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ख्;बपकरू3द्ध;बपकरू3द्ध ख्;बपकरू8द्ध
;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू13द्ध;बपकरू4द्ध
5 ;बपकरू4र्द्ध 1;बपकरू20द्ध43 ;बपकरू23द्ध;बपकरू24द्ध;बपकरू25द्ध
;बपकरू23द्ध;बपकरू26द्ध;बपकरू24द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू29द्ध;बपकरू29द्ध;बपकरू24द्ध;बपकरू25द्ध ;बपकरू4द्ध;बपकरू30द्ध ;बपकरू4द्ध;बपकरू30द्ध 2रु ख् िं2;बपकरू24द्ध21
सं॰ 2/आरोप-01-89/2012-12113/सा0प्र0 सामान्य प्रशासन सामान्य प्रशासन सामान्य प्रशासन सामान्य प्रशासन विभागविभागविभागविभाग ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 8 अक्तूबर 28 अक्तूबर 28 अक्तूबर 28 अक्तूबर 2021021021021
श्री अनिल कुमार आर्य बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 811/11, तत्कालीन वरीय उप समाहर्त्ता, मधुबनी-सह-प्रभारी काराधीक्षक, मंडल कारा, मधुबनी के विरूद्ध अनाधि—त रूप से काराहस्तक नियमों के प्रावधानों के विरूद्ध छः बन्दियों को अवैध एवं अनियमित रूप से कारा के गेट के बाहर ले जाकर कार्य कराने, अवैध एवं अनाधि—त रूप से कारा से बाहर ले जाकर कार्य कराये जाने के दौरान विचाराधीन बंदी मो0 साबीर के पलायन कर जाने के लिए, कर्त्तव्यहीनता, लापरवाही, स्वेच्छाचारिता तथा नियमों के उल्लंघन करने के प्रतिवेदित आरोप के लिए गृह विभाग के पत्रांक 4846 दिनांक 25.10.2012 द्वारा प्राप्त आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 16980 दिनांक 12.12.2012 द्वारा श्री आर्य को निलंबित किया गया एवं विभागीय संकल्प ज्ञापांक 281 दिनांक 08.01.2014 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई।
आयुक्त कार्यालय, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा के पत्रांक 309 दिनांक 21.04.2014 से प्राप्त प्रमंडलीय आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में सभी आरोपों को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।
श्री आर्य द्वारा अपने बचाव में समर्पित अभ्यावेदन दिनांक 07.07.2014 की समीक्षा के उपरांत प्रमाणित आरोपों एवं बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त सहमति के आलोक में अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार विभागीय संकल्प ज्ञापांक 13776 दिनांक 07.10.2014 द्वारा श्री आर्य को आदेश निर्गत होने की तिथि से निलंबन मुक्त करते हुए विभागीय ''निन्दन (वर्ष 2012-13)'' एवं ''तीन वेतन वृद्धियों पर संचयात्मक संकल्प ज्ञापांक 16040 दिनांक 21.11.2014 द्वारा ''निन्दन (वर्ष 2012-13)'' एवं ''तीन वेतन वृद्धियों पर संचयात्मक ''निन्दन (वर्ष 2012-13)'' एवं ''तीन वेतन वृद्धियों पर संचयात्मक ''निन्दन (वर्ष 2012-13)'' एवं ''तीन वेतन वृद्धियों पर संचयात्मक प्रभाव से रोक''प्रभाव से रोक''प्रभाव से रोक''प्रभाव से रोक'' का दंड अधिरोपित किया गया। उक्त प्रकरण में श्री आर्य दिनांक 12.12.2012 से 06.10.2014 तक निलंबित रहे। श्री आर्य को प्रमाणित आरोपों के लिए दंडित किये जाने के फलस्वरूप उनके निलंबन को औचित्यपूर्ण मानते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 2687 दिनांक 19.02.2015 द्वारा उनके उक्त वर्णित निलंबन अवधि के लिए देय निलंबन अवधि के लिए देय निलंबन अवधि के लिए देय निलंबन अवधि के लिए देय वेतनादि की राशि से 25 प्रतिशत राशि की कटौती करने का दंड संसूचित किया गया। वेतनादि की राशि से 25 प्रतिशत राशि की कटौती करने वेतनादि की राशि से 25 प्रतिशत राशि की कटौती करने वेतनादि की राशि से 25 प्रतिशत राशि की कटौती करने
विरूद्व पुनर्विलोकन आवेदन दिनांक 05.01.2015 समर्पित किया गया। श्री आर्य द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन2 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू23द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू25द्ध;बपकरू30द्ध दिनांक 05.01.2015 को सम्यक् विचारोपरान्त अस्वी—त करते हुए इनके विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 16040 दिनांक (वर्ष 2012-13) एवं तीन वेतन वृद्धियों पर संचयात्मक प्रभाव से रोक एवं विभागीय संकल्प 21.11.2014 द्वारा निन्दननिन्दननिन्दननिन्दन (वर्ष 2012-13) एवं तीन वेतन वृद्धियों पर संचयात्मक प्रभाव से रोक (वर्ष 2012-13) एवं तीन वेतन वृद्धियों पर संचयात्मक प्रभाव से रोक (वर्ष 2012-13) एवं तीन वेतन वृद्धियों पर संचयात्मक प्रभाव से रोक 2014) के लिए देय वेतनादि की ज्ञापांक 2687 दिनांक 19.02.2015 द्वारा निलंबन अवधि (दिनांक 12निलंबन अवधि (दिनांक 12निलंबन अवधि (दिनांक 12निलंबन अवधि (दिनांक 12....12121212....2012 से 062012 से 062012 से 062012 से 06....10101010....2014) के लिए देय वेतनादि की 2014) के लिए देय वेतनादि की 2014) के लिए देय वेतनादि की राशि से 25 प्रतिशत राशि की कटौती राशि से 25 प्रतिशत राशि की कटौती के अधिरोपित दंड को विभागीय संकल्प ज्ञापांक 5036 दिनांक 01.04.2015 द्वारा राशि से 25 प्रतिशत राशि की कटौती राशि से 25 प्रतिशत राशि की कटौती पूर्ववत् बरकरार रखा गया।
श्री आर्य द्वारा उपर्युक्त दण्डादेष के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय, पटना में याचिका सी0डब्ल्यू0जे0सी0 संख्या 5057/2016 अनिल कुमार आर्य बनाम बिहार राज्य एवं अन्य दायर किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा उक्त याचिका में दिनांक 05.08.2021 को पारित आदेष का कार्यकारी अंष निम्नवत् है :-
"8. Having heard the parties and on a consideration of the materials on record, this
Court finds merit in the submissions of the petitioner. A perusal of the inquiry report dated
15.04.2014 discloses that considerable reliance has been placed on the District Magistrate's
letter no. 373 dated 05.03.2014 for proving the charges against the petitioner.
9. Learned counsel for the respondents does not dispute that the said letter dated
05.03.2014 was in fact never served on the petitioner and has for the first time been
brought on record by way of a supplementary counter affidavit filed before this Court. The
authority has thus relied on material by way of the letter dated 05.03.2014 without
confronting the petitioner in that behalf which has thus resulted in violation of natural
justice. This Court is therefore of the view that the Departmental proceedings stand
vitiated.
10. Accordingly, the impugned order dated 21.11.2014 (Annexure-18) along with
the inquiry report dated 15.04.2014 (Annexure-16), order dated 01.04.2015 rejecting the
petitioner's review application (Annexure-23) as well as the order dated 19.02.2015
(Annexure-22) are set aside and the matter is remanded to the Additional Secretary,
General Administration Department, Govt. of Bihar, Patna (respondent no.5) for passing
orders afresh after obtaining a fresh inquiry report in accordance with law and upon grant
of an opportunity of hearing to the petitioner, preferably within a period of four months
from the date of receipt/production of a copy of this judgment.
11. The writ petition stands allowed."
माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 05.08.2021 को पारित आदेष की अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेष के अनुपालन के क्रम में श्री आर्य के विरूद्ध आरोपों की नये सिरे से जाँच कराने का निर्णय लिया गया है।
(i) अतएव अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री अनिल कुमार आर्य (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 811/11, तत्कालीन वरीय उप समाहर्त्ता, मधुबनी-सह-प्रभारी काराधीक्षक, मंडल कारा, मधुबनी सम्प्रति भूमि सुधार उप समार्हाा, बाढ़ के विरूद्ध आरोपों की नये सिरे से जाँच के लिए संचालन पदाधिकारी, आयुक्त दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा को विभागीय कार्यवाही संबंधित अभिलेख (सभी अनुलग्नकों सहित), वापस किया जाता है। संचालन पदाधिकारी माननीय न्यायालय द्वारा उल्लिखित बिन्दुओं के आलोक में जाँच सुनिष्चित करेंगे। साथ ही जिला पदाधिकारी, मधुबनी द्वारा मनोनित किसी वरीय पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है। (ii) जिला पदाधिकारी, मधुबनी को निदेष दिया जाता है कि संचालन पदाधिकारी को सहयोग प्रदान करने हेतु अपने अधीनस्थ किसी वरीय पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त कर संचालन पदाधिकारी, आयुक्त दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा एवं सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना को सूचित करेंगे।3 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू23द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू25द्ध;बपकरू30द्ध (iii) श्री आर्य से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि
संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित होंगे।
आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित आदेष :-आदेष :-आदेष :-आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय।ातों को भेज दी जाय।ातों को भेज दी जाय।ातों को भेज दी जाय। किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंध्ि किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंध्ि किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंध्ि
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, रचना पाटिलरचना पाटिलरचना पाटिलरचना पाटिल,,,, सरकार के अपर सचिव।
———— ख्;बपकरू3द्धँ;बपकरू6द्ध ;बपकरू12द्ध ;बपकरू17द्ध;बपकरू12द्ध;बपकरू6द्ध ;बपकरू12द्ध;बपकरू6द्ध ;बपकरू12द्ध ;बपकरू12द्ध;बपकरू12द्ध ;बपकरू27द्ध;बपकरू12द्ध म;बपकरू31द्ध ;बपकरू17द्धघ् ;बपकरू12द्ध रुख्;बपकरू12द्ध;बपकरू12द्ध ः5श्1़ः;बपकरू3द्ध़ए़;बपकरू3द्ध़घ् Website: http://egazette.bih.nic.in