commissioner ( Food Safety)
2.
Deputy Commissioner (Food Safety)
3. Designated Officer
4.
Senior Food Safety Officer
5. Food Safety Officer
Scale.
P.B
Pay Scale (InRs)
Grade Pay(In Rs)
3
4
5
1
15,600-39,100
7,600
2
15,600-39,100
6,600
13
15,600-39,100
5,400
20
4,800 9,300-34,800
50
9,300-34,800
4,600
ByOrder, NITESH KUMAR JHA , Secretary.
पी० एस ०यू० (आर ० ई० ) 06 हिन्दी गजट / 82-भाग 1-2019 (कम्प्यूटर / रीजियो) । मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- यू० ए ० /डी० ओ ० / डी०डी० एन ० / 30 / 2018-2020
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 09 फरवरी , 2019 ई० (माघ 20 , 1940 शक सम्वत्)
भाग 1 - क
नियम, कार्य-विधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
HIGH COURT OF UTTARAKHAND , NAINITAL
NOTIFICATION
January08, 2019
No. 12/XIV/39/Admin.A-- Sri G.K. Sharma , District & Sessions Judge , Almora is hereby sanctioned earned leave for 13 days w.e.f. 10.12.2018 to 22.12.2018 with permission to prefix 09.12.2018 as Sunday holiday and suffix 23.12.2018 as Sunday holiday.
NOTIFICATION
January08, 2019
No. 13 /XIV/33 /Admin.A-- Sri Dinesh Prasad Gairola , the then District & Sessions Judge , Uttarkashi , presently posted as Principal Secretary ( Law) -cum- L.R . Government of Uttarakhand is hereby sanctioned earned leave for 10 days w.e.f. 10.12.2018 to 19.12.2018 with permission to prefix 08.12.2018 and 09.12.2018 as public holidays .
67-ख 68 उत्तराखण्ड गजट , 09 फरवरी , 2019 ई० (माघ 20, 1940 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
NOTIFICATION
January08, 2019
No. 14/XIV/19/Admin.A/2008--Smt. Geeta Chauhan , Civil Judge (Sr. Div. ) , Ramnagar, District Nainital is hereby sanctioned earned leave for 10 days w.e.f. 13.12.2018 to 22.12.2018 with permission to suffix 23.12.2018 as Sunday holiday.
By Order of Hon'ble the Administrative Judge ,
Sd/- Registrar(Inspection) .
NOTIFICATION
January08, 2019
No. 15 /XIV/ a - 41 /Admin.A/ 2013 -- Sri Manoj Garbyal , Registrar (Computer) , High Court of Uttarakhand , Nainital is hereby sanctioned earned leave for 02 days w.e.f. 02.01.2019 to 03.01.2019 with permission to prefix 26.12.2018 to 01.01.2019 as holidays for the Purpose of LTC .
By Order of Hon'ble the Chief Justice,
Sd/-
RegistrarGeneral .
NOTIFICATION
January09, 2019
No. 16/XIV/ a - 42 /Admin.A/ 2013--Sri Vinod Kumar, 1st Additional District & Sessions Judge, Nainital is hereby sanctioned Medical leave for 14 days w.e.f. 01.12.2018 to 14.12.2018 .
By Order of Hon'ble the Administrative Judge ,
Sd/-
Registrar (Inspection) .
NOTIFICATION
January11,2019
No. 17/ UHC/ Admin.A/ 2019-- Sri Jamboo Kumar Jain , Chief Public Relations Officer (Ex - Cadre ) is repatriated from the post of Chief Public Relations Officer and posted as Private Secretary in the establishment of High Court ofUttarakhand , Nainital w.e.f. 11.02.2019.
By Order of Hon'ble the Chief Justice ,
Sd/- PRADEEP PANT , RegistrarGeneral .
69 उत्तराखण्ड गजट, 09 फरवरी, 2019 ई ० (माघ 20, 1940 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
कार्यालय राज्य कर आयुक्त , उत्तराखण्ड
(विधि-अनुभाग)
14 जनवरी , 2019 ई ०
ज्वाइण्ट कमिश्नर (कार्य ० ) , राज्य कर,
देहरादून / हरिद्वार / रुड़की / रुद्रपुर / हल्द्वानी सम्भाग ।
पत्रांक 7850 / रा ० कर आयु ० उत्तरा० / रा ० क ० मु० / विधि-अनुभाग / 18-19 / देहरादून - उत्तराखण्ड शासन, वित्त अनुभाग 8 द्वारा जारी आदेश संख्या 31/2019/10 (120 ) / XXVII (8 ) / 2018 / ON - II दिनांक 08 जनवरी , 2019 का संदर्भ ग्रहण करें , जिसके द्वारा उत्तराखण्ड माल और सेवा कर (कठिनाईयों का निवारण ) आदेश , 2018 के माध्यम से 01 जुलाई, 2017 से 31 मार्च , 2018 तक की अवधि के लिए इलेक्ट्रॉनिक रूप से वार्षिक विवरणी 31 मार्च , 2019 को या उसके पहले प्रस्तुत किए जाने का आदेश किया जाना अधिसूचित किया गया है ।
उक्त अधिसूचना की प्रति इस आशय से प्रेषित है कि उपरोक्त अधिसूचना की अतिरिक्त प्रतियां कराकर अपने अधीनस्थ समस्त कर - निर्धारण अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने हेतु तथा बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों/ व्यापारी संगठनों के अध्यक्ष / सचिव को सूचनार्थ उपलब्ध कराने का कष्ट करें ।
वित्त अनुभाग -8
08 जनवरी , 2018 ई०
उत्तराखण्ड माल और सेवा कर ( कठिनाईयों का निवारण ) आदेश , 2018
संख्या 31/2019/10 ( 120 ) /XXVII ( 8 ) / 2018 /ON - 01- चूँकि , उत्तराखण्ड माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 06 ) (जिसे इस आदेश में इसके पश्चात् उक्त अधिनियम कहा गया है) की धारा 44 की उपधारा (1 ) यह उपबन्धित करती है कि इनपुट सेवा वितरक , धारा 51 या 52 के अधीन कर संदाय करने वाले व्यक्ति , नैमित्तिक कराधेय व्यक्ति और अनिवासी कराधेय व्यक्ति से भिन्न प्रत्येक रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति, ऐसे वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर 31 दिसम्बर को या उसके पहले ऐसे प्रारूप और ऐसी रीति में जो विहित की जाएं , इलेक्ट्रॉनिक रूप में प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक विवरणी प्रस्तुत करेंगे;
और चूँकी, उक्त अधिनियम की धारा 44 की उपधारा (1 ) में यथा निर्दिष्ट प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक विवरणी प्रस्तुत करने के प्रयोजन के लिए विकसित की जाने वाली इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली अग्रवर्ती स्तर पर है और 31 जनवरी , 2019 तक प्रचालित हो पायेगी , जिसके परिणामस्वरूप उक्त उपधारा (1 ) में यथानिर्दिष्ट रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा 01 जुलाई , 2017 से 31 मार्च, 2018 तक की अवधि के लिए उक्त वार्षिक विवरणी प्रस्तुत नहीं की जा सकेगी और इसके कारण उक्त धारा के उपबन्धों को प्रभावी करने में कतिपय कठिनाईयां उत्पन्न हुई है ;
अतः अब, राज्यपाल, उत्तराखण्ड माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 172 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , परिषद् की सिफारिशों पर, कठिनाईयों को दूर करने के लिए , उक्त अधिनियम की धारा 44 की उपधारा (1 ) के प्रयोजनों हेतु 01 जुलाई , 2017 से 31 मार्च , 2018 तक की अवधि के लिए इलेक्ट्रॉनिक रूप से वार्षिक विवरणी 31 मार्च, 2019 को या उसके पहले प्रस्तुत किये जाने का आदेश करने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ।
आज्ञा से , राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव ।
विपिन चन्द्र, अपर आयुक्त राज्य कर , मुख्यालय देहरादून ।
70
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 09 फरवरी , 2019 ई० (माघ 20, 1940 शक सम्वत्)
कार्यालय डॉ० आर० एस० टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी , नैनीताल
विज्ञप्ति
08 जनवरी, 2019 ई ०
पत्रांक 18 /चार-42 (2018 )/ टी० सी० यू० -डॉ० आर० एस० टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा (उत्तराखण्ड संवर्ग बैच-2017 ) के परिवीक्षाधीन अधिकारियों हेतु दिनांक 13 अगस्त, 2018 से 03 नवम्बर , 2018 की अवधि में व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया , इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान आयोजित की गयी विभागीय परीक्षा भाग -1 व भाग -2 में योगदान देने वाले निम्नलिखित परिवीक्षाधीन अधि कारियों को उनके नाम के सम्मुख उल्लिखित विषयों में उत्तीर्ण घोषित किया जाता है :-
नाम परिवीक्षाधीन अधिकारी
क्र०सं०
A B 1 सुश्री नमामी बंसल , आई० ए० एस०
A B 2 श्री गौरव कुमार, आई० ए ० एस ०
B 3
A श्री वरूण चौधरी , आई०ए० एस०
विषय संकेतः-
A-आपराधिक वाद निर्णय लेखन
B-राजस्व वाद निर्णय लेखन
C-राजस्व नियम एवं अधिनियम तथा भू- सवेक्षण D- हिन्दी टिप्पणी एवं पत्र लेखन
E- जिला प्रशासन
विषय
J D
H
I C
F G
E
H
J C D E F G
I
H
I J C D E F G
F- लोक प्रशासन
G- बजट एवं वित्तीय प्रक्रिया
H- स्थानीय निकाय एवं विविध अधिनियम I-नियोजन एवं विकास
J- कृषि एवं ग्राम्य विकास
अवनेन्द्र सिंह नयाल , निदेशक ।
कार्यालय सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन , ऊधमसिंह नगर
कार्यालय आदेश
27 दिसम्बर , 2018 ई०
पत्रांक 3083 / टी०आर० / पंजी ० नि० / DL1PA- 3790/ 2019- वाहन संख्या DL1PA - 3790 (BUS ) मॉडल 1998 चेसिस संख्या 359350LRQ003830 तथा इंजन नं ० 697D28LRQ127955 कार्यालय में एमेनिटी पब्लिक स्कूल 6 किमी० माईल स्टोन काशीपुर रोड़ रूद्रपुर जिला ऊधमसिंह नगर के नाम पंजीकृत है । वाहन स्वामी ने आवेदन पत्र के साथ वाहन का मूल चेसिस नं ० प्लेट प्रस्तुत करते हुए अवगत कराया है कि उनका वाहन पुराना होने के कारण पूरी तरह नष्ट हो गया है, जो मार्ग में संचालित करने योग्य नहीं है । वाहन का पंजीयन निरस्त करने हेतु अनुरोध किया है । वाहन फाईनेन्स से मुक्त है । सम्भागीय निरीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार वाहन मार्ग में चलने योग्य नहीं है । कार्यालय अभिलेखानुसार वाहन का कर 31-12-2018 तक जमा है । उक्त तथ्यों के आधार पर वाहन के पंजीयन चिन्ह के बने रहने का कोई औचित्य नहीं रहता है ।
अतः मैं पूजा नयाल , पंजीयन अधिकारी मोटर वाहन विभाग ऊधमसिंह नगर मोटर वाहन अधिनियम , 1988 की धारा 55 (2) के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए वाहन संख्या DL1PA- 3790 ( BUS) का पंजीयन चिन्ह एवं चेसिस संख्या 359350LRQ003830 तत्काल प्रभाव से निरस्त करता हूँ ।
पूजा नयाल ,
सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी , रूद्रपुर, ऊधमसिंह नगर।
भाग 1 -क]
71
उत्तराखण्ड गजट , 09 फरवरी , 2019 ई ० (माघ 20, 1940 शक सम्वत्)
कार्यालय सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी , रूद्रप्रयाग
आदेश
31 दिसम्बर , 2018 ई ०
संख्या 884 / प्रवर्तन / लाइसेन्स / 2018- मा० सर्वोच्च न्यायालय के अधीन गठित सड़क सुरक्षा समिति के सन्दर्भ संख्या 05 / 2014/ सी० ओ ० आर ० एस० पार्ट-3 दिनांक 18-08-2015 , सन्दर्भ संख्या 05 / 2014/ सी० ओ ० आर० एस ० पार्ट-3 दिनांक 17-11-2015 के अनुपालन में मोटर वाहन अधिनियम के नियमों का उल्लंघन करने के विदित अभियोग में वाहनों के चालान कर वाहन चालकों के लाइसेन्स के विरूद्ध कार्यवाही की संस्तुति की गयी है । अतः दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने व जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लाइसेन्सिंग अधिकारी रूद्रप्रयाग के रूप में , मैं मोहित कुमार कोठारी , मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा -19 के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए निम्न चालकों के लाइसेन्स तत्काल प्रभाव से निलंबित करता हूँ: -
क्र०सं०
चालक का नाम व पता अभियोग
डी० एल० संख्या व
वैधता
1 .
विलम्बन अवधि
चालानकर्ता प्रर्वतन अधिकारी
ARTO RUDRAPRAYAG
ओवरलोड सवारी (भार वाहन)
31-12-2018 से 30-03-2018
UK- 1320120001636
VALIDITY(NT)
06-01-2032
श्री रविन्द्र सिंह पुत्र श्री दलबीर सिंह ग्राम व पो ० अरकुण्ड जनपद रूद्रप्रयाग
मोहित कुमार कोठारी ,
सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी , रूद्रप्रयाग ।
पी० एस ०यू० (आर० ई० ) 06 हिन्दी गजट / 82 -भाग 1 - क-2019 (कम्प्यूटर / रीजियो ) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- यू० ए० /डी०ओ ० /डी ०डी० एन ० / 30 / 2018-2020
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की , शनिवार , दिनांक 09 फरवरी , 2019 ई० (माघ 20 , 1940 शक सम्वत्)
भाग 8
सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
कार्यालय नगरपालिका परिषद्, बागेश्वर जिला बागेश्वर
उपविधि
24 सितम्बर , 2018 ई ०
पत्रांक 1205 / होर्डिंग - विज्ञापन पट्ट / प्रचार प्रसार शुल्क उपविधि / 2018-19 - नगर पालिका परिषद्, बागेश्वर जिला बागेश्वर द्वारा उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम , 1916 द्वारा की धारा 298 सूची-2 के खण्ड (ज) के (च ) अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए अधिनियम की धारा-294 के अन्तर्गत, नगर पालिका परिषद् बागेश्वर , जिला बागेश्वर के क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न व्यवसाइयों / फर्मों द्वारा अपने व्यवसाय , उत्पाद , फर्म आदि के प्रचार- प्रसार हेतु लगाये जाने हेतु होर्डिंग / विज्ञापन सम्बन्धी उपविधि 2018 तैयार की गई है । जिसमें नगर पालिका परिषद् , बागेश्वर जिला बागेश्वर के क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न व्यवसाइयों / फर्मों द्वारा अपने उत्पादों / प्रतिष्ठानों/ व्यवसायों आदि के प्रचार प्रसार हेतु लगाये जाने वाले होर्डिंग / विज्ञापन पट्ट पर ₹100.00 (रु ० एक सौ रू ० मात्र) प्रतिवर्ग फिट / प्रतिवर्ष का शुल्क निर्धारित किया गया है ।
अतः उक्त सम्बन्ध में पूर्व प्रकाशन के उपरान्त नगर पालिका अधिनियम की धारा 301 (2 ) के प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए नगर पालिका परिषद् बागेश्वर जिला बागेश्वर सीमान्तर्गत विभिन्न व्यवसाइयों / फर्मों द्वारा अपने उत्पादों आदि के व्यवसाय हेतु लगाये जाने वाले होर्डिंग / विज्ञापन पट्ट पर उपरोक्तानुसार निर्धारित शुल्क निर्धारित करती है , जो कि शासकीय गजट में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होंगी ।
05- ट 06
[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट , 09 फरवरी , 2019 ई० (माघ 20 , 1940 शक सम्वत्)
उपविधि
संक्षिप्त नाम , विस्तार एवं प्रारम्भ-
1. यह उपविधि नगर पालिका परिषद् बागेश्वर , जिला बागेश्वर नगर की होर्डिंग / विज्ञापन पट्ट उपविधि , 2018कहलायेगी ।
यह उपविधि नगर पालिका परिषद् बागेश्वर , जिला बागेश्वर के सम्पूर्ण क्षेत्र में प्रभावी होगी । 2 .
3. यह उपविधि सरकारी गजट उत्तराखण्ड में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगी ।
परिभाषायें- संदर्भ के अन्यथा प्रतिकूल न होने पर-
1. "अधिनियम " का तात्पर्य उत्तराखण्ड में यथा प्रवृत्त नगर पालिका अधिनियम, 1916 से है ।
2. "उपविधि" से तात्पर्य नगर पालिका अधिनियम , 1916 के उपबन्धों के अधीन बनाई गई उपविधि से है ।
3. " नगर पालिका" से तात्पर्य नगर पालिका परिषद्, बागेश्वर से है ।
4. "अधिशासी अधिकारी " से तात्पर्य अधिशासी अधिकारी , नगर पालिका परिषद्, बागेश्वर से है ।
5. "निरीक्षण अधिकारी " का तात्पर्य अधिशासी अधिकारी के अधीन कार्यरत अवर अभियन्ता / कर अधीक्षक/ कर निरीक्षक अथवा ऐसे अधिकारी / कर्मचारी से है जिन्हें समय - समय पर अधिशासी अधिकारी के आदेशानुसार निरीक्षण के लिए अधिकृत किया गया हो ।
6. "होर्डिंग / विज्ञापन पट्ट" का तात्पर्य ऐसे प्रचार- प्रसार संसाधनों से है , जो किसी व्यवसायी / फर्म द्वारा अपने व्यवसाय उत्पाद अथवा फर्म के प्रचार प्रसार हेतु तैयार किया गया हो ।
7 . " नगर पालिका प्राधिकारी " (Municipal authority ) से तात्पर्य नगर पालिका परिषद्, बागेश्वर द्वारा सुसंगत कानूनों के अन्तर्गत नियुक्त या गठित कोई व्यक्ति, समिति या अन्य स्थानीय निकाय अभिप्रेत है , जिसे नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन एवं हथालन हेतु अधिकृत किया जाता है ।
नियम व शर्तें-
1. किसी भी व्यवसायी / फर्म को नगर क्षेत्र में अपने व्यवसाय / फर्म का होर्डिंग / विज्ञापन पट्ट नगर क्षेत्र में लगाने से पूर्व अधिशासी अधिकारी , नगर पालिका परिषद्, बागेश्वर , जिला बागेश्वर से अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा ।
2. अनुमतिपरान्त व्यवसायी / फर्म को निर्धारित शुल्क पालिका में जमा कर रसीद प्राप्त करनी होगी ।
3. अनुमति केवल एक वर्ष हेतु मान्य होगी ।
4. किसी भी व्यवसायी को ऐसे होर्डिंग / विज्ञापन पट्ट लगाये जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी जो कि जनसामान्य की भावना के विपरीत अथवा अन्य किसी भी प्रकार की अशलीलता का प्रदर्शन एवं मर्यादा का उल्लंघन करता हो अन्यथा निकाय को ऐसे होर्डिंग / विज्ञापन पट्ट जब्त करने का पूर्ण अधिकार होगा ।
शास्ति
उपरोक्त उपविधि के अन्तर्गत किसी भाग का उल्लंघन करने पर नगर पालिका अधिनियम , 1916 (उत्तराखण्ड में यथावत्त ) की धारा 299 (1 ) में प्रदत्त अधिकार के तहत कार्यवाही / जुर्माना / अर्थदण्ड जो ₹ 1000.00 (रु ० एक हजार मात्र) और जब ऐसा भंग निरन्तर किया जाय तो अग्रेत्तर जुर्माना किया जायेगा । जो प्रथम दोष सिद्धि के दिनांक के पश्चात् ऐसे प्रत्येक दिन के लिए जिसमें अपराधी का अपराध करते रहना होगा , प्रत्येक दिन ₹ 100.00 (रु ० एक सौ मात्र) तक हो सकेगा । यह अधिकार अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद् बागेश्वर , जिला बागेश्वर में निहित होगा ।
रंजना राजगुरू , प्रशासक/ जिलाधिकारी , बागेश्वर ।
07 उत्तराखण्ड गजट , 09 फरवरी , 2019 ई० (माघ 20, 1940 शक सम्वत्)
भाग 8]
कार्यालय नगर पंचायत सुल्तानपुर (ऊधमसिंह नगर)
सार्वजनिक सूचना
20 नवम्बर , 2017
पत्रांक 65 / न० पं० / उपविधि / प्रकाशन / 2017-18 - नगर पंचायत सुल्तानपुर ऊधमसिंह नगर सीमान्तर्गत उ० प्र० नगर पालिका अधिनियम, 1916 (उत्तराखण्ड में यथा प्रवृत्त) की धारा 298 की उपधारा -2 खण्ड (झ) का (घ) में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियमावली, 2011 के क्रियान्वयन हेतु " नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन व यूजर चार्ज उपविधि, 2017 " बनायी जाती हैं , जो नगर पालिका अधिनियम , 1916 की धारा 301 की उपधारा (1 ) के अन्तर्गत जनसामान्य एवं जिन पर इस उपविधि का प्रभाव पड़ने वाला हो , उनसे आपत्ति एवं सुझाव प्राप्ति हेतु प्रकाशित की जा रही हैं ।
अत समाचार पत्र में उपविधि के प्रकाशन की तिथि से 30 दिन के अन्दर लिखित सुझाव एवं आपत्तियाँ अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत सुल्तानपुर , ऊधमसिंह नगर को प्रेषित की जा सकेगी । वादमियाद प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों पर कोई विचार नहीं किया जायेगा:-
नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन व यूजर चार्ज उपविधि, 2017
संक्षिप्त प्रसार एवं प्रारम्भः--
1. यह उपविधि नगर पंचायत सुल्तानपुर , ऊधमसिंहनगर की " नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन व यूजर चार्ज उपविधि , 2017 " कहलायेगी ।
2. यह उपविधि नगर पंचायत सुल्तानपुर, ऊधमसिंहनगर के सम्पूर्ण क्षेत्र में प्रभावी होगी ।
3. यह उपविधि सरकारी गजट उत्तराखण्ड में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होंगी ।
परिभाषायेंः-
(i) " नगरीय ठोस अपशिष्ट" के अन्तर्गत औद्योगिक परिसंकटमय अपशिष्टों को छोड़कर किन्तु उपचारित जैव चिकित्सीय अपशिष्टों को सम्मिलित करते हुये ठोस या अर्द्ध ठोस के रूप से नगरीय / अधिसूचित क्षेत्रों में पैदा किया जाने वाला वाणिज्यक तथा आवासीय अपशिष्ट आता है ।
(ii) "उपविधि" से अभिप्रेत उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम , 1916 के उपबन्धों के अधीन गठित उपविधि से है;
(iii ) " नगर पालिका" से अभिप्रेत संविधान के अनुच्छेद 243 (थ) के खण्ड 7 के उपखण्ड (ग) के अधीन किसी नगर के संगठित नगर पंचायत सुल्तानपुर , ऊधमसिंहनगर से है ;
(iv ) " अधिशासी अधिकारी " से अभिप्रेत उ० प्र० नगर पालिका अधिनियम 1916 के अन्तर्गत पालिका केन्द्रीयित सेवा नियमावली, 1966 के अधीन नियुक्त अधिशासी अधिकारी से है ।
(v) " सफाई निरीक्षक" से अभिप्रेत नगर पंचायत सुल्तानपुर, ऊधमसिंहनगर में शासन द्वारा तैनात सफाई निरीक्षक से है , ऐसे अधिकारी के उपलब्ध न होने की स्थिति में नगर पालिका के उस अधिकारी / कर्मचारी से हैं , जो उस पद के कार्यभार के लिए शासन, नगर पालिका बोर्ड या अधिशासी अधिकारी द्वारा अधिकृत किया गया हो ।
(vi ) " निरीक्षण अधिकारी " का अभिप्रेत अधिशासी अधिकारी , नगर स्वास्थ्य अधिकारी , सफाई निरीक्षक अथवा ऐसे अधिकारी / कर्मचारी से हैं जिन्हें समय- समय पर अधिशासी अधिकारी के आदेश से निरीक्षण के लिए अधिकृत किया गया है ।
(vii ) "नियम" से अभिप्रेत भारत सरकार के पर्यावरण और वन मंत्रालय की अधिसूचना सं ० , 648 नई दिल्ली, मंगलवार 03 अक्टूबर 2000 असाधारण अधिसूचना नई दिल्ली, दिनांक 25 सितम्बर 2000 द्वारा पर्यावरण ( संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अन्तर्गत नगरीय ठोस.. अपशिष्ट (प्रबन्धन और हथालन ) नियम, 2000 बनाये गये से है ।
08
[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट , 09 फरवरी , 2019 ई० (माघ 20 , 1940 शक सम्वत्)
(viii ) " अधिनियम" से अभिप्रेत उ०प्र० नगर पालिका अधिनियम-1916 (उत्तराखण्ड मे यथाप्रवृत्त) से है ।
( ix) " जीव नाशित/जैव निम्नकारणीय / जैविक अपशिष्ट" (biodegradable waste ) से अभिप्रेत ऐसे अपशिष्ट पदार्थों से है सूक्ष्म जीवों द्वारा निम्नकरण किया जा सकता है, जैसे बचा हुआ , खाना, सब्जी एवं फलो के छिलके, फूलों- पौधों आदि के पत्ते एवं अन्य जैविक अपशिष्ट आदि ।
(x) "जीव अनाशित अपशिष्ट" ( Non-biodegradable waste) का अभिप्रेत ऐसे कूड़ा-कचरा सामग्री से हैं, जो जीव नाशित कूड़ा कचरा नहीं हैं और इसके अन्तर्गत प्लास्टिक भी है ।
( xi ) " पुनर्चक्रणीय अपशिष्ट" ( recyclable waste ) से अभिप्रेत ऐसे अपशिष्ट से है जो दोबारा किसी भी प्रकार सीधे अथवा विधि से परिवर्तित करके उसका दोबारा उपयोग किया जा सकता है, जैसे- प्लास्टिक, पॉलीथिन (निर्धारित माईक्रोन के अन्दर ) कागज, धातु, रबड़े आदि ।
(xii) "जैव चिकित्सीय अपशिष्ट" ( biomedical waste ) से तात्पर्य ऐसे अपशिष्ट से है जिसका जनन मानवों व पशुओं के रोग निदान, उपचार, प्रतिरक्षीकरण के दौरान या उससे सम्बन्धित किसी अनुसन्धान, क्रियाकलापों या जैविक के उत्पादन या परीक्षण के दौरान हुआ हो ।
(xiii ) " संग्रहण" ( collection ) से अपशिष्ट के उत्पत्ति स्थल, संग्रहण, बिन्दुओं तथा किसी अन्य स्थान से ठोस अपशिष्ट को उठाया जाना अभिप्रेत है । 1:
(xiv ) " कचरा खाद बनाने" ( composting ) एक ऐसी नियन्त्रित प्रक्रिया से अभिप्रेत है जिसमे कार्बनिक पदार्थ का सूक्ष्म जैवीय निम्नकरण अन्तर्वलित है ।
(xv) " ढहान तथा निर्माण सम्बन्धी अपशिष्ट" ( demolition and construction waste ) से अभिप्रेत सन्निर्माण, पुनर्निर्माण, मरम्मत और ढहाने सम्बन्धी संक्रिया के परिणाम स्वरूप निर्माण सामग्री रोड़ियों और मलबे से उद्भूत अपशिष्ट से है ।
(xvi ) "व्ययन" ( disposal ) से भूजल, सतही जल तथा परिवेशी वायु गुणता को सन्दूषण से बचाने हेतु आवश्यक सावधानी से नगरीय ठोस अपशिष्ट का अन्तिम रूप से व्ययन अभिप्रेत है ।
(xvii ) "भूमिकरण " ( landfilling ) से भूजल सतह जल का प्रदूषण और वायु के साथ उड़ने वाली धूल, हवा के साथ उड़ने वाला कूड़ा, बदबू आग के खतरे, पक्षियों का खतरा , नाशी जीव/ कृत्तक, ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन, ढाल अस्थिरता और कटाव के लिए संरक्षात्मक उपक्रमों के साथ डिजाईन की गई सुविधा में अपशिष्ट, ठोस अपशिष्ट का भूमि भरण पर निपटान अभिप्रेत है ।
(xviii) " निक्षालितक" ( leachate ) से वह द्रव्य अभिप्रेत है जिसका ठोस अपशिष्ट या अन्य माध्यम से रिसाव हुआ है तथा जिसने इसमें से धुलित अथवा निलम्बित पदार्थ का निष्कर्ष किया है ।
(xix) " नगर पालिका प्राधिकारी" ( municipal authority) में म्युनिशपल कॉर्पोरेशन, म्युनिसिपैलिटी, नगर निगम, नगर पालिका परिषद्, नगर पंचायत जिसके अन्तर्गत अधिसूचित क्षेत्र, समिति (एन ० ए ०सी ० ) अथवा सुसंगत कानूनों के अन्तर्गत गठित कोई अन्य स्थानीय निकाय अभिप्रेत है , जहां नगरीय ठोस अपशिष्ट का प्रबन्धन और हथालन ऐसे किसी अभिकरण को सौंपा जाता है ।
(x) "स्थानीय प्राधिकारी" ( local authority ) का अभिप्रेत तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन गठित नगर निगम, नगर पालिका परिषद्, नगर पंचायत, क्षेत्र पंचायत या ग्राम पंचायत है ।
09 उत्तराखण्ड गजट , 09 फरवरी , 2019 ई० (माघ 20, 1940 शक सम्वत्)
भाग 8]
(xxi) ' नगरीय ठोस अपशिष्ट" ( municipal solid waste ) के अन्तर्गत औद्योगिक परिसंकटमय ( hazardous ) अपशिष्टों को छोड़कर किन्तु उपचारित जैव चिकित्सीय अपशिष्टों को सम्मिलित करते हुये ठोस या अर्धठोस रूप से नगरीय / अधिसूचित क्षेत्रों मे पैदा किया जाने वाला वाणिज्यक तथा आवासीय अपशिष्ट आता है ।
(xxii) "सुविधा के परिचालक" ( operator of facility) से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है जो नगरीय ठोस अपशिष्टो के संग्रहण , पृथक्करण , भण्डारण, परिवहन, प्रसंस्करण और निपटान की सुविधा का स्वामी या परिचालक है और इसके अन्तर्गत ऐसा कोई अभिकरण आता है जो अपने-अपने क्षेत्रों में नगरीय ठोस अपशिष्टों के प्रबन्धन एवं हथालन के लिये नगर पालिका प्राधिकारी द्वारा इस रूप से नियुक्त किया गया है । "प्रसंस्करण " से वह प्रक्रिया अभिप्रेत है, जिसके द्वारा अपशिष्ट सामग्रियों को नये पुनः चक्रित उत्पादों में परिवर्तन किया जाता है ।
(xxiii ) " पुनर्चक्रण " ( recycling ) से वह प्रक्रिया अभिप्रेत है जो नये उत्पादों के उत्पादन के लिए पृथक्करण सामग्रियों को उत्पादन सामग्री में परिवर्तन करता हैं । जो अपने मूल उत्पादन के समान हो सकता है या नहीं भी हो सकता हैं ।
(xxiv) "पृथक्करण" ( segregation ) से नगरीय ठोस अपशिष्टों को कार्बनिक, अकार्बनिक, पुनः चक्रण योग्य और परिसंकटमय अपशिष्टों को वर्गों से अलग-अलग करना अभिप्रेत है ।
(xxv) "भण्डारण " ( storage ) से नगरीयं ठोस अपशिष्टों के अस्थाई रूप से इस प्रकार डिब्बाबन्द किया जाना अभिप्रेत है जिससे कूड़ा- करकट , रोग वाहकों के आकर्षित करने, आवारा पशुओं तथा अत्याधिक दुर्गन्ध को रोका जा सके ।
(xxvi) "परिवहन" (transportation ) से विशेष रूप से डिजाईन की गई परिवहन प्रणाली द्वारा स्वच्छता से एक स्थान से दूसरे स्थान तक नगरीय ठोस अपशिष्ट का परिवहन करना अभिप्रेत है ताकि दुर्गन्ध, कूड़ा - करकट बिखरने, रोग वाहकों की पहुंच से रोका जा सके ।
4. कोई भी व्यक्ति/ स्थापन (establishment ) नगरीय ठोस अपशिष्टों को नाली, सड़क, गली, फुटपाथ, किसी भी खुले स्थान पर जो नगर पालिका द्वारा इस प्रयोजन के लिए निर्धारित नहीं किया गया है, न डालेगा और न डलवायेगा ।
5. नगरीय ठोस अपशिष्टों के उत्पादक व्यक्ति / स्थापन अपशिष्ट उत्पादन स्थल पर दो कूड़ेदान रखेगा, जिसमें से एक जैव निम्नकरणीय अपशिष्ट तथा दूसरें में पुनः चक्रणीय अपशिष्ट संग्रहित करेगा
6. नगरीय ठोस अपशिष्टों के उत्पादक व्यक्ति/ स्थापन द्वारा उक्त बिन्दु 6 के अनुसार संग्रहित जैव निम्नकरणीय अपशिष्ट प्रतिदिन तथा पुनः चक्रणीय अपशिष्ट सप्ताह में एक दिन नगर पंचायत, के द्वार निर्धारित समय , प्रक्रिया के अनुसार नगर पंचायत के कर्मचारी / सुविधा प्रचालक ( operator of a facility ) को देना होगा (किन्तु जीव नाशित कूड़ा, जीव अनाशित थैले में रखकर नहीं डाला जायेगा) जिसके लिए अनुसूची में निर्धारित दरें जो समय- समय पर संशोधित करी जा सकेगी के अनुसार उत्पादक व्यक्ति/ स्थापन से प्रतिमाह सेवा शुल्क ( user charges ) लिए जायेंगे ।
7. नगरीय ठोस अपशिष्टों के उत्पादक व्यक्ति / स्थापन ढहान तथा निर्माण सम्बन्धी अपशिष्टों को उठाने के लिए नगर पालिका से सम्पर्क कर पालिका द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ऐसे अपशिष्टों को उठाने के लिये निर्धारित दर पर सेवा शुल्क ( user charges ) भुगतान करना होगा ।
8. नगरीय ठोस अपशिष्टों के उत्पादक व्यक्ति/ स्थापन द्वारा जहां तक सम्भव हो बागवानी व सभी पेड़-पौधों के कूड़े परिसर में ही कम्पोस्ट करना होगा, जहां ऐसा करना सम्भव ना हो तो नगर पालिका से सम्पर्क कर पालिका द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ऐसे अपशिष्टों को उठाने के लिए निर्धारित दर पर सेवा शुल्क (user charges ) भुगतान करना होगा । किसी भी दशा में ऐसे अपशिष्टों को जलाया नहीं जायेगा ।
[भाग 8 10
उत्तराखण्ड गजट , 09 फरवरी , 2019 ई० (माघ 20, 1940 शक सम्वत्)
9. नगरीय ठोस अपशिष्टों के उत्पादक व्यक्ति / स्थापन द्वारा परिसंकटमय (hazardous) अपशिष्टों को अलग से जमा रखना होगा और पन्द्रह दिन में एक बार द्वार- द्वार ( door to door ) संग्रहण हेतु कर्मचारी / सुविधा प्रचालक को देना होगा ।
10. नगरीय ठोस अपशिष्टों के उत्पादक व्यक्ति/ स्थापन जीव चिकित्सा अपशिष्टों का प्रबन्धन जीव-चिकित्सा अपशिष्ट (प्रबन्धन एवं हस्तन ) नियम 1998 के अनुसार करेगा , बिना उपचारित जैव-चिकित्सा अपशिष्टों को नगरीय ठोस अपशिष्टों में नहीं मिलायेगा ।
11. नगरीय ठोस अपशिष्टों के उत्पादन करने वाला / हथालन करने वाला व्यक्ति/ स्थापन तथा अन्य कोई भी व्यक्ति नगरीय ठोस अपशिष्ट को न जलायेगा और न ही जलवायेगा ।
12. नगरीय ठोस अपशिष्टों के उत्पादन, पृथक्करण , संग्रहण, भण्डारण, परिवहन तथा व्ययन से सम्बन्धित स्थल का निरीक्षण का अधिकार निरीक्षण अधिकारी को होगा ।
13. निरीक्षण अधिकारी द्वारा स्थल पर गये नगरीय ठोस अपशिष्ट को यदि तत्काल उठाने की आवश्यकता समझी जाती है तो मासिक यूजर चार्जेस के अन्तर्गत निर्धारित नहीं है को अपशिष्ट उत्पादक के द्वारा अथवा नगर पालिका/ सुविधा प्रचालक तत्काल उठवाया जा सकेगा और उसके लिए स्थल पर ही यूजर चार्जेस वसूल किया जा सकेगा । जिसकी रसीद अपशिष्ट उत्पादक को दी जायेगी, वह धनराशि उसी दिन अथवा अगले कार्य दिवस मे नगर पालिका/ सुविधा प्रचालक के खाते में जमा की जायेगी ।
14. अनुसूची में दी गयी दरों में प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत की वृद्धि की जायेगी, जिसकी गणना रू० 5.00 (पाँच) के पूर्णांक में की जायेगी ।
15. उपविधि में लगाये जाने वाले यूजर चार्जेस / सेवा शुल्क में छूट का प्राविधान नहीं होगा ।
16. यह कि उपविधि में दिये गये किसी नियम का उल्लंघन करने पर यदि कोई व्यक्ति या परिवार जैविक-अजैविक कूड़े को सड़क व नाली में फेंकता है, तो प्रथम बार रू 0 200.00 दूसरी बार पर रू0 500.00 एवं तीसरी बार मे रू 0 1,000.00 अर्थदण्डं (penalty ) देना होगा ।
17. यह कि यदि कोई व्यक्ति आवासीय एवं व्यवसायी भवन निर्माण हेतु निर्माण सामग्री 24 घण्टे के अन्दर सार्वजनिक सडक या नाली के ऊपर से नही हटाता है तो प्रथम बार रू 500.00 , द्वितीय बार रू 0 1,000.00 एवं तीसरी बार में रू 1,500.00 की अर्थदण्ड (penalty) देना होगा ।
18. यह कि नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन के अन्तर्गत सेवा शुल्क (User charges ) की दरें निम्नवत है।-
अनुसूची-1 सेवा शुल्क
(User charges ) की दरें
अपशिष्ट उत्पादक की श्रेणी / अपशिष्ट के प्रकार
क्र० सं०
(रू०)
जैविक-अजैविककुडा घर/श्रोतपरही अलग-अलगदेनेपर (रू०)
42both15kDelet पहुँचानेपर(रू०)
जोव्यक्तिघर/श्रोतपर ahka126vikilledl (रू०)
thflashdebbie-lable जैविक-अजैविककूडा
20
15
5 10
1. गरीबी रेखा से नीचे के घर
25
20
10 15
2. मध्यम वर्ग कम आय वाले घर
30
25
15 20
3. उच्च आय वर्ग वाले घर
125
100
200
100
सब्जी एवं फल विक्रेता
4.
200
250
500
250
5. रेस्टोरेन्ट 11
उत्तराखण्ड गजट , 09 फरवरी , 2019 ई० (माघ 20, 1940 शक सम्वत्)
भाग 8]
6. होटल / लाजिंग / गेस्ट हाउस
:
7. धर्मशाला
8. बरातघर
बैकरी
9.
कार्यालय
10.
11. स्कूल / शिक्षण संस्थाएं (आवासीय)
12. स्कूल / शिक्षण संस्थाएं (अनावासीय)
13. हॉस्पिटल / नर्सिंग होम (बायोमेडिकल वेस्ट को छोड़कर)
क्लीनिक (मेडिकल)
14.
दुकान
15.
(क) फैक्ट्री (उद्योग) छोटे
16.
(ख) फैक्ट्री (उद्योग) मध्यम
(ग) फैक्ट्री (उद्योग) बड़े
वर्कशाप /कबाडी
17.
18. गन्ने का रस / जूस विक्रेता
19. सार्वजनिक/ निजी स्थलों पर सर्कस/ प्रदर्शनी/ विवाह आदि प्रति आयोजन जिसमें अपशिष्ट उत्पन्न होता हो
20. ढहान तथा निर्माण सम्बन्धी अपशिष्ट
350
300
300
200
50
40
30
20
1500
1000
1500
1000
200
150
200
150
75
50
50 100
200
200
200
100
25
25
25
20
250
200
200 400
200
150
100 200
175 100 200
150
450
300
400
200
900
600
400 700
1500
1000
700
500
1500
1000
150
125
50 100
500
400 200 500
300
400
200 400
उपरोक्त विवरण के अलावा धार्मिक कार्य जैसे-भण्डारा, जागरण, शोभा यात्रा/ जुलूस आदि पर उपरोक्त दरें लागू नही होगी ।
शास्ति
उपरोक्त उपविधि का उल्लघंन उ ०प्र ० नगर पालिका अधिनियम , 1916 (उत्तराखण्ड मे यथावृत्त ) की धारा 299 (1 ) एवं नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियमावली , 2011 के अन्तर्गत दण्डनीय होगा, जो रू ० 5000.00 (रू० पाँच हजार मात्र) तक हो सकेगा और जब ऐसा भंग निरन्तर किया जाय , तो अग्रेत्तर जुर्माना किया जायेगा, जो प्रथम दोष सिद्धि के दिनांक के पश्चात् ऐसे प्रत्येक दिन के लिए जिसमें अपराधी का अपराध करते रहना सिद्ध हो, रू० 500.00 तक हो सकेगा । यह अधिकार अधिशासी अधिकारी , नगर पंचायत सुल्तानपुर, ऊधमसिंहनगर में निहित होगा ।
फईम खां,
अधिशासी अधिकारी,
नगर पंचायत सुल्तानपुर,
(ऊधमसिंह नगर) ।
जुम्मा भारती,
अध्यक्ष ,
नगर पंचायत सुल्तानपुर,
(ऊधमसिंह नगर) ।
पी०एस० यू० (आर ०ई० ) 06 हिन्दी गजट / 82 -भाग 8-2019 (कम्प्यूटर / रीजियो) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।