Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 26 August 2016

Published 26 August 2016

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2016-08-26.697
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:18)या पी0ट%0-40 िनबंधन सं(cid:18)या (cid:1)ब(cid:1)ब(cid:1)ब(cid:1)बहारहारहारहार

हारहारहारहार गजटगजटगजटगजट गजटगजटगजटगजट

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असाधारणअसाधारणअसाधारणअसाधारण अंकअंकअंकअंक

असाधारणअसाधारणअसाधारणअसाधारण

सरकारसरकारसरकारसरकार (cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत

ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत 4 भािभािभािभाि 1938 (शशशश0)

((((संसंसंसं0 पटनापटनापटनापटना 697) ) ) ) पटनापटनापटनापटना

पटनापटनापटनापटना, शुबशुबशुबशुबवारवारवारवार, 22226666 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016

जल संसाधन विभाग

--------

अधिसूचना

17 फरवरी 2016

सं0 21/वाद-08-05/2013-117सं0 21/वाद-08-05/2013-117सं0 21/वाद-08-05/2013-117सं0 21/वाद-08-05/2013-117—भारत संविधान के अनुच्छेद 162 द्वारा प्रदा शक्तियों का प्रयोग करते भारत संविधान के अनुच्छेद 162 द्वारा प्रदा शक्तियों का प्रयोग करते भारत संविधान के अनुच्छेद 162 द्वारा प्रदा शक्तियों का प्रयोग करते भारत संविधान के अनुच्छेद 162 द्वारा प्रदा शक्तियों का प्रयोग करते सं0 21/वाद-08-05/2013-117सं0 21/वाद-08-05/2013-117सं0 21/वाद-08-05/2013-117सं0 21/वाद-08-05/2013-117 भारत संविधान के अनुच्छेद 162 द्वारा प्रदा शक्तियों का प्रयोग करते भारत संविधान के अनुच्छेद 162 द्वारा प्रदा शक्तियों का प्रयोग करते भारत संविधान के अनुच्छेद 162 द्वारा प्रदा शक्तियों का प्रयोग करते भारत संविधान के अनुच्छेद 162 द्वारा प्रदा शक्तियों का प्रयोग करते हुए जल संसाधन विभाग के नहर चाट/भूमि की, सिर्फ कृषि प्रयोजनों के उपयोग के लिए बन्दोबस्ती हेतु प्रावधान हुए जल संसाधन विभाग के नहर चाट/भूमि की, सिर्फ कृषि प्रयोजनों के उपयोग के लिए बन्दोबस्ती हेतु प्रावधान हुए जल संसाधन विभाग के नहर चाट/भूमि की, सिर्फ कृषि प्रयोजनों के उपयोग के लिए बन्दोबस्ती हेतु प्रावधान हुए जल संसाधन विभाग के नहर चाट/भूमि की, सिर्फ कृषि प्रयोजनों के उपयोग के लिए बन्दोबस्ती हेतु प्रावधान हुए जल संसाधन विभाग के नहर चाट/भूमि की, सिर्फ कृषि प्रयोजनों के उपयोग के लिए बन्दोबस्ती हेतु प्रावधान हुए जल संसाधन विभाग के नहर चाट/भूमि की, सिर्फ कृषि प्रयोजनों के उपयोग के लिए बन्दोबस्ती हेतु प्रावधान हुए जल संसाधन विभाग के नहर चाट/भूमि की, सिर्फ कृषि प्रयोजनों के उपयोग के लिए बन्दोबस्ती हेतु प्रावधान हुए जल संसाधन विभाग के नहर चाट/भूमि की, सिर्फ कृषि प्रयोजनों के उपयोग के लिए बन्दोबस्ती हेतु प्रावधान हुए जल संसाधन विभाग के नहर चाट/भूमि की, सिर्फ कृषि प्रयोजनों के उपयोग के लिए बन्दोबस्ती हेतु प्रावधान हुए जल संसाधन विभाग के नहर चाट/भूमि की, सिर्फ कृषि प्रयोजनों के उपयोग के लिए बन्दोबस्ती हेतु प्रावधान हुए जल संसाधन विभाग के नहर चाट/भूमि की, सिर्फ कृषि प्रयोजनों के उपयोग के लिए बन्दोबस्ती हेतु प्रावधान हुए जल संसाधन विभाग के नहर चाट/भूमि की, सिर्फ कृषि प्रयोजनों के उपयोग के लिए बन्दोबस्ती हेतु प्रावधान करने के लिए बिहार सरकार निम्नलिखित नियमावली बनाती है :-ती है :-ती है :-ती है :- करने के लिए बिहार सरकार निम्नलिखित नियमावली बना करने के लिए बिहार सरकार निम्नलिखित नियमावली बना करने के लिए बिहार सरकार निम्नलिखित नियमावली बना करने के लिए बिहार सरकार निम्नलिखित नियमावली बना करने के लिए बिहार सरकार निम्नलिखित नियमावली बना करने के लिए बिहार सरकार निम्नलिखित नियमावली बना करने के लिए बिहार सरकार निम्नलिखित नियमावली बना

बिहार नहर चाट/भूमि बन्दोबस्ती नियमावली, 2016 बिहार नहर चाट/भूमि बन्दोबस्ती नियमावली, 2016 बिहार नहर चाट/भूमि बन्दोबस्ती नियमावली, 2016 बिहार नहर चाट/भूमि बन्दोबस्ती नियमावली, 2016 बिहार नहर चाट/भूमि बन्दोबस्ती नियमावली, 2016 बिहार नहर चाट/भूमि बन्दोबस्ती नियमावली, 2016 बिहार नहर चाट/भूमि बन्दोबस्ती नियमावली, 2016 बिहार नहर चाट/भूमि बन्दोबस्ती नियमावली, 2016

1111.... संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं आरम्भ-संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं आरम्भ-संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं आरम्भ-संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं आरम्भ- (1) यह नियमावली ''बिहार नहर चाट/भूमि बन्दोबस्ती नियमावली संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं आरम्भ-संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं आरम्भ-संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं आरम्भ-संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं आरम्भ-(1) यह नियमावली ''बिहार नहर चाट/भूमि बन्दोबस्ती नियमावली 2016'' कही जायेगी।

इसका विस्तार बिहार राज्य की सीमा में जल संसाधन विभाग की नहर चाट/भूमि के उन क्षेत्रों को इसका विस्तार बिहार राज्य की सीमा में जल संसाधन विभाग की नहर चाट/भूमि के उन क्षेत्रों को (2) इसका विस्तार बिहार राज्य की सीमा में जल संसाधन विभाग की नहर चाट/भूमि के उन क्षेत्रों को छोड़कर जो सरकार द्वारा वनारोपण कार्य के लिए वर्तमान में अधिसूचित है और साथ ही जल संसाधन विभाग का नहर छोड़कर जो सरकार द्वारा वनारोपण कार्य के लिए वर्तमान में अधिसूचित है और साथ ही जल संसाधन विभाग का नहर छोड़कर जो सरकार द्वारा वनारोपण कार्य के लिए वर्तमान में अधिसूचित है और साथ ही जल संसाधन विभाग का नहर चाट/भूमि का वह क्षेत्र जो भविष्य में वनारोपण कार्य के लिए अधिसूचित होने वाला हो, संपूर्ण बिहार राज्य के शेष चाट/भूमि का वह क्षेत्र जो भविष्य में वनारोपण कार्य के लिए अधिसूचित होने वाला हो, संपूर्ण बिहार राज्य के शेष चाट/भूमि का वह क्षेत्र जो भविष्य में वनारोपण कार्य के लिए अधिसूचित होने वाला हो, संपूर्ण बिहार राज्य के शेष सभी क्षेत्रों में लागू होगा।

(3) यह तुरंत प्रवृत होगी। 2222.... बन्दोबस्ती की प्रक्रिया- बन्दोबस्ती की प्रक्रिया- बन्दोबस्ती की प्रक्रिया- बन्दोबस्ती की प्रक्रिया- नहर चाट/भूमि की बन्दोबस्ती तीन वर्षों के लिए विभाग द्वारा नियत दर पर, बन्दोबस्ती की प्रक्रिया- बन्दोबस्ती की प्रक्रिया- बन्दोबस्ती की प्रक्रिया- बन्दोबस्ती की प्रक्रिया- (1) नहर चाट/भूमि की बन्दोबस्ती तीन वर्षों के लिए विभाग द्वारा नियत दर पर, इस प्रयोजनार्थ सम्यक्‌ रूप से गठित समिति द्वारा लॉटरी के आधार पर की जायेगी। इस प्रयोजनार्थ सम्यक्‌ रूप से गठित समिति द्वारा लॉटरी के आधार पर की जायेगी।

(2) लॉटरी समिति के सदस्य निम्नवत्‌ होंगे :- (2) लॉटरी समिति के सदस्य निम्नवत्‌ होंगे :- (i)संबंधित विभागीय कार्यपालक अभियंता (ii)संबंधित अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी (iii)संबंधित ग्राम पंचायत के मुखिया (iv)संबंधित पैक्स के अध्यक्ष (v)संबंधित प्रखण्ड कल्याण पदाधिकारी (3) पूर्व नियत तिथि एवं स्थान पर लॉटरी

कार्यपालक अभियंता - अध्यक्ष )संबंधित अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी - सदस्य )संबंधित ग्राम पंचायत के मुखिया - सदस्य बंधित पैक्स के अध्यक्ष - सदस्य )संबंधित प्रखण्ड कल्याण पदाधिकारी - सदस्य की कार्रवाई उपस्थित आवेदनर्कााओं तथा उक्त समिति के समक्ष पूर्व नियत तिथि एवं स्थान पर लॉटरी की कार्रवाई उपस्थित आवेदनर्कााओं तथा उक्त समिति के समक्ष की जायेगी जिसकी ससमय सूचना उन्हें विभिन्न माध्यमों से दी जायेगी। की जायेगी जिसकी ससमय सूचना उन्हें विभिन्न माध्यमों से दी जायेगी।

संबंधित क्षेत्र के कार्यपालक अभियंता द्वारा, प्रत्येक 3 (तीन) वर्षो के अन्तराल पर, ऐसी नहर चाट/भूमि संबंधित क्षेत्र के कार्यपालक अभियंता द्वारा, प्रत्येक 3 (तीन) वर्षो के अन्तराल पर, ऐसी नहर चाट/भूमि (4) संबंधित क्षेत्र के कार्यपालक अभियंता द्वारा, प्रत्येक 3 (तीन) वर्षो के अन्तराल पर, ऐसी नहर चाट/भूमि की बन्दोबस्ती, जो विाीय वर्ष के अनुरूप होगी, बन्दोबस्ती के पूर्व बन्दोबस्ती किये जाने वाले भूमि की उपलब्धता एवं अनुरूप होगी, बन्दोबस्ती के पूर्व बन्दोबस्ती किये जाने वाले भूमि की उपलब्धता एवं अनुरूप होगी, बन्दोबस्ती के पूर्व बन्दोबस्ती किये जाने वाले भूमि की उपलब्धता एवं बन्दोबस्ती के नियम व र्शाों के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार सभी पड़ोस के गॉव के ग्राम पंचायत और पंचायत समिति र्शाों के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार सभी पड़ोस के गॉव के ग्राम पंचायत और पंचायत समिति र्शाों के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार सभी पड़ोस के गॉव के ग्राम पंचायत और पंचायत समिति के साथ-साथ स्थानीय भाषा में प्रकाशित समाचार पत्रों के माध्यम से अवश्य प्रचारित किया जायगा। इसके अतिरिक्त के साथ-साथ स्थानीय भाषा में प्रकाशित समाचार पत्रों के माध्यम से अवश्य प्रचारित किया जायगा। इसके अतिरिक्त नहर चाट/भूमि की बन्दोबस्ती के लिए उनके द्वारा इसकी पूर्व सूचना अपने कार्यालय के सूचना-पट के साथ-साथ नहर चाट/भूमि की बन्दोबस्ती के लिए उनके द्वारा इसकी पूर्व सूचना अपने कार्यालय के सूचना-पट के साथ-साथ नहर चाट/भूमि की बन्दोबस्ती के लिए उनके द्वारा इसकी पूर्व सूचना अपने कार्यालय के सूचना-पट के साथ-साथ2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 26 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 उस क्षेत्र के सभी संबंधित स्थानीय प्राधिकार, जो ऊपर अंकित है, के कार्यालय के सूचना-पट सहित संबंधित अनुमण्डलाधिकारी के कार्यालय एवं स्थानीय पुलिस स्टेशन/कार्यालय एवं स्थानीय ग्रामीण स्वशासन के कार्यालयों एवं संबंधित ग्राम सभा के सूचना-पट पर भी दी जायेगी। इस सूचना की एक प्रति संबंधित क्षेत्र के विधायक एवं सांसद को भी निबंधित डाक से भेजी जायेगी।

(5) बन्दोबस्त किये जाने वाले कुल क्षेत्र समीप के ग्राम के साथ चिन्हि्‌त किये जायेंगे और फिर प्रत्येक ऐसे ग्राम एवं नहर का वह क्षेत्र जो निकटवर्ती ग्राम को जोड़ता हो, से आवेदन प्राप्त किये जायेंगे।

(6) किसी पात्र व्यक्ति को चाट/भूमि की बन्दोबस्ती सिर्फ एक एकड़ क्षेत्र के लिए ही होगी, न इससे कम और न ज्यादा। किसी विवाद की दशा में संबंधित अधीक्षण अभियंता/मुख्य अभियंता के द्वारा बन्दोबस्ती नहीं हो सके तो विभाग के स्तर पर इसका निर्णय किया जायगा।

3333.... बन्दोबस्ती की पात्रता-बन्दोबस्ती की पात्रता-बन्दोबस्ती की पात्रता-बन्दोबस्ती की पात्रता- (1) बन्दोबस्ती के लिए लॉटरी में भाग लेने के लिए निम्नलिखित कोटि के व्यक्ति सक्षम/पात्र होंगे, जो नहर चाट/भूमि की बन्दोबस्ती के ग्राम अथवा उसके तीन मील की ऊपर अंकित क्षेत्र के भीतर के पड़ोसी ग्राम के निवासी होः-

(क) सभी कोटि के भूमिहीन व्यक्ति; (ख) अवकाश प्राप्त सैनिक/शहीद सैनिक की विधवा अथवा उसके उाराधिकारी जो भूमिहीन हों। सामाजिक अथवा अर्थिक रूप से पिछड़े समुदाय को बन्दोबस्ती में 50 % से अनधिक (अर्थात 50 से अनधिक (अर्थात 50 से अनधिक (अर्थात 50 से अनधिक (अर्थात 50 % से से से से सामाजिक अथवा अर्थिक रूप से पिछड़े समुदाय को बन्दोबस्ती में 50 सामाजिक अथवा अर्थिक रूप से पिछड़े समुदाय को बन्दोबस्ती में 50 सामाजिक अथवा अर्थिक रूप से पिछड़े समुदाय को बन्दोबस्ती में 50

अधिक नहीं) आरक्षण का प्रावधान करते हुए नहर चाट/भूमि की बन्दोबस्ती की जायेगी। अधिक नहीं) आरक्षण का प्रावधान करते हुए नहर चाट/भूमि की बन्दोबस्ती की जायेगी। अधिक नहीं) आरक्षण का प्रावधान करते हुए नहर चाट/भूमि की बन्दोबस्ती की जायेगी। अधिक नहीं) आरक्षण का प्रावधान करते हुए नहर चाट/भूमि की बन्दोबस्ती की जायेगी। (2) बन्दोबस्ती किसी ऐसे व्यक्ति के साथ होनी है जिसमें उस व्यक्ति के और उसके किसी नजदीकी परिवार के पास कोई भूमि नहीं हो।

परिवार का अर्थ और उसमें शामिल है-पिता, माता, भाई और बहनें (अविवाहित)। (3) बन्दोबस्ती के लिए उसकी राशि, उपर्युक्त अंकित अवधि एवं क्षेत्र एक बार प्रचारित हो जाने पर जहाँ आवेदन प्राप्त किये जायेंगे, उन्हें (आवेदक) इस संबंध में बन्दोबस्ती संबंधी अपनी योग्यता दर्शाते हुए और साथ ही इस आशय का भी शपथ पत्र साथ में देना होगा कि वे इसके लिए किसी भी प्रकार की निर्योग्यता से प्रभावित नहीं है। (4) बन्दोबस्ती हेतु पहले आस-पास के क्षेत्र के ग्रामीणों को शामिल किया जायेगा और बन्दोबस्ती में भाग लेने हेतु उनमें से किसी के आगे नहीं आने पर ही सिर्फ इसका विस्तार पड़ोस के अन्य ग्रामीणों जो ऊपर अंकित नहर के किनारे बसे हों, तक हो सकेगा।

(5) यदि उपलब्ध भूमि की बन्दोबस्ती हेतु बड़ी संख्या में आवेदक होंगे तो उसकी सीमा पर जैसा कि ऊपर अंकित है, पर विचार करते हुए वैसी परिस्थिति में योग्य आवेदकों में से ही जनता के बीच लॉटरी द्वारा उनका निर्णय होगा।

4444.... बन्दोबस्ती की अवधि - बन्दोबस्ती की अवधि - बन्दोबस्ती की अवधि - बन्दोबस्ती की अवधि - (1) बन्दोबस्ती सिर्फ तीन वर्ष की अवधि के लिए अनवीकरणीय होगी और जब किसी व्यक्ति/परिवार के साथ एक बार बन्दोबस्ती हो जाती है तो वह फिर तब तक बन्दोबस्ती प्राप्त नहीं कर सकता है जब तक की कोई भी अन्य पात्र व्यक्ति बन्दोबस्ती प्राप्त करने हेतु इच्छुक नहीं हो।

(2) नहर चाट/भूमि की बन्दोबस्ती सिर्फ तीन वर्ष के लिए विाीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च की अवधि के आधार पर होगी।

(3) बन्दोबस्ती जो कि तीन वर्ष की निश्चित अवधि के लिए होगा, बन्दोबस्ती प्राप्त व्यक्ति किसी भी रूप में बन्दोबस्त भूमि का अधिकार किसी अन्य को सौंप नहीं सकता है, बन्दोबस्त भूमि का हस्तांतरण किसी अन्य को नहीं कर सकता है, पैतृक सम्पति के आराधिकार के रूप में बन्दोबस्त भूमि किसी अन्य को हस्तगत नहीं कर सकता है अथवा उसके साथ की गई भूमि की बन्दोबस्ती को उसके द्वारा किसी अन्य पर हस्तांतरित नहीं किया जा सकता है। 5555.... बन्दोबस्ती भूमि का उपयोग - बन्दोबस्ती भूमि का उपयोग - बन्दोबस्ती भूमि का उपयोग - बन्दोबस्ती भूमि का उपयोग - (1) बन्दोबस्त नहर चाट /भूमि का उपयोग सिर्फ कृषि कार्य के लिए हो सकता है।

(2) इस प्रकार की बन्दोबस्त भूमि की कृषि कार्य के अतिरिक्त किसी अन्य गतिविधि के लिए अथवा किसी भी रूप में इस भूमि का व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जा सकता है।

(3) बन्दोबस्त भूमि पर किसी व्यक्ति को किसी प्रकार का कोई स्थायी निर्माण करने अथवा तटबंध को किसी प्रकार से कोई क्षति पहुँचाने की अनुमति नहीं होगी। वस्तुतः ऐसा होने पर यह उनका र्काव्य होगा कि बन्दोबस्त भूमि एवं तटबंध की सुरक्षा वे अपने व्यय पर सुनिश्चित करें।

(4) बन्दोबस्त भूमि का अवलोकन/पर्यवेक्षण समय-समय पर संबंधित कार्यपालक अभियंता, अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता द्वारा किया जाना चाहिए और यदि बन्दोबस्त प्राप्त व्यक्ति द्वारा बन्दोबस्त भूमि का उपयोग कियी अन्य प्रयोजन से किया जा रहा हो तो बन्दोबस्ती तत्काल प्रभाव से रद्‌द कर दी जायेगी।

बन्दोबस्ती हेतु निषिद्ध नहर चाट/भूमि का क्षेत्र- (1) जल संसाधन विभाग, बिहार की किसी नहर 6666.... बन्दोबस्ती हेतु निषिद्ध नहर चाट/भूमि का क्षेत्र- बन्दोबस्ती हेतु निषिद्ध नहर चाट/भूमि का क्षेत्र- बन्दोबस्ती हेतु निषिद्ध नहर चाट/भूमि का क्षेत्र- चाट/भूमि के क्षेत्र को आवश्यकतानुसार वनारोपण कार्य हेतु कर्णांकित कर अधिसूचित करने का अधिकार पर्यावरण एवं वन विभाग, बिहार के पास सुरक्षित रहेगा। जल संसाधन विभाग, बिहार के इस प्रकार के नहर चाट/भूमि की बन्दोबस्ती नहीं होगी।

(2) राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित कृषि रोड मैप के अधीन हरित आवरण के लिए 15 % निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु, पर्यावरण एवं वन विभाग, बिहार द्वारा सुरक्षित घोषित जल संसाधन विभाग, बिहार की नहर चाट/भूमि को इस कार्यक्रम के लिए समय-समय पर उक्त विभाग को सौंपा जायेगा।

(3) विभागीय नहर चाट/भूमि की यदि बन्दोबस्ती की गई है और उस भूमि की बन्दोबस्ती की अवधि समाप्त हो गई है, तो उन नहर चाट/भूमि को पुनः बन्दोबस्त नहीं किया जायेगा एवं वैसे नहर चाट/भूमि की सूची3 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 26 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 बनाकर पर्यावरण एवं वन विभाग, बिहार को उपलब्ध कराया जायेगा ताकि उस नहर चाट/भूमि पर वृक्षारोपण कार्य उक्त विभाग द्वारा किया जा सके।

7777.... अन्य अध्यपेक्षाएँ - अन्य अध्यपेक्षाएँ - अन्य अध्यपेक्षाएँ - अन्य अध्यपेक्षाएँ - (1) बन्दोबस्ती हेतु लॉटरी के माध्यम से भाग लेने के इच्छुक व्यक्तियों को पूर्व नियत लगान (रेंट) का 10 % राशि अग्रधन के रूप में लॉटरी की तिथि के दो दिन पूर्व संबंधित कार्यपालक अभियंता, जल संसाधन विभाग के कार्यालय में जमा करना होगा। ऐसा सफल आवेदक जो पूर्व नियत कुल लगान (रेंट) राशि का 10 % अग्रधन राशि के रूप में पहले ही जमा कर चुका है, उसे कुल निर्धारित लगान (रेंट) राशि का शेष 90 % राशि तय समय-सीमा के अन्दर दो बार में जमा कर देनी होगी। सफल व्यक्तियों को लॉटरी की तिथि के अगले 5 (पॉच) दिनों के भीतर कुल निर्धारित लगान राशि का 50 % तथा शेष 40 % राशि लॉटरी की तिथि से 15 (पन्द्रह) दिनों के भीतर जमा करना होगा। समय पर ऐसी राशि जमा करने में असफल रहने पर अग्रधन की राशि समपहृत कर ली जायेगी। असफल आवेदकों की अग्रधन की राशि लॉटरी के तुरन्त बाद उन्हें वापस कर दी जायेगी।

(2) बन्दोबस्ती के समय, स्थानीय थाना के पुलिस पदाधिकारी किसी प्रकार की अनधिकृत क्रियाकलापों को रोकने हेतु उपस्थित रहेंगे।

(3) यदि भूमि उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र में हो तथा जहाँ बन्दोबस्ती में किसी अनधिकृत क्रियाकलापों का पूर्व इतिहास रहा हो, तो संबंधित कार्यपालक अभियंता, मुख्य अभियंता एवं विभाग को उसके बारे में पूर्ण विवरण बन्दोबस्ती के पूर्व उपलब्ध कराएगा और साथ ही इसकी पूर्व सूचना संबंधित जिला दंडाधिकारी एवं आरक्षी अधीक्षक को भी देते हुए उस विशिष्ट क्षेत्र में भूमि की बन्दोबस्ती की व्यवस्था स्थानीय थाना एवं जिला प्रशासन के सहयोग से की जायेगी। (4) बन्दोबस्ती के दिन, इ0(इलेक्ट्रॉनिक)-शासन के प्रावधानों के अधीन सभी गतिविधियों को वीडियोग्राफी की सहायता से रिकॉर्ड किया जायेगा और इसकी सी॰डी॰ तैयार की जा सकेगी तथा इसकी एक प्रति विभाग के सभी संबंधित प्राधिकार को भेजा जाएगा।

(5) बन्दोबस्ती संबंधी आवंटन पत्र संबंधित कार्यपालक अभियंता द्वारा बन्दोबस्ती प्राप्त व्यक्ति को निर्गत किया जायेगा और यह उनका (कार्यपालक अभियंता) र्काव्य होगा कि वे सभी संबंधित कागजात/अभिलेख को सही ढ़ंग से रिकॉर्ड के तौर पर अपने कार्यालय में पूरी सुरक्षा के साथ रखे ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न होने पर उसका समाधान हो सकें।

(6) कार्यपालक अभियंता आवंटन पत्र की एक प्रति विभाग के सभी संबंधित प्राधिकार को यथासम्भव शीघ्र भेज देगा।

(7) आवंटन पत्र में सभी नियम एवं र्शाों को बन्दोबस्ती नियमावली के अनुसार स्पष्ट रूप से उल्लिखित करना अनिवार्य होगा।

(8) लगान (रेंट) रसीद संबंधित कार्यपालक अभियंता द्वारा अनिवार्यतः वार्षिक आधार पर निर्गत की जायेगी और विभाग के सभी संबंधित प्रधिकार को इसकी सूचना दी जायेगी।

(9) यह अनिवार्य रूप से निषेधित होगा कि बन्दोबस्त भूमि का लगान (रेंट) रसीद दो वर्ष का अथवा बन्दोबस्ती की तीन वर्ष की कुल समयावधि के लिए किसी एक वर्ष में निर्गत किया जाये।

(10) आवेदक द्वारा बन्दोबस्ती संबंधी आवश्यक योग्यताओं के संबंध में प्रस्तुत सभी कागजातों/दस्तावेजों की सत्यता की जाँच, इसे निर्गत करने वाले प्राधिकार की सहायता से मुख्य अभियंता द्वारा एक माह के अन्दर करा ली जायेगी। यदि प्रस्तुत कागजात/दस्तावेज में कोई असत्य पाया जाता है अथवा उसमें किसी प्रकार की छेड़-छाड़ का मामला प्रकाश में आता है तो बन्दोबस्ती तत्काल प्रभाव से रद्‌द कर दी जायेगी और उन्हें (बन्दोबस्ती प्राप्त व्यक्ति) भविष्य में इस प्रकार की बन्दोबस्ती पाने हेतु सदा के लिए अयोग्य कर दिया जायेगा। इस संबंध में सारी जमा राशि भी जप्त कर ली जायेगी।

(11) यदि बन्दोबस्त भूमि के संबंध में किसी भी रूप में कोई विवाद (रेंट रसीद सहित) उत्पन्न होता है तो इसकी सूचना संबंधित उच्च प्राधिकार को उनसे सही मार्गदर्शन प्राप्त करने हेतु तुरन्त दी जायेगी।

(12) राज्य सरकार को किसी भी समय बन्दोबस्ती को रद्‌द करने और बन्दोबस्त भूमि को अपने स्वामित्व में वापस ले लेने का अधिकार होगा और इसके लिए क्षतिपूर्ति का विषय बन्दोबस्ती भूमि पर खड़ी फसल मात्र होगा और इससे अधिक कुछ भी नहीं।

नहर चाट/भूमि का प्रभार्य लगान का दर अवधारण ---- नहर चाट/भूमि की बन्दोबस्ती एक समान दर के 8888.... नहर चाट/भूमि का प्रभार्य लगान का दर अवधारण नहर चाट/भूमि का प्रभार्य लगान का दर अवधारण नहर चाट/भूमि का प्रभार्य लगान का दर अवधारण आधार पर होगी जिसका निश्चित समय अंतराल पर पुनरीक्षण हो सकेगा। बन्दोबस्ती के लिए कर्णांकित नहर चाट/भूमि की लगान की दर का अवधारण/पुनरीक्षण बिहार सरकार द्वारा नियत आधार दर में 10 % वार्षिक वृद्धि के आधार पर किया जायेगा।

9999.... निरसन -निरसन -निरसन -निरसन - इस नियमावली के आरंभ की तिथि से जल संसाधन विभाग की अधिसूचना संख्या 21/वाद-8-1/2006-276 दिनांक 13.7.2010 द्वारा निर्गत "बिहार नहर चाट/भूमि बन्दोबस्ती नियमावली 2010" निरसित समझी जायेगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अरूण कुमार सिंह, सरकार के प्रधान सचिव।

The 17th February 2016

No. 21/Wad-08-05/2013-117—In exercise of the powers conferred by Article 162 of the Constitution of India, the Government of Bihar makes the following Rules to provide for settlement of canal chat/land of Water Resources Department only for agricultural purposes:-

4 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 26 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016

Bihar Canal Chat/Land Settlement Rules, 2016

1. Short title, extent and commencement - (1) These Rules may be called as the "Bihar Canal Chat/Land Settlement Rules, 2016".

(2) It shall extend to the remaining all areas of the whole of the State of Bihar save and expect such canal chat/Land of the Water Resources Department which have been notified by the Government for afforestation and also such canal chat/land of the Water Resources Department which are to be notified in future for afforestation.

(3) It shall come into force at once. 2. Procedure of Settlement - (1) The settlement of canal chat/land will be made by the department on the basis of lottery by the committee constituted for this purpose, for a period of three years on a fixed rates.

(2) The members of the lottery committee will be as follows:-

(i) The concerned Executive Engineer -Chairman (ii) The concerned C.O/B.D.O. -Member (iii) The Mukhiya of the concerned Gram Panchayat -Member (iv) The Chairman of the concerned PACS -Member (v) The concerned Block Welfare Officer -Member (3) The lottery will be opened in presence of the applicants and before the committee on the pre-fixed date and place for which prior notice will be given to the all concerned through different means.

(4) At the interval of three years, the Executive Engineer of the area shall make wide publicity of availability of land for settlement and the terms and conditions of Settlement in the concerned Gram Panchayat, Panchayat Samiti as well as in the news papers published in local language. Apart from that, he will also ensure pasting of prior notice for settlement of the canal chat/land on the notice board of his office as well as on the notice board of all the aforesaid local authorities, Sub-Divisional Officer, local police station/offices, local self government and concerned Gram Sabha. A copy of such notice will also be sent to the local M.P and M.L.A through registered post.

(5) The total area that is required to be settled along with contiguous villages will be marked and then application will be taken from each village, canal area that is canal adjoining to a nearby village.

(6) The lands will be settled to eligible applicant only in pockets of one acre, nothing less and nothing more. In the event of any dispute, if the land could not be settled by the concerned Superintending Engineer/Chief Engineer, the decision will be taken at the level of the Department.

3. Eligibility for Settlement - (1) The persons of the following categories will be competent/eligible to participate in the lottery for settlement who are the residents of village in which canal chat/land is situated or are residents of Neighbouring villages within radius of three miles :-

(a) Landless persons of all categories; (b) The widow or legal heirs of retired military personnel or martyr who are landless. The settlement will be made by providing reservation for socially and economically backward communities up to maximum limit of 50% (2) The settlement will be made to a person who, along with his immediate family, has no land.

The term 'Family' means and includes father, mother, brothers and unmarried sisters. (3) Once due publicity is made indicating the settlement amount, period and the area, the applications will be accompanied by affidavits showing the eligibility of the applicants and that they do not suffer from any disqualification.

(4) While making the settlement, first by the villagers of the vicinity will be taken into account and only on coming none it may be extended to other Neighbouring villages along the canal.

(5) If the applicant are larger in number to the available land, the matter will be then decided amongst the eligible applicants by lottery in public.

4. Period of Settlement - (1) The settlement will be made only for a period of three years non-renewable and persons/family having once received the settlement, will not5 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 26 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 get the settlement again unless there is any other eligible person is desirable to get settlement.

(2) The settlement of canal chat/land will be made only for a period of three years on the basis of financial year commencing from 1st April to 31st March.

(3) The settlement, which will be for a fixed period of three years, cannot be transferred, alienated, inherited of encumbered in any manner by the settlee.

5. Use of Settled Land - (1) The settled land can only be used for agricultural purposes.

(2) The sattled land shall not be used for any other activity except agricultural work or it cannot be used for commercial purposes in any manner.

(3) No person shall be allowed to make any permanent construction or any damage to the embankment in any manner rather they shall have a duty to ensure safety of the embankment at their own cost.

(4) The settled lands should be inspected by the concerned Executive Engineer, Superintending Engineer and Chief Engineer from time to time, and the settlement shall be cancelled with immediate effect if the settled land is found being used by the settlee for any other purpose.

6. Area of Canal Chat/Land prohibited for settlement - (1) The Environment and Forest Department, Bihar shall have right to mark and notify any canal chat/land of the Water Resources Department, Bihar for afforestatin as per the needs. Such canal chat/land of the Water Resources Department, Bihar shall not be settled.

(2) The canal chat/land of the Water Resources Department, Bihar, which has been declared reserved by the Environment and Forest Department, Bihar, will be handed over to the said Department from time to time to achieve 15% target of green cover under Agricultural Road Map approved by the State Government.

(3) Any departmental canal chat/land has been settled, such canal chat/land shall not be re-settled and the period of settlement has be expired and preparing a list of such canal chat/lands will be made available to the Environment and Forest Department, Bihar so that afforestation may be made by the said department on such canal chat/lands.

7. Other Requirements - (1) The persons interested to participate in the settlement process by way of lottery shall have to deposit 10% of the prefixed rent as earnest money in the office of the concerned Executive Engineer of the Water Resources Department two days before the date of lottery. Such successful applicant, who has deposited 10% amount of the fixed total rent as earnest money, shall have to deposit the remaining 90% of the fixed total in two installment within the time limit. Successful applicant shall have to deposit 50% of the fixed total rent within 5 days and remaining 40% within 15 days of the date of lottery. If successful applicant fails to deposit such amount in time, his earnest money shall be forfeited. The earnest money deposited by unsuccessful applicants shall be returned to them soon after the lottery.

(2) The Police Officer of the local police station shall remain present at the time of settlement to prevent any type of unwarranted activity.

(3) If the land is situated in extremists affected zone and there has been history of unwarranted activities, the concerned Executive Engineer will make available full details thereof to the Chief Engineer as well as the Department and giving prior information to the settlement shall be made with assistance of the local police station and District administration in that particular areas, concerned District Magistrate and the Superintendent of Police, management of.

(4) Under the provisions of e-governance, all the activities on the date of settlement will be recorded through video recording and that will be preserved in the compact disk (C.D.) and a copy of the C.D. shall be sent to the concerned authorities of the Department. (5) Allotment letter relating to the settlement shall be issued by the concerned Executive Engineer to the person having settlement and it will be the duty of the Executive Engineer to preserve all the documents/record of the settlement in the safe custody of his office.

(6) The Executive Engineer shall send a copy of the allotment letter to the concerned authorities of the Department as soon as may be possible.

6

(cid:1)बहार गजट (असाधारण), 26 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 (7) It will essential to mention all the term and conditions of the settlement in the settlement letter according to the settlement Rules.

(8) The rent receipts shall be issued essentially by the Executive Engineer annually and its information will be given to the the concerned authorities of the Department. (9) It will be prohibited essentially that the rent receipt for total period of two or three years settlement shall be issued simultaneously in one financial year.

(10) The Chief Engineer will get verified the genuineness of the documents submitted by the applicants relating to necessary eligibilities related to the settlement within one month with the assistance of the office of the issuing authority. If any untrue or manipulation is found in them, the settlement shall be cancelled immediately and such settlee shall be prohibited for future settlements. The amount deposited by him shall also be forfeited.

(11) If any dispute arises with respect to the settlement (including rent receipt), the higher authority will be informed immediately for obtaining his proper guidance.

(12) The State Government shall have right to cancel the settlement and to resume possession of the settled land at any time subject to payment of compensation for any standing crop and no more.

8. Determination of Rent for Canal Chat/Land - (1) The settlement of canal chat/land shall be made at uniform rate of rent which will be revised at the fixed intervals. Rate of rent for settlement of canal chat/lands will be determined/revised on the basis of annual increase of 10% over the base rate fixed by the State Government.

9. Repeals :-"Bihar Canal Chat/Land Settlement Rules, 2010" issued by the Water Resources Department vide notification no. 21/wad-8-1/2006-276 dated 13-07-2010 shall be deemed to be repealed with effect from the date of commencement of these Rules.

By order of the Governor of Bihar, . ARUN KUMAR SINGH, Principal Secretary to the Government.

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 26 August 2016. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2016-08-26.697/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2016-08-26.697.