पंजीकरण संख्या- UA/DO/ DDN /30/2021-2023
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की
खण्ड-23] रुड़की , शनिवार, दिनांक 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद19, 1944 शक सम्वत्) [ संख्या-37
विषय-सूची
प्रत्येक भाग के पृष्ठ अलग -अलग दिये गए हैं , जिससे उनके अलग-अलग खण्ड बन सकें
विषय
वार्षिक चन्दा
पृष्ठ संख्या
रु ०
सम्पूर्ण गजट का मूल्य
3075
727-755
1500 भाग 1 - विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति , स्थान- नियुक्ति, स्थानान्तरण, अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
717-726
1500 भाग 1 -क-नियम, कार्य- विधियां, आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
975 भाग 2-आज्ञाएं , विज्ञप्तियां, नियम और नियम विधान, जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया , हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां, भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों के उद्धरण
भाग 3 - स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़-पत्र, नगर प्रशासन, नोटीफाइड एरिया, टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया
975
भाग 4-निदेशक , शिक्षा विभाग , उत्तराखण्ड
975 भाग 5- एकाउन्टेन्ट जनरल , उत्तराखण्ड
975
975 भाग 6-बिल, जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किए गए या प्रस्तुत किए जाने से पहले प्रकाशित किए गए तथा सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट
975 भाग 7-इलेक्शन कमीशन ऑफ इण्डिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां
449-470
975 भाग 8- सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
स्टोर्स पर्चेज स्टोर्स पर्चेज विभाग का क्रोड़ - पत्र आदि
1425
727-क 728
उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
[भाग 1
भाग 1
विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण, अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
गृह अनुभाग-1
कार्यालय ज्ञाप
20जून, 2022 ई 0
संख्या 43835/2022- पुलिस महानिरीक्षक, कार्मिक, पुलिस मुख्यालय , उत्तराखण्ड, देहरादून के पत्र संख्याः डीजी- एक-652-2001 दिनांक 07 जून , 2022 के क्रम में सम्यक् विचारोपरान्त श्री अजय रौतेला , (IPS - SPS: 2001 ) पुलिस महानिरीक्षक, फायर सर्विस / महासमादेष्टा होमगार्डस को दिनांक 31.08.2022 को अधिवर्षता आयु पूर्ण करने पर उक्त तिथि के अपरान्ह से सेवानिवृत्त किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ।
आज्ञा से,
राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव ।
राजस्व अनुभाग-3
अधिसूचना
विविध
22 अगस्त, 2022 ई ०
संख्या 656/XVIII (3) 2022-04( 01 )/2020- राज्यपाल, 'भारत का संविधान' के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग तथा इस विषय के विद्यमान समस्त नियमों और आदेशों का अधिक्रमित करते हुए उत्तराखण्ड के भू-अर्जन लिपिक वर्ग (राजस्व विभाग ) की सेवा में नियुक्त व्यक्तियों की भर्ती तथा सेवा शर्ते विनियमित करने के. लिए निम्नलिखित नियमावली बनाते है:-
उत्तराखण्ड भूमि अर्जन (लिपिक वर्गीय कर्मचारी वर्ग) (राजस्व विभाग) सेवा नियमावली , 2022
भाग- 1 -सामान्य
संक्षिप्त नाम
और प्रारम्भ
1. (1) यह नियमावली, उत्तराखण्ड भूमि अर्जन (लिपिक वर्गीय कर्मचारी वर्ग) (राजस्व विभाग) सेवा नियमावली, 2022 है ।
(2) यह तुरन्त प्रवृत्त होगी ।
सेवा की
प्रास्थिति
2. उत्तराखण्ड भूमि अर्जन लिपिक वर्ग ( राजस्व विभाग) सेवा में समूह "ग" के पद समाविष्ट है ।
परिभाषाएं
3. जब तक कि विषय या संदर्भ में कोई बात प्रतिकूल न हो, इस नियमावली में:-
(क) 'नियुक्ति प्राधिकारी से संबंधित जिले के कलेक्टर अभिप्रेत है;
(ख) "भारत का नागरिक " से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है , जो संविधान के भाग- ॥ के अधीन भारत का नागरिक हो या भारत का नागरिक समझा जाता है;
(ग) "आयोग" से " उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग " अभिप्रेत है;
भाग 1 ]
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(घ) "संविधान" से "भारत का संविधान " अभिप्रेत है;
(ड़) "सरकार" से उत्तराखण्ड राज्य की सरकार अभिप्रेत है;
(च) 'राज्यपाल" से उत्तराखण्ड के राज्यपाल अभिप्रेत है;
(छ) 'सेवा का सदस्य" से इस नियमावली या इससे पूर्व नियमावली या आदेशों के अधीन मौलिक रुप से नियुक्त व्यक्ति अभिप्रेत है;
(ज) "सेवा' से उत्तराखण्ड भूमि अर्जन (लिपिक वर्गीय कर्मचारी वर्ग) (राजस्व विभाग) सेवा अभिप्रेत है;
(झ) "मौलिक नियुक्ति" से सेवा के संवर्ग में किसी पद पर ऐसी नियुक्ति से है, जो तदर्थ नियुक्ति न हो और नियमानुसार चयन के पश्चात् की गई हो और यदि कोई नियम न हो तो सरकार द्वारा जारी किये गये कार्यपालक अनुदेशों द्वारा तत्समय विहित प्रक्रिया के अनुसार चयन के पश्चात् की गयी हो ; तथा
(ञ) "भर्ती का वर्ष" से कैलेण्डर वर्ष के जुलाई माह के प्रथम दिवस से आरम्भ होने वाली बारह मास की अवधि से है ।
भाग 2- संवर्ग
सेवा संवर्ग 4. (1) सेवा में कर्मचारियों/ अधिकारियों तथा उसमें प्रत्येक श्रेणी के पदों की संख्या उतनी होगी जो समय- समय पर सरकार द्वारा निर्धारित की जाय ।
(2) सेवा में कर्मचारियों / अधिकारियों तथा उसमें प्रत्येक श्रेणी के पदों की संख्या जब तक उपधारा (1 ) के अधीन पारित आदेश द्वारा परिवर्तन न किया जाय , उतनी होगी, जो परिशिष्ट ' क' में दी गयी है ।
परन्तु उपबन्ध यह हैं कि:-
(एक) नियुक्ति प्राधिकारी किसी रिक्त पद को खाली छोड़ सकेंगे अथवा राज्यपाल किसी पद को इस प्रकार प्रास्थागित कर सकेंगे , कि कोई व्यक्ति प्रतिपूर्ति का हकदार नहीं होगा ।
(दो) राज्यपाल ऐसे स्थाई अथवा अस्थाई पद सृजित कर सकते हैं जैसे वे उचित समझें ।
भाग 3-भर्ती
भर्ती का स्रोत 5.
उत्तराखण्ड भूमि अर्जन लिपिक वर्ग (राजस्व विभाग ) सेवा के पदों पर भर्ती निम्न प्रकार की जायेगीः-
(1) 85 प्रतिशत सीधी भर्ती द्वारा आयोग के माध्यम से;
(1) कनिष्ठ सहायक
(2) 15 प्रतिशत मौलिक रुप से नियुक्त समूह ' घ' प्रोसेस सर्वर के कर्मचारियों में से, जिन्होंने भर्ती के वर्ष के प्रथम दिवस को इस रुप में पाँच वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली हो और जिन्होंने उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद् से इण्टरमीडिएट या सरकार द्वारा मान्यता 730
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[भाग 1
प्राप्त समकक्ष परीक्षा का प्रमाण पत्र प्राप्त किया हो तथा जो नियम 8 की अर्हतायें पूर्ण करता हो;
परन्तु यदि मौलिक रुप से नियुक्त समूह 'घ' प्रोसेस सर्वर में निर्धारित न्यूनतम शैक्षिक अर्हता धारित करने वाले कर्मी उपलब्ध न हों तो सेवा के समस्त पदों पर नियुक्ति सीधी भर्ती के माध्यम से 'की जायेगी ।
(2) वरिष्ठ सहायक
मौलिक रुप से नियुक्त ऐसे कनिष्ठ सहायक, जिन्होंने भर्ती के वर्ष के प्रथम दिवस को इस रुप में सात वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली हो, ज्येष्ठता के आधार पर अनुपयुक्त को अस्वीकार करते हुये चयन समिति के माध्यम से , पदोन्नति द्वारा;
(3) प्रधान सहायक
मौलिक रुप से नियुक्त ऐसे वरिष्ठ सहायक, जिन्होंने भर्ती के वर्ष के प्रथम दिवस को इस रुप में सात वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली हो, ज्येष्ठता के आधार पर अनुपयुक्त को अस्वीकार करते हुये चयन समिति के माध्यम से, पदोन्नति द्वारा;
(4) प्रशासनिक अधिकारी
मौलिक रुप से नियुक्त ऐसे प्रधान सहायक, जिन्होंने भर्ती के वर्ष के प्रथम दिवस को इस रुप में सात वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली हो, ज्येष्ठता के आधार पर अनुपयुक्त को अस्वीकार करते हुये चयन समिति के माध्यम से, पदोन्नति द्वारा;
6.
आरक्षण
उत्तराखण्ड राज्य की अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्ग, आर्थिक रुप से कमजोर वर्गों तथा अन्य श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण भर्ती के समय प्रवृत्त सरकार के आदेशों के अनुसार किया जायेगा ।
भाग 4-अर्हता
राष्ट्रीयता
7. सेवा में किसी पद पर सीधी भर्ती के लिए यह आवश्यक है कि अभ्यर्थी-
(क) भारत का नागरिक हो, या
(ख) तिब्बती शरणार्थी, जो भारत में स्थायी रूप से बसने के आशय से 01 जनवरी , 1962 से पहले भारत आया हो, होना चाहिए , या
(ग) भारतीय मूल का व्यक्ति जिसने भारत में स्थायी रूप से बसने के आशय से पाकिस्तान, बर्मा, लंका तथा केनिया, युगाण्डा और संयुक्त तांजनिया गणराज्य (पूर्ववर्ती तांगनिका और जंजीबार ) के पूर्वी अफ्रीकी देशों से प्रव्रजन किया हो;
परन्तु, उक्त श्रेणी (ख ) और (ग ) से सम्बन्धित अभ्यर्थी वह व्यक्ति होगा, जिसके पक्ष में राज्य सरकार द्वारा पात्रता प्रमाण-पत्र जारी किया गया हो;
भाग 1 ]
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परन्तु यह और कि श्रेणी (ख) से संबंधित अभ्यर्थी के लिए भी उप पुलिस उप महानिरीक्षक अभिसूचना शाखा, उत्तराखण्ड द्वारा प्रदत्त पात्रता प्रमाण - पत्र प्राप्त करना आवश्यक होगा;
परन्तु यह भी कि यदि अभ्यर्थी उक्त श्रेणी (ग) से सम्बन्धित है प्रमाण- पत्र एक वर्ष से अधिक के लिए जारी नहीं किया जायेगा और ऐसे अभ्यर्थी को एक वर्ष से अधिक अवधि के बाद उसके द्वारा भारत की नागरिकता प्राप्त करने पर सेवा में रखा जा सकेगा ।
टिप्पणी- जिस अभ्यर्थी के मामले में पात्रता प्रमाण-पत्र आवश्यक हो , किन्तु उसे न तो जारी किया गया हो और न ही, नामंजूर किया गया हो, उसे परीक्षां या साक्षात्कार में प्रवेश दिया जा सकता है और उसे अनन्तिम रूप से नियुक्त भी किया जा सकता है । किन्तु शर्त यह है कि उसके द्वारा आवश्यक प्रमाण- पत्र प्राप्त कर लिया जाय या उसके पक्ष में जारी कर दिया जाय ।
शैक्षणिक अर्हता
8.
सेवा में किसी पद पर सीधी भर्ती के लिए अभ्यर्थी के पास निम्नलिखित अर्हताएं होनी चाहिए:-
पद
अर्हता
कनिष्ठ
सहायक
(1 ) उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद् से इण्टरमीडिएट परीक्षा या राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण की हो ।
(2) कनिष्ठ सहायक (टंकक) के पद हेतु अभ्यर्थी को कम्प्यूटर पर हिन्दी टंकण में 4000 KDPH न्यूनतम गति से प्रयोगात्मक परीक्षा उत्तीर्ण की जानी आवश्यक होगी ।
अधिमानी
9.
अभ्यर्थी जिसने-
अर्हता
(1) प्रादेशिक सेना में कम से कम दो वर्ष सेवा की हो, या
(2) नेशनल कैडेट कोर का 'बी' अथवा 'सी' प्रमाण- पत्र प्राप्त किया हो, उसे अन्य बातें समान होते हुए भी सीधी भर्ती के मामले में अधिमान दिया जायेगा ।
10.
अनिवार्य/
वांछनीय अर्हता
उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग की परिधि के अन्तर्गत तथा लोक सेवा आयोग की परिधि के बाहर समूह ' ग' के पदों की भर्ती के लिए अनिवार्य / वांछनीय अर्हता नियमावली, 2010 (समय- समय पर यथासंशोधित) के उपबन्धों के अधीन होगी ।
11.
आयु
सीधी भर्ती के लिए यह आवश्यक है कि अभ्यर्थी ने उस कलेण्डर वर्ष की, जिसमें सीधी भर्ती के लिये रिक्तियां विज्ञापित की जाय, उस वर्ष की पहली जुलाई को उतनी न्यूनतम आयु प्राप्त कर ली हो और अधिकतम आयु प्राप्त न की हो, जैसा राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित की जाये;
732
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[भाग 1
परन्तु, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्ग तथा अन्य ऐसी श्रेणियों के अभ्यर्थियों के मामले में जिन्हें सरकार द्वारा समय- समय पर अधिसूचित किया जाय , उच्चतम आयु सीमा उतने वर्ष अधिक होगी , जितनी विर्निदिष्ट की जाय ।
चरित्र
12.
सेवा के किसी पद पर सीधी भर्ती के लिए अभ्यर्थी का चरित्र ऐसा होना चाहिए जिससे वह सरकारी सेवा में नियोजन के लिए सर्वथा उपयुक्त हो। नियुक्ति प्राधिकारी इस विषय में स्वयं समाधान करेगा ।
टिप्पणी- संघ सरकार या राज्य सरकार अथवा संघ सरकार से स्वामित्व में अथवा नियंत्रणाधीन किसी स्थानीय प्राधिकरण या निगम या निकाय द्वारा पदच्युत व्यक्ति सेवा में किसी पद पर नियुक्ति के पात्र नहीं होंगे । नैतिक अधमता के अपराध से सम्बद्ध सिद्धदोष व्यक्ति भी नियुक्ति के पात्र नहीं होंगे ।
13.
वैवाहिक प्रास्थिति
ऐसे पुरुष अभ्यर्थी, जिसकी एक से अधिक पत्नी जीवित हो अथवा ऐसी महिला अभ्यर्थी , जिसके एक से अधिक पति जीवित हो, सेवा में किसी पद पर नियुक्ति की पात्र नहीं होंगे ;
परन्तु, यदि सरकार का समाधान हो जाय कि ऐसा करने के लिए विशेष कारण है, तो वह किसी व्यक्ति को इस नियम के प्रवर्तन से मुक्त कर सकेगी ।
14.
शारीरिक स्वस्थता
किसी भी ऐसे अभ्यर्थी को सेवा में किसी पद पर तभी नियुक्त किया जायेगा, जब मानसिक और शारीरिक दृष्टि से उसका स्वास्थ्य अच्छा हो और वह ऐसे शारीरिक दोष से मुक्त हो, जिससे उसे अपने कर्तव्यों का दक्षतापूर्वक पालन करने में बाधा पड़ने की सम्भावना हो । किसी अभ्यर्थी को नियुक्ति के लिए अन्तिम रुप से अनुमोदित किये जाने के पूर्व उससे यह अपेक्षा की जायेगी कि वह वित्तीय हस्त पुस्तिका के खण्ड ।। भाग ।।। के अध्याय ।।। में समाविष्ट मूल नियम 10 के अधीन बनाये गये नियमों के अनुसार स्वस्थता प्रमाण- पत्र प्रस्तुत करें
परन्तु यह कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (The Rights of Persons with Disabilities Act, 2016) (अधिनियम संख्या-49 वर्ष 2016 भारत सरकार) की धारा 33 के क्रम में इस हेतु चिन्हित पदों तथा धारा 34 के अन्तर्गत चिन्हित श्रेणियों में दिव्यांगों को नियमानुसार नियुक्ति देने से मना नहीं किया जायेगाः
परन्तु पदोन्नति द्वारा भर्ती किये गये अभ्यर्थी से स्वस्थता प्रमाण- पत्र प्रस्तुत करना अपेक्षित नहीं होगा ।
भाग 5- भर्ती प्रक्रिया
रिक्तियों की 15.
अवधारणा
नियुक्ति प्राधिकारी वर्ष के दौरान भरी जाने वाले रिक्तियों की संख्या और नियम 6 के अधीन उत्तराखण्ड़ की अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्ग, आर्थिक रुप से कमजोर वर्गों तथा अन्य श्रेणियों के अभ्यर्थियों के लिये आरक्षित की जाने वाली रिक्तियों की संख्या भी अवधारित करेगा ।
733 भाग 1 ]
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सीधी भर्ती की प्रक्रिया
16. (1 ) सीधी भर्ती करने के लिये आवेदन पत्र का प्रारुप , आयोग द्वारा , ऐसे न्यूनतम दो दैनिक समाचार पत्रों में, जिनका व्यापक परिचालन हो, प्रकाशित किया जायेगा ।
(2) (एक) चयन के लिये 100 अंकों की एक लिखित परीक्षा वस्तुनिष्ठ प्रकार की होगी । प्रवीणता सूची, लिखित परीक्षा के प्राप्तांकों व अन्य मूल्यांकनों के योग के आधार पर तैयार की जायेगी ।
(दो) (क) लिखित परीक्षा वस्तुनिष्ठ प्रकार की होगी, जिसमें सामान्य हिन्दी, सामान्य ज्ञान और सामान्य अध्ययन का एक प्रश्न पत्र होगा । प्रश्न पत्र मूल्यांकन में प्रत्येक सही उत्तर का एक अंक व प्रत्येक गलत उत्तर हेतु 1/4 ऋणात्मक अंक दिया जायेगा ।
(ख) लिखित परीक्षा की उत्तर शीट (Answer Sheet ) कार्बन प्रति के साथ डुप्लीकेट में होगी तथा डुप्लीकेट प्रति अभ्यर्थियों को अपने साथ ले जाने की अनुमति दी जायेगी ।
(ग) लिखित परीक्षा के पश्चात् लिखित परीक्षा की उत्तरमाला को आयोग की वेबसाईट http://sssc.uk.gov.in या दैनिक समाचार पत्र में, जिसका व्यापक परिचालन है, पर प्रदर्शित एवं प्रकाशित कीजायेगी;
परन्तु उपबन्ध यह है कि ऐसे पद, जिनके लिये कोई शारीरिक मानक, अनिवार्य अर्हता के रुप में या भर्ती के ढंग के रुप में विहित किये गये हों, लिखित परीक्षा के पूर्व अभ्यर्थियों से विहित शारीरिक परीक्षण कराने की अपेक्षा की जायेगी और उन्हीं अभ्यर्थियों को चयन के लिये परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति दी जायेगी, जो पद के लिये विहित न्यूनतम मानकों को पूरा करते हों ।
पदोन्नति द्वारा भर्ती की प्रक्रिया
17. (1 ) पदोन्नति द्वारा भर्ती अनुपयुक्त को अस्वीकार करते हुए ज्येष्ठता के आधार पर उत्तराखण्ड विभागीय पदोन्नति समिति का गठन (लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर के पदों के लिये) (समय- समय पर यथासंशोधित ) नियमावली, 2002 के अधीन गठित चयन समिति द्वारा की जायेगी , जिसमें निम्नलिखित सदस्य होगेः-
(क) नियुक्ति प्राधिकारी अध्यक्ष
(ख) नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा नाम निर्दिष्ट दो राजपत्रित अधिकारी जो उस पद का पर्यवेक्षीय हैसियत रखते हों जिसके लिए चयन किया जाये सदस्य
(ग) नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा नाम निर्दिष्ट अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्ग का एक अधिकारी सदस्य
(2) उपरोक्त पदों पर पदोन्नति हेतु 'उत्तराखण्ड सरकारी सेवक (पदोन्नति द्वारा भर्ती के लिए मानदण्ड) नियमावली, 2004' एवं "उत्तराखण्ड (लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर) राज्याधीन 734
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[भाग 1
सेवाओं में पदोन्नति के लिये चयन प्रक्रिया नियमावली, 2013 (समय-समय पर यथासंशोधित) के उपबन्ध लागू होंगे ।
(3) नियुक्ति प्राधिकारी, (ज्येष्ठता के आधार पर) अभ्यर्थियों की पात्रता सूचियां उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के क्षेत्र के बाहर के पदों पर चयनोन्नति पात्रता सूची नियमावली, 2003 (समय- समय पर यथासंशोधित) के अनुसार तैयार करेगा और उसे उनकी चरित्र पंजिकाओं और उनसे संबंधित ऐसे अन्य अभिलेखों के साथ, जो उचित समझे जाय, चयन समिति के समक्ष रखेगा।
(4) चयन समिति उपनियम (3) में निर्दिष्ट अभिलेखों के आधार पर अभ्यर्थियों के मामलों पर विचार करेगी ।
(5) चयन समिति उपनियम (3) में निर्दिष्ट अभिलेखों के आधार पर अभ्यर्थियों की भर्ती के समय प्रवृत्त सरकार के आदेशों के अनुसार वरियता के कम में एक सूची तैयार करेगी और उसे नियुक्तिप्राधिकारी को अग्रसारित करेगी ।
18.
संयुक्त चयन सूची
यदि किसी वर्ष सीधी भर्ती और पदोन्नति दोनों प्रकार से की जाती है तो संगत सूचियों में से नाम लेकर एक संयुक्त चयन सूची इस प्रकार तैयार की जायेगी जिससे विहित प्रतिशत बना रहे । सूची में पहला नाम पदोन्नति द्वारा नियुक्त व्यक्ति का होगा ।
नियुक्ति, प्रशिक्षण , परिवीक्षा , स्थायीकरण एवं ज्येष्ठता भाग-6
नियुक्ति 19. (1) उपनियम (2) के अधीन रहते हुए नियुक्ति प्राधिकारी अभ्यर्थियों के नाम उस कम में लेकर जिसमें वे नियम 15 , 16 अथवा 17 यथास्थिति, के अधीन बनायी गयी सूचियों में हों, नियुक्ति करेगा । (r)
(2) जहाँ भर्ती के किसी वर्ष भर्ती में नियुक्तियाँ सीधी भर्ती और पदोन्नति दोनों प्रकार से की जानी है, तो नियमित नियुक्तियाँ तब तक नहीं की जायेगी , जब तक कि दोनों स्रोतों से चयन न किया गया हो और नियम 18 के अनुसार संयुक्त सूची तैयार न की गयी हो ।
(3) यदि किसी चयन के सम्बन्ध में एक से अधिक नियुक्तियों का आदेश जारी किया जाता है, तो एक संयुक्त आदेश भी जारी किया जायेगा, जिसमें चयनित व्यक्तियों के नाम का उल्लेख चयन में अवधारित ज्येष्ठता के आधार या उस क्रम में, यथास्थिति, जिस क्रम में उनका नाम उस संवर्ग में है, जिससे उन्हें पदोन्नत किया गया है , किया जायेगा । यदि नियुक्तियाँ सीधी भर्ती और पदोन्नति दोनों प्रकार से की जाती है तो नाम नियम 18 में निर्दिष्ट चक्रीय क्रम में क्रमांकित किये जायेंगे ।
(4) नियुक्ति प्राधिकारी अस्थायी या स्थानापन्न रूप में भी उपनियम (1) के अधीन तैयार की गई सूची में नियुक्ति कर सकता है । यदि सूचियों का कोई अभ्यर्थी उपलब्ध न हो, तो वह इन नियमों भाग 1]
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के अधीन पात्र अभ्यर्थियों में से ऐसी रिक्तियों पर नियुक्ति कर सकता है । ऐसी नियुक्तियाँ एक वर्ष से अधिक अवधि के लिए या इन नियमों के अधीन अगले चयन के बाद तक, इनमें जो भी पहले हो , नहीं की जायेगी ।
परिवीक्षा
20. (1) सेवा या किसी स्थायी पद पर या उसके विरूद्ध रिक्ति पर नियुक्त व्यक्ति एक वर्ष की अवधि के लिए परिवीक्षाधीन रहेगा;
(2) नियुक्ति प्राधिकारी पृथक- पृथक मामले में परिवीक्षा का दिनांक विनिर्दिष्ट करते हुए जब तक अवधि बढ़ाई गयी है , अवधि बढ़ा सकता है , जिसके कारण अभिलिखित करने होंगे;
परन्तु उपबन्ध यह है कि आपवादिक परिस्थितियों के सिवाय परिवीक्षा अवधि एक वर्ष से अधिक और किसी भी परिस्थिति में दो वर्ष से अधिक नहीं बढ़ाई जायेगी ।
(3) यदि नियुक्ति प्राधिकारी को प्रतीत होता है कि परिवीक्षा अवधि के दौरान किसी समय या परिवीक्षा अवधि की समाप्ति अथवा परिवीक्षा की बढ़ाई गयी अवधि में किसी परिवीक्षाधीन द्वारा अपने अवसरों का पर्याप्त उपयोग नहीं किया गया है या अन्यथा समाधान प्रदान करने में असफल रहा है तो उसे उसके मूल पद पर, यदि कोई है, प्रत्यावर्तित किया जा सकेगा या यदि उसका किसी पद पर धारणाधिकारी नहीं है, तो उसकी सेवाएं समाप्त की जा सकेंगी ।
(4) ऐसे परिवीक्षाधीन व्यक्ति, जिसे उपनियम (3 ) के अधीन प्रत्यावर्तित कर दिया गया हो या जिसकी सेवाएं समाप्त कर दी गई है , किसी प्रतिकर का हकदार नहीं होगा ।
(5) नियुक्ति प्राधिकारी परिवीक्षा अवधि की संगणना के प्रयोजन हेतु उस निरन्तर सेवा को गिने जाने की अनुमति दे सकेगा, जो उस विशिष्ट संवर्ग में शामिल किये गये पद पर या किसी समान अथवा उच्चतर पद पर स्थानापन्न या अस्थाई रूप में प्रदान की गयी हो ।
स्थायीकरण
21. किसी परिवीक्षाधीन व्यक्ति को उसकी नियुक्ति में उसकी परिवीक्षा अवधि या बढ़ाई गयी परिवीक्षा अवधि की समाप्ति पर स्थायी किया जा सकेगा यदि उसने-
(क) विहित प्रशिक्षण, यदि कोई हो, सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया हो;
(ख) उसका कार्य और आचरण संतोषजनक बताया गया हो;
(ग) उसकी सत्यनिष्ठा अधिप्रमाणित हो; तथा
(घ) नियुक्ति प्राधिकारी का समाधान हो जाये कि वह स्थायी किये जाने हेतु अन्यथा उपयुक्त है ।
ज्येष्ठता
22. सेवा में किसी श्रेणी के पद पर मौलिक रूप से नियुक्त व्यक्तियों की ज्येष्ठता समय- समय पर यथा संशोधित उत्तराखण्ड सरकारी सेवक ज्येष्ठता नियमावली, 2002 के अनुसार अवधारित की जायेगी ।
736
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[भाग 1
भाग -7 वेतन आदि ।
वेतनमान
23. (1 ) सेवा में किसी पद पर नियुक्त व्यक्तियों को अनुज्ञेय वेतनमान वह होगा जो सरकार द्वारा समय - समय पर अवधारित किया जाय ।
(2) इस नियमावली के प्रारम्भ के समय वेतनमान परिशिष्ट ' ख' के अनुसार होंगे ।
परिवीक्षा के दौरान वेतन
24. (1) मूल नियमों में किसी प्रतिकूल उपबन्ध के होते हुए भी परिवीक्षाधीन व्यक्ति को, यदि वह पहले से स्थायी सरकार सेवा में न हो , समयमान में उसकी प्रथम वेतनवृद्धि तभी दी जायेगी, जब उसने एक वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी कर ली हो, और द्वितीय वेतनवृद्धि दो वर्ष की सेवा के पश्चात् तभी दी जायेगी, जब उसने परिवीक्षा अवधि पूरी कर ली हो और उसे स्थायी भी कर दिया गया हो;
परन्तु यदि समाधान प्रदान करने में असफल रहने के कारण परिवीक्षा अवधि बढ़ायी जाती है तो इस प्रकार बढायी गयी अवधि की गणना वेतनवृद्धि के लिये नहीं की जायेगी जब तक कि नियुक्ति प्राधिकारी अन्यथा निदेश न दे ।
(2) ऐसे व्यक्ति का जो पहले से सरकार के अधीन कोई पदधारक रहा हो, परिवीक्षा अवधि में वेतन, सुसंगत मूल नियमों द्वारा विनियमित होगा;
परन्तु यदि समाधान प्रदान करने में असफल रहने के कारण बढ़ायी गयी अवधि की गणना वेतनवृद्धि के लिये नहीं की जायेगी जब तक की नियुक्ति प्राधिकारी अन्यथा निर्देश न दे ।
(3) ऐसे व्यक्ति का जो पहले से स्थायी सरकारी सेवा में हो, परिवीक्षा अवधि में वेतन राज्य के कार्यकलाप के सम्बन्ध में सेवारत सरकारी संवकों पर सामान्यता लागू सुसंगत नियमों द्वारा विनियमित होगा ।
भाग 8 -अन्य प्रावधान
पक्ष समर्थन
25. किसी पद या सेवा के सम्बन्ध में लागू नियमों के अधीन अपेक्षित सिफारिशों से भिन्न सिफारिशों पर चाहे लिखित हो या मौखिक, पर विचार नहीं किया जायेगा । किसी अभ्यर्थी की ओर से अपनी अभ्यर्थिता के लिए प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से समर्थन प्राप्त करने का कोई प्रयास उसे नियुक्ति के अयोग्य कर देगा ।
अन्य विषयों काविनियमन
26. ऐसे विषयों के सम्बन्ध में, जो विनिर्दिष्ट रुप से इन नियमों या विशेष आदेशों के अन्तर्गत न आते हों, सेवा में नियुक्त ऐसे व्यक्ति, राज्य के कार्यकलापों के सम्बन्ध में सेवारत सरकारी सेवको पर साधारणतया लागू नियमों, विनियमों और आदेशों द्वारा शासित होंगे ।
भाग 1]
737 उत्तराखण्ड गजट , 10 सितम्बर , 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
27.
सेवा शर्तों का शिथिलीकरण
यदि राज्य सरकार का समाधान हो जाये कि सेवा में नियुक्त व्यक्तियों की सेवा शर्तों विनियमित करने वाले किसी नियम के प्रवर्तन से किसी विशेष मामले में अनुचित कठिनाई हो सकती है तो वे इस मामले में लागू नियमावली में किसी बात के होते हुए भी आदेश द्वारा इस सीमा तक तथा ऐसी शर्तों के अधीन इस नियम की अपेक्षाओं से अभियुक्त कर देगी या शिथिल कर देगी जो इस मामले के सम्बन्ध में न्यायोचित तथा सम्यतापूर्वक कार्यवाही करने के लिए उचित समझेः
परन्तु, उपबन्ध यह है कि जहां कोई नियम आयोग के परामर्श से बनाया गया है, वहां नियम की अपेक्षाओं से अभिमुक्त करने या शिथिल करने से पूर्व आयोग से परामर्श करना होगा ।
28.
व्यावृत्ति
इस नियमावली की किसी बात का कोई प्रभाव ऐसे आरक्षण और अन्य रियायतों पर नहीं पड़ेगा, जिनका इस सम्बन्ध में सरकार द्वारा समय- समय पर जारी किये गये आदेशों के अनुसार अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्ग, आर्थिक रुप से कमजोर वर्गों तथा अन्य विशेष श्रेणियों के अभ्यर्थियों के लिए उपबंधित किया जाना अपेक्षित हो ।
738
उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
[भाग 1
परिशिष्ट-' क'
(नियम 4(2) देखें)
पद नाम
देहरादून हेतु
हरिद्वार हेतु
योग पौड़ी गढ़वाल हेतु
अल्मोड़ा हेतु
टिहरी हेतु
2
1
3 नैनीताल हेतु
5
4
2
2 6
7
8
1 कनिष्ठ सहायक (32%)
1
1 1
8 1
1
1 वरिष्ठ सहायक (28%)
1
1
1
1
6
1
6
1 प्रधान सहायक (18%)
1
1 प्रशासनिक अधिकारी (8%)
5
5
योग-
1
1
1
1
5
1
1
3 4
4
4
25 भाग 1]
739
उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (माद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
परिशिष्ट-'ख'
(नियम 22(2) देखें)
. पद नाम
कनिष्ठ सहायक
वरिष्ठ सहायक
प्रधान सहायक
प्रशासनिक अधिकारी वेतनमान (मैट्रिक्स स्तर)
वेतन मैट्रिक्स (21700-69100) (लेवल-3)
वेतन मैट्रिक्स (29200-92300) (लेवल-5)
वेतन मैट्रिक्स (35400-112400) (लेवल-6)
वेतन मैट्रिक्स (44900-142400) (लेवल-7)
आज्ञा से ,
आनन्द बर्द्धन , अपर मुख्य सचिव, राजस्व ।
In pursuance of the provisions of clause ( 3 ) of article 348 of the Constitution of India , the Governor is pleased to order the publication of following English Translation of Notification No.656/XVIII ( 3)2022-04( 01 )/2020 Dated August 22 , 2022 for General Information .
NOTIFICATION
Miscellaneous
August22, 2022
No.656/XVIII ( 3 )2022-04( 01 ) /2020 -- In exercise of the power conferred by the proviso to article 309ofthe 'Constitution of India' and in supersession of all existing rules and orders on the subject , the Governor is pleased to make the following rules regulating recruitment and conditions of service of personnel appointed on the Ministerial cadres of Uttarakhand Land Acquisition ( Revenue Department) , namely: -
The Uttarakhand Land Acquisition (Ministerial Cadre Employees) (Revenue Department) Service Rules , 2022
PART- I General
1.
Short title and Commencement
(1) These Rules may be called the " Uttarakhand Land Acquisition (Ministerial Cadre Employees ) (Revenue Department) Service Rules, 2022".
(2) It shall come into force at once.
Status of the Service
2. The Uttarakhand Land Acquisition Ministerial Cadre (Revenue Department) service comprises of Group "C" posts .
740
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद19, 1944 शक सम्वत्)
Definitions
3. In these rules , unless there is anything repugnant in the subject or context-
(a) "Appointing authority " means Collector of concerned District ;
(b) " Citizen of India" means a person who is or is deemed to be a citizen of India under Part II of the " Constitution of India" ;
(c) "Commission " means Uttarakhand Subordinate Service Selection Commission;
(d) "Constitution" means the Constitution of India;
(e) "Government " means the State Government of Uttarakhand;
(f) "Governor " means the Governor of Uttarakhand;
(g) "Member of the service " means a person substantively appointed under these rules or the rules or orders in force prior to the commencement of these rules to a post in the cadre of the Service;
(h) "Service" means the Uttarakhand Land Acquisition (Ministerial CadreEmployees) (Revenue Department) Service;
(i) "Substantive appointment" means an appointment, not being an adhoc appointment on a post in the cadre of the service, made after selection in accordance with the rules and , if there are no rules , in accordance with the procedure prescribed for the time being by executive instructions issued by the Government ;
(j) "Year of recruitment " means a period of twelve months commencing from the first day of July of a calendar year .
PART- II Cadres
Cadreofthe Service
4. (1) The strength of the Service employees/officers and each categories. of post there in shall be as such as may be determined by the Government from time to time .
(2) The strength of the Service of employees/officers and each categories of posts shall , until orders varying the same as passed undersub - rule ( 1 ) be such as given in the Appendix ' A ' :
Provided that: -
(i) The appointing authority may leave unfilled or the Governor may hold in abeyance any vacant post, without thereby entitling any person to compensation,
(ii ) The Governor may create such additional temporary or permanent posts as he may consider proper .
PART- III Recruitment
Source of recruitment
5. Recruitment of posts in the service of Uttarakhand Land Acquisition Ministerial Cadres (Revenue Department) shall be made from the following sources: - 741. उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर , 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
भाग 1 ]
(1) Junior Assistant - ( 1 ) 85 percent by direct recruitment through the Commission.
(2) 15 percent substantively appointed group ' D' employees of Process Server, who have completed five years services as such on the first day of the year of recruitment and who have passed Intermediate Examination from Uttarakhand Board of School Education or any equivalent examination recognized by the Government and who have completed to qualification of rule 8: Provided that if not availability personnel having minimum educational qualification of substantively appointed the group 'D' Process Server of minimum examination qualification then the appointment on the posts of all services shall be made through the direct recruitment .
(2) Senior Assistant By promotion from amongst such the Junior Assistant substantially appointed who have completed seven years services as such on the first day of the year of recruitment , basis of seniority, subject to the rejection of unfit through the Selection Committee.
(3) Head Assistant By promotion from amongst such the Senior Assistant substantially appointed who have completed seven years services as such on the first day of the year of recruitment, basis of seniority, subject to the rejection of unfit through the Selection Committee.
(4) Administrative Officer By promotion from amongst such the Head Assistant substantially appointed who have completed seven years services as such on the first day of the year of recruitment, basis of seniority, subject to the rejection of unfit through the Selection Committee .
Reservation
6. Reservation for the candidates belonging to the. Scheduled Castes , Scheduled Tribes , Other Backward Classes , Economically Weaker Sections and Other Categories belonging to the State of Uttarakhand shall be in accordance with the order of the Government in force at the time of recruitment.
PART - IV Qualification
7. A candidate for direct recruitment to a post in the service must be:-
Nationality
(a) A citizen of India; or
(b) A Tibetan refugee who came over to India before the Ist January, 1962 with the intention of permanently settling in India; or
(c) Aperson of Indian origin who has migrated from Pakistan , Burma, Lanka and the East African countries of Kenya , Uganda and the United Republic of Tanzania ( formerly Tanganyika and Zanzibar) with the intention of permanently settling in India;
Provided that a candidate belonging to the category (b) or (c) above must be a person in whose favour a certificate of 742
उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई ० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
[भाग 1
eligibility has been issued by the State Government;
Provided further that a candidate belonging to the category (b) above shall be required to obtain a certificate of eligibility granted by the Inspector General of Police , Intelligence Branch , Uttarakhand; Provided also that if a candidate belongs to category (c) above, the certificate of eligibility has not issued a certificate for more than one year such candidate retain in service beyond a period of one year only if he obtain Indian citizenship.
Note- A candidate in whose case a certificate of eligibility is necessary but the same has neither been issued nor refused may be admitted to an examination or interview and may be provisionally appointed, subject to the necessary certificate being obtained by him or issued in his favour. an
Academic Qualification
8. A candidate must have following qualifications for the recruitment to the posts of various categories :-
Posts
Qualification
Junior Assistant
(i) A candidate for the direct recruitment must have passed the Intermediate Examination from the Uttarakhand Board of School Education or any equivalent qualification recognized by the State Government . nime
(ii) For the post of Junior Assistant (Typist) a candidate must have passed the practical examination to 4000 KDPH minimum speed in Hindi typing on the computer.
9. A candidate who has-
Preferential qualification
(i) Served in the Territorial Army for a minimum period of two years , or
( ii) Obtained a 'B ' or ' C' certificate of National Cadet Corps , shall other things being equal , be given preference in the matter of direct recruitment.
Essential/ desirable qualification
10. Qualification shall be according under the provisions of the Essential /Desirable Qualification for the Recruitment of Group " C" Post within the Purview of Uttarakhand Public Service Commission and Outside the Purview of the Public Service Commission , 2010 as amended from time to time .
Age
11. For direct recruitment , it is necessary that the candidate must have attained the minimum age and must not have attained the maximum age on 1st July of the calendar year in which the vacancies are advertised as may be prescribed by the State Government from time to time;
भाग 1 ]
743 उत्तराखण्ड गजट , 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
Provided that the upper age limit in the case of candidates belonging to the Scheduled Castes , Scheduled Tribes , Other Backward classes and such other categories as may be notified by the Government from time to time, shall be greater by such number of years as maybe specified.
Character
12. The Character of a candidate for direct recruitment to a post in the service must be such as to render him suitable in all respects for employment in government service . The appointing authority shall satisfy itself on this point .
Note: Persons dismissed by the Union Government or a State Government or by a Local Authority or a Corporation or Body owned or controlled by the Union Government or a State Government shall be ineligible for appointment to any post in the service . Persons convicted anoffence involving moral turpitude shall also be ineligible .
Marital status
13. A male candidate who has more than one wife living or a female candidate, who has more than one husband living shall not be eligible for appointment to a post in the service; Provided that the Government may, if satisfied that there exist special grounds for doing so, exempt any person from operation of this rule.
Physical fitness 14. No such candidate shall be appointed to any position in the service, if he is not mentally and physically healthy and is not free from any such physical defect, which may cause him to interfere in the efficient discharge of his duties . Before a candidate is finally approved for appointment he/she shall be required to submit a fitness certificate as per the rules made under the Fundamental Rule 10 contained in Chapter- III ofthe Financial Handbook Section II Part III ;
Provided that in order of section 33 the post identified for this purpose and categories identified under section 34 of the Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 (Act No. 49 of 2016) the disabled shall not be denied the appointment as per rules ;
Providedthat a medical certificate of fitness shall not be required from a candidate recruited by promotion.
PART-V Procedure for recruitment
Determination of Vacancies
15. The Appointment Authority shall determine number of vacancies to be filledduring the course of the year as also the number of vacancies to be reserved for candidates belonging to Scheduled Castes , Scheduled Tribes , Other Backward Classes , Economically Weaker Sections and Other Categories belonging to State of Uttarakhand under rule 6, the vacancies to be filled inform the Commission shall be intimated to them.
Procedure for direct recruitment
16. ( 1) The format of application for the direct recruitment shall be published in minimum such two daily newspapers having wide circulation through the Commission .
744
उत्तराखण्ड गजट , 10 सितम्बर , 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
[भाग 1
(2) ( i) There shall be a written examination carrying 100 marks for the selection . The merit list shall be prepared on the basis of the marks obtained in the written examination and others evaluations;
(ii) (a) There shall be an objective type written examination carrying 100 marks consisting of single question paper which shall include General Hindi , General Knowledge and General Studies . While evaluating the question paper one mark shall be awarded for each correct answer and ¼ negative marks for each wrong answer;
(b ) The answer sheet of written examination shall be in duplicate with carbon copy and the candidates shall be permitted to carry back the duplicate copy with them after the completion of the examination;
(c) After the written examination the answer key of the written examination shall be displayed on the website http://sssc.uk.gov.in of the Commission .
Provided that the such post, for which any physical standard has been prescribed as a mandatory qualification or as a mode of recruitment, shall be required to conduct the prescribed physical examination of the candidate before the written examination and only such candidate shall be given permission to appear in the examination who fulfill the prescribed minimum standard for the post.
17.
Procedure for recruitmentby promotion
(1) For the posts of recruitment by promotion shall be made by the selection committee constituted under the Uttarakhand constituted of Departmental Promotion of Committee (Outside of the purview ofthe Public Service Commission) Rules , 2002 as amended from time to time, the following shall be committee members, -
(a) Appointing Authority - Chairman;
(b) Two Gazetted Officer , who having the status of supervisory on that post on which the selection shall be made , nominated by AppointingAuthority- Member ;
(c) An officer of Scheduled Caste and Scheduled Tribes nominatedby Appointing Authority- Member;
(2) For the promotion of above posts , provisions of the Uttarkhand Government Servant ( Standard for Recruitmentby Promotion ) Rules, 2004 and the Uttarakhand (Outside of the purview of the Public Service Commission) Selection Procedure for Promotion under State Services Rules , 2013 shall be apply .
(3) The appointing authority shall prepare a eligibility lists of the candidate on the basis of seniority accordance with the provisions ofthe Uttarakhand Promotion (on the Post Outside the Purview of the Public Service Commission) Eligibility List Rules, 2003 ( as amended from time to time) and place it before the Selection Committee along with their character rolls and such other records pertaining them , as may be considered necessary.
भाग 1 ]
745 उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (माद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
(4) The Selection Committee shall consider the matters of candidates onthe basis of the records , referred to in sub -rule(3) .
(5) The Selection Committee on the basis of records referred in sub- rule (3 ) shall prepare a list of selected candidates according to Government order in force at the time of recruitment arranged in order of seniority and forward the same to the Appointing Authority.
Combined select list
18. If in any year of recruitment/appointment are made both by direct recruitment and by promotion , a combined select list shall be prepared by taking the name of candidates from the relevant lists , in such manner that the prescribed percentage is maintained, the first name in the list being ofthe person appointed by promotion .
PART-VI Appointment , Probation , Confirmation and Seniority
Appointment 19. ( 1) Subject to the provision of sub - rule (2) the appointing authority shall make appointment by taking the name of candidates in the order in which they stand in the list prepared under rule 15, 16 or 17 as the casemaybe.
(2) Where in any year of recruitment appointments are made both by direct recruitment and regular appointment shall not be made unless selections are made from both the sources and a combined list is prepared in accordance with rule 18 .
(3) If more them one orders of appointment are issued in respect of any one selection . a combined-order shall also be issued , mentioning the names of the persons, in order of seniority, as determined , in the selection, or as the case maybe, as it stood, in the cadre, from which they are promoted, If the appointments are made, both by direct recruitment and by promotion , names shall be arranged, in accordance with the cyclic order, referred to rule 18 .
(4) The Appointment Authority may make appointments in temporary from the list prepared under sub- rule ( 1 ) . If any candidate from the lists is not available , he may make appointment to such vacancies from amongst the eligible candidates under these rules . Such appointments shall not last for a period exceeding one year or beyond the next selection under these rules , whichever be earlier .
Probation
20. (1) A person on substantive appointment to a post in the service shall be placed on probation for a period of one year.
(2) The appointing authority may for reasons to be recorded , extend the period of probation in individual cases specifying the period of probation in individual cases specifying the date up to which the extension is granted;
Provided that save in exceptional circumstances , the period for probation shall not be extended beyond one year and in no circumstances beyond two years .
746
उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
[भाग 1
(3) If it appears to the appointing authority at any time during or at the endofthe period of probation or extended period of probation that a probationer has not made sufficient use of his opportunities, or has otherwise failed to give satisfaction, he maybe reverted to his substantive post , if any, and if he does not hold a lien on any post, his service may be dispensed with .
(4) A probationer who is reverted or whose services are dispensed with under sub - rule (3 ) shall not be entitled to any compensation .
(5) The appointing authority may allow continuous service , rendered in anofficiating or temporary capacity in a post included in the cadre or any other equivalent or higher post , to be taken into account for the purpose of computing the period of probation .
Confirmation 21. A probationer shall be confirmed in his appointment at the end of his period ofprobation or extended a period of probation , if-
(a) ifany, Prescribe Training have successfully completed;
(b) his work and conduct is reported to be satisfactory;
(c) his integrity is certified ; and
(d) The appointing authority is satisfied that he is otherwise fit for confirmation.
Seniority
22. The seniority of persons appointed on a substantive post in service shall be determined in accordance with the provisions of the Uttarakhand Government Servants Seniority Rules , 2002 .
PART - VII Pay etc.
Pay Scale
23. (1) The scales of pay admissible to persons appointed to the various categories of posts in the service shall be such as may be determined by the Government from time to time.
(2) The scales of pay the various categories of posts at the time of the commencement ofthese rules are given in the Appendix "B" Payduring probation
24. (1) Notwithstanding any provisions in the Fundamental Rules to the contrary, a person on probation if he is not already, in permanent Government Service , shall be allowed his first increment in the time scale when he has completed one year of satisfactory service; Provided that if the period of probation is extended of account of failure to give satisfaction such extension shall not count for increment unless the appointing authority directs otherwise .
(2) The pay during probation of a person who was already holding a post under the Government shall be regulated by the relevant fundamental rules;
Provided that if the period of probation is extended on account of failure to give satisfaction such extension shall not count for increment unless the appointment authority directs otherwise.
भाग 1 ]
747 उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
(3) The pay during probation of a person already in permanent Government Service shall be regulated by the relevant rules , applicable generally to Government servants serving in connection withthe affairs of the State .
PART - VIII Other Provisions
Canvassing
25. No recommendation either written or oral , other than those required under the rules applicable to post or service shall be taken into consideration . Any attempt on the part of a candidate to enlist support, directly, or indirectly for his candidature will disqualify him for appointment.
Regulationof other matters
26. In regard to the matters not specifically covered by these Rules or special orders , persons appointed to the service shall be governed by the rules , regulations and orders applicable generally to Government servants serving in connection with the affairs of the State.
Relaxation from the conditions of service
27. Where the State Government is satisfied that the operation of any rule regulating the conditions of service of persons appointed to the service causes undue hardship in any particular case it may notwithstanding anything contained in the rules applicable to the case by order dispense with or relax the requirements of that rule to such extent and subject to such conditions at it may consider necessary for dealing with the case in ajust and equitable manner;
Provided that where any rule has been made in consultation with the Commission , the Commission shall be consulted before dispensing with or relaxing the requirements of the rule.
Savings
28. Nothing in these rules shall affect reservations and other concessions required to be provided for the candidates belonging to the Scheduled Castes, Scheduled Tribes , Other Backward Classes, Economically Weaker Sections and Other Categories of persons in accordance with the orders of the Government issued from time to time in this regards .
748
उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
[भाग 1
APPENDIX-'A'
{SeeRules 4(2)]
Nameofposts
for Dehradun
Total For Nainital
For Almora
forPauri Garhwal
For Tehri
for Haridwar
3 1
2
8
4
2
2 5
6
7
8
1
1
1
1
Junior Assistant (32%)
1
1
6 1
1
1
1
Senior Assistant (28%)
1
1
1
HeadAssistant( 18%)
1
1
Administrative Officer(8%)
5
5 1
1
6
1
1
5 1
1
4
4
25
3
Total
4 भाग 1 ]
749
उत्तराखण्ड गजट , 10 सितम्बर, 2022 ई० ( भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
APPENDIX-' B '
{SeeRules22(2)]
Sl. No.
Name of the Post
1.
Junior Assistant
2.
Senior Assistant
3.
Head Assistant
4.
Administrative officer PayScale
pay matrix 21700-69100, Level - 3
pay matrix 29200-92300, Level -5
pay matrix 35400-112400 , Level - 6
pay matrix 44900-142400 , Level - 7
ByOrder,
ANAND BARDHAN , Additional Chief Secretary, Revenue.
अधिसूचना
न्याय अनुभाग -1
नियुक्ति
30 दिसम्बर , 2021 ई०
संख्या-20 / नो ०५० /XXXVI- A- 1/2021-13 नो ० ए०/ 2021-श्री राज्यपाल, नोटरी अधिनियम, 1952 (अधिनियम संख्या-53 , सन् 1952) की धारा-3 के अधीन शक्ति का प्रयोग करके श्रीमती बबीता शर्मा, अधिवक्ता को दिनांक 30-12-2021 से अग्रेत्तर पांच वर्ष की अवधि के लिये तहसील विकासनगर, जिला देहरादून में नोटरी नियुक्त करते हैं और नोटरीज रूल्स 1956 के नियम-8 के उपनियम (4) के अधीन शक्ति का प्रयोग करके यह भी निदेश देते है कि श्रीमती बबीता शर्मा का नाम उक्त अधिनियम की धारा-4 के अधीन रखे गये नोटरी पंजिका में प्रविष्ट किया जाय ।
आज्ञा से ,
राजेन्द्र सिंह, प्रमुख सचिव, न्याय एवं विधि परामर्शी ।
750
उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद19, 1944 शक सम्वत्)
[भाग 1
Inpursuance of the provisions of Clause ( 3) of Article 348 of the Constitution , the Governor is pleased to order the publication of following English Translation of Notification No.20/No -A/XXXVI -A- 1 / 2021-13 No. -A/ 2021 , Dated December 30, 2021 .
NOTIFICATION
Appointment
December30, 2021
No.20/No-A/XXXVI -A- 1 / 2021-13 No. -A/2021 -In exercise of the powers conferred by Section 3 of the Notaries Act, 1952 (Act No-53 of 1952), the Governor is pleased to appoint Mrs. Babita Sharma, Advocate as Notary for a period of five years with effect from 30-12-2021 for Tehsil Vikasnagar, DistrictDehradun and in exercise of the powers conferred by sub- rule (4) of rule 8 of Notaries Rules , 1956 also directs that the name of Mrs. Babita Sharma be entered in the register of Notaries maintained under Section 4 of the said Act .
ByOrder, RAJENDRA SINGH , Principal Secretary, Law - cum - L.R .
सिंचाई अनुभाग-1
विज्ञप्ति/ पदोन्नति
08 जून, 2022 ई०
संख्या-556 / E- 18251 IRR 1 - ESTB/5 /3/2022- सिंचाई विभाग के अन्तर्गत कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से निम्नलिखित कार्मिकों को अधिशासी अभियन्ता के पद (वेतनमान रू ० वेतन 15600-39100 ग्रेड वेतन-6600/- पुनरीक्षित वेतनमान रू 0 67700-208700 पे मैट्रिक्स लेवन -11 ) पर नियमित पदोन्नति करने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं :-
1- श्री मनोज कुमार
2- श्री कमलकान्त जोशी
3- श्री मनोज सेमवाल
4- श्री ओमजी
5- श्री ललित मोहन कुडियाल
6- श्री सचिन शर्मा
2- उक्त पदोन्नत अधिशासी अभियन्ता कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से एक वर्ष की परिवीक्षा अवधि में रहेंगे ।
3- उक्त पदोन्नतियां मा० उत्तराखण्ड लोक सेवा अधिकरण में योजित वाद संख्याः-45 / डी० बी० / 2019 , श्री विजयपाल सिंह बनाम राज्य व अन्य में पारित होने वाले अंतिम निर्णय की अधीन होंगी ।
उक्त पदोन्नत अधिशासी अभियन्तों को वर्तमान कार्यस्थल पर ही कार्यभार ग्रहण कराया जाएगा तथा इनके पदस्थाना/ तैनाती के आदेश पृथक से निर्गत किये जायेंगे ।
आज्ञा से ,
हरि चन्द्र सेमवाल, सचिव ।
751 भाग 1 ]
उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (माद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अनुभाग-5
अधिसूचना
नियुक्ति
16जून, 2022 ई0
संख्या-42709 /XXVIII (5)/2022-36(मे0का0 )/2016 (e- 25482)- उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा संवर्ग के अन्तर्गत सृजित /रिक्त पदों के सापेक्ष उत्तराखण्ड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड द्वारा किये गये चयन के फलस्वरूप की गई संस्तुति के आधार पर चयनित अभ्यर्थी डॉ० विनोद पाण्डेय को असिस्टेन्ट प्रोफेसर (मेडिकल फिजिसिस्ट) के पद पर वेतन मैट्रिक्स लेवल-11 वेतन ₹ 67,700-2,08,700 में निम्नलिखित शर्तों के अधीन अस्थाई रूप से नियुक्त करते हुए कार्यभार ग्रहण किये जाने की तिथि से राज्य कैंसर संस्थान, हल्द्वानी में तैनात किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं :-
(1) उक्त अभ्यर्थी सम्बन्धित मेडिकल कालेज के प्राचार्य के समक्ष अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगें । योगदान दिये जाने के पश्चात अभ्यर्थी के समस्त
वांछित प्रपत्र/प्रमाण पत्रों का सत्यापन सम्बन्धित मेडिकल कालेज के प्राचार्य/
द्वारा कराया जायेगा ।
(2) उक्त चयनित अभ्यर्थी का चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापन पृथक से सम्बन्धित मेडिकल कालेज के प्राचार्य द्वारा किया जायेगा । अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछडा वर्ग के चयनित अभ्यर्थी के जाति प्रमाण पत्र की जॉच भी सम्बन्धित शासनादेशों के निर्देशों के अनुसार सुनिश्चित की जाय । अभ्यर्थी की सत्यापन संबंधी रिपोर्ट शासन को उपलब्ध करायी जायेगी । यदि संबंधित अभ्यर्थी का चरित्र एवं पूर्ववृत्त सेवा में नियुक्ति हेतु उपयुक्त नहीं पाया जाता है, तो उनकी यह नियुक्ति तात्कालिक प्रभाव से निरस्त समझी जायेगी एवं इसकी सूचना तत्काल शासन एवं उत्तराखण्ड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को प्रेषित की जायेगी ।
(3) अभ्यर्थी अपने नियुक्ति पत्र सहित स्वास्थ्य परीक्षण हेतु सक्षम चिकित्सा अधिकारी के समक्ष उपस्थिति होंगें । स्वास्थ्य परीक्षण में अयोग्य घोषित किये गये अभ्यर्थी के प्रकरण शासन को संदर्भित किये जायेंगें ।
(4) उक्त नव नियुक्त अभ्यर्थी को उक्त वेतनमान में वेतन के अतिरिक्त समय- समय पर जारी शासनादेशों के अन्तर्गत अनुमन्य मंहगाई भत्ता तथा अन्य भत्ते भी देय होंगे ।
(5) नवनियुक्त अभ्यर्थी 07 दिनों के भीतर अपने पद पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु योगदान कर दें । इस अवधि के भीतर वे अपने तैनाती से संबधित वांछित सभी प्रमाण- पत्र प्रस्तुत करेंगे । यदि वे इस अवधि के भीतर अपने योगदान स्थल पर योगदान की सूचना नहीं देते हैं, तो उनका अभ्यर्थन स्वतः समाप्त माना जायेगा ।
(6) नियुक्ति स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु अभ्यर्थी को किसी प्रकार का यात्रा भत्ता आदि देय नही होगा ।
(7) अभ्यर्थी को कार्यभार ग्रहण से पूर्व सम्बन्धित प्राचार्य के समक्ष निम्न प्रमाण- पत्र प्रस्तुत करने होंगे :-
752
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
1. स्वयं के विरूद्ध अभियोजन न चलाये जाने तथा न्यायालय द्वारा दण्डित न किये जाने के संबंध में एक घोषणा-पत्र (संलग्न प्रारूप में) ।
॥. उत्तराखण्ड मेडिकल काउन्सिल द्वारा निर्गत स्थाई पंजीकरण की दो प्रतियां ।
iii . ओथ एलीजियन्स का प्रमाण-पत्र ।
iv . गोपनीयता का प्रमाण- पत्र ।
v. चल तथा अचल सम्पत्ति का प्रमाण-पत्र ।
vi . लिखित रूप से एक अन्डरटेकिंग कि यदि चरित्र एवं पूर्ववृत्त के सत्यापन के पश्चात उन्हे सरकारी सेवा के लिए उपयुक्त नहीं पाया जाता है, तो उनकी यह नियुक्ति स्वतः निरस्त समझी जायेगी, जिसके लिए वे किसी क्षतिपूर्ति के हकदार नहीं होंगे ।
vii . एक से अधिक जीवित पति/ पत्नी न होने का घोषणा-पत्र (संलग्न प्रारूप में) ।
viii . सक्षम चिकित्सा अधिकारी द्वारा प्रदत्त स्वस्थता प्रमाण-पत्र ।
Ix . दो राजपत्रित अधिकारियों द्वारा निर्गत चरित्र प्रमाण ।
(
2- चिकित्सा शिक्षा सेवा संवर्ग में उक्त अभ्यर्थी की ज्येष्ठता उत्तराखण्ड, चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड से प्राप्त वरिष्ठता क्रम के आधार पर सुसंगत नियमों के अनुसार अवधारित की जायेगी ।
3- चयनित पद पर मौलिक रूप से नियुक्त अभ्यर्थी को उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा नियमावली-2014 में निहित प्राविधानों के अंतर्गत 02 वर्ष की विहित परिवीक्षा पर रखा जाता है ।
4- सम्बन्धित मेडिकल कालेज के प्राचार्य द्वारा यह देख लिया जाए की अभ्यर्थी उत्तराखण्ड मेडिकल काउन्सिल में पंजीकृत है तथा उनके मेडिकल काउन्सिल प्रमाण- पत्र एवं स्नातक/ स्नातकोत्तर डिग्री / डिप्लोमा के प्रमाण- पत्र का मूल रूप से जांच कर, इन प्रमाण-पत्रों की दो-दो प्रतियां स्वयं प्रमाणित कर उत्तराखण्ड शासन एवं उत्तराखण्ड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को उपलब्ध कराया जाय । 1
5 . यह नियुक्ति आदेश मा० उच्च न्यायालय, नैनीताल में योजित रिट याचिका सं0-310 (एस०बी०) 2020 डॉ० भुपेन्द्र सिंह राणा बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य में पारित निर्णय दिनांक 21 मार्च, 2022 के कम में उत्तराखण्ड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड द्वारा की गयी संस्तुति के आधार पर निर्गत किये जा रहे है ।
6- चयनित अभ्यर्थी की सेवायें उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा नियमावली-2014 में निहित प्राविधानों के अंतर्गत राज्य के अन्य मेडिकल कालेजों में स्थानान्तरणीय होंगी ।
आज्ञा से,
राधिका झा, सचिव ।
न्याय अनुभाग -1
अधिसूचना
नियुक्ति
24 अगस्त, 2022 ई०
संख्या-20 /नो ०ई ० /XXXVI - A- 1/2022-07-नो0-ई0 /2022- श्री राज्यपाल , नोटरी अधिनियम, 1952 (अधिनियम संख्या-53, सन् 1952) की धारा-3 के अधीन शक्ति का प्रयोग करके श्री रामस्वरूप जोशी , अधिवक्ता को दिनांक 24-08-2022 से अग्रेत्तर पांच वर्ष की अवधि के लिये जिला टिहरी गढ़वाल की उपतहसील मदननेगी में नोटरी नियुक्त करते हैं और नोटरीज रूल्स 1956 के नियम-8 के उपनियम (4) के अधीन शक्ति का प्रयोग करके यह भी निदेश देते है कि श्री रामस्वरूप जोशी का नाम उक्त अधिनियम की धारा -4 के अधीन रखे गये नोटरी पंजिका में प्रविष्ट किया जाय ।
भाग 1 ]
753 उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर , 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
Inpursuance of the provisions of Clause (3) of Article 348 of the Constitution , the Governor is pleased to order the publication of following English Translation of Notification No.20/No - E/XXXVI -A- 1/2022-07 - No -E/2022, Dated August 24 , 2022.
NOTIFICATION
Appointment
August24, 2022
No.20/No - E/XXXVI -A- 1 /2022-07 - No - E/2022 -- In exercise of the powers conferred by Section 3 of theNotaries Act, 1952 (Act No- 53 of 1952) , the Governor is pleased to appoint Mr. Ram Swaroop Joshi , Advocate as Notary for a period of five years with effect from 24-08-2022 for Sub Tehsil Madan Negi , DistrictTehri Garhwal and in exercise of the powers conferred by sub- rule (4) of rule 8 of Notaries Rules , 1956also directs that the name Mr. Ram Swaroop Joshi be entered in the register of Notaries maintained under Section 4 of the said Act.
अधिसूचना
नियुक्ति
24 अगस्त, 2022 ई ०
संख्या-20/नो० आई ० / XXXVI- A- 1/2022-08- नो0-आई0 / 2021 - श्री राज्यपाल, नोटरी अधिनियम , 1952 (अधिनियम संख्या-53 , सन् 1952) की धारा-3 के अधीन शक्ति का प्रयोग करके श्री नवीन चन्द्र कोठ्यारी , अधिवक्ता को दिनांक 24-08-2022 से अग्रेत्तर पांच वर्ष की अवधि के लिये जिला पिथौरागढ़ की तहसील देवलथल में नोटरी नियुक्त करते हैं और नोटरीज रूल्स 1956 के नियम-8 के उपनियम (4) के अधीन शक्ति का प्रयोग करके यह भी निदेश देते है कि श्री नवीन चन्द्र कोठ्यारी का नाम उक्त अधिनियम की धारा -4 के अधीन रखे गये नोटरी पंजिका में प्रविष्ट किया जाय ।
आज्ञा से ,
धनंजय चतुर्वेदी, सचिव, न्याय एवं विधि परामर्शी ।
Inpursuance of the provisions of Clause ( 3 ) of Article 348 of the Constitution , the Governor is pleased to order the publication of following English Translation of Notification No.20 /No - I /XXXVI -A -1/ 2022-08 -No - 1/2021 , Dated August 24, 2022.
NOTIFICATION
Appointment
August24, 2022
No.20/No - I /XXXVI - A - 1 /2022-08 - No - 1 /2021 --In exercise of the powers conferredby Section 3 of the Notaries Act, 1952 (Act No - 53 of 1952) , the Governor is pleased to appoint Mr. Naveen Chandra Kothyari , Advocate as Notary for a period of five years with effect from 24-08-2022 for TehsilDewal Thal , District Pithoragarh and in exercise of the powers conferredby sub- rule (4) of rule 8 of Notaries Rules , 1956 also directs that the name of Mr. Naveen Chandra Kothyari be entered in the register ofNotaries maintained under section 4 of the said Act.
ByOrder,
DHANANJAY CHATURVEDI ,
Secretary, Law-cum- L.R.
754
उत्तराखण्ड गजट , 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
[भाग 1
आवास अनुभाग-1
संशोधित अधिसूचना
07 जून , 2022 ई0
संख्या-1/40991 /2022-अधिसूचना सं0-1/22027/2022, दिनांक 08.03.2022 को अतिक्रमित करते हुए अपर आवास आयुक्त, उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद्, देहरादून के पत्र संख्या-398 / उ० आ०वि० परि० पत्रा०सं०-34 (2020-21 ) , दिनांक 23.05.2022 के क्रम में उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद के अन्तर्गत जनपद ऊधमसिंह नगर, जनपद नैनीताल एवं जनपद हरिद्वार में प्रधानमंत्री आवास योजना- सबके लिए आवास (शहरी) के अन्तर्गत प्रस्तावित आवासीय परियोजनाओं में उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद् अधिनियम , 1965) (संशोधन) अधिनियम, 2009 की धारा-28 की कार्यवाही उपरान्त आपत्तियों का निस्तारण कर धारा-32 में प्रदत्त प्राविधानों के अन्तर्गत गजट में विज्ञाप्ति किये जाने हेतु निम्न परियोजनाओं को निम्नवत् अधिसूचित किया जाता है:-
क्षेत्रफल
खसरा नम्बर
परियोजना का विवरण
क्र०सं०
आवासों का विवरण
1264
2.735 हे0
1.
201 , 203, 220
भवानीपुर-जसपुर PMAY ( EWS) आवासीय योजना (उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद्)
880 2.
1.958 हे0
708क, 709 , 710मिन
शिमला-पिस्तौर- रूद्रपुर PMAY ( EWS) आवासीय योजना (उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद्)
528
1.448 हे0
1, 2, 3, 5
3. उम्मेदपुर-रामनगर PMAY ( EWS ) आवासीय योजना (उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद्)
1344
2.834 हे0
463
4.
शिमला-पिस्तौर- रूद्रपुर PMAY ( EWS) आवासीय योजना (उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद्)
1088
2.3665 हे0
5.
66,68/2
बेलड़ी-रूड़की PMAY ( EWS) आवासीय योजना (उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद्)
864
1.821 हे0
6.
21/3 ,
21/1 एवं 19/2
उकरौली-सितारगंज PMAY ( EWS) आवासीय योजना (उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद्)
928
2.02 हे0
20
7.
श्यामनगर-गदरपुर PMAY ( EWS) आवासीय योजना (उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद्)
मायावती ढकरियाल ,
अपरसचिव ।
भाग 1 ]
उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० ( भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्) 755
गृह अनुभाग-1
15जून, 2022 ई०
संख्या-42994/2022- एतद्द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस सेवा नियमावली, 2009 के नियम-25 के अंतर्गत निम्नलिखित प्रोन्नत पुलिस उपाधीक्षकों को उनके नाम के सम्मुख अंकित तिथि से प्रान्तीय पुलिस सेवा , उत्तराखण्ड में स्थायी किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं :-
क.सं.
नाम अधिकारी
1
स्थायीकरण किये जाने कीतिथि
श्री महेश चन्द्र जोशी
2
07.08.2020
श्री चन्दन सिंह बिष्ट
3
07.08.2020
07.08.2020
श्री शिव कुमार कोनिया
4
07.08.2020
श्री भूपेन्द्र सिंह
5 श्री कमल सिंह पंवार
6
27.12.2020
01.01.2021
श्री प्रदीप मधुकर गोडबोले
7
02.01.2021
श्री अनिल कुमार जोशी
8
श्री योगेश चन्द
9
01.02.2021
02.02.2021
श्री प्रमोद कुमार शाह
10
31.05.2021
श्री विपिन चन्द्र पन्त
आज्ञा से ,
अतर सिंह,
अपर सचिव ।
राज्य सम्पत्ति अनुभाग-3
प्रोन्नति/विज्ञप्ति
28जून, 2022 ई ०
संख्या-45789/xxxii - 3-2022-37 ( 02)/2016-तात्कालिक प्रभाव से श्री आलोक सिंह चौहान, वरिष्ठ व्यवस्थाधिकारी को नियमित चयनोपरान्त, मुख्य व्यवस्थाधिकारी (वेतनमान ₹ 15600-39100 ग्रेड पे- ₹ 6600 , मैट्रिक्स लेवल -11 ) के रिक्त पद पर कार्यभार ग्रहण किये जाने की तिथि से अस्थाई रूप से पदोन्नत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है ।
2. है । उक्त पदोन्नति के फलस्वरूप श्री आलोक सिंह चौहान को 02 वर्ष तक विहित परिवीक्षा अवधि पर रखा जाता
3. श्री आलोक सिंह चौहान को निर्देशित किया जाता है कि वे अपने वर्तमान तैनाती स्थल पर ही कार्यभार ग्रहण करना सुनिश्चित करें ।
आज्ञा से,
प्रताप सिंह शाह,
अपर सचिव/ राज्य सम्पत्ति अधिकारी ।
पी० एस ०यू० ( आर० ई० ) 37 हिन्दी गजट / 560- भाग 1-2022 (कम्प्यूटर / रीजियो) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/ DO/ DDN /30/ 2021-2023
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद19,1944 शक सम्वत्)
भाग 1 -क
नियम, कार्य-विधियां, आज्ञाएं, विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
HIGH COURT OF UTTARAKHAND , NAINITAL
NOTIFICATION
August03, 2022
No. 213 / UHC /Admin.A/ 2022-- Shri Ashok Kumar , Joint Secretary ( Law) -cum-Joint L.R. , Government of Uttarakhand, Dehradun is attached with office of the District & Sessions Judge, Pithoragarh , with immediate effect .
However, he will not hand over the charge of the office of Joint Secretary ( Law) -cum - Joint L.R. , Governmentof Uttarakhand, Dehradun , till further orders .
Note: Shri Ashok Kumar shall not be entitled for Transfer Travelling Allowance for this attachment .
ByOrder of the Court, Sd/- VIVEK BHARTI SHARMA Registrar General .
717-ख 718 उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
NOTIFICATION
August04, 2022
No. 215 /XIV- a -28 /Admin.A/2016--Ms . Meenakshi Sharma , Civil Judge ( Jr. Div. ) , Khatima, District Udham Singh Nagar is hereby sanctioned earned leave for 16 days w.e.f. 15.07.2022 to 30.07.2022 with permission to suffix 31.07.2022 as Sunday holiday.
fon'ble the Admin Sd/- By Order of Hon'ble the Administrative Judge ,
Registrar ( Inspection)
NOTIFICATION
August04, 2022
No. 216/XIV-a - 35/Admin.A/ 2015--Shri Amit Kumar, 2nd Additional Civil Judge ( Sr. Div. ) , Haridwar, is hereby sanctioned medical leave for 10 days w.e.f. 20.07.2022 to 29.07.2022.
ByOrder of Hon'ble the Administrative Judge ,
Registrar ( Inspection)
NOTIFICATION
August05, 2022
No. 217/UHC/Admin.A/2022--Shri Pankaj Tomar, Additional District & Sessions Judge , Bageshwar istransferred and posted as Additional District & Sessions Judge, Pithoragarh , in newly shifted Court from Bageshwar.
This order will come into force from the date of his taking over charge at Pithoragarh .
By Order of the Court,
Sd/- VIVEK BHARTI SHARMA Registrar General .
भाग 1-क]
719 उत्तराखण्ड गजट , 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद19,1944 शक सम्वत्)
NOTIFICATION
August06, 2022
No. 218/UHC /XIV/ 19 / Admin.A/ 2008--Ms . Geeta Chauhan, Additional District & Sessions Judge, Karnprayag , District Chamoli is hereby sanctioned medical leave for 26 days w.e.f. 03.06.2022 to 28.06.2022.
NOTIFICATION
August16, 2022
No. 219/XIV/a-46/Admin.A/2015 --Shri Nadeem Ahmad, Civil Judge (Jr. Div. ) , Purola , District Uttarkashi ishereby sanctioned earned leave for 04 days w.e.f. 11.07.2022 to 14.07.2022 with permission to prefix 09.07.2022 & 10.07.2022 as second Saturday and Sunday holidays respectively.
ByOrder of Hon'ble the Administrative Judge, Sd/-
Registrar( Inspection)
उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग
अधिसूचना
19जुलाई , 2022 ई० उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (विचलन व्यवस्थापन तंत्र और सम्बन्धित मामले) (प्रथम संशोधन) विनियम , 2022
सं. एफ-9(26)(i )/आरजी/यूईआरसी/2022/ 510: उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग, विद्युत अधिनियम, 2003 (2003 का 36) की धारा 181 के अधीन प्रदत्त शक्तियों तथा इस निमित सभी सामर्थ्यकारी शक्तियों का उपयोग करते हुए उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (विचलन व्यवस्थापन तंत्र और सम्बन्धित मामले) विनियम, 2017 (मूल विनियम) में एतदद्वारा निम्नलिखित संशोधन करता है, अर्थातः
1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ
(1 ) इन विनियमों का नाम उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (विचलन व्यवस्थापन तंत्र और सम्बन्धित मामले) (प्रथम संशोधन) विनियम, 2022 होगा।
(2) ये विनियम गज़ट में इनके अधिसूचित होने के दिनांक से 6 माह पश्चात प्रवृत्त होंगे।
2. मूल विनियम के विनियम 2 का संशोधनः
(1 ) मूल विनियम के विनियम 2 की परिभाषा (d) के पश्चात निम्नानुसार नयी परिभाषा जोड़ी जाएगीः कॉरिडोर (कॉरिडोरों) के पार बाजार को विभाजित करते हुए विशेष क्षेत्र (क्षेत्रों) में सभी वैध क्रय और विक्रय बोलियों पर विचार करने के बाद पावर एक्सचेंज पर स्थापित समय ब्लॉक विद्युत कांट्रैक्ट की कीमत है । " 720
उत्तराखण्ड गजट , 10 सितम्बर , 2022 ई० (भाद्रपद19, 1944 शक सम्वत्)
[भाग 1-क
(2) मूल विनियम के विनियम 2 की परिभाषा (i ) के पश्चात निम्नानुसार नयी परिभाषायें जोड़ी जाएंगी:
"( ia) "दैनिक बेस डीएसएम प्रभार " से विनियम 8 के अधीन अतिरिक्त प्रभारों को छोड़कर प्रतिदिन देय या प्राप्य , यथास्थिति, में सभी टाइम ब्लॉकों के लिए विचलनों के लिए प्रभारों का योग अभिप्रेत है।"
"(ib ) "डे अहेड मार्केट (डीएएम) " से वह बाजार अभिप्रेत है जहां विद्युत की भौतिक डिलीवरी संव्यवहार के दिनांक (T ) के अगले दिन (T + 1 ) को घटित होती है और यह केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (पावर मार्केट) विनियम, 2010 ( समय-समय पर संशोधित) , आयोग द्वारा यथा अनुमोदित पावर एक्सचेंजों की नियमावली और उप-नियमें द्वारा अधिशासित है। "
(3) मूल विनियम के विनियम 2 की परिभाषा (u ) को निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगाः
"( u) "टाइम ब्लॉक" से 15 मिनट की वह अवधि अभिप्रेत है जिसके लिए विशिष्ट ऊर्जा मीटर की सहायता से विनिर्दिष्ट विद्युत मानदंडों और मात्राओं को रिकॉर्ड किया जाता है, इसमें प्रथम टाइम ब्लॉक 00.00 बजे से प्रारम्भ होता है, तथा यह इस संबंध में केविनिआ (भारतीय विद्युत ग्रिड कोड) विनियम, 2010 के उपबंधों और इसके संशोधनों को ध्यान में रखते हुए आयोग द्वारा इसकी समीक्षा के अधीन है। "
3. मूल विनियम के विनियम 5 का संशोधनः
(1 ) मूल विनियम के विनियम 5 के उप -विनियम ( 1 ) में सारिणी-1 को निम्नानुसार नोट के साथ नीचे दी गयी सारिणी द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगाः
सारिणी-1: विचलन हेतु फ्रिक्वेन्सी आधारित प्रभार
टाइम ब्लॉक की औसत फ्रिक्वेन्सी ( Hz)
विचलन के लिए प्रभार (पैसे/किलोवाट घण्टा)
कम कम नहीं
50.05
0.0
50.05 50.04
50.04 50.03
50.03 50.02
50.05 Hz से कम नहीं पर और 50.00 Hz पर चयनित कीमत को शामिल करते हुए अवधारित प्रवणता जैसा कि इस विनियम के नीचे नोट में दिया गया है ।
50.02 50.01
50.01 50.00
पावर एक्सचेंज के डे अहेड मार्केट खंड में पता लगाई गई प्रतिदिन (सामान्य) औसत एरिया क्लियरिंग कीमत 721 उत्तराखण्ड गजट , 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
भाग 1-क]
50.00 49.99
49.98
49.99
49.97
49.98
49.96
49.97
50.00 एचजेड से कम नहीं पर पता लगाई कीमत और 49.85 एचजेड से कम पर कीमत को शामिल करते हुए अवधारित प्रवणता जैसा कि इस विनियम के नीचे नोट में दिया गया है ।
49.95
49.96
49.94
49.95
49.94 49.93
49.92
49.93
49.92
49.91
49.90
49.91
49.89
49.90
49.88 .
49.89
49.88 49.87
49.86
49.87
49.85
49.86
49.85
800.00
* प्रतिदिन सामान्य औसत क्षेत्र क्लियरिंग कीमत, पैसा/ kWh में ( एसीपी) एन2 उत्तरी क्षेत्र हेतु पावर एक्सचेंज के डे अहेड मार्केट खंड में पाये गए रूप में , अपनी वैबसाइट पर दैनिक डीएसएम दरें घोषित किए जाने हेतु एनएलडीसी द्वारा विचार किए गए अनुसार होगी।
नोट:-
i . विचलन व्यवस्थापन तंत्र दर वेक्टर 50 Hz पर (प्रतिदिन सामान्य औसत एपीसी) , 49.85 Hz की फ्रिक्वेंसी (8 रुपये प्रति यूनिट) और प्रतिदिन आधार पर 50.05 एचजेड (जीरो) पर चयनित कीमत प्वाइंट शामिल करते हुए अवधारित गतिशील प्रवणता होगी।
ii. 50.00 Hz पर पावर एक्सचेंज के डीएएम खण्ड में पता लगाई गई औसत प्रतिदिन एसीपी के लिए लागू अधिकतम सीमा 800 पैसे/किलोवाट घण्टा होगी।
-722
उत्तराखण्ड गजट , 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
[भाग 1-क iii . प्रत्येक 0.01 Hz कदम के लिए विचलन के लिए प्रभार " 50.05 Hz से कम नहीं" पर और 50.05- 50.00 Hz की फ्रिक्वेंसी रेंज में (50.00 Hz में चयनित कीमत) और "50.00 मे चयनित कीमत" शामिल करते हुए अवधारित प्रवणता के लिए और "49.85 एचजेड से कम " तक " 50 Hz से कम" फ्रिक्वेंसी रेंज में " 49.85 Hz से कम " पर कीमत को शामिल करते हुए अवधारित प्रवणता के समतुल्य होंगे ।
iv. प्रतिदिन आधार पर ऊर्जा शर्तों में 80 प्रतिशत या अधिक के बाजार शेयर वाले पावर एक्सचेंज के प्रतिदिन सामान्य औसत एसीपी डीएसएम कीमत वेक्टर में लिंकिंग के लिए विचारार्थ लिया जाएगा। यदि 80 प्रतिशत या अधिक के बाजार शेयर वाला कोई एकमात्र पावर एक्सचेंज नहीं है तो भारित औसत डेअहेड कीमत डीएसएम कीमत में लिंकिंग के लिए प्रयुक्त की जाएगी।
v. डेअहेड बाजार में ( किसी पारेषण प्रभार और पारेषण हानियों के अतिरिक्त) में प्रतिदिन सामान्य औसत एरिया क्लियरिंग कीमत 50 Hz में बाजार संबद्ध डीएसएम कीमत के लिए आधार के रूप में प्रयुक्त की जाएगीः
परंतु एक वर्ष के अंदर उक्त तंत्र की समीक्षा पर आधारित या इस प्रकार की समय अवधि में जैसा आयोग द्वारा निर्णय किया जाता है, यदि आयोग संतुष्ट है कि बाजार स्थितियां बाजार संबद्ध डीएसएम के लिए आधार की अनुमति देती है तो कीमत डेअहेड बाजार में समय ब्लॉकवार एसीपी द्वारा या जब वास्तविक समय बाजार इस प्रकार की आवधिकता की एसीपी या एसीपी द्वारा आरंभ किया जाता है , जिसे आयोग द्वारा उचित समझा जाता है।
vi . दिए गए दिन पर कोई व्यापार न होने के कारण प्रतिदिन सामान्य औसत एसीपी की गैर उपलब्धता के मामले में अंतिम उपलब्ध दिवस के प्रतिदिन सामान्य औसत एसीपी डीएसएम, प्रभार को अवधारित करने के लिए विचार किया जाए ।
vii . विचलन कीमत नजदीकी दो डेसीमल स्थानों पर पूरी की जाएगी।
viii . उक्त सारणी में विनिर्दिष्ट डीएसएम कीमत वेक्टर के लिए दृष्टांत संलग्नक-1 के रूप में दिया गया है ।
ix. राष्ट्रीय भार प्रेषण केन्द्र प्रतिदिन डीएसम दरों को घोषित करने के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा और इसकी वेबसाइट पर सभी संगत सूचना प्रदर्शित करेगा।
(2) मूल विनियम के विनियम 5 के उप-विनियम ( 1 ) में " RLNG रु . 8.24/kWh सैंट आउट" शब्दों को "RLNG रु. 8.00/kWh सैंट आउट " शब्दों द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा।
4. मूल विनियम के विनियम 7 का संशोधनः
(1) मूल विनियम के विनियम 7 के उप-विनियम ( 1 ) में "49.70 Hz और अधिक तथा 50.10 Hz से कम" शब्दों को " 49.85 Hz और अधिक तथा 50.05 Hz से कम"
(2) मूल विनियम के विनियम 7 के उप- विनियम ( 1 ) प्रथम परंतुक में "49.70 Hz से नीचे" शब्दों को "49.85 Hz से नीचे" शब्दों द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा तथा "50.10 Hz से ऊपर " शब्दों को "50.05 Hz से ऊपर " शब्दों द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा।
723 भाग 1 -क]
उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
(3) मूल विनियम के विनियम 7 के उप-विनियम (2) में "49.70 Hz और इसके ऊपर तथा 50.10 Hz से कम" शब्दों को "49.85 Hz और इसके ऊपर तथा 50.05 Hz से कम " शब्दों द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा।
(4) मूल विनियम के विनियम 7 के उप -विनियम (2) प्रथम परंतुक में " 49.70 Hz से नीचे" शब्दों को "49.85 Hz से नीचे" शब्दों द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा तथा "50.10 Hz और इससे ऊपर " शब्दों को " 50.05 Hz और इससे ऊपर " शब्दों द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा।
(5) मूल विनियम के विनियम 7 के उप- विनियम (2) तृतीय परंतुक में "49.70 Hz और इससे अधिक" शब्दों को "49.85 Hz और इससे अधिक" शब्दों द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा।
5. मूल विनियमों के विनियम 8 का संशोधन
(1 ) मूल विनियम 8 के उप-विनियम (1 ) में "49.70 Hz और इससे अधिक" शब्दों को " 49.85 Hz और इससे अधिक" शब्दों द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा।
(2) मूल विनियम 8 के उप- विनियम (2) में "50.10 Hz औरअधिक" शब्दों को "50.05 Hz और अधिक" शब्दों द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा ।
(3) मूल विनियम 8 के उप- विनियम (4) में " 49.70 Hz से नीचे होने पर विद्युत की अतिनिकासी या कम इन्जेक्शन के लिये विचलन हेतु अतिरिक्त प्रभार इस विनियम के उप-विनियम (6) में विनिर्दिष्ट कार्यविधि के अनुसार लागू होंगे और यह "49.70 Hz से नीचे "की ग्रिड फ्रीक्वेन्सी के तदनुरूप 824.04 पैसे/ kWh के विचलन हेतु प्रभार के 100% के बराबर होगा " शब्दों को "49.85 Hz से नीचे होने पर विद्युत की अतिनिकासी या कम इन्जेक्शन के लिये विचलन हेतु अतिरिक्त प्रभार इस विनियम के उप-विनियम (6) में विनिर्दिष्ट कार्यविधि के अनुसार लागू होंगे और यह "49.85 Hz से नीचे "की ग्रिड फ्रीक्वेन्सी के तदनुरूप 800.00 पैसे/ kWh के विचलन हेतु प्रभार के 100% के बराबर होगा" शब्दों द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा।
(4) मूल विनियम 8 के उप-विनियम (5) में "49.70 Hz और अधिक " शब्दों को "49.85 Hz और अधिक" शब्दों द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा।
(5) मूल विनियम 8 के उप- विनियम (6) में "49.70 Hz " से कम शब्दों को "49.85 Hz " से कम शब्दों द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा।
(6) मूल विनियम 8 के उप-विनियम (6) के परंतुक में "49.70 Hz से नीचे" शब्दों को "49.85 Hz से नीचे" शब्दों द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा।
(7) मूल विनियम 8 के उप- विनियम (7) को निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगाः 724
[भाग 1-क उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
"राज्य की किसी इकाई (क्रेता अथवा विक्रेता) द्वारा एक दिशा में ( सकारात्मक या नकारात्मक) में अनुसूची से सतत विचलन की स्थिति में, इस प्रकार की इकाई निम्नानुसार यथाविनिर्दिष्ट रीति से इसकी स्थिति में संशुद्धि करेगी:
"यदि 6 टाइम ब्लॉक्स तक एक ही दिशा में अनुसूची से निरंतर विचलन (सकारात्मक या नकारात्मक) जारी रहता है. तो राज्य की इकाई (क्रेता अथवा विक्रेता) अधिक्तम सातवें टाइम ब्लॉक तक अनुसूचित परिवर्तन से इसके विचलन को चिन्हित कर या कम से कम एक बार अपनी अनुसूची के संदर्भ में +/- 2% की रेंज में कायम रह कर अपनी स्थिति को सुधारेगी।
परंतु इस अधिनियम के अधीन अपेक्षाओं के उल्लंघन पर नीचे दी गई सारिणी में यथाविनिर्दिष्ट अतिरिक्त प्रभार देने होंगे:
एक दिवस में उल्लंघनों की संख्या
प्रतिदेय अतिरिक्त प्रभार देय
प्रथम से पांचवा उल्लंघन
प्रत्येक उल्लंघन के लिए, दैनिक बेस डीएसएम प्रभार प्रतिदेय या प्राप्य के 3 प्रतिशत की दर पर अतिरिक्त प्रभार
छठे से दसवां उल्लंघन
प्रत्येक उल्लंघन के लिए, दैनिक बेस डीएसएम प्रभार प्रतिदेय या प्राप्य के 5 प्रतिशत की दर पर अतिरिक्त प्रभार
ग्याहरवें से आगे उल्लंघन
प्रत्येक उल्लंघन के लिए, दैनिक बेस डीएसएम प्रभार प्रतिदेय या प्राप्य के 10 प्रतिशत की दर पर अतिरिक्त प्रभार
परंतु आगे यह कि इस उप-विनियम के अधीन चिन्ह परिवर्तन उल्लंघनों की संख्या की गणना प्रत्येक दिवस हेतु 00.00 बजे से पुनः आरंभ की जाएगी ।
परंतु यह भी कि इस उप-विनियम के अधीन विनिर्दिष्ट चिन्ह परिवर्तन अपेक्षा के पालन में विफलता हेतु अतिरिक्त प्रभार का भुगतान निम्नलिखित पर लागू नहीं होगाः
a. नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादक जो राज्य की इकाईयाँ हैं।
b . बिना पोंडेज की रन ऑफ रिवर परियोजनाएं ।
c . परीक्षण और कमीशनिंग कार्यों के दौरान किसी यूनिट के COD से पहले उत्पादक स्टेशन द्वारा ऊर्जा का कोई इन्फर्म अंतःक्षेपण ।
d. किसी यूनिट की स्टार्ट-अप गतिविधियों के लिए उत्पादक केन्द्र द्वारा विद्युत का कोई आहरण।
निर्देशनः
यदि टाईम ब्लॉक टी-1 से टी-7 तक सतत विचलन वाली राज्य की किसी ईकाई को इसके विचलन के चिह्न को परिवर्तित करते हुए (सकारात्मक से नकारात्मक या नकारात्मक से समारात्मक जैसी भी स्थिति हो) या तो इसकी स्थिति में संशुद्धि करनी होगी या टाईम ब्लॉक टी-7 के अंत तक इसकी अनुसूची के संदर्भ में +/- 2% की रेंज में वापस आना चाहिए । यदि, इस प्रकार के चिह्न परिवर्तन नहीं होते या टाईम ब्लॉक टी-7 के 725 उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
भाग 1-क]
अंत तक उक्त रेंज में वापस नहीं आते परंतु स्थिति के इस प्रकार के शुद्धि टाईम ब्लॉक टी-8 से टाईम ब्लॉक टी-12 तक होते हैं, तक अतिरिक्त प्रभार एक उल्लंघन तक समतुल्य पर उद्गृहीत होगा । इसके अतिरिक्त, यदि चिह्न परिवर्तन नहीं होता या टी-13 के अंत तक यथोक्त रेंज में वापस नहीं आता परंतु स्थिति की शुद्धता टाईम ब्लॉक टी-14 से टाईम ब्लॉक टी-18 तक होता है, तो अतिरिक्त प्रभार दो उल्लंघनों के समतुल्य व इसी प्रकार आगे उद्गृहीत होगा।
6. मूल विनियम के संलग्नक-1 (क्रेता/विक्रेता द्वारा अतिनिकासी/कम इन्जेक्शन हेतु विनिर्दिष्ट मात्रा की सीमाओं को पार करने हेतु प्रत्येक क्रेता विक्रेता के लिये विचलन के प्रभारों और विचलन हेतु अतिरिक्त प्रभारों की संगणना हेतु कार्य विधियां) का संशोधनः
(1) मूल विनियम के संलग्नक -1 के पैरा-1 में "49.70 Hz या इससे अधिक" शब्दों को "49.85 Hz या इससे अधिक" शब्दों द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा।
(2) मूल विनियम के संलग्नक-1 के पैरा-2 में "49.70 Hz से कम" शब्दों को "49.85 Hz से कम" शब्दोंद्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा ।
(3) मूल विनियम के संलग्नक 1 के पैरा-2 में "824.04 पैसे / kWh" शब्दों को "800 पैसे / kWh " शब्दों द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा।
7. मूल विनियम के संलग्नक- II (क्रेता/विक्रेता द्वारा कम निकासी/अति-इन्जेक्शन के लिये विनिर्दिष्ट मात्रा की सीमाएं पार करने हेतु प्रत्येक क्रेता/विक्रेता के लिये विचलन के प्रभारों और विचलन हेतु अतिरिक्त प्रभारों की संगणना हेतु कार्यविधियां) का संशोधनः
(1 ) मूल विनियम के संलग्नक- II के पैरा- C में " 50.10 Hz या इससे अधिक" शब्दों को "50.05 Hz या इससे अधिक" शब्दों द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा ।
726
उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
संलग्नक-1
इन विनियमों के विनियम 3 (1 ) के अधीन सारिणी में विनिर्दिष्ट डीएसएम कीमत वेक्टर का दृष्टांत :
टाइम ब्लॉक की औसत फ्रिक्वेन्सी (Hz)
सेनिम्न
से अनिम्न
50.05
50.05
50.04
50.04
50.03
50.03
50.02
50.02
50.01
50.01
50.00
50.00
49.99
49.99
49.98
49.98
49.97
49.97
49.96
49.96
49.95
49.95
49.94
49.94
49.93
49.93
49.92
49.92
49.91
49.91
49.90
49.90
49.89
49.89
49.88
49.88
49.87
49.87
49.86
49.86
49.85
49.85
विचलन हेतु प्रभार (पैसे/kWh)
0.00
1xP/5
2xP/5
3xP/5
4xP/5
P
50.00+15xP/16
100.00+14xP/16
150.00+13xP/16
200.00+12xP/16
250.0010xP/16
300.00+10xP/16
350.00+9xP/16
400.00+8xP/16
450.00+7xP/16
500.00+6xP/16
550.00+ 5xP/ 16
600.00+4xP/16
650.00+3xP/16
700.00+ 2xP/16
750.00+1xP/16
50.00+15xP/16
जहां P = N2-उत्तरी क्षेत्र हेतु पावर एक्सचेंज के डे अहेड मार्केट खंड में ज्ञात दैनिक औसत एरिया क्लियरिंग कीमत पैसा प्रति kWh में एनएलडीसी द्वारा अपनी वैबसाइट पर दैनिक डीएसएम दरें घोषित करने के लिए विचारित रूप में है ।
आयोग के आदेश से ,
नीरज सती
सचिव
उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग ।
पी०एस०यू० (आर०ई०) 37 हिन्दी गजट/ 560-भाग 1-क-2022 (कम्प्यूटर/ रीजियो) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय, उत्तराखण्ड, रूड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/ DO/ DDN / 30/ 2021-2023
1 .
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
भाग 8
सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
सूचना
मैंने अपना नाम हर्ष राजपूत से बदलकर हर्ष रख लिया है । भविष्य में मुझे हर्ष पुत्र राजकुमार के नाम से जाना पहचाना जाए ।
समस्तविधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
हर्ष पुत्र राजकुमार निवासी शिव मंदिर के पास लक्सर हरिद्वार ।
449- ट 450
उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
[भाग 8
सूचना
मैं आदित्य प्रताप सिंह आज से अपना नाम आदित्य प्रताप सिंह पंवार रख लिया है । भविष्य में मुझे आदित्य प्रताप सिंह पंवार पुत्र श्री हरजीत सिंह पंवार (निवासी 33/100 शेर कोठी 1 सिविल लाइंस रूडकी) के नाम से ही जाना जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
आदित्य प्रताप सिंह पंवार पुत्र श्री हरजीत सिंह पंवार निवासी 33/100 शेर कोठी 1 सिविल लाइंस रूडकी
सूचना
मेरे पुत्र अभिषेक सक्सेना की सीबीएसई कक्षा 10 व 12 की मार्कशीट मे मेरा नाम आदित्य सक्सेना है, जबकि मेरा वास्तविक नाम आदित्य कुमार सक्सेना है ।
समस्तविधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
आदित्य कुमार सक्सेना पुत्र श्री विजय कुमार सक्सेना निवासी 692 शिव विहार , गणेशपुर, रूडकी, जिला- हरिद्वार , उत्तराखण्ड ।
भाग 8]
451 उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई ० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
कार्यालय नगर पालिका परिषद् डोईवाला, देहरादून, उत्तराखण्ड
आवश्यक सूचना
उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 (उत्तराखण्ड)
23मई , 2022 ई०
पंत्राक 138/ 01 / एफएसटीपी / 2022-23 - नगर पालिका परिषद् डोईवाला जनपद देहरादून, सीमान्तर्गत उ ० प्र ० नगर पालिका अधिनियम-1916 की धारा 298 (उत्तराखण्ड में यथा प्रवृत्त) की उपधारा-2 खण्ड-(ज) (च) के अन्तर्गत प्रवृत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए नगर पालिका परिषद् डोईवाला, जनपद देहरादून द्वारा नगर पालिका अधिनियम 1916 की उपधारा -1 (II) (III) अन्तर्गत शक्तियों का प्रयोग करते हुए "फीकल स्लज एवं सेप्टेज प्रबंधकीय उपनियम-2021 " बनाई जाती है जो नगर पालिका अधिनियम-1916 की धारा -301 (1 ) के अन्तर्गत जनसामान्य एवं जिन पर इस उपविधि का प्रभाव पड़ने वाला हो नगर पालिका परिषद् डोईवाला सदन द्वारा अनुमोदन स्वीकृति उपरान्त प्रस्ताव सं0 05 दिनांक 24.09.2021 के तहत् उपविधि का प्रकाशन आपत्ति एवं सुझाव आमंत्रित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है ।
विधिमान्य समाचार पत्र में उपविधि के प्रकाशन की तिथि 30 दिन अर्थात एक माह के अन्दर लिखित सुझाव एवं आपत्तियाँ अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद् डोईवाला, को प्रेषित की जा सकेगी । वाद मियाद प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों पर कोई निर्णय नहीं किया जायेगा ।
अध्याय-1
सामान्य
1. संक्षिप्त नाम और लागूहोने की तारीखः
(1) ये उप- नियम नगर पालिका परिषद् डोईवाला, "फीकल स्लज एवं सेप्टेज प्रबंधकीय उपनियम- 2021" कहलायेगा ।
(2) ये उप-नियम नगर पालिका परिषद् डोईवाला, केसरकारीगजट उत्तराखण्ड में प्रकाशित होने कीतारीख से प्रभावी होंगे ।
2. ये उप-नियम नगर पालिका परिषद् डोईवाला, कीसीमाओं के भीतर लागू होंगे ।
1. प्रसंग:
देश का विगत अनुभव दिखाता हैकि सेप्टिक टैंक और अवधिय जो डिजाइन से सम्बंधित है स्थानीय संस्थाओं द्वारा वर्षों से अनुपालन किया जा रहा है वह इस समय सोचनीय प्रबंधन में है । यह महत्वपूर्ण है कि एक उचित वैज्ञानिक प्रबंद इन मामलोंमें/सेप्टेजकाअनुपालन किया जाता है, ताकि सेप्टेज/फीकल स्लज सेप्टिक टैंक, गड्ढे, शौचालय , पर्यावरण नदी एवं अन्य पानी के स्रोत को प्रदूषित न करें ।
1.1 राष्ट्रीयफीकल स्लज एवं सेप्टेज प्रबंधकीय नीतिः
इस पहलू को संबोधित करने हेतु शहरी विकास मंत्रालय , भारत सरकार ने एक फार्मूला प्रकाशित किया है "राष्ट्रीयफीकलस्लज एवं सेप्टेज प्रबंध नीति" वर्ष 2017 में इस दृष्टिकोण के साथ कि समस्त भारतीय शहर और नगर पूर्ण रूप से स्वच्छ , तंदुरुस्त और जीवित बने रहे औरअच्छी सफाई भी बनी रहे । जिसके साथ उन्नत स्थल स्वछता सेवा साथ ही फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधक, ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य स्तर को अधिकतम प्राप्त किया जा सके और स्वच्छ वातावरण बना रहें, जिसमें गरीबों पर ध्यान केन्द्रित किया जायें ।
452
उत्तराखण्ड गजंट, 10 सितम्बर , 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
[भाग 8
शहरी नीति का मुख्य उद्धेश्य एक प्रसन्न, प्राथमिकता और दिशा निर्धारित करनी है , ताकि राष्ट्रीव्यपीअनुपालन इन सेवाओं का समस्त क्षेत्र में हो सके । जैसे कि सुरक्षित और स्थाई सफाई व्यवस्था । एक वास्तविकता प्रत्येक परिवार के लिए गलियों में नगर और शहरों में बनी रह सकें ।
1.2 उत्तराखण्ड में सेप्टेज प्रबंध प्रोटोकॉलः
नगर पालिका परिषद् डोईवाला में "उचित प्रबन्धयोजना या प्रोटोकॉल सीवरेज की निकासी जो की सामान्य सैप्टिक टैंक या बायो डाइजेस्टर में एकत्रित की जाती है , नियमित रूप से खाली की जाये औरउसका उचित प्रबन्ध किया जाये औरउसकेपरिणामस्वरुप खादजो प्रकार से एकत्रित हुई है वह निःशुल्क किसानों से वितरित की जाये । जल आपूर्ति एवं सीवरेज अधिनियम 1975/ नगर पालिका अधिनियम 1916 शहरी विकास निदेशालय जो कि उत्तराखण्ड जल संस्थान के समन्वय से होगा । इसके लिए प्रोटोकोल सैप्टेज प्रबंध तैयार किया है जोकि सचिवशहरी विकास विभाग उत्तराखण्डसरकार द्वारा सूचित किया गया है । ताकि इसका अनुपालन शहरों/नगरों में हो सके- आदेशसं०-597/IV(2)-शा० वि०-2017-50/(सा०)/16, दिनांक 22.05.2017 इस नियमावली का सैप्टेजप्रबंध प्रोटोकोल डोईवाला शहर को दिग्दर्शन कराना है ताकि वैज्ञानिक सैप्टेज प्रबंध बना रहे । जो कि एकत्रीकरण , परिवहन, इलाज, सेप्टेज/फीकल स्लज का निस्तारण और पुनः प्रयोग हो सके । स्पष्ट दिशा-निर्देश इस प्रोटोकोल के है कि राज्य शहरी अधिकारियों को इस योग्य बनाया जाये कि वे अपने सेप्टेजप्रबंध का उच्चीकरण कर सके और परियोजना के पूर्ण विनियोग की पहचान कर सके। इसप्रोटोकोल के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए औरआंतरिक विभागीय समन्वय हेतु एक सेप्टेज मैनेजमेंट सेल का आयोजन किया गया है, जिसके अन्तर्गत नगर पालिका, जल संस्थान, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड/ स्वास्थय विभाग/ तकनीकी विशेषज्ञ होंगे ।
2. नगरीय उपकानून/फीकल स्लज एवं सेप्टेज का नियमितकरणः
सेप्टेज प्रबंध प्रोटोकोल के अनुसार जो कि शहरी विकास विभाग उत्तराखण्ड सरकार के शासनादेश संख्या 597/IV(2)-श ० वि०-2017-50 (सा०)/16 दिनांक 22-05-2017 एवं समस्त लागू होने योग्य नियम कानून या नियमावली नगर पालिका परिषद् डोईवाला के नियमित ढांचा रिक्त करने, एकत्र करने परिवहन और सेप्टेज/फीकल स्लज के परिवहन एवं निस्तारण हेतु जैसा कि संदर्भित है । फीकल स्लज एवं सेप्टेज प्रबंध उपनियम के अंतर्गत । जो कियहां स्वीकृत किया जाता है और इसके अनुपालन हेतु नगर पालिका परिषद डोईवाला के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत सूचित किया जाता है ।
3. उद्देश्य एवं कार्य क्षेत्रः
नियमावली के उद्देश्य एवं कार्यक्षेत्र निम्नवत है:
1. निर्माण , सेप्टिक टैंक के दैनिक रखरखाव और शौचालय के गड्ढे, परिवहन , इलाज और सुरक्षित रखरखाव, जोकि स्लज और सेप्टेज से सम्बंधित है ।
2. क्षेत्र के मालिक द्वारा जो कार्य किया जाना है, उसको निर्देश करना जोकि सेप्टिक टैंक और
शौचालय के गड्ढे से और फीकल स्लज एवं सेप्टेज परिवहन से सम्बंधित है, ताकि वे इन निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कर सकें ।
3. उचित निरिक्षण प्रदान करना और मशीनरी का अनुपालन ।
4. लगत वसूली सुनिश्चित करना जोकि स्लज के और सेप्टेज प्रबंध के उचित प्रबंद हेतु है ।
5. निजी और गैर सरकारी क्षेत्र फीकल स्लज एवं सेप्टेज प्रबंध में सहभागी कि सुविधा देना ।
भाग 8]
453 उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० ( भाद्रपद19, 1944 शक सम्वत्)
4. एकत्रीकरण, परिवहन, इलाज और सेप्टेज के खुर्द - बुर्द हेतु एक प्रक्रिया अपनानाः
4.1सेप्टिक टैंक और सेप्टेज/फीकल स्लज एकत्रीकरण को रिक्त करनाः
सेप्टिक टैंक कीतली में जो जमा हो गया है , उसको कटाना और एक बार उसको ठीक करना, जो कि गहराई में पहुंच गया है या बार बार के आखिर में जो डिजाइन है, जो कोई भी पहले आये ।
जबकि स्लज को सुखाना और सेप्टिक टैंक में जो द्रव्य है, उसको भी सुखाना । मैकेनिकल वेक्यूम टैंकर का भी उपयोग नगरीय प्रबंधन द्वारा सेप्टिक टैंक को खाली करने हेतु उपयोग किया जाना चाहिए ।
सुरक्षा प्रक्रिया जैसा कि सेप्टेज प्रबंध प्रोटोकोल में वर्णित है, कि सेप्टिक टैंक को खाली करते समय और सेप्टेज के परिवहन के समय इस नियम का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए ।
4.2सेप्टेज / फीकल स्लज का परिवहनः
1. फीकल स्लज और सेप्टेज ट्रांसपोर्टर वाहन के सुरक्षित परिवहन हेतु उत्तरदायी होंगे । जैसा कि समय -समय पर एस ० एम ० सी ० द्वारा स्वीकृत किये जायेंगे ।
2. फीकल स्लज और सेप्टेज परिवहन निर्माता यह आश्वासन देंगे किः
अ. पंजीकृत संग्रह वाहन जिसके अंतर्गत समस्त उपकरण जो कि परिवहन जोकि फीकल स्लज और
सेप्टेज हेतु इस्तेमाल किये जायेंगे । जो कि छिद्र निरोधी होगा और बंद रहेगा और लागू किये
जाने योग्य मानदंड का अनुपालन करेंगे ।
ब.कोई भी टैंक और उपकरण जो फीकल स्लज और सेप्टेज हेतु उपयोग में लाया जायेगा वह किसी
अन्य वस्तुया द्रव्य को परिवहन हेतु इस्तेमाल नहीं किया जायेगा ।
4.3. सेप्टेज का निष्पादन और इलाजः
राज्य सेप्टेज मैनेजमेंट प्रोटोकोल के अनुसार नगर पालिका परिषद् डोईवाला की अपनी एक इकाई होगी। परन्तु इस निकाय में इकाई न होने के कारण सेप्टेज को निकाय से 25कि ० मी ० दूर अंतर्गतस्थित उत्तराखण्ड जल संस्थान के एस ० टी० पी ० में परिवहन किया जायेगा, अन्यथा भविष्य हेतु एक अलग सेप्टेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण हेतु भी कार्य योजना तैयार कराने के प्रयास किये जायेंगे ।
5. सुरक्षा उपायः
1. उचित तकनीकि सयंत्र, सुरक्षा गियर (उपकरण ) का प्रयोग करते हुए मल निस्तारण किया जाना चाहिए जैसा कि उत्तराखण्डराज्य सेप्टेज प्रबंधक प्रोटोकोल 2017 में वर्णित है। साथ ही फीकल स्लज एवं सेप्टेज ट्रांसपोर्टर यह आशान्वित करेंगे किः
अ. समस्त मल निस्तारण कर्मचारी उचित व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण सेफ्टी गेयर और यंत्र जिसके अंतर्गत कंधे की लंबाई तक पूरा कोटेड लियोप्रीन गलब्स, रबड़ बूट, चेहरे का मास्क और आंखों की सुरक्षा आदि समस्त उपकरण एकत्रीकरण क्षेत्र से पहले अपना लिया जाये इसके लिए जागरूकता भी की जायेगी । इसके अलावा प्रथम सहायता किट गैस का पता करने वाला लैंप और अग्निशामक यंत्र मल निस्तारण गाडी में रखें जायेंगे ।
ब. समस्त मल निस्तारण कार्यकर्ताओं को सुरक्षा गियर और स्वास्थ्यवर्धक उपकरण की शिक्षा दी जानी चाहिए ।
स. जब सेप्टिक टैंक और पिट लैट्रिन में काम चल रहा हो, धुम्रपान वर्जित रहेगा ।
द. मल निस्तारण कार्यकर्ता सेप्टिक टैंक में और शौचालय गड्ढे में प्रवेश नहीं करेंगे और आच्छादित टैंक को हवा के लिए आना जाना रखेंगे , जो कि इस कार्य को शुरू करने से पहले किया जाना आवश्यक है ।
454
उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद19,1944 शक सम्वत्)
[भाग 8
ल. बच्चों को टैंक के ढक्कन से दूर रखा जायेगा, एवं टैंक के स्क्रू और ताले से सुरक्षित रखा जाये । कर्मचारी सावधान रहेंगे कि जब मल निस्तारण प्रक्रिया के समय ढक्कन पर अत्यधिक भार न हो ताकिमेन हॉल ढक्कन टूटने से बचा रहे ।
6. सेप्टेज खाली करना और वाहन के पंजीकरण का परिवहनः
6.1 नगर पालिका परिषद् डोईवाला दर्ज करेगा और लाईसेंस निर्गत करेगा । निजी व्यवसायों के लिए *जिनके पास मशीनीकरण खाली करना और परिवहन गाड़ी उपलब्ध हो । इस प्रकार का लाईसेंस निर्गत करने से पहले यह आशान्वित करेगा कि ट्रक उचित उपकरण और उचित सुरक्षा माप से सुसज्जित है । सेप्टेज ट्रांसपोर्टर और उसका पंजीकरण हेतु प्रार्थना- पत्र प्रस्तुत करेगा जो कि गाड़ियों के परिवहन हेतु होगा । ये निजी व्यक्ति को भी अपने इस कार्य से उत्साहित करेंगे, पंजीकरण प्रपत्र और परमिट परिशिष्ट- ए, 2 में संलग्न है ।
6.2 कोई भी व्यक्ति या वाहन पंजीकृत सेप्टेज ट्रांसपोर्टर द्वारा प्रयोग किया जायेगा , जो कि एकत्रीकरण परिवहन और सेप्टेज के प्रयोजन हेतु है । जब तक इसका पंजीकरण सेप्टेज ट्रांसपोर्टेशन व्हीकल एस ० एम ० सी० केसाथ इन प्रोटोकोलों में जब तक पंजीकृत नहीं है ।
सारणी 1 पंजीकरण व्यय
अ. प्रारंभिक पंजीकरण
: रू० 2,000.00 प्रति गाड़ी
ब. नवीनीकरण
: रु ० 1,500.00 प्रति गाड़ी
स. नाम परिवर्तन या स्वामित्व का परिवर्तन : रु ० 1,000.00 प्रति गाड़ी
रू० 1,000.00 प्रति गाड़ी
द. अन्य संशोधन आवश्यकतानुसार
: (समस्तलागत दर 10 प्रतिशत वार्षिक के हिसाब से बढ़ेगा)
पंजीकरण व्यय जैसा कि सांकेतिक है नगर पालिका परिषद् बोर्ड द्वारा जो स्वीकृत है, उसमें अंतर आ सकता है ।
7. उपभोक्ता लागत और इसका संचयः
7.1 इस क्षेत्र के समस्त मालिक जो सेप्टिक टैंक और शौचालय के गड्ढे जिसका भुगतान उपभोक्ता करेगा जैसा कि नगर पालिका परिषद् में फीकल स्लज और सेप्टेज उपनियम में समय - समय पर दर्शाया गया है जो कि सेप्टिक टैंक के भरने , शौचालय के गड्ढे , परिवहन और फीकल स्लज एवं सेप्टेज के उपाय हेतु है।
7.2 इस क्षेत्र के समस्त मालिक जिनके अपने क्षेत्र में निरर्थक पानी के निष्कासन की प्रणाली उपलब्ध है, जो कि नगर पालिका परिषद् कार्य एवं शिकायत्त हेतु प्रमाणित है और वे भी जो कि सीवर नेटवर्क से सम्बंधित है, उनको उपभोक्ता के भुगतान से विमुक्त किया जाता है ।
7.3 नगर पालिका परिषद् अपनी लागत संशोधित करेगा , जो कि समय - समय पर इससे सम्बंधित है । ऐसी उपभोक्ता लागत जिसके अंतर्गत मल निस्तारण लागत परिवहन एवं फीकल स्लज और सेप्टेज के निष्कासन हेतु ।
7.4 उपभोक्ता लागत क्षेत्र विशेष के स्वामी से एकत्र किये जाये जो निम्नवत है ।
अ. उपभोक्ता लागत प्रत्यक्ष प्रत्येक रूप से सम्बंधित भवन/सेप्टिक टैंक मालिक से नगर पालिका परिषद् द्वारा वसूल कर नगर पालिका परिषद् में जमा किया जायेगा ।
ब नगर पालिका परिषद् किसी भी व्यक्ति को अधिकृत कर सकता है जिसके अंतर्गत फीकल स्लज और सेप्टेज परिवहन जो कि उपभोक्ता लागत से एकत्र की जायेगी । जोकि उस क्षेत्र विशेष का स्वामी है और सेप्टिक टैंक और शौचालय के गड्ढे से सम्बंधित है ।
स. उपभोक्ता लागत को सम्पत्ति कर में जोडाजायेगा या एक विशेष नगरीय पर्यावरण फीस या भुगतान जैसा कि कार्यक्रम के अंतर्गत होगा , करना होगा ।
भाग 8]
455
उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
सारणी 2:उपभोक्ता लागत
नगर पालिका परिषद् में सेप्टिक टैंक एवं हर एक मकान के शौचालय गढ्ढेया किसी भी शिकायत के इस आशय की शिकायत प्राप्त होने पर कि सेप्टिक टैंक ओवरफलो तो नहीं हो रहा है तुरन्त पालिका सेसुपरवाईजर को भेजकर जांच करवायेंगे । इसके अलावा पालिका में सेप्टिक टैंक का खाली कराने के आवेदन पर पालिका द्वारा जांच कराईजायेगी कि सेप्टिक टैंक कितने क्षेत्रफल का और उसके खाली कराने में कितने सीवर टैंकर के चक्कर लगेंगे । तसदीक होने पर निम्न प्रकार शुल्क वसूला जायेगा ।
क्र०सं०
वर्ग
प्रतियात्रा लागत
1.
विराम की अधिकतम अवधि जो किसेप्टिक टैंक एवं शौचालय गड्ढे के हेतु निर्धारित है।
मसिक दंड 1.5 की दर सामान्य लागत के लिए जोकि निर्धारित मलनिस्तारण के अनुपालन हेतु होगा ।
50
1500
टीनशैड वाला मकान
2.
कम से कम 2-3 वर्ष में एक बार
5000
अन्य समस्त मकान
3.
100
जब टैंक दो होते है
3500
दुकान
4.
125
2/3जो भी पहले भरा जाये कम से कम प्रत्येक 2 वर्ष में एक बार जब टैंक का 2/3 भाग पहले भरा हो ।
3500
समस्त सरकारी/ निजी कार्यालय
5.
250
3500
बैंक
6.
312
3000
सामुदायिक शौचालय/मुत्रालय
7.
रेस्टोरेन्ट
500
3500
8.
500
5000
होटल/गेस्ट हाउस 1-10 कमरें
250
6000
9.
होटल अथिति गृह 11-20 कमरें
10.
250
8000
होटल अथिति गृह 20 कमरें से ज्यादा
11.
500
4000
धर्मशाला 1-25 कमरें
12.
625
5000
धर्मशाला 15 कमरे सेज्यादा
13.
200
10000
3स्टार होटल
14.
400
12000
5 स्टार होटल
15.
750
2500
सरकारी स्कूल/कालेज
16.
1000
4000
निजीस्कूल/कालेज
17.
500
3000
2 व्हीलर व्हीकल शोरूम
18.
625
3000
4व्हीलरवाहन शोरूम
19.
500
6000
होटल0-20 कमरें
20.
1250
4000
होटल21 से 50 कमरें
21.
500
8000
होटल50 कमरेंसे अधिक
550
5000
22. विवाह हॉल/बैंकट हॉल
23.
1100
5000
बार
24.
625
3000
सरकारीहॉस्पिटल
25.
625
3000
नर्सिंगहॉम/क्लीनिक
500 456
उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद19, 1944 शक सम्वत्)
26.
3000 पैथोलोजिक लैब
27.
4000 निजी अस्पताल 20 बिस्तर तक 28. निजी अस्पताल 20 से 50 तक
5000 29.
6000 निजीअस्पताल 50 बिस्तर से अधिक 30.
6000 मिल/अन्यमिल
31.
8000 अन्य उद्योग शिड्कुल क्षेत्र में 32.
10000 अन्य उद्योग शिड्कुल क्षेत्र से बाहर
नोटः
[भाग 8
500
500
1250
1500
1750
500
1500
1. उपरोक्त उपभोक्ता व्यय सांकेतिक है और उनका निर्णय और स्वीकृति नगर पालिका परिषद् डोईवाला बोर्ड द्वारा निर्णित किये जायेगें ।
2. मल निस्तारण समयावधि में होगा या जब टैंक 2/3 की आपूर्ति कर देता है ( जैसा कि नगर पालिका परिषद् डोईवाला बोर्ड द्वारा स्वीकृति है)
3. उपभोक्ता लागत 5 प्रतिशत वार्षिक दर से बढाई जायेगी ।
8. मैकेनिजम का निरीक्षण, क्रियान्वयन और मजबूती देनाः
8.1 कोई भी व्यक्ति जोकि एस ० एम ० सी ०/ नगर पालिका परिषद् डोईवाला देहरादून द्वाराअधिकृत है, उसको पूर्ण अधिकार होगा कि वह सेप्टिक टैंक एवं हर एक मकान के शौचालय गड्ढे या सामुदायिक/ संस्थागतआदिका निरीक्षण करेगा ।
8.2 मल निस्तारण का अनुपालन न करना जैसा कि उपरोक्त वर्णित है, जुर्माना अलग से लगायाजायेगा और इससे प्राप्त धनराशि नगर पालिका परिषद् डोईवाला में जमा होगी ।
8.3 नगर पालिका परिषद् डोईवाला और परिचालक अपने क्षेत्र के सेप्टिक टैंक के खाली होने का अभिलेख रखेंगे ।
8.4 अवचेतना कार्यक्रम समय - समय पर चलाया जायेगा, जो कि प्रत्येक व्यक्ति, सरकार या निजीव्यवसाय के प्रशिक्षण हेतु होगी । जो कि सेप्टिक टैंक बायोडाईजेस्टर मल निस्तारण सेप्टिक टैंक का एकत्रीकरण, मशीनरी, परिवहन, निषपादन और सेप्टिक का इलाज हेतु प्रशिक्षणहोगा ।
9. दंड:
दंड का ढांचा उपकरण से रहित/ अकार्यशील जी० पी० एस ० प्रणाली निर्धन वर्ग की शिकायते, फीकल स्लज का एकत्र न करना और सेप्टेज इलाल प्लांट का /आर ० एन ० एल ० का रजिस्ट्रीकरण न करना । सुरक्षित उपाय मल निस्तारण गाड़ियों का अनुपालन न करना ।
भाग 8]
457
उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद19, 1944 शक सम्वत्)
सारणी 3:दंड
शिकायत का प्रकार
क्र० सं०
दंडया कार्यवाही प्रथम दृष्टया पकडी गयी वर्ष में एक बार मल निस्तारण वाहन
1. लोगों कीसेवा की शिकायत 2500
2.
4000 सेप्टेज/फीकल स्लज जैसा की विशेष कार्यक्षेत्र में खाली न करने पर
1000 3. पंजीकरण न करना/पंजीकरण का नवीनीकरण न करना
4.
5000
विशेष सुरक्षा उपायों का पालन न करना
5.
5000 जी० पी ० एस ० जो वाहन पर लगाया गया है उसका कार्य न करना
एम० एल ० शाह
अधिशासी अधिकारी ,
नगर पालिका परिषद् डोईवाला ।
दंड या कार्यवाही वर्ष में तीसरे समय पकडी गयी विशेषरूप सेमलनिस्तारण वाहन
दंड या कार्यवाही वर्ष में दुबारा पकडी गयी मलनिस्तारण वाहन से सम्बंधित
5000
6 माह के लिए परमिट को स्थगित करना
तीन महीने की लिए परमिट सेवा कीशिकायत परमिट का निरस्तीकरण
20000
आर ० टी० ओ ० को संस्तुति वाहनके पंजीकरण को
10000
निरस्तकरने हेतु 3 महीने के लिए
10000
परमिटको स्थगित करना/परमिटका निरस्तीकरण के लिए स्थगित करना ।
सुमित्रा मनवाल
अध्यक्ष,
नगर पालिका परिषद् डोईवाला ।
BA 458
[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद 19 , 1944 शक सम्वत्)
कार्यालय नगर निगम, देहरादून
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित, देहरादून
सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
नगर निगम, देहरादून
विज्ञप्ति
02जुलाई, 2022 ई०
पंत्राक 27/ SNA( SBM)-2022- नगर निगम देहरादून, सीमान्तर्गत उत्तराखण्ड में यथा प्रवृत्त अधिनियम 1959 की धारा -250 खण्ड (क) (ख) , धारा -251 एवं धारा 258 खण्ड (क) (ख) (ग) (घ) (ड) (उत्तराखण्ड) Uttarakhand State Protocol for Septage Management, 2017 एवं
a) National Policy on Faecal Sludge and Septage Management, 2017
b) TheCPHEEO Manual on Sewerage and Sewage Management , 2013
c) ModelBuilding By- Laws , 2016 and Other Applicable Building By- Laws
d) Prohibition of Employment as Manual Scavengers and their Rehabilitation Act , 2013 e) IS Code 2470 Part I & II , 1985 ( Reaffirmed 1996 ) - Code of Practice for Installation ofSepticTanks
f) Central Laws, Rules and Regulation (Environment Protection ) Act , 1974
g) TheWater(Prevention and Control of Pollution ) Act, 1974
h) State Laws of Uttarakhand pertaining to Water and Sanitation such as U.P. Water Supply and Sewarage Act , 1975 , Uttarakhand Jal Sansthan Water Supply and Sewarage By- Laws, 2008; and any other pertinent state laws भाग 8]
459 उत्तराखण्ड गजट , 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए नगर निगम देहरादून द्वारा "फीकल स्लज " एवं सेप्टेज प्रबंधन उपनियम-2020" जिन पर इस अधिनियम का प्रभाव पडने वाला हो नगर निगम सदन द्वारा अनुमोदन स्वीकृति दिनांक 14.12.2020 के उपरान्त उपविधि का प्रकाशन आपत्ति एवं सुझाव आमंत्रित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
विधिमान्य समाचार पत्र में उपविधि के प्रकाशन की तिथि के 15 दिन के अन्दर लिखित सुझाव एवं आपत्तियाँ नगर आयुक्त व सहायक नगर आयुक्त (स्वच्छ भारत सेल) नगर निगम देहरादून को प्रेषित की जा सकेगी। वाद मियाद प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों पर कोई निर्णय नहीं किया जायेगा ।
अध्याय-23
सामान्य
1. संक्षिप्त नाम और लागू होने की तारीखः
(1 ) ये उप - नियम नगर निगम देहरादून, "फीकल स्लज एवं सेप्टेज प्रबंधकीय उपनियम-2020" कहलायेगा। :
(2) ये उप - नियम नगर निगम देहरादून, के सरकारी गजट उत्तराखण्ड में प्रकाशित होने की तारीख से प्रभावी होंगे ।
2. ये उप - नियम नगर निगम देहरादून, की सीमाओं के भीतर लागू होंगे।
1.प्रसंगः
देश का विगत अनुभव दिखाता है कि सेप्टिक टैंक और अवधीय जो डिजाइन से सम्बन्धित है का स्थानीय संस्थाओं द्वारा वर्षों से अनुपालन किया जा रहा है , इस समय सोचनीय प्रबंधन में है । यह महत्वपूर्ण है कि, एक उचित वैज्ञानिक प्रबंधन प्रणाली द्वारा इन मामलों में फीकल स्लज /सेप्टेज का उचित प्रकार से निस्तारण करने के लिए अनुपालन किया जा सके, ताकि सेप्टेज / फीकल स्लज , सेप्टिक टैंक, 460
उत्तराखण्ड गजट , 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
[भाग 8
गडढ़े, शौचालय नगर निगम क्षेत्र के पर्यावरण नदी एवं अन्य पानी के स्त्रोतों को प्रदूषित न करें।
1.1 राष्ट्रीय फीकल स्लज एवं सेप्टेज प्रबंधकीय नीतिः
इस पहलू को संबोधित करने हेतु शहरी विकास मंत्रालय भारत सरकार ने "राष्ट्रीय फीकल स्लज एवं सेप्टेज प्रबंध नीति" वर्ष 2017 में इस दृष्टिकोण के साथ एक फार्मूला प्रकाशित किया है जिसमें समस्त भारतीय शहर और नगर पूर्ण रूप से स्वच्छ, तंदुरूस्त और जीवित बने रहे और उत्तम पर्यावरण भी बना रहे । जिसके साथ उन्नत स्थल स्वच्छता सेवा के साथ ही फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन द्वारा सार्वजनिक स्वास्थ्य स्तर को अधिकतम प्राप्त किया जा सके और स्वच्छ वातावरण बना रहें, जिसमें जन स्वास्थ्य पर ध्यान केंन्द्रित किया जाये।
शहरी नीति का मुख्य उद्देश्य एक प्रसन्न, व स्वस्थ शहरी सभ्यता के लिए प्राथमिकता के आधार पर दिशा निर्धारित करनी है, ताकि इन राष्ट्रव्यापी सेवाओं का विस्तार व अनुपालन समस्त क्षेत्र मे हो सके, जिससे कि सुरक्षित और स्थायी सफाई व्यवस्था प्रबन्धन तथा सफाई व्यवस्था की वास्तविकता प्रत्येक परिवार के लिए नगर निगम क्षेत्र की गली- गली में बनी रह सके।
1.2 उत्तराखण्ड में सेप्टेज प्रबंधक प्रोटोकालः
माननीय एन ०जी०टी० के आदेश सं0 10/2015 दिनांक 10.12.2015 के निम्न निर्देश निर्गत किये है जो कि उत्तराखण्ड में सेप्टेज प्रबंधन से सम्बन्धित है । प्रत्येक नगर क्षेत्र में उचित प्रबंधन योजना या प्रोटोकाल तैयार किया जायेगा और राज्य द्वारा सूचित किया जायेगा। यह आशान्वित करने के लिए कि सीवरेज की निकासी जो कि सामान्य सेप्टिक टैंक में या बायोडाइजेस्टर में एकत्रित की जाती है। नियमित रूप से खाली की जाये और उसका उचित प्रबंधन किया जाये और उसके परिणामस्वरूप खाद जो एक प्रकार से एकत्रित हुई है वह निशुल्क किसानों में वितरित की जाये और इस उद्देश्य हेतु राज्य प्रशासन के अंतर्गत प्रभावी भागीदारी सम्बन्धित नगर निगम देहरादून की होगी। उपरोक्त के अनुपालन में जल आपूर्ति एवं 461 भाग 8]
उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
सीवरेज अधिनियम 1975 / नगर निगम अधिनियम 1959 शहरी विकास निदेशालय जो कि उत्तराखण्ड जल संस्थान के समन्वय से होगा, द्वारा एक प्रोटोकोल सेप्टेज प्रबंध के लिए तैयार किया गया है जो कि सचिव शहरी विकास विभाग उत्तराखण्ड सरकार द्वारा सूचित किया गया है, ताकि इसका अनुपालन शहरों / नगरों में हो सके आदेश संख्या 597/IV(2 ) -श० वि0-2017-50 (सा0) /16 दिनांक 22-05-2017 राज्य का सेप्टेज प्रबंध प्रोटोकोल राज्य और शहरों को यह दिग्दर्शन कराता है, कि सेप्टेज /फीकल स्लज का वैज्ञानिक सेप्टेज प्रबंध बना रहे, जो कि एकत्रीकरण , परिवहन , इलाज, निस्तारण और पुनः प्रयोग हो सके। प्रोटोकोल के स्पष्ट दिशा-निर्देश है कि राज्य के शहरी विकास अधिकारियों को इस योग्य बनाया जाये कि वे अपने सेप्टेज प्रबंध का उच्चीकरण कर सके और परियोजना के पूर्ण विनियोग की पहचान कर सके। इस प्रोटोकोल के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए और आंतरिक विभागीय समन्वय हेतु एक सेप्टेज मैनेजमेंट सेल का गठन किया जायेगा, जिसके अंतर्गत नगर निगम देहरादून, जल निगम, जल संस्थान होंगे व उक्त समिति की अध्यक्षता नगर आयुक्त, नगर निगम देहरादून द्वारा की जायेगी।
अध्याय-02
2. नगरीय उपकानून / फीकल स्लज एवं सेप्टेज का नियमितकरणः
सेप्टेज प्रबंध प्रोटोकोल के अनुसार जो कि शहरी विकास विभाग उत्तराखण्ड सरकार के शासनादेश संख्या 597/ (2 ) श० वि०-2017-50 (सा0) /16 दिनांक 22- 05-2017 समस्त लागू होने योग्य नियम कानून या नियामावली नगर निगम देहरादून के अन्तर्गत सेप्टेज / फीकल स्लज के निस्तारण हेतु नियमित ढांचा, रिक्त करने, एकत्र करने, परिवहन और निस्तारण हेतु जैसा कि संदर्भित है। फीकल स्लज एवं सेप्टेज प्रबंध उपनियम के अंतर्गत, जो कि यहां स्वीकृत किया जाता है और इसके अनुपालन हेतु नगर निगम देहरादून के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत सूचित किया जाताहै।
462
[भाग. 8 उत्तराखण्ड गजट , 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद19,1944 शक सम्वत्)
3. उद्देश्य एवं कार्यक्षेत्रः
नियमावली के उद्देश्य एवं कार्यक्षेत्र निम्नवत् हैः
1.निर्माण , सेप्टिक टैंक के दैनिक रख - रखाव और शौचालय के गढ्ढे, परिवहन, इलाज और सुरक्षित रखरखाव , जोकि स्लज और सेप्टेज से सम्बन्धित है।
2.क्षेत्र के मालिक द्वारा जो कार्य किया जाना है, उसको निर्देश करना जोकि सेप्टिक टैंक और शौचालय के गड्ढे से और फीकल स्लज एवं सेप्टेज परिवहन से सम्बन्धित है, ताकि वे इन निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कर सके।
3. उचित निरीक्षण करना और मशीनरी का सेप्टेज मैनेजमेंट प्रोटोकाल के अनुसार अनुपालन सुनिश्चित करना।
4.लागत, वसूली सुनिश्चित करना जोकि स्लज और सेप्टेज उचित प्रबंधन हेतु निर्धारित किया गया है।
5.निजी और गैर सरकारी क्षेत्र फीकल स्लज एवं सेप्टेज प्रबंध में सहभागी की सुविधा देना।
4. एकत्रीकरण , परिवहन, इलाज और सेप्टेज के खुर्द-बुर्द हेतु एक प्रक्रिया अपनानाः
4.1 सेप्टिक टैंक और सेप्टेज/ फीकल स्लज एकत्रीकरण को रिक्त करनाः
सेप्टिक टैंक की तली में जो जमा हो गया है, उसको कटाना और एक बार उसको ठीक करना, जो कि गहराई में पहुंच गया है या बार बार के आखिर में जो डिजाइन है, जो कोई भी पहले आये ।
जबकि स्लज को सुखाना और सेप्टिक टैंक में जो द्रव्य है, उसको भी सुखाना। मैकेनिकल वेक्यूम टैंकर का भी उपयोग नगरीय प्रबंधन द्वारा सेप्टिक टैंक को खाली करने हेतु उपयोग किया जाना चाहिए।
सुरक्षा प्रकिया जैसा कि सेप्टेज प्रबंध प्रोटोकोल में वर्णित है, को सेप्टिक टैंक के खाली करते समय और सेप्टेज के परिवहन के समय इस नियम का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।
भाग 8]
463 उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
4.2 सेप्टेज / फीकल स्लज का परिवहनः
1. फीकल स्लज और सेप्टेज ट्रांसपोर्टर वाहन के सुरक्षित परिवहन हेतु उत्तरदायी होंगे। जैसा कि समय समय पर एस०एम०सी० द्वारा स्वीकृत किये जायेगें ।
2. फीकल स्लज और सेप्टेज परिवहन निर्माता यह आश्वासन देंगे किः
अ. पंजीकृत संग्रह वाहन जिसके अंतर्गत समस्त उपकरण जो कि परिवहन हेतु इस्तेमाल किये जायेंगे फीकल स्लज और सेप्टेज हेतु। जो कि छिद्र निरोधी होगा और फीकल स्लज और सेप्टेज हेतु ताला बंद रहेगा और लागू किये जाने योग्य मानदंड काअनुपालन करेंगे।
ब. कोई भी टैंक और उपकरण जो फीकल स्लज और सेप्टेज हेतु उपयोग में लाया जायेगा वह किसी अन्य वस्तु या द्रव्य को परिवहन हेतु इस्तेमाल नहीं किया जायेगा।
4.3 सेप्टेज का निष्पादन और इलाजः
राज्य सेप्टेज मैनेजमेंट प्रोटोकोल के अनुसार नगर निगम / जल संस्थान की अपनी एक इकाई होगी । अगर पहले से 25 किमी 0 के अंतर्गत स्थित है तो सेप्टेज का नजदीकी एस ० टी० पी ० में परिवहन किया जायेगा, अन्यथा एक अलग सेप्टेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जायेगा।
464
[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर , 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
अध्याय-03
5. सुरक्षा उपायः
1. उचित तकनीकी सयंत्र, सुरक्षा गियर का प्रयोग करते हुए मल निस्तारण किया जाना चाहिए जैसा कि उत्तराखंड राज्य सेप्टेज प्रबंधक प्रोटोकोल 2017 में वर्णित है।
2. फीकल स्लज और सेप्टज ट्रांसपोर्टर यह आशान्वित करें किः
अ. समस्त मल निस्तारण कर्मचारी उचित व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण , सेफ्टी वेयर और यंत्र जिसके अंतर्गत कंधे की लंबाई तक पूरा कोटेड लियोप्रीन लोपस , रबड बूट, चेहरे का मास्क और आंखो की सुरक्षा जैसा कि रोजगार का नियंत्रण जो कि मैनुअल स्केवेंजर और उनके पुनर्वास नियम 2013 में उल्लिखित है।
ब. समस्त सुरक्षा उपकरण एकत्रीकरण क्षेत्र से पहले अपना लिया जाये।
स. समस्त मल निस्तारण कार्यकर्ताओं को सुरक्षा गियर और स्वास्थ्यवर्धक उपकरण कीशिक्षा दी जानी चाहिए ।
द. प्रथम सहायता किट, गैस का पता करने वाला लैंप और आग बुझाने वाला संयत्र मल निस्तारण गाड़ी में रखे जाते है । इससे पहले कि यह एकत्रीकरण क्षेत्र में जाता है।
य. धुम्रपान , जबकि सेप्टिक टैंक पिट लैट्रिन में काम चल रहा हो, धुम्रपान वर्जित है।
र. मल निस्तारण कार्यकर्ता सेप्टिक टैंक में और शौचालय गड्ढे मे प्रवेश नहीं करेंगें और आच्छादित टैंक को हवा के लिए आना-जाना रखेंगें, जो कि इस कार्य को शुरू करने से पहले किया जाना आवश्यक है ।
ल. बच्चों को टैंक के ढक्कन से दूर रखा जाये, ताकि वे टैंक के स्क्रू और ताले से सुरक्षित रहे। कर्मचारी सावधान रहेंगे जबकि मल निस्तारण प्रकिया चल रही हो , जो कि ढक्कन पर अत्याधिक भार हेतु है या मेन हाल का आच्छादन टूटने से बचा रहे।
भाग 8]
465 उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (माद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
6. सेप्टेज खाली करना और वाहन के पंजीकरण का परिवहनः
6.1 नगर निगम देहरादून मल निस्तारण वाहनों का पंजीकरण दर्ज करेगा और लाईसेंस निर्गत करेगा । निजी व्यवसायों के लिए जिनके पास मशीनीकरण खाली करना और परिवहन गाड़ी उपलब्ध हो। इस प्रकार का लाइसेंस निर्गत करने से पहले यह आशन्वित करेगा कि यह ट्रक उचित उपकरण और उचित सुरक्षा माप से सुसज्जित है । सेप्टेज ट्रांसपोर्टर उसी पंजीकरण हेतु प्रार्थना पत्र करेगा जो कि गाड़ियों के परिवहन हेतु होगा । ये निजी व्यक्ति को भी अपने इस कार्य से उत्साहित करेंगे । परिवहन प्रपत्र और प्रतिपिट उपभोगता लागत परिशिष्ट- A.2 में संलग्न है।
6.2 कोई भी व्यक्ति या वाहन पंजीकृत सेप्टज ट्रांसपोर्टर द्वारा प्रयोग किया जायेगा, जो कि एकत्रीकरण, परिवहन और सेप्टेज के प्रयोजन हेतु है । जब तक इसका पंजीकरण सेप्टेज ट्रांसपोट्रेशन व्हीकल एस ० एम०सी० के साथ इन प्रोटोकोलों में पंजीकृत नहीं है।
परिशिष्ट A -1
सारणी 1 पंजीकरण व्यय
अ. प्रारंभिक पंजीकरण
रू0 2,000.00 प्रति गाड़ी
ब. नवीनीकरण
रू0 1,500.00 प्रति गाड़ी
स. नाम परिवर्तन या स्वामित्व का परिवर्तन रू0 1,000.00 प्रति गाड़ी
द. अन्य संशोधन आवश्यकतानुसार
रू0 1,000.00 प्रति गाड़ी
(समस्तलागत दर 10 प्रतिशत वार्षिक के हिसाब से बढ़ेगा)
पंजीकरण व्यय जैसा कि सांकेतिक है नगर निगम बोर्ड द्वारा जो स्वीकृत है, उसमें अंतर आ सकता है।
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उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
[भाग 8
7. उपभोक्ता लागत और इसका संचयः
7.1 इस क्षेत्र के समस्त मालिक जो सेप्टिक टैंक और शौचालय के गड्ढे जिसका भुगतान उपभोक्ता करेगा जैसा कि नगर निगम में फीकल स्लज और सेप्टेज उपनियम में समय - समय पर दर्शाया गया है जो कि सेप्टिक टैंक के भरने, शौचालय के गड्ढे, परिवहन और फीकल स्लज एवं सेप्टेज के उपाय हेतु है।
7.2 इस क्षेत्र के समस्त मालिक जिनके अपने क्षेत्र में निरर्थक पानी के निष्कासन की प्रणाली उपलब्ध है, जो कि नगर निगम कार्य एवं शिकायत हेतु प्रमाणित है और वे भी जो कि सीवर नेटवर्क से सम्बन्धित है, उनको उपभोक्ता के भुगतान से विमुक्त किया जाता है।
7.3 नगर निगम अपनी लागत संशोधित करेगा, जो कि समय - समय पर इससे सम्बन्धित है । उपभोक्ता लागत जिसके अंतर्गत मल निस्तारण लागत परिवहन एवं फीकल स्लज और सेप्टेज के निष्कासन हेतु है।
7.4 उपभेक्ता लागत क्षेत्र विशेष के स्वामी से एकत्र किये जाये जो निम्नवत है-
अ. उपभोक्ता लागत प्रत्यक्ष प्रत्येक रूप से नगर निगम द्वारा वसूल किया जायेगा या नगर निगम फंड मे जमा किया जायेगा। सम्बन्धित भवन / सेप्टिक टैंक मालिक से।
ब. नगर निगम किसी भी व्यक्ति को अधिकृत कर सकता है जिसके अंतर्गत फीकल स्लज और सेप्टेज परिवहन जो कि उपभोक्ता लागत से एकत्र की जायेगी। जो कि उस क्षेत्र विशेष का स्वामी है और सेप्टिक टैंक और शौचालय के गड्ढे से सम्बन्धित है। एक यादगार समझदारी नगर निगम और अधिकृत फीकल स्लज एवं सेप्टेज परिवहनकर्ता के बीच अनुबंधित होगी। जो यह अधिकार देगा कि वह इसकी लागत वसूली करें और उसका भुगतान निकाय को करना होगा ।
स. उपभोक्ता लागत को मासिक सिंचाई लागत या सम्पत्ति कर में जोडा जायेगा या एक विशेष नगरीय पर्यावरण फीस या भुगतान जैसा कि कार्यक्रम के अंतर्गत होगा , करना होगा।
भाग 8]
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उत्तराखण्ड गजट, 18 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
परिशिष्ट A - 2
सारणी 2: उपभोक्ता लागत
क०स०
वर्ग
प्रतियात्रा लागत
विरामकी अधिकतम अवधि जो कि सेप्टिक टैंक एवं शौचालय गड्ढे के हेतु निर्धारित है।
मासिक दंड 1.5 की दर सामान्य लागत केलिए जोकि निर्धारित मल निस्तारण के अनुपालन हेतु होगा।
1
50
1000
टीनशेड वाला मकान
कम से कम 2-3 वर्ष में एक बार
2
100
3500
अन्य समस्त मकान
जब टैंक दो होते है
3
2500
125
दुकान
2/3जो भी पहले भरा जाये कम से कम प्रत्येक 2 वर्ष में एक बार जब टैंक का 2/3 भाग पहले भरा हो।
4
3500
250
वर्ष में एकबार
सूस्तसरकारी/निजी कार्यालय
5
3000
312
बैंक
वर्ष में एक बार
6
2000
500
वर्षमें 2 बार
सामुदायिक शौचालय /मुत्रालय
7
3500
500
रेस्टोरेन्ट
वर्ष में एक बार
8
5000
250
वर्ष में एक बार
होटल/गेस्ट हाउस1-10 कमरें
9
3500
250
2बार
होटल अतिथि गृह 11- 20कमरें
10
5000
500
2बार
होटल अतिथि गृह 20 कमरें से ज्यादा
11
2000
625
धर्मशाला 1-25 कमरें
2बार
12
2500
200
1 बार
धर्मशाला 15 कमरें से जादा
13
2000
400
2बार
3 स्टार होटल
14
2500
750
2बार
5स्टार होटल
15
3500
1000
1 बार
सरकारी स्कूल/कालेज
468 उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
16 निजीस्कूल/कालेज 3500
17 2व्हीलर व्हीकल 4000
शोरूम
18 4 व्हीलर वाहन शोरूम 5000
19 सिनेमाहॉल 3500
20 होटल 0-20 कमरें 3500
21 होटल 21 से 50 कमरें 4000
22 होटल 50 कमरें से 5000
अधिक
23 विवाह हाल/बैंकट हाल 3500
24 बार 3500
25 सरकारी हॉस्पिटल 3000
26 नर्सिंग होम/क्लीनिक 3000
27 पैथोलोजिकल लैब 3000
28 निजी अस्पताल 20 3500
बिस्तर तक
29 निजी अस्पताल 20 से 4000
50 तक
30 निजी अस्पताल 50 5000
बिस्तर से अधिक
31 चावल की मिल/अन्य 3500
मिल
32 4000
अन्य उद्योग शिड्कुल
क्षेत्रमें
अन्य उद्योग शिड्कुल 3500
क्षेत्र से बाहर
नोटः
[भाग 8
1 बार 500
1 बार 625
1बार 500
वर्ष में 2 बार 625
3बार 1250
3 बार 500
3 बार 550
3 बार 1100
3बार 625
4बार 625
4बार 500
4बार 500
4बार 500
4बार 1250
4बार 1500
1 बार 1750
1 बार 500
1 बार 1500
1. उपरोक्त उपभोक्ता व्यय सांकेतिक है और उनका निर्णय और स्वीकृति नगर निगम देहरादून द्वारा निर्णित किये जायेगें।
2. मल निस्तारण समयावधि में होगा या जब टैंक 2/3 की आपूर्ति कर देता है (जैसाकि नगर निगम देहरादून द्वारा स्वीकृति है। )
3. उपभोक्ता लागत 5% प्रतिवर्ष वार्षिक दर से बढाई जायेगी।
भाग 8]
469 उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
8. मैकेनिजम का निरीक्षण, क्रियान्वयन और मजबूती देनाः
8.1 कोई भी व्यक्ति जोकि एस ० एम ०सी० / नगर निगम देहरादून द्वारा अधिकृत है, उसको पूर्ण अधिकार होगा कि वह सेप्टिक टैंक एवं हर एक मकान के शौचालय गड्ढे या सामुदायिक / संस्थागत आदि का निरीक्षण करेगा।
8.2 मल निस्तारण का अनुपालन न करना जैसा कि उपरोक्त वर्णित है, जुर्माना अलग से लगाया जायेगा और इससे प्राप्त धनराशी नगर निगम देहरादून में जमा होगी।
8.3 नगर निगम देहरादून तथा जल संस्थान अपने क्षेत्र के सेप्टिक टैंक के खाली होने का अभिलेख रखेगें ।
8.4 अवचेतना कार्यक्रम समय - समय पर चलाया जायेगा, जो कि प्रत्येक व्यक्ति, सरकार या निजी व्यवसाय के प्रशिक्षण हेतु होगी। जो कि सेप्टिक टैंक बायोंडाइजेस्टर मल निस्तारण सेप्टिक टैंक का एकत्रीकरण , मशीनरी , परिवहन, निष्पादन और सेप्टेज का इलाज।
9. दंड:
दंड का ढांचा उपकरण से रहित / अकार्यशील जी० पी ० एस ० प्रणाली निर्धन वर्ग की शिकायतें, फीकल स्लज का एकत्र न करना और सेप्टेज निस्तारण प्लांट का / आर.एन.एल का रजिस्ट्रीकरण न करना। सुरक्षित उपाय मल निस्तारण गाड़ियों का अनुपालन न करना से संबधित दण्ड / कार्यवाही विधि प्रदत्त अधिकारों के अनुसार नगर निगम के अधिकृत अधिकारी / नगर आयुक्त द्वारा की जायेगी।
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[भाग 8
उत्तराखण्ड गजट, 10 सितम्बर, 2022 ई० (भाद्रपद 19, 1944 शक सम्वत्)
सारणी 3: दंड
शिकायत का प्रकार
क्रम सं०
दंड या कार्यवाही वर्ष में तीसरे समय पकडी गयी विशेष रूप से मल निस्तारण वाहन
दंड या कार्यवाही प्रथम दृष्टया पकडी गयी वर्ष में एक बार मल निस्तारण वाहन
2500
1.
लोगों कीसोचनीय सेवा की शिकायत
1000
2.
सेप्टेज फीकल स्लज जैसा कीविशेष कार्यक्षेत्र में
1000
3.
पंजीकरण न करना पंजीकरण का नवीनीकरण न करना
5000
4.
विशेष सुरक्षा उपायों का पालन न करना
5000
5.
जी०पी०एस ० जो वाहन पर लगाया गया है उसका कार्य न करना
ह० (अस्पष्ट) महापौर, नगर निगम, देहरादून ।
दंड या कार्यवाही वर्ष में दोबारा पकडीगयी मल निस्तारण वाहन से सम्बन्धित
5000
तीन महीने के लिए परमिट सेवा की शिकायत परमिट का निरस्तीकरण 6माहके लिए परमिट को स्थगित करना
20000
10000
10000
आर०टी० ओ० को संस्तुति वाहन के पंजीकरण को निरस्त करने हेतु 3 महीने के लिए परमिट को स्थगित करना परमिट का निरस्तीकरण के लिए स्थगित करना।
ह० (अस्पष्ट) नगर आयुक्त, नगर निगम, देहरादून ।
पी०एस०यू० (आर० ई०) 37 हिन्दी गजट/ 560- भाग 8-2022 (कम्प्यूटर / रीजियो) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।