िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 (cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 27272727 वैशाखवैशाखवैशाखवैशाख 1932193219321932 ((((शशशश0000))))
((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 325325325325) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना, , , , सोमसोमसोमसोमवारवारवारवार,,,, 17171717 मईमईमईमई 2020202010101010 सं02/वि-24/08—302/न0वि0एवं0आ0वि0 नगर विकास एवं आवास विभाग ---------- संकल्प 30 अप्रील 2010 विषयः-डिपार्टमेंट फॉर इन्टरनेशनल डेभलपमेंट (DFID) सम्पोषित नगर क्षेत्र सुधार कार्यक्रम (SPUR) को राज्य के 28 नगर निकायों मेें लागू करने की स्वीकृति के संबंध में।
DFID (Department for International Development) ब्रिटिश सरकार का एक विभाग है, जिसके द्वारा विकासशील देशों में शहरी सुधार कार्यक्रमों के बेहतर कार्यान्वयन एवं गरीबी उन्मूलन के लिए वित्तीय एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध करायी जाती है। इसी उद्देश्य से DFID (Department for International Development) सम्पोषित नगर क्षेत्र सुधार कार्यक्रम (Support Programme for Urban Reforms SPUR) के लिए 28 नगर निकाय क्षेत्रों जिनमें सभी ग्यारह नगर निगम, प्रथम श्रेणी के सभी नगर परिषद, द्वितीय श्रेणी के सभी नगर परिषद तथा तृतीय श्रेणी के सात नगर परिषद जिनमें जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन (JNNURM) के अंतर्गत नगर परिषद दानापुर, नगर परिषद फुलवारीशरीफ, नगर परिषद खगौल एवं नगर पंचायत बोधगया का चयन किया गया है जो निर्धारित कलस्टर के अंतर्गत है, में आर्थिक वृद्धि एवं गरीबी उन्मूलन करने के साथ-साथ बेहतर नागरिक सुविधा प्रदान करने के लिए चयनित 28 नगर निकायों मेें प्रथम चरण मेंं लागू करने की 6 (छः) वर्षीय योजना तैयार की गयी है। चयनित 28 नगर निकाय निम्न प्रकार है :-
(1) पटना नगर निगम, (2) बिहारशरीफ नगर निगम, (3) बेगुसराय नगर निगम, (4) आरा नगर निगम, (5) मुजफ्फरपुर नगर निगम, (6) दरभंगा नगर निगम, (7) गया नगर निगम (8) भागलपुर नगर निगम, (9) मुंगेर नगर निगम, (10) पूर्णिया नगर निगम, (11) कटिहार नगर निगम, (12) खगौल नगर परिषद, (13) दानापुर नगर परिषद, (14) फुलवारीशरीफ नगर परिषद, (15) छपरा नगर परिषद, (16) सीवान नगर परिषद, (17) हाजीपुर नगर परिषद, (18) सीतामढ़ी नगर परिषद, (19) मोतिहारी नगर परिषद, (20) बेतिया नगर परिषद, (21) सासाराम नगर परिषद, (22) औरंगाबाद नगर परिषद, (23) डेहरी नगर परिषद, (24) नवादा नगर परिषद, (25) जमालपुर नगर परिषद, (26) किशनगंज नगर परिषद, (27) सहरसा नगर परिषद एवं (28) बोधगया नगर पंचायत। इस योजना का विाीय आकार 6.00 करोड़ पाउण्ड स्टरलिंग (छः करोड़ पाउण्ड स्टरलिंग) यानी लगभग 425.00 (चार सौ पच्चीस) करोड़ रूपये का है। 5.00 करोड़ पाउण्ड स्टरलिंग (पाँच करोड़ पाउण्ड स्टरलिंग) वित्तीय सहायता तथा 1.00 करोड़ पाउण्ड स्टरलिंग (एक करोड़ पाउण्ड स्टरलिंग) की तकनीकी सहायता अनुदान के रूप2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 17 मई 2010 में प्राप्त होने का प्रस्ताव है। इस योजना के भौतिक आकार के अंतर्गत 28 चयनित नगर निकाय हैं, जहाँ इस योजना को लागू करने का प्रस्ताव है। यह योजना 29 फरवरी, 2016 तक चलेगी। इस कार्यक्रम में राशि ब्रिटिश सरकार के विभाग Department for International Development से भारत सरकार के माध्यम से अनुदान के रूप में प्राप्त होगी। राज्य सरकार द्वारा 200.00 करोड़ रूपया (दो सौ करोड़ रूपया) आधारभूत संरचना विकास के लिए प्रतिवर्ष उपलब्ध कराया जायेगा। व्यय की गयी राशि की व्यय विवरणी (Statement of Expenditure) आर्थिक कार्य विभाग विा मंत्रालय, भारत सरकार को प्रशासी विभाग द्वारा भेजा जायेगा एवं उसकी एक प्रति विा विभाग को दी जायेगी। 2. DFID सम्पोषित SPUR का Programme Memorandum तैयार किया गया है जिसमें कार्यक्रम की विस्तृत रूप रेखा है। जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन (JNNURM) के अंतर्गत राज्य स्तर तथा नगर निकायों के स्तर पर शहरी सुधार कार्य (Urban Reforms) करना अनिवार्य है, जिसके आधार पर भारत सरकार से JNNURM के अंतर्गत राशि प्राप्त होनी है। नगर विकास एवं आवास विभाग में Urban Reforms की विशेषज्ञता (Expertise) नहीं होने के कारण DFID के माध्यम से SPUR द्वारा Urban Reforms का कार्य लिया जा रहा है। इसके अंतर्गत राज्य स्तर के अलावे 28 चयनित नगर निकायों मेें आधारभूत संरचना का निर्माण, Capacity Building, दोहरी लेखा प्रणाली को लागू कराना, नगर निकायों में अस्तित्वों एवं दायित्वों (Assets and Liabilities) का आक्कलन करना, होल्डिंग टैक्स का कम्प्यूटरीकरण करना, पूरे राज्य के लिए GIS Maping कराना, शहरी क्षेत्रों में गरीबी उन्मूलन के लिए कार्य करना, निजी निवेश को शहरी क्षेत्र में बढ़ाना, Municipal Business Plan तैयार कराना एवं स्थानीय स्तर पर नगर निकायों का आर्थिक विकास करना आदि मुख्य कार्य होगा। इसके अनुश्रवण के लिए एक संचालन समिति (Steering Committee) के गठन का प्रस्ताव है। SPUR का मुख्य उद्देश्य राज्य के चयनित शहरी क्षेत्रों मेें वर्ष 2016 तक गरीबी उन्मूलन कर आर्थिक विकास के लिए नीजि निवेश को बढ़ावा देना है। Programme Memorandum में output निम्न प्रकार निर्धारित किया गया है-
(i) वर्तमान व्यवस्था के स्थान पर शहरी निकायों को प्रोत्साहित एवं व्यवस्थित करने के लिए कारगर नीतियाँ एवं सशक्त, संस्थायें बनाना;
(ii) राज्य सरकार एवं स्थानीय शहरी निकाय संसाधन में हुई महवपूर्ण वृद्धि को शहरी विकास करने एवं उन्हें अधिक सक्षमता पूर्वक व्यवस्थित करने के लिए गतिशील करना;
(iii) स्थानीय शहरी निकाय की चिन्हि्त योजनाएँ, शहरी आधारभूत संरचनाओं एवं सेवाओं की अधिक सक्षम व्यवस्था करना;
(iv) निजी निवेश को शहरी क्षेत्र के सम्यक विकास के लिए आकर्षित करने हेतु नगरपालिकाओं की क्षमता में वृद्धि करना;
(v) सशक्तिकृत निर्धन समुदाय एवं सामाजिक रूप से वंचित समूहों की पहुँच नगर के बढ़े हुए संसाधन एवं जीविका का मौका प्रदान करने की दिशा में कार्रवाई करना।
राज्य सरकार द्वारा MOU तथा Programme Memorandum पर सहमति दी जा चुकी है। आवास एवं शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय, भारत सरकार की सहमति के उपरांत DFID तथा विा मंत्रालय, भारत सरकार के बीच एक MOU हस्ताक्षर किया जा चुका है। 3. DFID से निधि भारत सरकार के माध्यम से राज्य सरकार को प्राप्त होगी जिसकी निकासी के लिए एक नया बजट शीर्ष खोला जायेगा। 4. कार्यक्रम संचालन के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में निम्न प्रकार एक संचालन समिति (Steering Committee) का गठन का प्रस्ताव हैः-
1. विकास आयुक्त - अध्यक्ष 2. प्रधान सचिव, विा विभाग - सदस्य 3. प्रधान सचिव/सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग - सदस्य 4. प्रधान सचिव/सचिव, योजना एवं विकास विभाग - सदस्य
समिति के अन्य सदस्यों का मनोनयन आवश्यकतानुसार नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा किया जा सकेगा। संचालन समिति विभिन्न परियोजनाओं/कार्यक्रमों का चयन, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन करेगी तथा कार्यान्वयन एजेन्सियों को आवश्यक निदेश देगी। संचालन समिति तीन महीने में कम-से-कम एक बार बैठक आयोजित करेगी। संचालन समिति दिन-प्रतिदिन कार्य करने हेतु प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग को प्राधिकृत कर सकती है। 5. विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित संचालन समिति को वही अधिकार प्राप्त होगा, जो योजनाओं की स्वीकृति के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित प्राधिकृत समिति को प्राप्त है। अतः संचालन समिति द्वारा पारित प्रस्तावों को पुनः योजना प्राधिकृत समिति के अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी।3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 17 मई 2010 6. प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, SPUR कार्यक्रम के परियोजना निदेशक होंगे और दिन-प्रतिदिन के कार्य के लिए विभागीय पदाधिकारियों में से एक या अधिक अतिरिक्त परियोजना निदेशकों को विभाग रख सकता है। परियोजना निदेशक/अतिरिक्त परियोजना निदेशक की सहायता के लिए एक प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट (PMU) कार्य करेगा, जिसका व्यय वहन SPUR द्वारा तकनीकी सहायता के अधीन किया जाएगा। PMU में निम्नलिखित तकनीकी अर्हता प्राप्त कार्मिक होंगे, जो निम्नलिखित क्षेत्र के विशेषज्ञ होंगे :-
(1) Project Management Expert; (2) Urban Poverty Alleviation and Social Development Expert; (3) Finance and Procurement Expert; (4) Infrastructure and Environmental Engineering Expert; (5) Organisation Development and Human Resource Management Expert; (6) Urban Planning Expert; (7) IT and E-Governance Expert.
PMU के मुख्य कार्य निम्नवत् हैं :-
(i) To work with BUIDCO in overall implementation of SPUR and achievement of the project goal;
(ii) To support BUIDCO to realise its enabling role with the ULBs in the medium term;
(iii) To work with each project ULB to ensure efficient and effective implementation of SPUR.
इस योजना के कार्यान्वयन के लिए बिहार शहरी विकास अभिकरण (BUDA) में एक अलग बैंक खाता भी संधारित किया जाएगा। 7. नगर क्षेत्र सुधार कार्यक्रम (SPUR) द्वारा चयनित 28 नगर निकायों में कार्य प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के लिए अनुबंध के आधार पर विभिन्न प्रकार के तकनीकी पदाधिकारी एवं कर्मचारियों की नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जायेगा, जिसका विाीय भार चार वर्षों तक शत-प्रतिशत SPUR द्वारा वहन किया जायेगा। पाचवें वर्ष से आंशिक विाीय भार सम्बन्धित नगर निकायों द्वारा वहन किया जायेगा। इस प्रकार छः वर्षों में कुल विाीय भार 18.20 करोड़ रूपया होगा जिसमें SPUR द्वारा 16.87 करोड़ रूपया तथा नगर निकायों द्वारा 1.33 करोड़ रूपया वहन करना पड़ेगा। विस्तृत व्यय विवरणी निम्न प्रकार है :-
SALARY DETAILS OF STAFF TO BE APPOINTED IN ULBs UNDER SPUR
| Yr 1 | Yr 2 | Yr 3 | ||||||
| Numbers | Salary per person per year in Rupees in Lakhs. To be increased at 5% annually | SPUR | GoB | SPUR | GoB | SPUR | GoB | |
| 100 | 0 | 100 | 0 | 100 | 0 | |||
| Engineers | 34 | 3.00 | 102.00 | 0.00 | 107.10 | 0.00 | 112.46 | 0.00 |
| IT | 29 | 1.80 | 52.20 | 0.00 | 54.81 | 0.00 | 57.55 | 0.00 |
| Social Development | 29 | 1.80 | 52.20 | 0.00 | 54.81 | 0.00 | 57.55 | 0.00 |
| Accountant | 34 | 1.80 | 61.20 | 0.00 | 64.26 | 0.00 | 67.47 | 0.00 |
| 267.60 | 0.00 | 280.98 | 0.00 | 295.03 | 0.00 | |||
| Yr 4 | Yr 5 | Yr 6 | ||||||
| Number s | Salary per person per year in Rupees in Lakhs. To be increased at 5% annually | SPUR | GoB | SPUR | GoB | SPUR | GoB | |
| 100 | 0 | 80 | 20 | 80 | 20 | |||
| Engineers | 34 | 3.00 | 118.08 | 0.00 | 99.19 | 24.80 | 104.14 | 26.04 |
| IT | 29 | 1.80 | 60.43 | 0.00 | 50.76 | 12.69 | 53.30 | 13.32 |
| Social Development | 29 | 1.80 | 60.43 | 0.00 | 50.76 | 12.69 | 53.30 | 13.32 |
| Accountant | 34 | 1.80 | 70.85 | 0.00 | 59.51 | 14.88 | 62.49 | 15.62 |
| 309.78 | 0.00 | 260.22 | 65.05 | 273.23 | 68.31 | |||
| Funding under SPUR- | 1686.83 | |||||||
| Funding by GoB- | 133.36 | |||||||
| Total towards salaries of additional ULB staff- | 1820.19 |
छः वर्ष की समाप्ति के पश्चात् अनुबंध पर नियुक्त तकनीकी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन पर होने वाले व्यय को संबंधित नगर निकायों द्वारा शत-प्रतिशत वहन किया जायेगा। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को सर्वसाधारण की जानकारी के लिए बिहार गजट के असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, गिरीश शंकर, सरकार के प्रधान सचिव।
————
अधी-क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु3ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 325-571+200-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in