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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 22 November 2018

Published 22 November 2018

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2018-11-22.995
Languages
English, Hindi
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सामान्य प्रशासन विभाग

———

संकल्प

8 अगस्त 2018

श्री केदारनाथ (बि0प्र0से0), कोटिक्रमांक 513/08, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, रीगा, सीतामढ़ी सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध श्री एस0आर0 अडिगे, सदस्य राजस्व पर्षद्‌, बिहार द्वारा सीतामढ़ी दंगा (1992) से संबंधित समर्पित जाँच प्रतिवेदन के आलोक में सीतामढ़ी दंगा (1992) के दौरान रीगा थाना मुख्यालय में दंडाधिकारी के रूप में सशस्त्र बल के साथ विधि व्यवस्था बनाये रखने के लिए प्रतिनियुक्ति के दौरान उचित कदम नहीं उठाये जाने के कारण विधि व्यवस्था की स्थिति भयावह हो जाने एवं दंगा अनियंत्रित रूप से होते रहने, अपने दायित्व का निर्वाहन नहीं करने एवं र्काव्य के पालन में लापरवाही बरतने के लिए आरोप-पत्र गठित किया गया।

उपर्युक्त आरोपों के संबंध में श्री केदारनाथ से विभागीय पत्रांक 6860 दिनांक 03.07.2007 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गई।श्री केदारनाथ द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण एवं प्रतिवेदित आरोप प्रपत्र 'क' की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गई एव ंसमीक्षोपरांत आरोपों की गंभीरता को देखते हुए संकल्प ज्ञापांक 5032 दिनांक 01.06.2009 द्वारा श्री केदारनाथ के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई।संचालन पदाधिकारी आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के पत्रांक 193 दिनांक 20.03.2010 द्वारा जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत विभागीय पत्रांक 4474 दिनांक 17.05.2010 द्वारा संचालन पदाधिकारी को पुर्न जाँच कर जाँच प्रतिवेदन अपने मंतव्य के साथ उपलब्ध कराने का निदेष दिया गया। संचालन पदाधिकारी के पत्रांक 450 दिनांक 24.08.2010 द्वारा पुर्न जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ।संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा असहमति व्यक्त करते हुए असहमति के बिन्दुओं पर श्री केदारनाथ से विभागीय पत्रांक 4046 दिनांक 16.03.2012 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गई। श्री केदारनाथ द्वारा स्पष्टीकरण के समीक्षोपरांत श्री केदारनाथ से विभागीय पत्रांक 12245 दिनांक 03.09.2012 द्वारा द्वितीय कारण-पृच्छा की मांग की गई। श्री केदारनाथ से प्राप्त द्वितीय कारण-पृच्छा की समीक्षा अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा की गई एवं समीक्षोपारांत श्री केदारनाथ के द्वारा र्काव्य के प्रति लापरवाही एवं अदूरदर्षिता बरते जाने के कारण सीतामढ़ी में दिनांक 07.10.1992 को सुबह में सम्प्रदायिक दंगा में जान-माल की क्षति होने का आरोप प्रमाणित पाया गया। सम्यक्‌ विचारोपरान्त प्रमाणित आरोपों के लिये अनुशासनिक प्रधिकार द्वार श्री केदारनाथ के विरूद्ध ''निन्दन (आरोप वर्ष 1992-93) एवं संचयात्मक प्रभाव से दो वेतन वृद्धियों पर रोक''का दंड विनिश्चित किया गया। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 22 नव(cid:22)बर 2018 अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा निरूपित दंड प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक 11 दिनांक 01.01.2013 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्श की मांग की गई। आयोग के पत्रांक 2959 दिनांक 15.03.2013 द्वारा विभागीय दंड प्रस्ताव से असहमति व्यक्त की गई।

बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त परामर्श की समीक्षोपरांत पाया गया कि आयोग द्वारा दंड प्रस्ताव से असहमति के कारणों काउल्लेख नहीं किया गया।

अतः बिहार लोक सेवा आयोग के अभिमत से असहमत होते हुए श्री केदारनाथ (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 513/08, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, रीगा, सीतामढ़ी सम्प्रति संयुक्त आयुक्त-सह-सचिव, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा को प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 5133 दिनांक 15.04.2014 द्वारा ''निन्दन (आरोप वर्ष 1992-93) एवं संचयात्मक प्रभाव से दो वेतन वृद्धियों पर रोक'' का दंड संसूचित किया गया।

संसूचित दंडादेश के विरूद्ध श्री केदारनाथ द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी0डब्ल्यू0जे0सी0 संख्या 11450/2014 दायर किया गया, जिसमें माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 08.01.2018 को पारित न्यायादेश का कार्यकारी/मुख्य अंश निम्नवत्‌ है :-

"Thus, it is clear that the order of the disciplinary authority is without reference to any material or evidence. The same is impermissible in law. Even though strict rules of evidence are not to be applied in a departmental proceeding, which is to be conducted on thepreponderance of probabilities, there has to be some material/evidence. Such action of the disciplinary authority, without any material orevidence whatsoever, cannot be said to bejustified in the eyes of law. In this connection, reliance placed by the petitioner's counsel on the judgment reported in the case of Roop Singh Negi – Versus- Punjab National Bank & Others reported in (2009) 2 Supreme Court cases 570 is well founded.

In light of the discussion and reasons indicated above, the Resolution of the General Administration Department, Government of Bihar, Patna contained in Memo No 5133 dated 15.04.2014 is quashed. As a result thereof, the petitioner would be entitled to all consequential benefits."

सी0डब्ल्सू0जे0सी0 संख्या 11450/2014 में माननीय न्यायलय द्वारा दिनांक 08.01.2018 को पारित उपर्युक्त न्यायादेश के विरूद्ध एल0पी0ए0 दाखिल करने हेतु Grounds of Appeal तैयार कर विधि विभाग को पृष्ठांकित की गयी। विधि विभाग द्वरा दिया गया परामर्श निम्वत्‌ है :-

"Having gone through the materials available in the file as also the grounds of appeal preparared for challenging the order dated 08.01.2018, I find that they do not meet any of the three grounds on which the order has been passed and as such. I am of the opinion that this is not a fit case for preferring an appeal (LPA) against the judgment dated 08.01.2018 passed in CWJC No. 11450 of 2014."

अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा सम्यक्‌ विचारोपरान्त विधि विभाग से प्राप्त उपर्युक्त परामर्श के आलोक में तथा सी0डब्ल्यू0जे0सी0 संख्या 11450/2014 में माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 08.01.2018 को पारित न्यायादेश के अनुपालन में श्री केदारनाथ को विभागीय संकल्प ज्ञापांक 5133 दिनांक 15.04.2014 द्वारा संसूचित दंडादेश को निरस्त करने का निर्णय लियागया।

अतः अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री केदारनाथ (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 513/08, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, रीगा, सीतामढ़ी सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 5133 दिनांक 15.04.2014 द्वारा अधिरोपित दंड ''निन्दन (आरोप वर्ष 1992-93) एवं संचयात्मक प्रभाव से दो वेतन वृद्धियों पर रोक'' का दंड को निरस्त किया जाता है।

आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेषसे, भीम प्रसाद, सरकार के संयुक्तसचिव।———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 995%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 22 November 2018. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2018-11-22.995/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2018-11-22.995.